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by : pramod goyal

 फ़रिदाबाद 26 अगस्त।(                  ) 


नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा ने कहा है कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग, कराधान एवं आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े कर्मचारी लंबे समय से हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण कर्मचारी तो परेशान हैं ही, आम जनता को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभागों के मंत्री विपुल गोयल की भूमिका और कार्यशैली गंभीर सवाल खड़े कर रही है।


संघ के राज्य अध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार हड़ताल समाप्त कराने के लिए गंभीर बातचीत करने की बजाय हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को भड़काने और उनके आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास क्यों कर रही है?

उन्होंने कहा कि 5 अगस्त के बाद मंत्री विपुल गोयल ने निकाय, कराधान एवं आपदा प्रबंधन विभागों के हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों से कोई सार्थक बातचीत नहीं की है। एक ओर कर्मचारी अपनी जायज मांगों के समाधान के लिए सड़कों पर हैं और दूसरी ओर मंत्री की चुप्पी कर्मचारियों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है।

नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनता की परेशानी और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर चिंतित है तो सरकार को टकराव की नीति छोड़कर तत्काल कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करनी चाहिए और समाधान का रास्ता निकालना चाहिए।

उन्होंने सवाल किया कि क्या मंत्री विपुल गोयल के इसी व्यवहार से पटवारी, फायर कर्मचारियों तथा पालिका परिषदों एवं नगर निगमों के सफाई-सीवर कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होगी? जब संबंधित मंत्री ही हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों से बातचीत नहीं करेंगे तो समस्या का समाधान कैसे होगा?

संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की कि संबंधित मंत्रियों को निर्देश देकर सभी हड़ताली कर्मचारियों के साथ तत्काल वार्ता कराई जाए तथा सहमति से लंबित मांगों के पत्र जारी किए जाएं। कर्मचारियों को भड़काने या आंदोलन को बदनाम करने की बजाय सरकार बातचीत, विश्वास और न्याय के रास्ते पर आगे बढ़े।

नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की मांगों का सम्मानजनक समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

by : pramod goyal

 फरीदाबाद – साइबर अपराधियों द्वारा खुद को CBI अधिकारी बताकर एक वरिष्ठ नागरिक से 1 करोड़ 24 लाख 45 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने कार्रवाई करते हुए 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान रौनक पाल, राकेश पाल, शुभम राय, अमन दुबे, ओमकार व रणजीत वासी उत्तर प्रदेश के रुप में हुई है।


प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ओमकार व रणजीत बिहार, झारखण्ड व छत्तीसगढ से युवाओं को बुलाकर फर्म का खाता खुलवाते थे तथा आगे ठगो को देते थे। वहीं अमन दुबे फर्म के लिए जगह व कागज तैयार करवाता था। 

शुभम पाल, राकेश पाल व रोनक पाल तीनों विदेश में बैठे ठगो के साथ टेलीग्राम के जरिए संपर्क में थे और अपने फोन में थर्ड पार्टी ऐप रखते थे। जिससे उनके फोन का एक्सेस ठगो के पास चला जाता था। ठगी की वारदात के समय ओटीपी प्राप्त करने के लिए SIM को फोन में डालकर रखते थे। उसके बाद SIM को निकाल देते थे। 

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि घटनाक्रम में 7 आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

बता दें कि सेक्टर-85 फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 30 मार्च को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने स्वयं को CBI अधिकारी बताया और कहा कि शिकायतकर्ता के नाम से बेंगलुरु में एक बैंक खाता संचालित हो रहा है, जिसका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में किया गया है। ठगों ने उसको गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाते हुए उसकी संपत्ति एवं बैंक खातों में जमा धनराशि को जांच एवं सत्यापन के लिए RBI तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार निर्धारित खातों में जमा कराने और जांच पूर्ण होने पर राशि को वापस भेजने बारे कहा गया। ठगो ने RBI, आयकर विभाग तथा सर्वोच्च न्यायालय की मोहर लगे फर्जी दस्तावेज भी शिकायतकर्ता को भेजे। ठगों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अप्रैल 2026 में अपने विभिन्न बैंक खातों से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1,24,45,000 रुपये ट्रांसफर कर दिया। बाद में जब उसने अपनी धनराशि वापस लेने के लिए ठगों से संपर्क करने का प्रयास किया तो सभी मोबाइल नंबर बंद मिले। शिकायत पर साइबर थाना सेंट्रल में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ की गई थी। 


