फरीदाबाद के सेक्टर-79 स्थित वर्ल्ड स्ट्रीट में बुधवार देर शाम को चश्मा बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट के शोरूम के बाहर हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध मुंबई में सामने आए उस कथित मामले को लेकर किया गया, जिसमें एक कर्मचारी को तिलक लगाने और सिर पर चोटी रखने को लेकर नौकरी से निकालने की बात कही जा रही है।
इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता वर्ल्ड स्ट्रीट स्थित लेंसकार्ट शोरूम के बाहर एकत्रित हुए।
कार्यकर्ताओं ने शोरूम के बाहर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और कंपनी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। करीब एक घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने शोरूम के अंदर मौजूद कर्मचारियों के माथे पर तिलक भी लगाया और कहा कि तिलक और कलावा हिंदू आस्था के प्रतीक हैं। उनका कहना था कि किसी भी व्यक्ति को अपनी धार्मिक पहचान के साथ कहीं भी जाने का पूरा अधिकार है और इस पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। इस दौरान राष्ट्रीय बजरंग दल के वार्ड अध्यक्ष दीपक काशी ने कहा कि मुंबई में जो घटना सामने आई है, उससे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
चंडीगढ़,23 अप्रैल।
सबोर्डिनेट सर्विस फेडरेशन वैज्ञानिक के नेता चरणजीत सिंह सिद्धू,सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान विजय पाल व नगरपालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जोगिंदर सिंह भी पहुंचे और हड़ताल का समर्थन किया। धरने पर अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान आंनद कुमार, रोशन लाल, दलजीत, सत्यापन, मोहित मलिक व अनिल कुमार आदि पदाधिकारी मौजूद थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सरकार के हड़ताल को लेकर बरतें जा रहे घोर उदासीनता पूर्ण रवैए की घोर निन्दा की। उन्होंने कहा कि 8 अप्रैल से राज्य में लगभग शत-प्रतिशत अग्निशमन विभाग के के कर्मचारी अपनी अत्यंत जायज़ मांगों जैसे अग्निकांड में अकाल मृत्यु का शिकार हुए दोनों कर्मियों की शहीद का दर्जा और मृतक आश्रितों को नौकरी और एक एक करोड़ आर्थिक सहायता और ठेका कर्मियों को रेगुलर करने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि भीष्म गर्मी का सीजन होने का कारण आगजनी की घटनाओं की बढ़ोत्तरी के बावजूद सरकार हड़ताल को समाप्त करवाने को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रही है। जिसके कारण हड़ताल लंबी खिंचती जा रही है।
फरीदाबाद, 23 अप्रैल
भवी चंद को न्याय दिलाने के लिए फायर कर्मचारी व नगर निगम के कर्मचारियों ने आज सेक्टर 8 पूर्व मंत्री व बल्लमगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा के कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सोपा . प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को पूर्व मंत्री एवं विधायक मूलचंद शर्मा ने मुख्यमंत्री से बात कर फायर कर्मचारी की मांगों एवं रणबीर व भवी चंद को शाहिद का दर्जा दिलवाने के लिए आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव बलवीर बालगोहेर , नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के जिला प्रधान दलीप बोहत व जिला सचिव अनिल चंडालिया व हरियाणा अग्निशमन कर्मचारी यूनियन के नेता मेघ श्याम राकेश एवं विजयपाल भडाना ने किया ।
फरीदाबाद – फरीदाबाद पुलिस द्वारा लड़ाई-झगड़े व संगीन मामलों में संलिप्त आरोपितों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस चौकी चावला कॉलोनी की टीम ने घर में घुसकर मारपीट व अपहरण के प्रयास के मामले में 22 अप्रैल को आठवें आरोपित दीपक राणा निवासी भाटिया कॉलोनी, फरीदाबाद को गिरफ्तार किया है। घटना में प्रयोग बलेनो गाड़ी व मोटरसाइकिल को पहले बरामद किया जा चुका है।
दहा, जिला प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी चावला कॉलोनी, फरीदाबाद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 25 जनवरी की शाम करीब 5:00 से 5:30 बजे के बीच 5/6 युवक मुंह पर कपड़ा बांधकर उसके घर पहुंचे। उसे घर से बाहर खींचकर ले गए और जबरन गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया। वह गाड़ी के पास गिर गया, जिसके बाद उन्होंने उस पर डंडों व सूए से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए। शिकायत पर थाना शहर बल्लभगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
