शुक्रवार को लगातार हो रही बारिश के बीच गुरुग्राम में बड़ा हादसा हो गया। DLF फेज-2 स्थित वसंत वैली स्कूल की दीवार गिरने से दयानंद (45) और सूरज (35) की मौत हो गई। दोनों उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के किठौर के रहने वाले थे और स्कूल में दीवार की मरम्मत का काम करने आए थे।
दयानंद का तलाक हो चुका है। उसका एक बेटा है। सूरज के दो बच्चे हैं। पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर इनके परिजनों को सूचना दे दी है।
गुरुग्राम के अलावा रेवाड़ी, फरीदाबाद, भिवानी, पानीपत, नारनौल, हांसी, महेंद्रगढ़, नूंह, रोहतक और सोनीपत समेत कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई।
फरीदाबाद की सब्जी मंडी में जलभराव होने से किसानों और आढ़तियों को बारिश के पानी के बीच आवाजाही करनी पड़ी। वहीं, रेवाड़ी की पुरानी सब्जी मंडी में जलभराव के दौरान एक स्कूटी गड्ढे में पलट गई, जिससे स्कूटी सवार युवक और उसके साथ मौजूद बच्चा पानी में ही गिर गए।
हरियाणा में मौसम विभाग ने दो दिन तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। मंगलवार सुबह से लेकर दोपहर तक छह जिलों यमुनानगर, पंचकूला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार और भिवानी में तेज बारिश हुई।
साढ़े 12 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, अगले तीन घंटों यानि साढ़े 4 बजे तक प्रदेश के 3 जिलों झज्जर, बहादुरगढ़, रोहतक में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा सोनीपत, भिवानी, चरखी दादरी में मध्यम और हिसार, फतेहाबाद, जींद, हांसी, महेंद्रगढ़, नारनौल, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह में हल्की बारिश हो सकती है।
उधर, बारिश की वजह से गुरुग्राम और फरीदाबाद में घटनाएं भी देखने को मिलीं। गुरुग्राम में जहां मुख्य मार्ग पर रोड दो-दो फीट तक भारी भर गया, वहीं फरीदाबाद के NIT-86 इलाके में भी सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया, जिसमें एक ऑटो पलट गया। ड्राइवर ने पानी में कूदकर जान बचाई।
इसके अलावा फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी में मॉडर्न तक्षशिला स्कूल के पास भरे पानी में ट्यूबवेल से करंट आ गया। इसकी चपेट में आने से दो कुत्ते ओर एक बछड़े की मौत हो गई। पता चलने पर लोगों ने बिजलीघर कॉल कर सप्लाई बंद कराई।
हरियाणा के 7 जिलों में लगातार तीसने दिन बारिश हो रही है। गुरुवार सुबह पानीपत, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, फरीदाबाद, कैथल और पंचकूला
में बारिश हुई। फरीदाबाद में तो भारी बारिश से खेड़ी पुल धंस गया और वन-वे ट्रैफिक करना पड़ा।
फरीदाबाद के ही बल्लभगढ़ में सुबह से लगातार हुई बारिश से बस-अड्डे में पानी भर गया। अड्डे की छत से भी पानी टपकने लगा। इस दौरान यात्रियों को कई-कई किलोमीटर पानी से होकर गुजरना पड़ा। गुरुग्राम में भी रुक-रुककर बारिश हो रही है। मंगलवार को हुई बारिश से शहर में एक नेशनल हाईवे भी धंस गया था।
उधर, मौसम विभाग ने 13 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। 6 शहरों (करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में सीजन में पहली बार ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है।
वहीं, प्रदेश के हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र में बारिश के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में करीब 5 डिग्री तक की गिरावट आई है।
हरियाणा में मानसून के प्रवेश करते ही 18 जिलों में झमाझम बारिश हुई। प्रदेश में सबसे अधिक 56.2 मिमी बारिश हिसार में रिकॉर्ड की गई। बारिश के चलते पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली और दिन-रात के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
क्षेत्रों पर सक्रिय नए पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने नए लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी मानसूनी हवाओं तथा पछुआ हवाओं के मिलन ने मौसम में बड़ा बदलाव किया है। इसके प्रभाव से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं तथा कई स्थानों पर हल्की से मध्यम, जबकि कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
हरियाणा में मानसून अगले 48 घंटों में एंट्री करेगा। मंगलवार दोपहर मानसून देहरादून और हिमाचल के मंडी तक पहुंच गया। आज मानसून से पहले अंबाला और यमुनानगर में बारिश हुई। पंचकूला में भी दोपहर बाद बादल छाए रहे।
