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by : pramod goyal

 हरियाणा में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाने वाले थाना प्रभारियों पर अब कार्रवाई होगी। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने निर्देश दिए कि जिस थाना क्षेत्र में अपराध पर अंकुश नहीं लगेगा और थाना प्रभारी अपने प्रदर्शन में खरा नहीं उतरेंगे, उनके खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी। 


संबंधित सुपरवाइजरी अधिकारी की जवाबदेही भी तय होगी। पुलिस मुख्यालय में सोमवार को अपराध नियंत्रण को लेकर करीब तीन घंटे चली उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षकों ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रदेश की अपराध स्थिति की थानावार समीक्षा की गई।

डीजीपी ने अधिकारियों से कहा कि केवल अपराध के आंकड़े जुटाना पर्याप्त नहीं है। हर थाने में यह देखा जाए कि कौन सा अपराध बढ़ रहा है व उसके पीछे वास्तविक कारण क्या हैं। उसे रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए। सीसीटीएनएस के आंकड़ों का विश्लेषण कर अपराध की प्रवृत्ति को समझने और घटना से पहले रोकथाम की रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए। 

by : pramod goyal

 फरीदाबाद में बिना नक्शे और नियमों को ताक पर रखकर बन रही इमारतों पर कार्रवाई को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। करीब तीन महीने पहले चारों जोन में अवैध और बिना नक्शे के बने भवनों की पहचान के लिए दिए गए निर्देशों के बावजूद निगम अब तक शहर में ऐसे भवनों की पूरी सूची तैयार नहीं कर पाया है।

सर्वे में भवनों की संख्या के साथ यह भी जानकारी जुटानी थी कि इनमें कितने रिहायशी और कितने व्यावसायिक हैं। साथ ही भवनों में सुरक्षा इंतजाम, स्थान और सड़क की चौड़ाई का भी रिकॉर्ड तैयार किया जाना था। नगर निगम के चार जोन में से अब तक सिर्फ एनआइटी जोन में 22 भवनों की पहचान हो पाई है।

निगम अधिकारियों के अनुसार यह संख्या वास्तविक स्थिति की तुलना में काफी कम मानी जा रही है, क्योंकि एनआइटी क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे मकान और इमारतें हैं, जिनका निर्माण स्वीकृत नक्शे के बिना किया गया है।

जून में लखनऊ में बिना नक्शे के बने भवन में आग लगने की घटना के बाद नगर निगम ने भी अपने स्तर पर ऐसे भवनों का सर्वे कराने के निर्देश दिए थे। तत्कालीन निगम कमिश्नर धीरेन्द्र कुमार ने चारों जोन के संयुक्त आयुक्तों को अपने-अपने क्षेत्र में सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद तीन महीने में सर्वे का काम पूरा नहीं हो सका।

by : pramod goyal


 फरीदाबाद जिले के पन्हेड़ा कलां गांव स्थित शराब के ठेके पर मुफ्त में शराब देने से मना करना दो सेल्समैनों को भारी पड़ गया। आरोप है कि शराब लेने पहुंचे दो युवकों ने पहले मुफ्त में शराब की बोतल मांगी। सेल्समैनों के मना करने पर दोनों युवक गाली-गलौज करते हुए वहां से चले गए।

कुछ देर बाद दोनों दर्जनभर युवकों को साथ लेकर ठेके पर पहुंचे और दोनों सेल्समैनों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में दोनों सेल्समैन घायल हो गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद छांयसा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

शराब ठेके के मालिक राजेश ने बताया कि पन्हेड़ा कलां में उनके ठेके पर सुरेंद्र और सानू सेल्समैन के रूप में काम करते हैं। मंगलवार रात दो युवक शराब लेने के लिए ठेके पर पहुंचे। दोनों ने खुद को पन्हेड़ा कलां गांव का रहने वाला बताया और मुफ्त में शराब की बोतल देने की मांग की।

सेल्समैनों ने बिना पैसे दिए शराब देने से साफ मना कर दिया। इसके बाद दोनों युवक गाली-गलौज करते हुए वहां से चले गए।

आरोप है कि कुछ समय बाद दोनों युवक अपने करीब दर्जनभर साथियों के साथ दोबारा ठेके पर पहुंचे। उनके हाथों में लाठी-डंडे थे। ठेके पर पहुंचते ही युवकों ने सुरेंद्र और सानू के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने दोनों के सिर पर डंडों से वार किए। मारपीट में दोनों घायल हो गए।

सानू के सिर में गंभीर चोट लगी और उसे 14 टांके आए हैं। बीच-बचाव करने पहुंचे सुरेंद्र को भी आरोपियों ने पीट दिया।