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 फरीदाबाद: संजय कॉलोनी निवासी एक महिला ने थाना मुजेसर में शिकायत दी थी कि उसकी 20 वर्षीय बेटी निशा 1 अगस्त को ऑफिस की मीटिंग के सिलसिले में कोलकाता गई थी। युवती ने परिजनों को फोन कर बताया था कि वह अगली सुबह तक घर वापस आ जाएगी, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं पहुंची और उसका मोबाइल फोन भी बंद हो गया। शिकायतकर्ता ने हरिओम नामक युवक पर उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का शक जताया था। शिकायत के आधार पर थाना मुजेसर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।


मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त फरीदाबाद के निर्देशानुसार अपराध शाखा DLF की टीम ने जांच आगे बढ़ाते हुए 25 अगस्त को आरोपित हरिओम निवासी थंथारी, पलवल को गिरफ्तार कर लिया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपित हरिओम की निशा से वर्ष 2022 में जान-पहचान हुई थी। इसके बाद आरोपित ने निशा की शादी अपने भाई के साथ करवा दी थी। शादी के कुछ समय बाद निशा और उसके पति के बीच अनबन रहने लगी, जिसके चलते वह अपने मायके वापस आ गई।

इसके बाद आरोपित हरिओम ने निशा को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जिस संबंध में निशा द्वारा आरोपित के खिलाफ वृंदावन मथुरा में मामला दर्ज कराया गया था। जिसको पुलिस ने गिरफ्तार कर वर्ष 2024 में जेल भेज दिया था, वह  जनवरी, 2025 में जमानत पर जेल से बाहर आया था।

पूछताछ में आगे सामने आया कि जेल से आने के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। निशा, आरोपित पर शादी करने का दबाव बनाने लगी। 1 अगस्त को वह निशा को अपने साथ हरिद्वार ले गया तथा 4 अगस्त को वह उसके साथ फरीदाबाद वापस आया और उसी रात उसने अपने साथी के साथ मिलकर डीग पुल के पास निशा की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को आगरा कैनाल नहर में फेंक दिया।

पुलिस द्वारा मामले में आरोपित के साथी की भूमिका सहित हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपित को माननीय अदालत में पेश कर आगामी पूछताछ के लिए 8 दिन पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मामले में हत्या की धारा जोड़ी गई है तथा डेड बॉडी की तलाश की जा रही है।




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 *फरीदाबाद,26 अगस्त*

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बेनर तले बुधवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने एकजुट होकर शहरी स्थानीय निकाय व अग्निशमन विभाग के कर्मियों की 6 अगस्त से चल रही हड़ताल और पटवारियों व गेस्ट टीचर के आंदोलन के समर्थन में डीसी आफिस पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से पूर्व जिला प्रधान करतार सिंह जागलान की अध्यक्षता में  दर्जनों विभागीय संगठनों से जुड़े सैकड़ों की संख्या में कर्मियों ने डीसी आफिस के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। जिला सचिव बलबीर सिंह बालगुहेर द्वारा संचालित इस प्रदर्शन में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, एएचपीसी वर्कर यूनियन के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी,रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान नवल सिंह नरवत, सचिव लज्जा राम,प्रेस सचिव सतपाल नरवत, फरीदाबाद नगर निगम म्युनिसिपल एम्पलाइज फेडरेशन के प्रधान रमेश जागलान, टूरिज्म के उप प्रधान दिगंबर डागर,एसकेएस के कोषाध्यक्ष जयपाल राठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश चन्द्र, राजबेल देसवाल,संगठन सचिव मुकेश बेनीवाल आदि दर्जनों विभागीय संगठनों के नेता भी पहुंचे और संबोधित किया। इसके बाद कर्मचारी जुलूस की शक्ल में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीसी आफिस के मेन गेट पर पहुंचे और जमकर नारेबाजी करते हुए आक्रोश प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम फरीदाबाद को सौंपा। जिसमें शहरी स्थानीय निकाय व अग्निशमन कर्मियों की हड़ताल तथा गेस्ट टीचरों और पटवारियों एवं कानूनगो के आंदोलन का बातचीत के माध्यम से तत्काल समाधान करने की भी मांग की है। इस ज्ञापन में सरकार से सर्वोच्च न्यायालय और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसलों को लागू करते हुए नियमित प्रकृति के कार्यों पर लंबे समय से कार्यरत पात्र कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का करने की मांग की है। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा व जिला प्रधान करतार सिंह के नेतृत्व में कर्मचारी दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा की जिला कमेटी द्वारा आयोजित धरने प्रदर्शन में पहुंचे और उनकी मांगों और आंंदोलन का पुरजोर समर्थन किया।  

कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के *राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा* ने कहा कि आज सफाई व अग्निशमन कर्मियों की हड़ताल के समर्थन और सरकार द्वारा हड़ताल को पुलिस दमन से तोड़ने और सैकड़ों की संख्या में हड़ताली कर्मियों की गिरफ्तारी के खिलाफ हरियाणा सहित सभी राज्यों में एकजुटता प्रदर्शन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बेनर तले बुधवार को सभी जिलों में जोरदार प्रदर्शन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि फायर कर्मियों की 37 और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कर्मियों की 13 दिन की हड़ताल के बाद 13 मई को सरकार के साथ  समझौता हुआ था। जिसमें ठेका कर्मियों को पक्का करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, अग्निकांड में शहीद हुए भवी चंद व रणबीर सिंह के आश्रितों को 50-50 लाख रुपए आर्थिक सहायता व पक्की नौकरी देने आदि 17 मांगों पर सहमति बनी और सरकार ने 30 जून तक सहमत मांगों के पत्र जारी कर लागू करने का आश्वासन दिया था। लेकिन सरकार निर्धारित समय सीमा में लागू करने में विफल रही, जिसके कारण कर्मचारियों को 6 अगस्त से पुनः हड़ताल पर जाने पर मजबूर होना पड़ा। अब सरकार 14 में से 13 मांगों पर सहमति और रेगुलराइजेशन की मांग पर कानून अड़चन बताते हुए गलत बयानबाजी कर जनता को गुमराह कर रही है। सरकार ने समझौते को लागू करने की बजाय पुलिस के सहयोग से हड़ताल को तोड़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं। जिससे टकराव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सीएम से मामले में तूरंत हस्तक्षेप कर 13 मई के समझौते को लागू कर हड़ताल समाप्त करवाने की मांग की। उन्होंने 23 जून से कुरुक्षेत्र में आंदोलनरत गेस्ट टीचरों की न्यायोचित मांगों का भी तुरंत समाधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बातचीत के बावजूद कोई ठोस निर्णय न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

*आगामी आंदोलन का किया ऐलान*

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान करतार सिंह, सचिव बलबीर सिंह, उप प्रधान जगदीश चन्द्र व राजबेल देसवाल ने स्पष्ट किया कि बज

ट की कमी का बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होने का दावा करती है, इसलिए वर्षों से नियमित कार्य कर रहे कर्मचारियों और शिक्षकों को पक्का करने के लिए स्पष्ट नीति घोषित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि समाधान न होने पर 1 से 3 सितंबर तक शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के फरीदाबाद स्थित आवास पर प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बाद मंत्रियों के रात्रि पड़ावों पर प्रदर्शन, विभागों में गेट मीटिंग तथा आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय, कुरुक्षेत्र में पड़ाव डाला जाएगा। सर्व कर्मचारी संघ के खंड प्रधान रामकेश साहरण, अनिल कुमार,देवी सिंह,मनोज,अनूप चिंडालिया, अशोक कुमार,विजय चावला, पूजा ने सरकार से टकराव का रास्ता छोड़कर तत्काल बातचीत करने और न्यायालयों के फैसलों व अपने लिखित आश्वासनों को लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के सब्र का और इम्तिहान न लिया जाए, अन्यथा प्रदेशव्यापी आंदोलन और अधिक व्यापक एवं निर्णायक रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

*निम्न पदाधिकारी रहें मौजूद*

धरना प्रदर्शन में हरियाणा टूरिज्म से डिगंबर डागर, सीआईटीयू के सचिव वीरेंद्र डंगवाल,एचएसवीपी से तेज राम, दिनेश कुमार,जिले सिंह,एएचपीसी वर्कर यूनियन से कृष्ण कुमार, प्रवेश बैंसला, दिनेश शर्मा,अशरफ खान,डिगंबर सिंह, स्वास्थ्य विभाग से श्यामवीर सिंह, सविता,नगर निगम से सुरेश देवी, हरियाणा टूरिज्म से कल्लू राम,मूरारी लाल व दिगंबर डागर आदि मौजूद थे।