बंगाल की खाड़ी से आ रही मानसूनी हवाएं सबसे पहले यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के रास्ते हरियाणा में प्रवेश करेंगी। इसके बाद करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत होते हुए दिल्ली-एनसीआर और दक्षिणी हरियाणा (गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल) को कवर करेगा।
मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों के भीतर हरियाणा के अधिकतर इलाकों में मानसूनी बारिश की संभावना जताई है। वहीं सोमवार को प्रदेश के 11 शहरों में तापमान 40 डिग्री से अधिक रहा।
मानसून 12 दिन की देरी के बाद मंगलवार को मुबंई पहुंच गया है। आमतौर पर मानसून 11 जून तक मुंबई पहुंच जाता है। मानसून के पहुंचते ही शहर के कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण पश्चिम मानसून तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में आगे बढ़ गया है। अगले 2-3 दिनों में गुजरात और मध्य प्रदेश में पहुंच सकता है। इसके बाद 3-4 दिनों में उत्तर प्रदेश में भी एंट्री होगी।
इधर, मध्य प्रदेश के 17 जिलों में सोमवार को बारिश हुई। छतरपुर में बिजली गिरने से दो लड़कियां झुलस गईं। इनमें से एक की अस्पताल में मौत हो गई। वहीं, पंजाब के अमृतसर में आंधी से पेड़ गिरने से बच्चे की जान चली गई।
उत्तर प्रदेश के 6 शहरों में सोमवार दोपहर बाद बारिश हुई। बस्ती में आंधी-बारिश की वजह से पेड़-पोल उखड़ गए। एक पेड़ कार पर गिरा। सड़क पर पोल गिरने से ट्रैफिक जाम हो गया।
लगातार दूसरा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से वीरवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। सिरसा जिले में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार 19-20 को भी प्री मानसून की गतिविधियों में आंधी- बारिश के आसार हैं। 21 जून को मौसम साफ रहने के बाद 22-23 को भी बारिश के आसार बन रहे हैं। जुलाई के पहले सप्ताह में हरियाणा में मानसून की इंट्री संभावित है। हिसार ,अंबाला, चरखी-दादरी में बारिश हुई है। मौसम विभाग ने 22 जून तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया है जिसमें 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने तथा हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि हरियाणा ,एनसीआर में लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है। लगातार प्री मानसून गतिविधियां जारी है जिसकी वजह से संपूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है । पश्चिमी विक्षोभ का असर हरियाणा के उत्तरी जिलों पंचकूला ,अंबाला ,यमुनानगर, कुरुक्षेत्र , पश्चिमी हिस्सों सिरसा ,फतेहाबाद, हिसार ,भिवानी, चरखी -दादरी ,महेंद्रगढ़ ,झज्जर, रोहतक, गुरुग्राम में आंधी के साथ बारिश हुई।
हरियाणा और एनसीआर में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। फरीदाबाद में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जिसकी वजह से लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। सुबह से ही तेज धूप शुरू हो जाती है और दोपहर के समय हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं।
लोगों का कहना है कि बाहर निकलते ही ऐसा महसूस होता है जैसे पूरा शरीर जल रहा हो। सबसे ज्यादा परेशानी काम पर जाने वाले लोगों और दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है, जिन्हें मजबूरी में धूप में बाहर निकलना पड़ रहा है। लोग गर्मी से बचने के लिए सिर पर गीला कपड़ा रखकर और पूरे शरीर को ढककर बाहर निकल रहे हैं।
गर्म हवाएं और तेज धूप लोगों को लगातार परेशान कर रही हैं। गर्मी का असर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर भी देखने को मिल रहा है। कई लोग उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं। डॉक्टर लोगों को ज्यादा पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं।
हरियाणा में नौतपा के तीसरे दिन तेज गर्मी पड़ रही है। अधिकतर जिले लू की चपेट में हैं। घरों से बाहर निकले लोग-छात्र सिर पर कपड़ा ढककर चलने को मजबूर हैं। सोनीपत के ठरू उलदेपुर गांव में तो बैलगाड़ी से जा रहे एक किसान ने सिर पर तसला रखकर खुद को धूप से बचाया।
राजस्थान से आने वाली गर्म दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण
प्रदेश का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। मंगलवार को सिरसा हरियाणा का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गर्मी के मामले में हरियाणा ने राजस्थान को भी पीछे छोड़ दिया है। राजस्थान में सबसे अधिक तापमान कोटा में 45.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 29 मई से 1 जून तक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।