घायल सानू ने बताया कि दोनों युवक पहले मुफ्त में शराब मांग रहे थे। जब उन्होंने शराब देने से मना किया, तो दोनों ने विवाद शुरू कर दिया और बाद में अपने साथियों को बुलाकर हमला कर दिया।

छांयसा थाना प्रभारी गोपाल दास ने बताया कि दो युवक शराब के ठेके पर पहुंचे थे और शराब की पूरी कीमत नहीं दे रहे थे। सेल्समैन ने बिना पूरे पैसे लिए शराब देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर युवकों ने अपने साथियों के साथ मिलकर सेल्समैनों से मारपीट की। पुलिस को शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है।


by : pramod goyal

 पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिले को पूरी तरह जायज ठहराया है और इसे लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी जनवरी 2026 के अपने आदेश में कहा था कि RTE के तहत राज्य सरकारों को पात्र छात्रों को दाखिला दिलवाना चाहिए और प्राइवेट स्कूलों को भी अपने स्कूल में गरीब बच्चों को दाखिला देना चाहिए।  हरियाणा अभिभावक एकता मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा व जिला महासचिव एडवोकेट बीएस विरदी ने फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री से मांग की है कि प्रदेश के जिन प्राइवेट स्कूल संचालकों ने शिक्षा विभाग के आदेश के बाद भी आरटीई के हकदार पात्र छात्र-छात्राओं को दाखिला नहीं दिया है उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी मान्यता रद्द की जाए। 

पंजाब प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की ओर से आरटीई दाखिले के खिलाफ दायर की गई एक याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट की डबल बेंच ने कहा है कि RTE एक्ट में गरीब बच्चों के लिए 25% सीटें आरक्षित करना पूरी तरह से कानूनी सही है।
हाईकोर्ट ने साफ किया कि सभी प्राइवेट बिना सहायता प्राप्त (unaided) स्कूलों को कक्षा 1 (या एंट्री लेवल) में 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करनी ही होंगी। यह उनका कानूनी और संवैधानिक कर्तव्य है।
कोर्ट ने पंजाब सरकार के ऑनलाइन आवेदन,स्कूल मैपिंग और ड्रॉ ऑफ लॉट्स (लकी ड्रा) के जरिए दाखिला देने की पूरी व्यवस्था को जायज और सही ठहराया है।  अदालत ने यह भी साफ किया कि जिन बच्चों का नाम ऑनलाइन ड्रा में आ चुका है, प्राइवेट स्कूल उन्हें दाखिला देने से मना नहीं कर सकते।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा व जिला अध्यक्ष एडवोकेट शिवकुमार जोशी ने कहा है कि हरियाणा सरकार गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिला दिलाने में पूरी तरह से असफल साबित हुई है। जिला शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद ने गत वर्ष सीबीएसई के 28 स्कूलों व इस वर्ष 44 स्कूलों द्वारा पात्र छात्रों को दाखिला न देने की सूची व शिकायत शिक्षा निदेशक को भेजकर दोषी स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की थी लेकिन आज तक इन दोषी स्कूलों के खिलाफ कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार पूरी तरह से इन प्राइवेट स्कूलों के आगे नतमस्तक है। इस वर्ष फरीदाबाद में कुल 1,519 बच्चों का चयन आरटीई के तहत दाखिला देने के लिए  किया गया था और उनको स्कूल अलोट कर दिए थे इनमें से 767 बच्चों को ही हरियाणा बोर्ड के निजी स्कूलों ने दाखिला दिया वाकी 752 बच्चों को CBSE के  स्कूलों ने दाखिला देने से मना कर दिया। मंच के लीगली प्रयास से अब तक आरटीई दाखिले के 12 पात्र बच्चों को दाखिला दिलवाया जा चुका बाकी को दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।


by : pramod goyal

 दिनांक 12 सितंबर 2026 (शनिवार) को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद द्वारा सेक्टर-12 स्थित अदालत परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। लोक अदालत में विभिन्न केसों का निपटारा किया जाएगा, साथ ही अदालत में स्थानांतरित हो चुके ट्रैफिक चालानों का भी निपटारा किया जाएगा।

