फरीदाबाद के रहने वाले एक युवक की उत्तर प्रदेश में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। युवक पत्नी और बच्चे के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर वाराणसी से लौट रहा था। रविवार रात को फर्रुखाबाद में कोल्ड ड्रिंक और चिप्स लेने के लिए एक दुकान पर रुका था।
जैसे ही वह कोल्ड ड्रिंक में नमक डालने लगा कार से आए बदमाशों ने उस पर फायरिंग कर दी। युवक को 2 गोलियां लगीं। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर कादरी गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। साथ ही शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
मृतक की पहचान फरीदाबाद के दयालपुर के रहने वाले अरुण हुड्डा (32) के तौर पर हुई है। वह शुक्रवार (24 जुलाई) को अपनी पत्नी राखी और बच्चे के साथ कार से वाराणसी में दर्शन करने गए थे। रविवार को वह दर्शन कर लौट रहे थे। गंगा एक्सप्रेस-वे से वह हरदोई के सवायजपुर में एक्सप्रेस-वे के कट से उतरे।
इसके बाद फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पहुंचे। यहां ढाबे के पास एक किराना की दुकान पर रुके। कोल्ड ड्रिंक, चिप्स और पानी की बोतल खरीदी। अरुण ने कोल्ड ड्रिंक खोलकर उसमें नमक डाला। फिर अपनी पत्नी की ओर बढ़ा दिया। उनकी पत्नी और बच्चा भी गाड़ी से नीचे उतर आए थे।
इसी दौरान एक सफेद रंग की कार से आए बदमाशों ने अचानक फायरिंग कर दी। अरुण को 2 गोलियां लगीं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस, सीओ सिटी अभय वर्मा और अपर SP मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। अरुण के शव को लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मॉर्च्युरी में रखवाया।
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में 19 साल की मेडिकल छात्रा अंकिता सांगले ने रविवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें अंकिता ने लिखा कि परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिलने से वह मानसिक तनाव में थी और डॉक्टर बनने का उसका सपना अधूरा रह गया।
परिवार के मुताबिक घटना से पहले छात्रा अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। काफी देर तक कमरे से कोई आवाज नहीं आने पर उसकी मां ने दरवाजा खोला, जहां वह मृत मिली।
NEET एग्जाम में हुई गड़बड़ियों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया था। प्रदर्शन खत्म होने के बाद सुसाइड का यह पहला मामला है। NEET मुद्दे पर अब तक 23 स्टूडेंट आत्महत्या कर चुके हैं।
अंकिता ने सुसाइड नोट में लिखा कि री-एग्जाम में उसे 166 मार्क्स मिले, जबकि कटऑफ 177 था। मेरे इस कदम के लिए उसके माता-पिता और भाई को जिम्मेदार न ठहराया जाए।
अंकिता ने भाई को लिखा कि मम्मी-पापा को संभालना। उन्होंने काफी त्याग किया, लेकिन मैं सपना पूरा नहीं कर सकी।
फरीदाबाद ( ) 27 जुलाई। समाज में बढ़ती हुई कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए 6 सितंबर 2026 को गांव मंडकोला पलवल में डागर पाल द्वारा आयोजित की जाने वाली पंचायत का निमंत्रण देने के लिए डागर पाल की सरदारी नर्वतपाल के गांव खेड़ी कलां में पहुंची। डागर पाल की तरफ से निमंत्रण देने के लिए पूर्व विधायक प्रवीण डागर, धर्मवीर प्रधान, करतार डागर, बल्ली पंच, नरेंद्र डागर, मुकेश डागर, खेमी, भरत लाल डागर, सुखराम नंबरदार जी पहुंचे थे। खेड़ी कलां गांव की सरदारी ने डागर पाल के सरदारों का गांव में पधारने पर स्वागत किया और खुशी से निमंत्रण स्वीकार किया। पूर्व विधायक प्रवीण डागर ने बताया कि आज समाज में शादियों में दहेज देने की कोई सीमा नहीं है, लगन सगाई में, भात में, बारात
में, छूछक में, बतारी में आदमियों की कोई संख्या नहीं है 250-300 आदमी जाने लगे हैं। डी.जे. के शोर से हार्ट के मरीजों को समस्या होती है एवं झगड़े भी होते है। मृत्यु भोज का प्रचलन बढ़ गया है। युवाओं में नशे की आदत बढ़ रही है। गोद भराई एवं रिंग सेरोमनी के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। एक ही ग्राम में व सम गौत्र में विवाह, सक्रांति पर रूठो के मनाने आदि। इस तरह की काफी कुरीतियों आज समाज में बढ़ गई है। इन पर कुछ अंकुश लगे, इनको लेकर 6 सितंबर को मंडकोला गांव में सर्वसमाज पंचायत का आयोजन किया जा रहा है। नरवत पाल की तरफ से चौधरी छोटू राम सेवा समिति के प्रधान सत्यपाल नरवत, कमल सिंह, धर्मवीर, नवल सिंह, सूबेदार देशराज, थानेदार विजेंद्र, धर्मवीर चेयरमैन, इनैलो किसान सेल के अध्यक्ष जितेंद्र नरवत, जिले सिंह, रणवीर सिंह, परमहंश स्कूल के चेयरमैन हुकमचंद, पूर्व सरपंच जिलेसिंह, थानेदार राजपाल सिंह, रघुवीर सिंह, यादराम, रवि, बिंदर, चंद्रसिंह, ज्ञानीराम, भजनलाल, करणसिंह एडवोकेट, महेंद्रसिंह, अजीतसिंह, सुखवीर, सोहनपाल, किशनसिंह, भरतलाल आदि सभी ने गांव खेड़ी कलां की तरफ से डागर पाल को आश्वासन दिया कि 6 सितंबर को पंचायत में पहुंचेगे ओर जो फैसले वहां पर लिए जाएंगे उनको अमल में लाएंगे। होने वाली
फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में साइबर थाना NIT की टीम ने टेलीग्राम पर टास्क पूरा कर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर ₹3,22,000 की साइबर ठगी करने के मामले में कार्रवाई करते हुए बैंक खाताधारक सहित दो आरोपियों को गांव जमाराखिया पंजाब से 26 जुलाई को काबू किया है।
फरीदाबाद- APK फाईल भेजकर 84,300 रुपये की ठगी के एक मामले में कार्रवाई करते हुये साइबर थाना NIT की टीम ने 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान विनेश, अल्लाबक्स व विजय वासी अमृतसर पंजाब के रुप में हुई है।
फरीदाबाद। वर्ष 2022 में थाना आदर्श नगर में दर्ज एक गैंगरेप के मामले में चार वर्ष बाद अदालत ने चारों आरोपितों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस की साक्ष्य आधारित विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते अदालत ने यह फैसला सुनाया।
फरीदाबाद के दयालबाग चौकी क्षेत्र स्थित मेवला महाराजपुर रेलवे फाटक के पास सोमवार सुबह एक रेलवे ट्रैक पार करते समय एक अज्ञात व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और इसकी सूचना तुरंत जीआरपी पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को रेलवे ट्रैक से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए बीके सिविल अस्पताल की मोर्चरी भिजवा दिया। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी।
जीआरपी थाना से पहुंचे सब-इंस्पेक्टर धनीराम ने बताया कि सुबह करीब 7:15 बजे ओल्ड फरीदाबाद कंट्रोल रूम को एक ट्रेन के लोको पायलट और स्थानीय लोगों के माध्यम से सूचना मिली थी कि मेवला महाराजपुर रेलवे फाटक के पास एक व्यक्ति ट्रेन से कट गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां करीब 40 से 45 वर्ष आयु के एक व्यक्ति का शव रेलवे ट्रैक पर 2 हिस्सों में पड़ा मिला।
फरीदाबाद में पुलिस प्रताड़ना से आहत होकर 60 वर्षीय व्यक्ति ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि साल 2017 के एक पुराने मामले को लेकर शनिवार को उन्हें खेड़ी पुल थाने बुलाया गया, जहां पूरे दिन बैठाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और गिरफ्तारी की धमकी दी गई।
घटना के बाद निजी अस्पताल से शव को लेकर पहुंचे परिजनों और पुलिस के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। परिजन शव को पुलिस कमिश्नर कार्यालय ले जाकर रखने की बात पर अड़ गए।
आखिरकार पुलिस अधिकारियों ने खेड़ी पुल थाना प्रभारी के खिलाफ FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में ले जाया गया।
मृतक की पहचान जनकपुर गांव निवासी सतीश कुमार (60) के रूप में हुई है। वह पावर ग्रिड कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत थे और करीब 2 महीने बाद अक्टूबर में सेवानिवृत्त होने वाले थे।
जानकारी के अनुसार, साल 2017 में खेड़ी थाना क्षेत्र में हाई टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उस मामले में कंपनी पर लापरवाही का केस दर्ज किया गया था। कंपनी की ओर से इस पूरे मामले की कानूनी कार्रवाई, कोर्ट और थाने से जुड़े कार्य सतीश कुमार देख रहे थे।
फरीदाबाद! समाजसेवी हरीश चन्द्र आज़ाद ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देश को इतने बड़े आंदोलन में धकेलने के बाद लेना ये दर्शाता हैं कि केंद्र सरकार बिना सड़को पर उतरे देश की जनता या विपक्ष की बात नहीँ मानती. किसान आंदोलन में भी सरकार ने हज़ारो किसानो को मरवाकर अपना फैसला वापिस लिया था.
आज़ाद ने कहा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सरकार यदि लोगों के विशाल आंदोलन द्वारा सड़को पर उतरने के दबाव के बाद अपने फैसले वापिस लेती हैं तो इसका एक सन्देश तो ये जाता हैं कि सरकार बिना सोचे समझें फैसले लेती हैं और दूसरा नुक्सान ये हैं कि सरकार देश और दुनिया को ये सन्देश देना चाहती हैं कि भारत की सरकार इतनी कमज़ोर हैं की आंदोलन के सामने झुक जाती हैं या उसकी खुफिया एजेंसिया कमज़ोर हैं जो इस्तिथि को नहीँ भांप सकती या सरकार खुफिया एजेंसियों पर भरोसा नहीँ जताती या मोदी सरकार सिर्फ तानाशाही से काम करती हैं. इनमे से कोई भी बात विश्व स्तर पर भारत की साख को गिराती हैं.
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तिफे पर सरकार ने कहा कि हम जनता को सर्वप्रिय मानते हैं जनता के सामने हम मंत्री की कुर्सी त्याग सकते हैं उसी सरकार के कई मंत्री कुछ दिन ये यही कह रहें थे कि आंदोलनकारी छात्र नहीँ हैं अंतकवादी हैं, देश द्रोही हैं, पाकिस्तानी हैं, चाइना के हैं तो क्या अब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इन देश द्रोहियो, आंतकवादियों, पाकिस्तानियों के दबाव में दिया हैं इस बात को अब सरकार के वो मंत्री साफ करें कि आंदोलनकारी छात्र थे या देशद्रोही पाकिस्तानी.
हरीश आज़ाद ने कहा कि जिस सरकार के खिलाफ देश के किसान हैं और अब देश के युवा भी खिलाफ हैं वो सरकार बिना ईवीएम में गड़बड़ी करें बार बार नहीँ जीत सकती.