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 फरीदाबाद: 26 अगस्त 

औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के कर सलाहकारों और करदाताओं के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। नीलम बाटा रोड स्थित होटल डिलाइट सरोवर पोर्टिको के सभागार में  फरीदाबाद इनकम टैक्स बार एसोसिएशन (पंजीकृत) की ओर से एक भव्य और विशेष जनरल हाउस मीटिंग का आयोजन किया गया। इस बैठक में देशभर में चर्चा का विषय बने विदेशी निवेश, ब्लैक मनी एक्ट और आगामी टैक्स ऑडिट सीजन को देखते हुए फॉर्म 3CB व 3CD के जटिल तकनीकी पहलुओं पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष  आरुष गुप्ता ने की। कार्यक्रम में शहर के सैकड़ों नामी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित व राष्ट्रगान द्वारा की गई। 

कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र में देश के उभरते हुए टैक्स और कानून विशेषज्ञ मुख्य अतिथि वक्ता सीए (अधिवक्ता) शिखर गर्ग ने अपनी बात रखी। उन्होंने करदाताओं को चेतावनी भरे लहजे में आगाह करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर अब टैक्स विभागों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहद आसान और रीयल-टाइम हो चुका है।
सीए शिखर गर्ग ने अपने व्याख्यान में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर खुलकर प्रकाश डालते हुए बताया कि बहुत से लोग विदेशों में छोटे-मोटे शेयर, म्यूचुअल फंड, विदेशी कंपनियों के कर्मचारी स्टॉक विकल्प या विदेशी बैंक खातों को मामूली समझकर अपने आईटीआर (ITR) में घोषित नहीं करते हैं। सरकार की नज़र अब ऐसे हर एक ट्रांजैक्शन पर है। भले ही उस संपत्ति से कोई कमाई न हुई हो, फिर भी उसका ब्योरा देना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि  यदि कोई नागरिक जानबूझकर या अनजाने में अपनी विदेशी संपत्ति की जानकारी छुपाता है, तो उस पर ब्लैक मनी एक्ट के तहत ₹10 लाख तक का सीधा जुर्माना और अघोषित विदेशी संपत्ति के मूल्य पर 30% टैक्स के साथ-साथ भारी पेनल्टी लगाई जा सकती है। इसके अलावा, गंभीर मामलों में 3 से 7 साल तक की सश्रम जेल का भी प्रावधान है।
 उन्होंने हाल ही में पेश की गई इस नई योजना की बारीकियों को समझाते हुए कहा कि यह उन लोगों के लिए एक आख़िरी और सुनहरा मौका हो सकता है, जिन्होंने पहले अनजाने में गलतियाँ की हैं। इसके तहत तय समय सीमा के भीतर स्वेच्छा से अपनी संपत्तियों का खुलासा करके करदाता दंडात्मक कार्रवाइयों से बच सकते हैं।

द्वितीय सत्र में टैक्स ऑडिट के महारथी और देश के वरिष्ठ कर विशेषज्ञ सीए दीपक भोलूसरिया ने मंच संभाला। चूंकि सितंबर का महीना टैक्स ऑडिट की अंतिम तिथियों के करीब होता है, इसलिए उनका यह सत्र सभी प्रोफेशनल सदस्यों के लिए बेहद व्यावहारिक और उपयोगी रहा।
सीए दीपक भोलूसरिया ने 

उन्होंने फॉर्म 3CD के सबसे संवेदनशील क्लॉज जैसे कि क्लॉज 44 (GST खर्चों का विवरण), क्लॉज 21(a) (पूंजीगत बनाम व्यक्तिगत खर्चे) और क्लॉज 26 (धारा 43B के तहत भुगतान) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन क्लॉज में किसी भी तरह का मिसमैच सीधे तौर पर टैक्स विभाग के ऑटोमेटेड सिस्टम द्वारा नोटिस (ASMT) जारी होने का कारण बनता है।
 उन्होंने बताया कि अब टैक्स ऑडिट केवल एक

फॉर्म भरना नहीं रह गया है, बल्कि यह सीए द्वारा क्लाइंट के खातों की शुद्धता की कानूनी गारंटी है। यदि कोई सीए बिना पुख्ता दस्तावेजों और वाउचर की जांच किए रिपोर्ट साइन करता है, तो अनुशासनहीनता के तहत उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने सभी प्रोफेशनल्स को सलाह दी कि वे क्लाइंट्स से डेटा लेते समय पूरी तरह से डिजिटल ट्रेल रखें और बैंक स्टेटमेंट्स के साथ-साथ इनवॉइस का गहन मिलान करें ताकि भविष्य में किसी भी स्क्रूटनी का सामना आसानी से किया जा सके।