नागरिकों की सुविधा के लिए फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस द्वारा अदालत परिसर में एक हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। यह हेल्प डेस्क पुरानी अदालत बिल्डिंग के ठीक सामने लगाई जाएगी, जहां सिपाही संजय, प्रदीप और दिनेश उपस्थित रहकर नागरिकों को उनके चालानों की जानकारी चेक कराएंगे तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया कि सभी चालान लोक अदालत में नहीं भरे जाते, बल्कि चालान की स्थिति के अनुसार उसके भुगतान की प्रक्रिया अलग-अलग है। जिन चालानों को अभी 90 दिन पूरे नहीं हुए हैं, उनका भुगतान लोक अदालत में नहीं बल्कि सीधे निर्धारित स्थानों पर किया जाना है। 
पोस्टल चालान (सीसीटीवी कैमरा व फोटो खींचकर किए गए चालान) का भुगतान केवल 90 दिनों के अंदर ही डीसीपी ट्रैफिक कार्यालय, लघु सचिवालय थर्ड फ्लोर कक्ष संख्या 317 में किया जा सकता है। 
वहीं ट्रैफिक पुलिस कर्मी द्वारा मौके पर ई-चालान मशीन द्वारा किए गए चालान का भुगतान लघु सचिवालय 5th फ्लोर कक्ष संख्या 506 में जाकर किया जा सकता है, या फिर मौके पर ही Paytm के माध्यम से भी भुगतान

किया जा सकता है।
जिन चालानों का 90 दिनों से अधिक समय तक भुगतान नहीं किया जाता, वे ट्रैफिक पुलिस कर्मी द्वारा वर्चुअल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। इसके पश्चात ऐसे मामलों को रेगुलर कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया जाता है, यही मामले, जो कोर्ट में स्थानांतरित होते हैं, लोक अदालत में भुगतान के लिए रखे जाते हैं।
चालान तिथि से 90 दिनों के अंदर भुगतान नहीं किया गया, तो ऐसे मामलों में केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 2020 के ग्यारहवें संशोधन के तहत धारा 167(8) के अनुसार ट्रैफिक पुलिस द्वारा विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। इस प्रावधान के अंतर्गत वाहन को डिटेन किया जा सकता है। फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस द्वारा चेकिंग अभियानों के दौरान ऐसे कई वाहनों को डिटेन किया जा चुका है जिनके चालान लंबे समय से लंबित थे।
डीसीपी ट्रैफिक फरीदाबाद जयवीर सिंह, IPS ने बताया कि फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस का प्रयास है कि नागरिकों को अपने लंबित चालानों के निपटारे में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसी उद्देश्य से सेक्टर-12 अदालत परिसर में विशेष हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, जहां पुलिसकर्मी नागरिकों को हर स्तर पर मार्गदर्शन देंगे। उन्होंने सभी वाहन चालकों से अपील की कि जिनके चालान लंबित हैं, वे  लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें।
साथ ही उन्होंने सभी से ट्रैफिक नियमों का पालन करने, हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा जिम्मेदारीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की, ताकि सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सके।
अधिक जानकारी या किसी भी प्रकार की ट्रैफिक सहायता के लिए नागरिक फरीदाबाद ट्रैफिक कंट्रोल रूम 0129-2267201, 0129-2225999, या हेल्पलाइन 112 पर संपर्क कर सकते हैं। समय-समय पर जारी होने वाले ट्रैफिक अपडेट्स, एडवाइजरी एवं अन्य आवश्यक सूचनाओं के लिए नागरिक फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को फ़ॉलो कर सकते हैं।

by : pramod goyal


 *फरीदाबाद 09 सितंबर 2026* 


हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। ब्यूरो प्रमुख एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशन में नशा तस्करों के खिलाफ सूचना-आधारित कार्रवाई के साथ-साथ नशे की सप्लाई के स्रोत और नेटवर्क तक पहुंचने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 

पुलिस उपमहानिरीक्षक फरीदाबाद राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के मार्गदर्शन में एचएनसीबी की फरीदाबाद, गुरुग्राम और रेवाड़ी यूनिटों ने साढ़े तीन महीने में (18 मई से 31 अगस्त 2026) नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलकर कार्रवाही की है।

इस अवधि के दौरान 33 एफआईआर दर्ज कर 36 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 9 कमर्शियल क्वांटिटी, 21 इंटरमीडिएट क्वांटिटी और 3 स्मॉल क्वांटिटी के मामले शामिल रहे।
कार्रवाई के दौरान कुल 136.06 ग्राम हेरोइन, 43.26 ग्राम कोकीन, 94.17 ग्राम एमडीएमए, 13.20 किलोग्राम गांजा और 12.394 किलोग्राम पोस्त चूरा बरामद किया गया। इसके अतिरिक्त 6,491 नशीली टैबलेट, 3,733 कैप्सूल, 386 इंजेक्शन और 34 सिरप की बोतलें भी बरामद की गईं।

