चंडीगढ़: हरियाणा सिविल सेवा (HCS) के करीब एक दर्जन अधिकारियों के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नत होने का सपना फिलहाल अधर में लटक गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक (Stay) लगा दी है, जिसमें अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज FIR और चार्जशीट को रद्द (Quash) क
र दिया गया था।
यह विवाद 2001-2002 बैच के HCS अधिकारियों की भर्ती और कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। राज्य के सतर्कता ब्यूरो (Vigilance Bureau) ने इन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों में FIR दर्ज की थी। फरवरी 2026 में, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इन अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए कहा था कि 18-20 साल पुराने मामले में बिना किसी ठोस जांच के चार्जशीट दाखिल करना 'अवैध' है। कोर्ट ने FIR को रद्द कर दिया था, जिससे उनके IAS प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया था।
हरियाणा के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बिजली दरों को यथावत रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेश के 83,79,739 उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। नया टैरिफ 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
आयोग ने यह निर्णय उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVNL) की ओर से दायर वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई के बाद लिया है।
दोनों डिस्कॉम्स ने लगभग 4,484.71 करोड़ रुपए के राजस्व घाटे का अनुमान प्रस्तुत किया था, इसके बावजूद आयोग ने उपभोक्ताओं पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का फैसला किया।
फरीदाबाद :श्री महारानी वैष्णो देवी मंदिर में नवरात्रों के सातवें दिन मां दुर्गा के सप्तम अवतार मां कालरात्रि की भव्य पूजा अर्चना की गई. मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रातः कालीन आरती का शुभारंभ करवाया. इस अवसर पर प्रमुख रूप से लखानी अरमान ग्रुप के अध्यक्ष के सी लखानी माता रानी के दरबार में अपनी हाजिरी लगाने पहुंचे. श्री लखानी ने ज्योति प्रज्वलित की और माता की समक्ष अपने मन की अरदास रखी. उन्होंने अपने प्रदेश और देश की अमन
चयन शांति की प्रार्थना की. मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने श्री लेखनी को माता रानी की चुनरी और प्रसाद भेंट किया. श्री लखानी ने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं को नवरात्रों की शुभकामनाएं भी दी. हवन और पूजन के उपरांत श्री भाटिया में माँ कालरात्रि की महिमा का बखान करते हुए कहा कि
फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखाओं द्वारा नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाही की जा रही है। 24 मार्च को अपराध शाखा DLF उंचा गांव व अपराध शाखा AVTS 2 की टीम ने अवैध नशा, प्रतिबंधित/नशीली दवा बेचने के अलग-अलग मामलों में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
फरीदाबाद – फरीदाबाद पुलिस द्वारा वाहन चोरी करने वाले मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। थाना डबुआ में दर्ज एक वाहन चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा सेक्टर-85 की टीम ने सन्नी (23) व अभिषेक(21) निवासी गांव सोतई को जिला जेल फरीदाबाद से प्रोडेक्शन पर लेकर चोरीशुदा मोटरसाइकिल को बरामद किया है।
फरीदाबाद जिले के गांव शाहुपुरा में अवैध कॉलोनी के खिलाफ जिला योजनाकार विभाग (डीटीपी) ने कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से 2 एकड़ में विकसित की जा रही कॉलोनी में तोड़फोड़ अभियान चलाया, जिसमें एक मकान और 5 बाउंड्री वॉल सहित 27 डीपीसी (निर्माण की शुरुआती संरचनाएं) तोड़ी गई।
कार्रवाई के दौरान किसी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रशासन की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई।
डीटीपी विभाग के अधिकारी यजन चौधरी ने बताया कि शहर में अवैध कॉलोनियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग इसको लेकर पूरी तरह सख्त है और लगातार ऐसे निर्माणों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियां न केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित करती हैं, बल्कि इससे सरकार को राजस्व का भी नुकसान होता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
अधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि वे बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ विकसित हो रही कॉलोनियों में प्लॉट या मकान खरीदने से बचें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
हरियाणा एंटी करॅप्शन ब्यूरो की टीम ने छात्रवृत्ति घोटाले के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों के खिलाफ कैथल कोर्ट में चाला
न पेश किया है। आरोपी धर्मबीर (बीएल सेंटर संचालक), राजेश कुमार और नवीन कुमार पर आरोप है कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी छात्रवृत्ति राशि का गबन किया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने शैक्षणिक सत्र 2013-14 और 2014-15 के दौरान 91 छात्र-छात्राओं के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए और उन पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। इसके बाद पंजाब के शिक्षण संस्थानों में फर्जी दाखिले दर्शाते हुए छात्रवृत्ति के आवेदन तैयार किए गए। इन आवेदनों पर कॉलेजों की जाली मोहर, प्रिंसिपल के फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी हाजिरी रजिस्टर लगाकर दस्तावेजों को वैध दिखाया गया।