उधर, नारनौल में पानी की सप्लाई न आने के कारण मंगलवार को लोगों ने निजामपुर रोड पर जाम लगा दिया। लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। बड़े गुरुद्वारा के पास पीर आगा मोहल्ले के लोगों का कहना है कि पिछले 10 दिन से पानी नहीं आ रहा। अधिकारियों के समझाने के बाद उन्होंने जाम खोल दिया।
कमजोर पश्चिमी विक्षोभके असर के कारण सोमवार को हरियाणा के अधिकतर जिलों में बादलवाही और धूल भरी हवा के चलते तापमान में थोड़ी गिरावट आई। नौतपा के पहले दिन सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़, रोहतक, अंबाला सबसे अधिक तपे। इन जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 3 से लेकर 4.8 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया। सिरसा में सबसे अधिक 46.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
25 मई से 2 जून तक नौतपा
रहेगा जिसमें सबसे अधिक तापमान दर्ज किया जाता है। नौतपा के 9 दिनों में भीषण गर्मी लोगों को परेशान करती है। इस बार नौतपा के पहले दिन सोमवार को प्रदेश के 18 जिलों में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते तापमान सामान्य के आसपास रहा। इन जिलों में धूल के गुबार से आसमान में छाए रहे जिस कारण रात का तापमान बढ़ गया। राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बनने की संभावना है।
विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि प्रदेश में 29 मई तक खुश्क रहने व बीच बीच में दक्षिण पश्चिमी गर्म हवा चलने की संभावना है। दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने तथा लू चलने की भी संभावना है। शुक्रवार 29 मई को एक पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों की तरफ बढ़ने तथा 29 मई रात से 1 जून के दौरान हरियाणा राज्य में ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा बीच बीच में धूल भरी हवाएं चलने व कहीं कहीं गरज चमक के साथ बादल बरसेंगे।
हरियाणा में भीषण गर्मी व लू का कहर जारी है। बुधवार को भी रोहतक पूरे प्रदेश में सबसे गर्म रहा। रोहतक में लगातार दूसरे दिन 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। फरीदाबाद में 46.4, अंबाला में 45.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। हिसार में इस मौसम का सबसे अधिक 45.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। पूरे प्रदेश के लिए 26 मई तक का रेड अलर्ट जारी किया हुआ है। अगले एक सप्ताह तक राहत के आसार नहीं हैं।
मई महीने के तीसरे सप्ताह में भीषण गर्मी ने बेहाल कर दिया है। दिन में भीषण गर्मी के बाद अब रात भी सुकून वाली नहीं रही। फरीदाबाद व चरखी दादरी जिले में रात का तापमान 31 डिग्री के पार हो गया। दिन के तापमान में रोहतक ने रिकॉर्ड बनाया तो रात के तापमान में चरखी- दादरी ने 31.8 डिग्री दर्ज किया गया।
फरीदाबाद। जिले में करीब पंद्रह दिन बाद एक बार फिर तापमान 46 डिग्री के पार पहुंच गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। दोपहर के समय लोग केवल जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकले।
मंगलवार
को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 31 डिग्री रहा। भीषण गर्मी का असर बाजारों में भी साफ दिखाई दिया। तेज धूप और गर्म हवा के कारण बाइक सवारों, राहगीरों और बाहर काम करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। कई लोग चेहरे और सिर को कपड़े से ढककर घरों से निकले।
प्रदेश में सोमवार को दिन का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचने की संभावना है। रविवार को सिरसा में अधिकतम तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया जो प्रदेश में सर्वाधिक रहा। प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक मौसम के शुष्क व साफ रहने की संभावना है।
ने अपना रुख कर लिया है। इन गर्म एवं शुष्क हवाओं के असर से तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। रविवार को दिन के तापमान में 2 डिग्री तक की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही प्रदेश के 15 जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। सिरसा में अधिकतम तापमान 44 डिग्री रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान में भी 3 डिग्री से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। आने वाले दिनों में हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में आग उगलने वाली गर्मी पड़ने की संभावना है। दिन का तापमान 40.0 से 45.0 डिग्री सेल्सियस या इससे ऊपर जाने और रात्रि तापमान 25.0 से 30.0 डिग्री सेल्सियस या इससे ऊपर जाने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आने वाले दिनों के लिए गर्मी को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