*फरीदाबाद यूनिट: 11 एफआईआर, 13 आरोपी गिरफ्तार*

फरीदाबाद यूनिट ने 18 मई से 31 अगस्त 2026 के दौरान 11 एफआईआर दर्ज कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 2 कमर्शियल क्वांटिटी, 7 इंटरमीडिएट क्वांटिटी और 2 स्मॉल क्वांटिटी के मामले शामिल रहे।

यूनिट द्वारा 70.65 ग्राम हेरोइन, 2.32 किलोग्राम गांजा और 9.194 किलोग्राम पोस्त चूरा बरामद किया गया। इसके साथ ही 6,371 टैबलेट, 109 कैप्सूल, 386 इंजेक्शन और 14 बोतलें भी बरामद हुईं।

*गुरुग्राम यूनिट: कोकीन और एमडीएमए समेत 16 आरोपी गिरफ्तार* गुरुग्राम यूनिट ने उक्त अवधि में 15 एफआईआर दर्ज कर 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 5 कमर्शियल क्वांटिटी, 9 इंटरमीडिएट क्वांटिटी और 1 स्मॉल क्वांटिटी का मामला शामिल रहा। कार्रवाई के दौरान 30.87 ग्राम हेरोइन, 43.26 ग्राम कोकीन, 10.88 किलोग्राम गांजा, 3.20 किलोग्राम पोस्त चूरा और 94.17 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई। इसके अलावा 120 टैबलेट, 24 कैप्सूल और 12 बोतलें भी जब्त की गईं।

*रेवाड़ी यूनिट: 7 मामलों में 7 आरोपी गिरफ्तार* रेवाड़ी यूनिट ने इस अवधि में 7 FIR दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 2 कमर्शियल क्वांटिटी और 5 इंटरमीडिएट क्वांटिटी के मामले शामिल रहे। यूनिट ने कार्रवाई के दौरान 34.54 ग्राम हेरोइन, 3,600 कैप्सूल और 8 बोतलें बरामद कीं।

*सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने पर विशेष फोकस*

ब्युरो की कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। मामलों की जांच के दौरान नशीले पदार्थों के स्रोत, सप्लायर तथा आगे की सप्लाई चेन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों द्वारा प्रत्येक मामले में उपलब्ध तथ्यों और जांच के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नशीला पदार्थ कहां से आया और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। विशेष रूप से कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों में बड़े सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

एचएनसीबी का उद्देश्य नशे की सप्लाई करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उन नेटवर्क को भी कमजोर करना है, जिनके माध्यम से नशीले पदार्थ युवाओं और आमजन तक पहुंचते हैं।

*कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी जारी*
नशे की मांग को कम करने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए HSNCB द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
डीआईजी राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के मार्गदर्शन में 18 मई से 31 अगस्त 2026 तक कुल 261 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 53,695 लोगों ने भाग लिया।

इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों, अभिभावकों तथा विभिन्न सामाजिक एवं सामुदायिक वर्गों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही लोगों को नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस को सूचना देने के लिए भी प्रेरित किया गया।


*डीआईजी राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने कहा कि* 
“नशे के खिलाफ हमारी कार्रवाई का लक्ष्य केवल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क को चिन्हित कर उसकी जड़ों तक पहुंचना और उसे ध्वस्त करना है। फरीदाबाद रेंज में प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ जन-जागरूकता को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है, ताकि नशे की सप्लाई और मांग—दोनों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।” 

*आमजन से नशे के खिलाफ सहयोग की अपील*
एचएनसीबी आमजन से अपील करती है कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस का सहयोग करें। यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री, सप्लाई या तस्करी से संबंधित कोई जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत हेल्पलाइन: 90508-91508, टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1933 या ncbmanas.gov.in पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

by : pramod goyal

 फरीदाबाद: 5/6 सितम्बर की रात सेक्टर-75 के समीप एक व्यक्ति के साथ मारपीट कर उसका मोबाइल फोन, नकदी व अन्य सामान लूटने के मामले में अपराध शाखा सेंट्रल की टीम ने कार्रवाई करते हुए 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवीन निवासी गांव बड़ौली, सागर निवासी सकुवापुर, जिला हरदोई, उत्तर प्रदेश, हाल एकता एन्क्लेव, गांव नीमका, संजीव उर्फ संजू निवासी गांव नचौली, आकाश निवासी निबोहरा, जिला आगरा, उत्तर प्रदेश, हाल डबुआ, रविन्द्र उर्फ दीपक निवासी डिगोत, पलवल तथा गोपाल निवासी गांव बुराना, जिला डीग, राजस्थान के रूप में हुई है।


