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by : pramod goyal

फरीदाबाद। विधायक दिनेश अदलखा को केवल दो काम ही अच्छी तरह आते है , एक तो नाचना और दूसरा बीज बोना।  यह कहना है कांग्रेस नेता विजय प्रताप का। 

विजय प्रताप तोड़फोड़ का शिकार नेहरू कॉलोनी के लोगों को सम्भोदित कर रहे थे। उन्होंने नाम लेकर कहा कि विधायक दिनेश अधलखा एक तो नाचते बहुत अच्छा है और दूसरा बीज बोने में माहिर है। वे ऐसे ऐसे बीज बो रहे है, जिन्हे कृषणपाल गुर्जर को काटना मुश्किल हो रहा है।  वे कभी फार्म हाउस को तुड़वाते है तो कभी अनंगपुर गांव से लेकर स्लम कॉलोनियों को तुड़वाने का का काम करते है। सरकार के नुमाइंदे बसाने की बजाय लोगो को उजाड़ने का कार्य कर रहे है। विजय प्रताप ने कहा कि अब नेहरू कॉलोनी के एक भी ईंट भी नहीं टूटेगी।  इसके लिए सड़क से लेकर क़ानूनी लड़ाई लड़ी जायेगी। 


by : pramod goyal


बल्लभगढ़। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के लिए मोहना सड़क के ऊपर बन रहा एलिवेटेड मार्ग का काम लगभग ठप है। चार महीने से काम बंद होने से आमजन बेहद परेशान हैं। लोगों में किसी तरह का भ्रम पैदा न हो इसे लेकर ठेकेदार समय-समय पर छुटपुट काम करता रहता है।

यही कारण है कि जो मार्ग जून-2026 में बन कर तैयार हो जाना था उसका अभी तक 50 प्रतिशत भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसी गति से कार्य चलता रहा तो यह 2028 तक बनकर तैयार होगा। धीमा कार्य चलने से स्थानीय लोगों और दुकानदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मोहना एलिवेटेड


मार्ग का निर्माण कार्य जून-2024 में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी सड़क एवं भवन) ने शुरू किया था। यह 225 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। यहां पर 90 पिलर बनाए जाने हैं। इनमें अभी 300 मीटर की दूरी में पिलर बनाने का काम भी अधूरा पड़ा हुआ है।

पीडब्ल्यूडी विभाग के सूत्रों के अनुसार एलिवेटेड का निर्माण कार्य पिछले चार महीने से वित्तीय संकट के चलते ठप पड़ा हुआ है। मेन ठेकेदार कामगारों के एक ठेकेदार को लेकर आता है। जब कामगारों की दिहाड़ी के चार-पांच लाख रुपये हो जाते हैं और वह भुगतान के लिए कहता है उसे छोड़ दिया जाता है। फिर मेन ठेकेदार किसी दूसरे कामगारों के ठेकेदारों को ढूंढता है। इस तरह से कई ठेकेदार यहां से भाग चुके हैं।

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 बल्लभगढ़ में बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने सेक्टर-3 हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में अभियान चलाकर करीब 50 मकानों के सामने किए गए अवैध कब्जों को हटाया। कार्रवाई के दौरान निगम की टीम ने सड़क पर बनाए गए चबूतरे, रैंप और अन्य निर्माणों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया।

इस बीच नगर निगम ने मुरारी विहार क्षेत्र में बनी झुग्गियों को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि एसडीएम कोर्ट के आदेशों के तहत क्षेत्र में मुनादी कराई जा रही है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 जून को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने झुग्गी निवासियों से अपील की है कि वे समय रहते अपना सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र के निवासियों और राहगीरों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि मकानों के आगे किए गए अतिक्रमण और रेहड़ियों के कारण गलियां संकरी हो गई हैं। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी और लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।


शिकायतों के आधार पर निगम प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था। कार्रवाई शुरू करने से पहले क्षेत्र में माइक के माध्यम से लोगों को सूचना भी दी गई।

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 फरीदाबाद एनआईटी-3 स्थित नेहरू कॉलोनी में चल रही तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में रविवार को स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नेहरू कॉलोनी संघर्ष समिति के आह्वान पर आयोजित बैठक में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विकास परियोजना के नाम पर हजारों लोगों को बेघर किया जा रहा है, जबकि अभी तक परियोजना का डीपीआर और विस्तृत नक्शा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय प्रताप और पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि यदि पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना तोड़फोड़ जारी रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा जरूरत पड़ने पर लाखों लोगों के साथ दिल्ली कूच भी किया जाएगा।