दोनों सत्रों के समापन के बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष आरुष गुप्ता ने मंच से सभी सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि   दोनों मुख्य वक्ताओं ने जो जानकारी दी है वह  हम सभी के लिए बहुत ही लाभकारी हैं । इस का लाभ आम जनता को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि समय समय पर इस तरह अपडेट जानकारी के लिए हमारी एसोसिएशन ऐसे सेमिनार करती रहती है।
आरुष गुप्ता ने अपने भाषण में एसोसिएशन के विज़न को सामने रखते हुए कहा कि "आज भारतीय अर्थव्यवस्था एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। सरकार का पूरा ध्यान पारदर्शिता लाने और टैक्स चोरी को जड़ से खत्म करने पर है। चाहे वह ब्लैक मनी एक्ट हो या टैक्स ऑडिट के सख्त होते नियम, एक टैक्स प्रोफेशनल के रूप में हमारी भूमिका अब देश के वित्तीय चौकीदार  जैसी हो गई है। हमारी एसोसिएशन का यह संकल्प है कि फरीदाबाद का एक-एक कर सलाहकार हर नए कानून से पूरी तरह अपडेट रहे ताकि हम न केवल अपने क्लाइंट्स को सही रास्ता दिखा सकें, बल्कि देश के राजस्व निर्माण में भी अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकें। ईमानदारी, निरंतर सीखना और पेशेवर निष्ठा ही हमारे इस पेशे की असली ताकत है।" कार्यक्रम के अंत में  सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया । इस अवसर पर सीए उज्ज्वल चौधरी – संयुक्त सचिव, सीए हेमंत खत्री – उपाध्यक्ष , अधिवक्ता उमेश कुमार – कार्यकारिणी सदस्य, सीए तरुण गुप्ता – कार्यकारिणी सदस्य , सीए उमेश कुमार जिंदल – कार्यकारिणी सदस्य , अधिवक्ता संजय मट्टा – कार्यकारिणी सदस्य वरिष्ठ सदस्य में अधिवक्ता बलबीर सिंह, सीए राकेश गोयल,इसके साथ ही सदस्यता विकास समिति अध्यक्ष: अधिवक्ता शशिकांत सिंह, उपाध्यक्ष: अधिवक्ता विनोद राघव कार्यक्रम के अंत में नवीन सदस्यों को सदस्यता प्रमाण-पत्रों का वितरण अध्यक्ष अधिवक्ता शशिकांत सिंह एवं उपाध्यक्ष अधिवक्ता विनोद राघव और  द्वारा किया गया।
by : pramod goyal

 फरीदाबाद: थाना पल्ला क्षेत्र में युवक को जबरन स्कूटी पर बैठाकर सरस्वती कॉलोनी, पल्ला स्थित खेतों में ले जाकर डंडों व लोहे की रॉड से मारपीट करने तथा मोबाइल फोन छीनकर ले जाने के मामले में कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा सेंट्रल की टीम ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान समीर निवासी गांव कदौली, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी दुर्गा एन्क्लेव, फरीदाबाद के रूप में हुई है। जिसको माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।


पुलिस प्रवक्ता अनुसार अनुराग मिश्रा निवासी देवरिया, उत्तर प्रदेश, हाल मीठापुर एक्सटेंशन, दिल्ली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 8 मई 2026 को अल सुबह करीब 2:30 बजे वह अपने दोस्त आयुष उर्फ रिषि के साथ बाईपास रोड स्थित यूनिवर्सल अस्पताल, सेक्टर-37 के पास पराठे की दुकान पर मैगी खाने गया था। इसी दौरान दीपू नामक युवक अपने दो साथियों के साथ वहां आया और उसके दोस्त आयुष उर्फ ऋषि को पकड़कर साइड में ले जाने लगा। आयुष उर्फ ऋषि का कुछ महीने पहले दीपू के साथ झगड़ा हुआ था और इसी रंजिश के चलते दीपू उसके साथ मारपीट करना चाहता था। दुकान पर मौजूद लोगों की आवाज सुनकर दीपू और उसके साथी वहां से चले गए। इसके बाद जब वो स्कूटी से अपने घर जा रहे थे तो दीपू ने अपने साथियों के साथ उनका पीछा किया और सेक्टर-37 फरीदाबाद की मार्केट के पास उनको रोक लिया। शिकायतकर्ता के साथ ही अर्णव और आयुष उर्फ ऋषि वहां से भाग गए, जबकि दीपू और उसके साथियों ने शिकायतकर्ता को पकड़ लिया और जबरन सरस्वती कॉलोनी, पल्ला के खेतों में ले गए।