ग्राम बुढेना स्थित हनुमान मंदिर परिसर में ₹1.30 करोड़ की लागत से निर्मित तालाब (पॉन्ड) के नवनिर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण आज अत्यंत उत्साह और जनभागीदारी के बीच सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों में विशेष हर्ष, गर्व और विकास को लेकर सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण सौंदर्यीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। तालाब के पुनर्निर्माण से न केवल भू-जल स्तर को सुधारने में मदद मिलेगी, बल्कि यह स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने, हरियाली बढ़ाने और क्षेत्र को एक स्वच्छ एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने में भी सहायक होगा।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि आज हमें अपने आसपास के जल स्रोतों, विशेषकर तालाबों को स्वच्छ और संरक्षित रखना केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी और कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि “एक बेहतर कल की परिकल्पना तभी साकार हो सकती है, जब हम आज अपने पर्यावरण की रक्षा के प्रति सजग और समर्पित रहें।”
उन्होंने आगे कहा कि तालाब हमारी प्राचीन संस्कृति और सभ्यता के प्रतीक रहे हैं। भारतीय परंपरा में जल स्रोतों का संरक्षण सदैव प्राथमिकता रहा है और आज के आधुनिक युग में भी यह उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने ग्रामवासियों से आह्वान किया कि वे इस तालाब की स्वच्छता और संरक्षण को एक जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं।
मंत्री श्री गोयल ने बताया कि राज्य सरकार पर्यावर
ण संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में ऐसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 जून 2024, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ मुहिम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता और कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में उन्होंने फरीदाबाद के बदलते स्वरूप पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक समय था जब फरीदाबाद को केवल एक औद्योगिक शहर के रूप में देखा जाता था और यह धारणा बनी हुई थी कि यहां हरियाली संभव नहीं है। लेकिन आज जनसहयोग, सरकार की नीतियों और सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप फरीदाबाद तेजी से एक स्वच्छ, सुंदर और हरित शहर के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में फरीदाबाद न केवल औद्योगिक विकास में, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल के क्षेत्र में भी एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के समग्र विकास, पर्यावरण संतुलन और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस दौरान निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे पार्षद सचिन शर्मा, पार्षद ज्योति सिलानी मुकेश अग्रवाल, बिजेंद्र जी, सुभाष आहूजा , बाबू राम जी, कुलदीप साहू जी, मेमचंद चांदिला जी, सुभाष आहूजा जी, अरुण चांदिला जी, वीरेंद्र पंडित जी, सोनू शर्मा, परवीन चांदिला जी, तृप्ति माला जी, मनीष राघव जी, सुभाष चांदिला जी, प्रिंस चांदिला जी, बसीर खान जी, रोहित प्रधान जी, नजर मोहम्मद जी, रमेश जांगड़ा जी, बंसी लाल जी, विनोद प्रधान जी, रमेश अढाना जी, नीतू पांडेय जी, पूनम शर्मा जी।
इसके अतिरिक्त अन्य गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
फरीदाबाद, 23 अप्रैल। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर “सरपंच और प्राचार्य बैठक” के दौरान ग्राम पंचायत छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों, विद्यालय प्रधानाचार्यों, शिक्षाविदों एवं गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत सामुदायिक कौशल विकास महाविद्यालय (सीसीएसडी) के प्राचार्य प्रो. संजीव गोयल के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं विद्यालयों से आए प्रधानाचार्यों का स्वागत करते हुए सीसीएसडी द्वारा संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय कौशल आधारित शिक्षा, उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप तैयार किए गए पाठ्यक्रम, पढ़ाई के साथ कमाई, इंटर्नशिप, पूर्व अर्जित कौशल की मान्यता (आरपीएल), प्रमाणन पाठ्यक्रम तथा रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवा इन पाठ्यक्रमों से लाभान्वित होकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे ग्रामीण युवाओं को इन अवसरों के प्रति जागरूक करें और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाने हेतु प्रेरित करें।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने कहा कि ग्राम पंचायत छात्रवृत्ति योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं को शिक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का सशक्त अवसर है। उन्होंने कहा कि सीसीएसडी के अंतर्गत संचालित पूर्व अर्जित कौशल की मान्यता (आरपीएल) कार्यक्रम तथा उद्योग आधारित पाठ्यक्रमों को उद्योग जगत में व्यापक सराहना मिल रही है। अनेक उद्योग स्वयं विश्वविद्यालय से संपर्क कर ऐसे पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की इच्छा जता रहे हैं, जिनके माध्यम से युवाओं को कौशल प्रमाणन प्रदान कर बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