विजय प्रताप ने कहा कि नेहरू कॉलोनी में 30 मई से शुरू हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई लगातार जारी है। इस दौरान कई मकान, दुकानें और धार्मिक स्थल प्रभावित हुए हैं। प्रशासन द्वारा इस कार्रवाई को मेट्रो और एलिवेटेड रोड परियोजना से जोड़ा जा रहा है, लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने परियोजना का डीपीआर अथवा नक्शा सार्वजनिक नहीं किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले लोगों को बताया गया था कि परियोजना के लिए सीमित भूमि की आवश्यकता होगी, लेकिन अब कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में विकास कार्यों के लिए भूमि की जरूरत है तो कॉलोनीवासी सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था पहले की जानी चाहिए।


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 हरियाणा के डीजीपी जेल एवं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक मित्तल ने फरीदाबाद जिला जेल का निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं और सुधारात्मक योजनाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल अधिकारियों, कर्मचारियों और कैदियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए आलोक मित्तल ने कहा कि वह समय-समय पर हरियाणा की विभिन्न जेलों का दौरा करते रहते हैं। इन दौरों का मुख्य उद्देश्य जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करना, जेलों के बुनियादी ढांचे की स्थिति को देखना, अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद करना तथा कैदियों के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना होता है। उन्होंने कहा कि जेलों में सुधार और सुरक्षा दोनों ही विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

डीजीपी जेल ने कहा कि जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। विशेष रूप से हार्डकोर अपराधियों और गैंगस्टरों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है ताकि उन्हें जेल नियमों के तहत रखा जा सके और उन्हें किसी भी प्रकार की विशेष सुविधा न मिले।

उन्होंने कहा कि कई बार कुछ अपराधी जेल के भीतर नशीले पदार्थ पहुंचाने या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने का प्रयास करते हैं, लेकिन जेल प्रशासन ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क रहता है।


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 हरियाणा के 3 IAS अधिकारियों की कोठियों पर रविवार देर रात CBI ने रेड की। चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में छह स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। हरियाणा सरकार के आठ विभागों तथा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के दो विभागों के बैंकों में जमा सरकारी फंड में हुए 661 करोड़ रुपए की गड़बड़ियों के मामले में ये रेड की गई।

CBI ने हरियाणा कैडर के IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल, मोहम्मद शाइन, प्रदीप कुमार और IFS नवनीत कुमार श्रीवास्तव के आवास पर छापेमारी की। इसके साथ ही नोएडा स्थित MS विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक के ठिकानों पर भी रेड की गई। जांच के दौरान मिले डॉक्यूमेंट, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण को सीबीआई ने कब्जे में ले लिया है।

सीबीआई की प्राइमरी जांच में सामने आया है कि इन अधिकारियों ने बैंककर्मियों के साथ मिलकर कथित अकाउंट खुलवाए, सरकारी पैसे को अन्य खातों में ट्रांसफर कराया गया। सीबीआई अभी यह जांच कर रही है कि इन अकाउंट के बदले अधिकारियों को क्या प्रोफिट मिला।


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 फरीदाबाद। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय कुमार IPS के दिशानिर्देशों और संयुक्त पुलिस आयुक्त सोनीपत एवं पुलिस उप-महानिरिक्षक श्री राजेंद्र कुमार मीणा IPS जी के मार्गदर्शन में नशामुक्त अभियान को लेकर कठोरतम कार्रवाई की जा रही है। ब्यूरो न केवल अपराधियों को पकड़ने का कार्य करती है अपितु नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान को बल प्रदान करने के साथ ही नशे का शिकार हो चुके युवाओं का नशे की दलदल से बाहर निका