जहां पर दीपू व उसके साथियों ने उसके साथ डंडों व लोहे की रॉड से मारपीट की और उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। शिकायत पर थाना सराय ख्वाजा में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

उन्होंने आगे बताया कि अपराध शाखा सेंट्रल की टीम ने आरोपित समीर को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घटना के समय आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता के साथ मारपीट की थी। घटनाक्रम में तीन किशोरों को पहले ही अभिरक्षा में लिया जा चुका है।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा चोरी की वारदातों में संलिप्त आरोपितों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अपराध शाखा सेक्टर-56 तथा DLF की टीम ने चोरी के दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनसे एक चोरी की मोटरसाइकिल तथा 1,280 रुपये नकद बरामद किये गये हैं। जिनको जेल भेज दिया गया है।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने थाना बल्लभगढ़ क्षेत्र में दुकान से नकदी चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए सलमुद्दीन उर्फ चिमा निवासी गांव सोफता, जिला पलवल को गिरफ्तार किया है। जिससे चोरी की रकम में से 1,280 रुपये नकद बरामद किये गये हैं। 

वहीं, अपराध शाखा DLF की टीम ने थाना सारन क्षेत्र में दर्ज वाहन चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए अहसान उर्फ रेटू निवासी गांव धौज, फरीदाबाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से मामले में चोरीशुदा मोटरसाइकिल बरामद की है।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा अवैध शराब की तस्करी एवं बिक्री पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस चौकी बस स्टैंड बल्लभगढ़ की टीम ने एक व्यक्ति को अवैध शराब सहित रेलवे रोड बल्लभगढ के पास से गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान हरिकेश निवासी सेक्टर-2, जिला सूरत, गुजरात के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपित के कब्जे से 34 बोतल व 24 अध्धे अंग्रेजी शराब बरामद की है।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 25 अगस्त 2026 को पुलिस चौकी बस स्टैंड बल्लभगढ़ की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर खास ने पुलिस को सूचना दी कि एक व्यक्ति ट्रॉली बैगों में अवैध शराब भरकर रेलवे स्टेशन रोड से ट्रेन के माध्यम से सूरत, गुजरात जाने की फिराक में खड़ा है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपित हरिकेश निवासी सेक्टर-2, जिला सूरत, गुजरात को काबू कर लिया। पुलिस द्वारा आरोपित के ट्रॉली बैगों की तलाशी लेने पर 11 बोतल BOHO, 6 बोतल MAGIC MOMENT, 2 बोतल BLENDER PRIDE, 15 बोतल MAGIC MOMENT तथा 24 अध्धे ROYAL STAG बरामद हुए। इस प्रकार पुलिस टीम ने आरोपित के कब्जे से कुल 34 बोतल व 24 अध्धे अंग्रेजी शराब बरामद की। इस संबंध में आरोपित के खिलाफ थाना सिटी बल्लभगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपित हरिकेश एक दिन पहले ही फरीदाबाद आया था। उसने फरीदाबाद के विभिन्न शराब ठेकों से शराब की बोतलें एकत्र की थीं। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह पहले भी फरीदाबाद से शराब खरीदकर गुजरात ले जा चुका है। इस बार भी वह फरीदाबाद से शराब खरीदकर वडोदरा, गुजरात ले जाने की फिराक में था। पुलिस द्वारा आरोपित को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।


by : pramod goyal

 सर्व कर्मचारी संघ एवं हरियाणा के आह्वान पर फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को 21वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में डीसी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वादा खिलाफी का आरोप लगाया।

कर्मचारी नेता सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच 13 मई 2026 को हुई बातचीत में कई मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक इन मांगों को लागू करने के लिखित आदेश जारी नहीं किए गए हैं। कर्मचारियों ने सरकार से समझौते को जल्द लागू करने की मांग की है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है। संगठन का कहना है कि कर्मचारी वर्षों से शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं, इसलिए उन्हें


स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए।

कर्मचारी नेताओं ने सफाई व्यवस्था में ठेका प्रथा को खत्म करने और हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग करने की भी मांग की है। इसके अलावा कर्मचारियों ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को लागू करने की मांग भी उठाई है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि प्रदेश में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है। इसके लिए कर्मचारी नहीं, बल्कि सरकार जिम्मेदार है। उनका कहना है कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही।

कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार कर लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक धरना और आंदोलन जारी रहेगा। आमजन और पुलिसकर्मियों पर कूड़ा फेंकने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को परेशान करना गलत है, लेकिन कर्मचारी अपने हक के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते रहेंगे।