25 मई से शुरू होगा नौतपा
25 मई से 2 जून के बीच नौतपा भी रहने वाला है। इस बार नौतपा में तापमान में उफान देखने को मिलेगा। हालांकि इस साल भी नौतपा के दौरान बीच-बीच में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा क्योंकि 25 मई को एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ जबकि जून महीने के पहले सप्ताह में एक मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना बन रही है।
हरियाणा के लोगों को आने वाले दिनों में भीषण गर्मी व लू का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग की तरफ से 18 से 22 मई तक लू के आसार जताए हैं। इसके लिए विभाग की ओर से यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इस दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी का अ
सर और तेज होगा। इस स्थिति में तापमान 45 डिग्री के ऊपर जा सकता है। इस दौरान मौसम शुष्क रहेगा। बारिश या बादल छाने की कोई संभावना नहीं है।
पिछले एक हफ्ते में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से पारा काफी गिर गया था। इस वजह से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिल गई थी। हरियाणा में रोहतक जिला सबसे गर्म दर्ज किया गया है। रोहतक में अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री दर्ज किया गया है जो सामान्य से 1.3 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया है। बाकी सभी शहरों में तापमान 40 डिग्री के करीब या उससे ऊपर दर्ज किया गया है।
हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, चंडीगढ़ द्वारा जारी विशेष मौसम बुलेटिन के अनुसार 4 और 5 मई को प्रदेश के कई जिलों में बारिश, आंधी, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 2 मई से 8 मई तक मौसम में बदलाव ब
ना रहेगा, जबकि 4 और 5 मई को इसका प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 4 मई को राज्य के अनेक स्थानों तथा 5 मई को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इसके अलावा 3 और 6 मई को भी अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम परिवर्तन देखने को मिलेगा। 3 एवं 6 मई को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, 4 और 5 मई को कुछ जिलों में हवाओं की गति बढ़कर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है।
हरियाणा में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम बदल गया। हिसार, सिरसा, कैथल, भिवानी, पानीपत और सोनीपत में तेज बारिश हुई। हांसी में बारिश के साथ ओले भी गिरे।
पानीपत के इसराना में अनाज मंडी में खुले में रखा गेहूं भीग गया। अधिकतर जिलों में बादल छाए हुए हैं और कई जगह आंधी भी चली।
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ ने शाम 7 बजे तक जींद, हांसी, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, भिवानी और चरखी दादरी में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
वहीं, अगर गर्मी की बात करें तो गुरुवार को हरियाणा के 10 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। सबसे ज्यादा तापमान नारनौल में 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हरियाणा में गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 3 और 4 अप्रैल को प्रदेश के ज्यादातर जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश भी हो सकती है।
बता दें कि मार्च में एक के बाद एक कई पश्चिमी विक्षोभ आए, जिसके प्रभाव से हरियाणा में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में मार्च महीने में 19 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। प्रदेश में इस महीने औसतन करीब 17.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य (15.1 मिमी) से ज्यादा है। सबसे ज्यादा बारिश रोहतक और रेवाड़ी जिले में हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, लेकिन दिन का तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है। आने वाले दिनों में हवाओं की दिशा बदलने से रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी, जबकि दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते वीरवार को महेंद्रगढ़ तथा हरियाणा बार्डर के साथ लगते राजस्थान में बूंदाबांदी हुई। शुक्रवार को भी मौसम परिवर्तनशील रहेगा। प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना है। इसके बाद 28 से 31 तक नया विक्षोभ सक्रिय होने से कुछ स्थानों पर हल्की बा