इन फर्जी दस्तावेजों को जिला कल्याण अधिकारी, कैथल के कार्यालय में जमा करवाकर छात्रवृत्ति राशि स्वीकृत करवाई गई। आरोपियों ने बायोमैट्रिक, चेक और अन्य माध्यमों से कुल 44 लाख 59 हजार 760 रुपए की राशि निकालकर अपने खातों में ट्रांसफर कर ली, जिससे हरियाणा सरकार और पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक नुकसान पहुंचा।
इस संबंध में 19 दिसंबर 2023 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान 29 दिसंबर 2025 को धर्मबीर, राजेश कुमार और नवीन कुमार को गिरफ्तार किया गया।
इनमें से नवीन कुमार 6 फरवरी 2026 से जमानत पर है, जबकि धर्मबीर और राजेश कुमार फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। मामले में एक अन्य आरोपी, तत्कालीन बैंक अधिकारी हुकम चंद गुप्ता (सेवानिवृत) की गिरफ्तारी अभी लंबित है।
फरीदाबाद नगर निगम की महत्वपूर्ण बैठक 28 मार्च को आयोजित की जाएगी। जिसमें शहर से जुड़े 12 अहम प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान करीब 2250 करोड़ रुपए का बजट प्रस्ताव भी सदन में पेश किया जाएगा। बैठक को शहर के विकास के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, जहां कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है।
इससे पहले निगम की प्री-बजट बैठक आयोजित की जा चुकी है। अब मुख्य बैठक में निगम की आय बढ़ाने के उपायों पर विशेष चर्चा होगी। साथ ही पार्षद निधि को लेकर भी एक बड़ा प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसके तहत हर पार्षद को अपने वार्ड में विकास कार्यों के लिए हर साल 2 करोड़ रुपए खर्च करने की अनुमति देने की योजना है।
हालांकि पिछले बजट में यह राशि मंजूर होने के बावजूद पार्षदों को नहीं मिल पाई थी।
नगर निगम की आय के सीमित स्रोतों के चलते खर्च और आमदनी में असंतुलन बना हुआ है। इसी को देखते हुए टैक्स संरचना में बदलाव और नए राजस्व स्रोतों को लेकर भी प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे बैठक में पार्षदों के सामने रखा जाएगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इसे सरकार के पास भेजा जाएगा।
बैठक में एक अहम प्रस्ताव निजी भूमि पर पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी पेश किया जाएगा। इसके तहत अपनी जमीन पर पार्किंग संचालित करने वाले लोगों को निगम में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।
इसके अलावा शहर के सामुदायिक भवनों के संचालन को लेकर भी सख्ती की तैयारी है। वर्तमान में अधिकांश सामुदायिक भवन आरडब्ल्यूए द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जिससे निगम को कोई राजस्व नहीं मिल रहा। ऐसे में पार्षद की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने का प्रस्ताव है, जो हर महीने रखरखाव खर्च और आय का लेखा-जोखा तैयार करेगी।
नगर निगम के मेयर प्रवीण बत्रा ने कहा कि यह बैठक शहर के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें बजट के साथ-साथ कई अन्य अहम मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा में तीन साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में असंवेदनशील रवैया अपनाने पर नाराजगी जताई है। हरियाणा पुलिस और उसकी बाल कल्याण समिति को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा, यह शर्मनाक है कि हरियाणा पुलिस ने तीन वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता से खुद जाकर मुलाकात करने के बजाय उसे थाने बुलाया।
सुप्रीम कोर्ट ने तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के मामले में पोक्सो कानून के तहत दर्ज एफआईआर में अपराध को कमतर करने पर संज्ञान लिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली एक एसआईटी का गठन किया है, जिसमें हरियाणा कैडर की
आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द एसआईटी को नोटिफाई किया जाए और गुरुग्राम पुलिस को गुरुवार तक जांच से जुड़े दस्तावेज एसआईटी को सौंपने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस के उन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है, जिन पर मामले की जांच में लापरवाही का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस में पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम बाल कल्याण समिति के सदस्यों को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बाल कल्याण समिति के सदस्यों से पूछा गया है कि उन्हें पद से क्यों न हटाया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम के जिला जज को निर्देश दिया है कि इस मामले की सुनवाई पोक्सो कोर्ट की एक वरिष्ठ महिला न्यायिक अधिकारी को सौंपी जाए।
पीड़िता को बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाए जाने पर नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पुलिस पीड़िता के घर क्यों नहीं जा सकती? क्या वे राजा हैं? सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस के दृषिकोण को शर्मनाक और असंवेदनशील करार दिया। पूरा पुलिस बल, जिसमें पुलिस कमिश्नर से लेकर सब इंस्पेक्टर तक शामिल हैं, सभी कोशिश कर रहे थे कि ये साबित हो जाए कि पीड़िता के पास कोई सबूत नहीं है और पीड़ित बच्ची के परिजन मामला दर्ज न कराएं। इस बात में कोई शक नहीं है कि पोक्सो की धारा 6 के तहत अपराध किया गया।