पुलिस प्रवक्ता अनुसार सेक्टर-15ए, फरीदाबाद निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 5/6 सितम्बर की रात करीब 1:30 बजे वह अपनी कार से घर लौट रहा था। जब वह डिस्कवरी चौक से सेक्टर-75 की ओर जा रहा था, तभी गलत दिशा से आ रही एक टैक्सी ने उनकी कार के आगे अपनी गाड़ी रोक दी। इसके बाद टैक्सी चालक व उसके साथी ने शिकायतकर्ता के साथ गाली-गलौज एवं बहस शुरू कर दी तथा फोन करके अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया। कुछ ही देर में दो मोटरसाइकिलों पर अन्य युवक मौके पर पहुंच गए और सभी ने उसके साथ मारपीट की। उसका मोबाइल फोन तथा करीब 6,000 रुपये नकद व आधार कार्ड लेकर फरार हो गए। शिकायत पर थाना BPTP में मामला दर्ज कर जांच आरंभ की गई थी।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रविन्द्र और आकाश गलत दिशा से गाड़ी लेकर आ रहे थे। उन्होंने शिकायतकर्ता की कार के आगे अपनी गाड़ी लगाकर गाली-गलौज की और फिर अपने अन्य साथियों को फोन कर घटनास्थल पर बुलाया। जिस पर नवीन, सागर, संजू व गोपाल मोटरसाइकिलों पर वहां पहुंचे और सभी ने मिलकर शिकायतकर्ता के साथ मारपीट की और उसका मोबाइल व पर्स लूट कर मौका से भाग गये। 

उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल व लूटा गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। रविन्द्र व आकाश को एक दिन पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि अन्य को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद: पुलिस आयुक्त फरीदाबाद सतेंद्र कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में सामुदायिक पुलिसिंग सेल एवं थाना प्रभारी बीपीटीपी द्वारा गांव खेड़ी कलां में संयुक्त रूप से Dial 112 एवं नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।


कार्यक्रम के दौरान निरीक्षक सुनीता, प्रभारी सामुदायिक पुलिसिंग सेल ने ग्रामीणों को Dial 112 की उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए Dial 112 का उपयोग किया जा सकता है।

इसके साथ ही लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। लोगों को बताया गया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, शिक्षा एवं भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। कार्यक्रम में सीबी फिल्म के निर्माता चिराग जी ने भी पुलिस की विभिन्न सेवाओं की उपयोगिता एवं नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए लोगों को कानून का पालन करने तथा नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना की।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद: पानी का बिल भरने के नाम पर मोबाइल फोन पर APK फाइल भेजकर एक स्कूल के बैंक खाते से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने तीन आरोपितों को 6 सितंबर को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान अमित वासी गांव अलीपुर जिला सीतापुर उ.प्र., अंकुल वासी गांव रजवापुर अहिरान जिला लखीमपुर खीरी उ.प्र. व सचिन कुमार रामस्नेह निवासी गाँव बन वासी गांव बन बहोल जिला लखीमपुर खीरी  के रूप में हुई है।


पुलिस प्रवक्ता अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि दिसंबर 2025 में उनके स्कूल के बैंक खाते से साइबर ठगी कर 15,34,699 रुपये निकाल लिए गए थे। स्कूल के बैंक खाते में अकाउंटेंट रघुवीर का मोबाइल नंबर पंजीकृत था। 9 दिसंबर 2025 को अकाउंटेंट ने स्कूल प्रबंधन को बताया कि उसके मोबाइल नंबर पर लगातार बैंक लेन-देन से संबंधित OTP प्राप्त हो रहे हैं और साथ ही खाते से पैसे कटने के संदेश भी आ रहे हैं। जांच करने पर पता चला कि स्कूल के बैंक खाते से लगातार ट्रांजेक्शन कर कुल 15,34,699 रुपये की राशि निकाल ली गई थी। साइबर ठगों ने पानी का बिल भरने के नाम पर APK फाइल भेजकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। जिस शिकायत पर साइबर थाना बल्लबगढ़ में मामला दर्ज कर जांच आरंभ की गई थी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपित अंकुल ने अपने सीएससी, सेंटर के वॉलेट खाते को अपने दोस्त सचिन की मदद से आगे ठगों को उपलब्ध कराया था जिसमें ठगी की गई रकम में से 2 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। अंकुल और आरोपित सचिन पड़ोसी गांव के रहने वाले हैं। वहीं आरोपित अमित का भी वॉलेट अकाउंट ठगी के पैसे प्राप्त करने में हुआ था और अमित के खाता में ठगी के 2 लाख रूपये प्राप्त हुए थे।

आरोपित को माननीय न्यायालय में पेश किया गया जहां से अंकुल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया वहीं सचिन व अमित को 3 दिन पुलिस रिमांड पर लिया गया है।