रिश व ओलावृष्टि के आसार हैं। मौसम विभाग ने 28 से 31 मार्च के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
पिछले दो सप्ताह से हरियाणा में मौसम में बदलाव चल रहा है। मौसम विशेषज्ञ डॉ चंद्रमोहन ने बताया कि एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से दोपहर से बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है। बुधवार रात सिरसा, फतेहाबाद में बिखराव वाली हल्की बारिश बूंदाबांदी देखने को मिलीं। वीरवार को महेंद्रगढ़ में बिखराव वाली हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों को दर्ज किया गया। पश्चिमी और दक्षिणी पश्चिमी हवाओं से संपूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी और उमस देखने को मिल रही है।
कमजोर पश्विम विक्षोभ के चलते सोमवार को बादल छाए। इसका तापमान पर अधिक असर नहीं है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान महेंद्रगढ़ में 36.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हिसार में अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट आई। हिसार का अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री दर्ज किया गया। यह अब भी सामान्य से 6.2 डिग्री ज्यादा है।
मौसम विभाग के अनुसार 19 मार्च के बाद बारिश के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आमतौर फरवरी और मार्च माह में उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में मध्यम पश्चिमी विक्षोभ प्रणाली सक्रिय होने से उत्तरी पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी होती है। इस बार यह बर्फबारी व बारिश नहीं हुई। दूसरा गुजरात, पश्चिमी राजस्थान और अरब सागर पर बने प्रति चक्रवातीय परिसंचरण बना होने के कारण मौसम गर्म और शुष्क बन गई हैं। तीसरा इस समय पूर्वी हवाएं चलने के बजाय पश्चिमी हवाएं चलने के कारण अरब सागर की ओर से आ रही हवाएं गर्म हैं। जो मौसम को अधिक गर्म बना रही हैं। यह हवाएं वातावरण से नमी को खत्म कर रही हैं। इन तीन कारणों के चलते तेज गर्मी पड़ रही है।
मार्च महीने में पहला कमजोर पश्चिम विक्षोभ सोमवार को सक्रिय हुआ। अब 11, 14 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा, बीच-बीच में बादलों की आवाजाही देखने को मिलेगी। सभी पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहेंगे जिनका असर केवल उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। सीमित स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी देखने को मिलेगी। 19 मार्च के बाद मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। जिसके बाद 20 मार्च से तापमान में गिरावट आएगी। 19 मार्च के बाद प्रदेश में बारिश के आसार हैं। इस बार अप्रैल व मई महीने में भी बारिश होने की संभावना बन रही है।
हरियाणा के तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ चंद्रशेखर डागर ने बताया कि आगामी दिनों में तापमान में और अधिक बढ़ोतरी की संभावना है। ऐसा कोई भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होता दिख रहा जिसका असर मैदानी इलाकों में हो और बारिश की संभावना बने।
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि अगले 4 दिनों में 2 से 3 डिग्री तापमान में बढ़ोतरी और होने की संभावना है। अभी पूरे हरियाणा में 31 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रिपोर्ट हुआ है जो कि सामान्य से 5 से 8 डिग्री अधिक चल रहा है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि यह मौसम गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक है।
इन दिनों तापमान ही नहीं बढ़ रहा, साथ ही हवा की गति भी बढ़ रही है। इन दोनों के कॉम्बिनेशन से फसल की पानी की आवश्यकता बढ़ जाती है। किसान के लिए थोड़ा सा सोचने का विषय है कि पानी लगाए या ना लगाएं। क्योंकि पानी लगाने से गेहूँ की बालियाँ गिरने की संभावना बनी रहती है। किसानों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि संभव हो तो रात में सिंचाई करें ताकि फसल के गिरने की संभावना थोड़ी सी कम हो।



