कुलगुरु प्रो कुमार ने यह भी आश्वासन दिया कि इस छात्रवृत्ति योजना के अतिरिक्त विश्वविद्यालय हरसंभव प्रयास करेगा कि यदि किसी ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव आता है और कोई विद्यार्थी कौशल शिक्षा प्राप्त करना चाहता है, तो साधन के आभाव में उसे अवसरों से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
इस अवसर पर शुरू की गई ग्राम पंचायत छात्रवृत्ति योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के उन विद्यार्थियों के लिए है, जो सीसीएसडी के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेना चाहते हैं। योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस माफी का लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके लिए संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच की अनुशंसा, हरियाणा सरकार द्वारा जारी ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), तथा परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होना आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त सीसीएसडी द्वारा संचालित प्रत्येक बी.वोक., पीजी डिप्लोमा तथा डिप्लोमा पाठ्यक्रम में 5-5 सीटें इस योजना के अंतर्गत निर्धारित की गई हैं। यह योजना ग्रामीण प्रतिभाओं को उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर सूरजपाल बूरा, चेयरमैन, सरपंच एसोसिएशन फरीदाबाद, तथा एडवोकेट संजय कुमार, चेयरमैन सरपंच एसोसिएशन एवं सरपंच, गांव सेहराला, पृथला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा पंचायती प्रतिनिधियों को कौशल शिक्षा अभियान में सहभागी बनाना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन को इस अभिनव पहल के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम में श्री अमित, डीएसपी नीमका जेल तथा विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र, एवं श्रीमती अंशु सिंगला, जिला शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद भी उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने विश्वविद्यालय द्वारा छात्रवृत्ति योजना और कौशल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा योग प्रदर्शन तथा हरियाणवी लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिन्हें उपस्थित अतिथियों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के अंत में पंचायत प्रतिनिधियों को विश्वविद्यालय की ओर से शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात प्रो. मुनीष वशिष्ठ ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय उप-प्राचार्या डॉ. सपना तनेजा तथा सीसीएसडी के संकाय सदस्यों द्वारा किया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना ग्रामीण युवाओं को कौशल शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
फरीदाबाद 23 अप्रैल - एस जी एम नगर के आर डब्लू ए के प्रधान लज्जा राम ने बताया कि वार्ड नंबर 18 नियर सैनी जनरल स्टोर 25 फुट रोड ट्यूबवेल नंबर एक पिछले दो हफ्ते से खराब है। शिकायत करने पर ठेकेदार ने शनिवार को मोटर निकलवा दी.लेकिन आज पूरा सप्ताह होने जा रहा है,मोटर नही डाली गई। इस भीषण गर्मी में पानी के लिए लोग त्राहि-त्राहि कर रहे है। इस बावत सम्बन्धित जे ई व सम्बन्धित ठेकेदार से लज्जा राम ने बात की, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ,
.एक तरफ सरकारी नुमाइंदे 24 घंटे में ट्यूबवेल की शिकायतों को दूर करने की बात कर रहे हैं ,लेकिन हालात आप लोगों के सामने है। अगर ऐसी ही.लापरवाही रहती है,तो हमारे पास प्रदर्शन के अलावा.कोई चारा नहीं बचता है। कमिश्नर नगर-निगम से निवेदन है,कि कम से कम पानी की समस्या को बरीयता के आधार पर हल करें।
फरीदाबाद, 23 अप्रैल। जिला कांग्रेस कमेटी फरीदाबाद के जिलाध्यक्ष बलजीत कौशिक ने बृहस्पतिवार को बल्लभगढ़ अनाज मंडी का दौरा कर फसल खरीद का जायजा लिया और किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। इस दौरान किसानों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष के समक्ष मडी में फसल बेचने में आ रही समस्याओं को रखा। वहीं इस अवसर पर मंडी एसोसिएशन ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष का मंडी में पहुंचने पर फूलमालाओं से स्वागत भी किया।
