हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पहली से आठवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाओं की तिथि सूची जारी कर दी है। यह परीक्षाएं शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत मार्च 2026 में आयोजित की जाएंगी, जबकि अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए अप्रैल 2026 में पूरक परीक्षाएं होंगी। निदेशालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार सभी विद्यालयों को तय कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा करवाने और आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखा
ओं की टीम ने अलग-अलग मामलों में दो वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनसे चोरी की दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं।
फरीदाबाद- पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में फरीदाबाद पुलिस की साइबर थानों की टीम द्वारा ठगों पर लगातार कार्रवाही की जा रही है। 31 जनवरी से 06 फरवरी के बीच कार्रवाही करते हुए एक सप्ताह में 31 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है तथा 28,45,000/-रू रुपए बरामद किये हैं।
थानों की टीम ने 31 जनवरी से 06 फरवरी तक एक सप्ताह के दौरान की है।
फरीदाबाद:
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेला हादसे को अभी 24 घंटे भी नहीं बीते हैं,लेकिन घटनास्थल से सबूतों को मिटाने की कोशिश शुरू हो गई है. घटना वाली जगह का पूरा स्वरूप ही बदल दिया गया है. जहां वह झूला था वहां एक हरी कालीन बिछा दी गई है. सुनामी झूले के सारे अवशेष हटा दिए गए हैं और वहां हरी कालीन के अलावा दूसरा झूला रख दिया है. हादसे के बाद ये कार्रवाई अब सवाल खड़े कर रही है.
प्रशासन ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ADC) की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है.सुनामी झूले के इंचार्ज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.जांच इस बात पर केंद्रित है कि तकनीकी खराबी के लिए कौन जिम्मेदार था.सवाल यह उठ रहा है कि जांच पूरी होने से पहले ही घटनास्थ
ल से पुराने झूले के अवशेष हटाकर वहां नया सेटअप कर देना क्या सबूतों को मिटाने की कोशिश है? क्या फॉरेंसिक जांच के लिए साइट को सुरक्षित रखा गया था?
FIR में पता चला है कि प्रारंभिक जांच में यह हादसा झूला संचालक कंपनी के मालिक सरबजीत सिंह निवासी सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) और उसके स्टाफ की लापरवाही के कारण हुआ.उन्होंने मेले में लगाए गए झूले में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया,जिससे लोगों की जान को खतरे में डाला गया और इसी वजह से निरीक्षक जगदीश प्रसाद की भी जान चली गई.
कुरूक्षेत्र : फरीदाबाद के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में झूला टूटने से हुए दुखद हादसे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र से घटना पर तुरंत संज्ञान लेते हुए मृतक एवं घायलों के लिए राहत और सहायता संबंधी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजकुंड मेले में हुई दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है। हादसे में शहीद हुए पुलिसकर्मी इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में शहीद के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि शहीद इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की तैनाती पलवल के थाना चांदहट में थी।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि शहीद पुलिसकर्मी के परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी, ताकि परिवार को भविष्य में किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने घायलों के स्वास्थ्य की स्थिति की समीक्षा करते हुए जानकारी दी कि सुप्रीम अस्पताल में भर्ती 8 घायलों में से 4 मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि शेष 4 का इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। इसके अतिरिक्त बीके सिविल अस्पताल में भर्ती 4 घायलों को भी उपचार उपरांत छुट्टी दे दी गई है।
उन्होंने घोषणा की कि गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को राज्य सरकार की ओर से एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही अन्य घायलों को भी नियमानुसार सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मेले और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए। सभी झूलों व उपकरणों की तकनीकी जांच, फिटनेस प्रमाणन और संचालन व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों और घायलों को हर संभव सहयोग और सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने रविवार को कुरुक्षेत्र में चल रहे 41वें राज्य स्तरीय पशुधन मेले में ऊंट की सवारी की। सीएम यहां समापन कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां उनके साथ कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और सांसद नवीन जिंदल भी मौजूद रहे। मेले में मुख्यमंत्री ने गाय को भी गुड़ खिलाया।
सीएम ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए पशुपालकों के साथ बातचीत भी की। मुख्यमंत्री के सामने ऊंट, गाय, भैंस, घोड़े और बकरियों ने रैंपवॉक करके दिखाया। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए पशुपालकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने इस मेले को ग्रामीण संस्कृति, पशुधन परंपरा और आत्मनिर्भर भारत का जीवंत प्रमाण बताया।