लने में जुटी हुई है। उच्चाधिकारियों के आदेश से ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी डॉ अशोक कुमार वर्मा इस अभियान में लगे हैं। वे आज इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद द्वारा संचालित सेक्टर १४ स्थित नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे हुए थे। उन्होंने वहां पर उपचाराधीन लोगों से भेंट कर उनकी समस्याओं बारे जाना और उपचाराधीन को सुझाव देते हुए कहा कि उन्हें नशे रुपी राक्षस का वध करना है और वह होगा एक युद्ध नशे के विरुद्ध अर्थात अपने भीतर बैठे राक्षस को नष्ट करना है। एक जिद्द करनी है कि मैं नशा नहीं करूंगा। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने सभी से अलग-अलग बात की और उनके बारे में पूछा और बताया कि नशा छोड़ने के लिए दवाइयों पर निर्भर न रहें अपितु अपनी आत्मशक्ति बढ़ाएं और दृढ़ निश्चय से नशे जैसी बुराई पर विजय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि NDPS एक्ट में यह प्रावधान है कि जो व्यक्ति नशा छोड़ना चाहता है, पुलिस उसका सहयोग करे।

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 शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत फरीदाबाद के कई निजी स्कूलों द्वारा गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों को दाखिला देने से इनकार करने और टालमटोल करने के गंभीर मामले सामने आए हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद ने ऐसे 44 स्कूलों की सूची मौलिक शिक्षा निदेशालय पंचकूला को भेजकर छात्रों के हित में फैसला करने की बात की है। उधर हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री से मांग की है कि ऐसे दोषी स्कूलों


के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और सभी पात्र छात्रों को एलॉटेड स्कूलों में दाखिला दिलवाया जाए।मंंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा व प्रदेश लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस विरदी ने कहा है कि दाखिला  न देना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। RTE के बारे में जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि स्कूल पात्रता पर संदेह के आधार पर भी दाखिला नहीं रोक सकते। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि राज्य सरकार द्वारा आवंटित छात्रों को निजी स्कूलों को प्रवेश देना ही होगा और स्कूल अपनी मर्जी से इसे रोक नहीं सकते। इसी को आधार मानकर 10 से ज्यादा छात्रों ने दाखिला न देने वाले स्कूलों के खिलाफ स्थानीय परमानेंट लोक अदालत में मुकदमा दायर किया है जिसमें संबंधित स्कूलों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। डीडीईओ ने

नोटिस का जवाब दे दिया है जब कि स्कूलों ने जवाब देने के लिए समय मांगा है।

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 फरीदाबाद 7 जून ‌ ‌  सीपीएम ने ‌ नेहरू कॉलोनी में मकान तोड़े जाने का डटकर विरोध किया। पार्टी के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल और जिला कमेटी सदस्य निरंतर पराशर आज रविवार को नेहरू कालोनी में हुई महापंचायत में  गये।‌ उन्होंने नेहरू  कॉलोनी को तोड़ने से  बचाने के लिए चलाए  जाने वाले आंदोलनों का समर्थन का एलान किया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा  सरकार की गरीब - मजदूर  विरोधी ‌ करवाई है। सरकार ने तोड़फोड़ की कार्यवाही करने से पहले ‌ यहां के निवासि


यों से बातचीत करनी चाहिए थी। ‌ बातचीत से कोई ना कोई समाधान निकल जाता। लेकिन यह सरकार बातचीत करने में विश्वास नहीं रखती है। ‌ वर्ष 2025 में यहां के निवासियों को नोटिस दिए गए थे। तब माकपा ने ‌‌ ‌ हस्तक्षेप किया। पार्टी का शिष्टमंडल  मंडल तत्कालीन उपायुक्त से मिला।‌ जिलाधीश ने  पार्टी को ‌ विश्वास दिलाया कि नेहरू कॉलोनी में तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। लेकिन इस बार गुपचुप  तरीके  29 और 30 मई की रात को ‌ एक धार्मिक स्थल मस्जिद को निशाना बनाकर तोड़ दिया गया। इसके बाद सैकड़ो मकान धराशाई कर दिए। लोगों ने अपने जिंदगी भर की कमाई इन मकानों को बनाने में लगा दी। जिस जमीन पर मकान बनाए गए। ‌ यह जमीन पुनर्वास विभाग की है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने 4 जून को ‌ मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन दिया है।‌ जिसमें ‌ जिन लोगों के मकान तोड़े गए हैं उन्हें दूसरी जगह बसाया जाए। जितना नुकसान हुआ है। उसका मुआवजा दिया जाए ।‌कॉलोनी में ‌ तोड़फोड़ को तुरंत बंद किया जाए। यदि सरकार ने तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक नहीं लगे तो 11 जून को ‌ पार्टी ‌ लघु सचिवालय में धरना देगी।