म्मेदारी है। सरकार को चाहिए कि ऐसे कानून बनाए जिससे अन्नदाता सरलता से अपनी फसल को बेच सके लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार किसानों को परेशान करने के लिए आए दिन कोई न कोई ऐसे नियम और कानून थोंप देती है जिससे कि किसान परेशान होता रहता है। उन्होंने बल्लभगढ अनाज मंडी में फैली अव्यवस्था के लिए मार्केट कमेटी के चेयरमैन व भाजपा सरकार की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि एक ओर तो सरकार किसानों को 72 घंटे में पेमेंट करने का दावा करती है लेकिन बल्लभगढ़ अनाज मंडी में किसान अपनी फसल के दाम के लिए आढतियों के चक्कर पे चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें पेमेंट नहीं हो रही। मंडी में उठान की भी बडी समस्या है। अनाज की बोरियों के ढेर लगे हुए हैं, जिससे किसानों की पेमेंट में दिक्कत आ रही है और मंडी के चेयरमैन एसी कमरे में बैठकर सत्ता के आनंद ले रहे हैं, उन्हें चाहिए कि किसानों की पेमेंट कराए और मंडी में निकलकर उठान की वयवस्था देखे। उन्होंने कहा कि किसान आज अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए अनेक दिक्कतों को झेलने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि फसल खरीद से जुड़े पोर्टल में लगातार तकनीकी खामियां, ट्रैक्टर के नंबर और बायोमेट्रिक प्रणाली किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। मंडी में पोर्टल के बार-बार क्रेश होने से किसानों को अपनी उपज लेकर घंटों, यहां तक कि कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। गेट पास प्राप्त करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली के पंजीकरण नंबर सहित फोटो अपलोड करना तथा बायोमेट्रिक/ अंगूठा सत्यापन की अनिवार्यता छोटे और सीमांत किसानों के लिए अतिरिक्त बोझ बन रही है। वहीं उन्होंने आढ़ती वर्ग की समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि वर्तमान महंगाई और बढ़ती लागत के बावजूद आढ़त दरों में अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई है, जिससे उनका आर्थिक संतुलन बिगड़ रहा है और इसका सीधा प्रभाव किसानों पर पड़ रहा है।
फरीदाबाद युवा कांग्रेस अध्यक्ष विकास दायमा के कार्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष निशित कटारिया
फरीदाबाद। हरियाणा युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष निशित कटारिया ने भाजपा पर महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण बिल की आड़ में डीलिमिटेशन लागू करने की कोशिश कर रही है, जबकि महिला आरक्षण कानून 2023 में पहले ही पास हो चुका है और कांग्रेस ने उसका समर्थन भी किया था। इसके बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया, जिससे सरकार की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं। निशित कटारिया फरीदाबाद युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विकास दायमा के कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।निशित कटारिया ने कहा कि देश के सामने एक तरह का जादू का खेल चल रहा है, जहां असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अचानक संसद का सत्र बुलाकर जनता का ध्यान अन्य मुद्दों से हटाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि अगर सरकार की मंशा साफ होती तो लोकसभा की 543 सीटों में से 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए तुरंत आरक्षित की जा सकती थीं, लेकिन इसे जनगणना और डीलिमिटेशन से जोड़कर टाल दिया गया।
उन्होंने डीलिमिटेशन को राजनीतिक गणित बदलने का जरिया बताते हुए कहा कि इससे राज्यों की सीटों का संतुलन बदल सकता है और इसका असर प्रतिनिधित्व पर पड़ेगा। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा जातिगत जनगणना के आंकड़ों का इंतजार क्यों नहीं करना चाहती। उनके मुताबिक इससे पिछड़े, दलित और आदिवासी वर्ग अपने अधिकारों की मांग नहीं कर पाएंगे।
कटारिया ने भाजपा और आरएसएस पर महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सरकार सच में महिला सशक्तिकरण चाहती है तो उसे अपने संगठन और टिकट वितरण में भी इसे लागू करना चाहिए।
इस मौके पर युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विकास दायमा ने कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने में देरी कर सरकार सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है। अगर नीयत साफ हो तो तुरंत 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए, न कि इसे भविष्य के वादों में उलझाया जाए।
वहीं, विकास दायमा जिला अध्यक्ष फरीदाबाद शहरी ने कहा कि डीलिमिटेशन के जरिए सीटों का खेल खेला जा रहा है। यह लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ है। कांग्रेस इस तरह की किसी भी चाल का विरोध करती रहेगी। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश को इल्यूजन नहीं बल्कि सच्चाई की जरूरत है और जनता अब इन मुद्दों को समझ रही है।
इस प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से तरुण तेवतिया प्रदेश प्रवक्ता रोहित नागर प्रियंका चंदेलिया प्रदेश सह प्रभारी विधान प्रताप हरीश तंवर इशांत कथूरिया दक्ष कौशिक मौजूद रहे हैं