फरीदाबाद : फरीदाबाद में चल रहे सूरजकुंड मेले में बीते दिन झूला गिर गया। इस हादसे में पलवल जिले के चांदहट थाने के इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। घायलों का निजी और बादशाह खान सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
जांच में सामने आया है कि झूले पर 18 लोग बैठे हुए थे। घटना का वीडियो भी सामने आया है, इसमें झूला ऊपर से नीचे आते हुए गिरता हुआ दिख रहा है। इसके बाद मेले में लोग इधर-उधर भागने लगे। वहीं मृतक इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के शव का पोस्टमॉर्टम बीके अस्पता
ल में कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। उन्हें शहीद का दर्जा मिलेगा। डीजीपी अजय सिंघल ने इसकी घोषणा की। बताया कि उनके परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सूरजकुंड मेले में ड्यूटी के दौरान निरीक्षक जगदीश ने असाधारण साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने कर्तव्यों से पीछे हटने के बजाय लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी तत्परता और बहादुरी के कारण कई लोगों की जान बचाई जा सकी, जो पुलिस सेवा की सर्वोच्च परंपराओं का जीवंत उदाहरण है।
डीजीपी ने कहा कि निरीक्षक जगदीश का योगदान और समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा तथा उनका निधन पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि विभाग परिवार के साथ इस कठिन समय में पूरी मजबूती से खड़ा है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही, उन्होंने सभी घायलों के शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए।
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में मौत का झूला बना यह झूला एक पुलिस इंस्पेक्टर की जान लील गया और दर्जन से अधिक से अधिक लोगों की सांसे अटक गई, जो विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन है। आखिर दर्शकों से भरा यह झूला अचानक कैसे टूट गया। यह जांच का विषय है। खेर जाँच तो होती रहेगी। लेकिन इस तरह के हादसे रोकने के लिए किसकी जिम्मेदारी है , मेला प्रशासन की या फिर उन नेताओं और मंत्रियों की जो रोज मेला घूमने तो आते है लेकिन यहां की व्यवस्था का जायजा नहीं लेते है। अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में ऐसा नहीं है कि झूला टूटने की यह वारदात पहली बार हुई है। इससे पहले 2001 में भी झूला टूटने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। लेकिन मेला प्रशासन ने इससे कोई सबक नहीं लिया और इस तरह का एक और हादसा फिर हो गया।
आखिर इस तरह के खतरनाक झूलों की अनुमति किसने और किस आधार पर दी थी। सवाल यह भी है कि झूलों की नियमित जांच होती भी या नहीं। अगर होती है तो कौन करता है और नहीं होती है तो क्यों नहीं। क्या मेला केवल मौज मस्ती के लिए है, दर्शकों की सुरक्षा की चिंता किसी कोई नहीं है। मेला प्रशासन हो या फिर दूसरे अधिकारी उन्हें तो केवल मेले में आने वाले बड़े नेताओ, अधिकारियो और मंत्रियो की तिमारदारी से फुर्सत नहीं है।
फरीदाबाद 8 फरवरी -चार लेबर कोड्स रद्द करने ठेका प्रथा पर रोक लगाने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, एवं न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए संशोधित करने सहित अन्य मांगों को लेकर आगामी 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल फरीदाबाद ने प्रचार अभियान तेज कर दिया। आज सुबह एन आई टी स्थित एटक कार्यालय से थ्री व्हीलर द्वारा प्रचार अभियान आरंभ किया गया। इस अवसर पर कन्वीनर वीरेंद्र सिंह डंगवाल और एटक के कामरेड आर एन सिंह उपस्थित रहे। अन्य साथियों में सुरेश कुमार यादव, लल
न कुमार, मितुल कुमार शामिल रहे। आज पर्वतीय कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, आजाद नगर, पटेल नगर, इंदिरा नगर की मजदूर बस्तियों, जीवन नगर, गोंछी, संजय कालोनी, राजीव कॉलोनी, संजय गांधी मेमोरियल कॉलोनी, में घर-घर जाकर हड़ताल के पर्चे बांटे गए। जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल का यह अभियान कल भी इसी तरह से जारी रहेगा। विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में प्रचार किया जाएगा। पूर्व निर्णय के अनुसार कल सेक्टर 23, 24 और 25, सेक्टर 4 और 6 आईएमटी, डीएलएफ , फरीदाबाद बॉर्डर तक हड़ताल को कामयाब करने के लिए हैंड बिल बांटे जाएंगे। जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल के अनुसार केंद्रीय सरकार मजदूर संगठनों से बातचीत किए बिना ही पुराने श्रम कानूनों को समाप्त करके चार श्रम संहिताएं लागू करने के आदेश पारित कर चुकी है।इनके लागू होने से यूनियन के रजिस्ट्रेशन बंद हो जायेंगें। कंपनी प्रबंधन मनमानीपूर्ण मजदूरों की छंटनी करने के लिए स्वतंत्र हो जाएंगे। श्रमिकों को हर दो-तीन साल में मिलने वाला एग्रीमेंट भी नहीं होंगे। कंपनी प्रबंधन वर्करों को समय पर वेतन देने के लिए बाध्य नहीं रहेंगे। सरकार के इस निर्णय से बेरोजगारी बढ़ेगी। जबकि पहले से ही सार्वजनिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेगुलर पदों की भर्तियां बंद हैं। रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं की जाती हैं। ओल्ड पेंशन स्कीम को सरकार लागू नहीं करना चाहती है। इसकी जगह पर एनपीएस और यूपीएस को लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।








