पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को संसद में पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि यह बिल अब सोमवार 27 जुलाई को ही संसद में पेश किया जाएगा।
जब केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देने आए तब उन्होंने पेपर लीक संशोधन बिल पर कोई जवाब नहीं दिया।
वैष्णव ने मीडिया के सवालों पर हर बार केवल एक शब्द कहा- नेक्स्ट। हालांकि, उन्होंने मजाक में एक रिपोर्टर से कहा- आज कोई पेपर लीक नहीं हो रहा।
दरअसल, पीएम मोदी ने गुरुवार रात एक वीडियो जारी करके कहा था कि पेपर लीक संशोधन बिल पर शुक्रवार को कैबिनेट में चर्चा होगी, फिर इसे संसद में पेश किया जाएगा।
फरीदाबाद। राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) परीक्षा को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच छात्रों की सुरक्षा, संवैधानिक अधिकारों और कानूनी संरक्षण को लेकर बहस तेज हो गई है। विभिन्न स्थानों से सामने आए घटनाक्रमों के बाद अनेक शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों ने भी छात्रों की चिंताओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने तथा संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की आवश्यकता पर बल दिया है।
इसी क्रम में अधिवक्ता एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने घोषणा की है कि यदि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम अथवा फरीदाबाद में राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) परीक्षा से संबंधित शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान किसी छात्र, छात्रा अथवा उनके अभिभावकों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जाता है, गिरफ्तार किया जाता है या किसी प्रकार की कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, तो उन्हें जनहित में निःशुल्क प्रारंभिक विधिक परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिवक्ता डॉ. मोहन तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार है। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार उचित प्रक्रिया का पालन होना चाहिए और किसी भी छात्र या अभिभावक को विधिक जानकारी के अभाव में कठिनाई का सामना नहीं करना चाहिए।
जरूरत पड़ने पर प्रभावित छात्र अथवा उनके अभिभावक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं मोबाइल: 9560417871, 9971909847, लैंडलाइन: 0129-2268668.
यह पहल केवल नीट अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों को ध्यान में रखते हुए जनहित के उद्देश्य से की गई है। प्रत्येक मामले में उपलब्ध तथ्यों एवं लागू कानून के अनुसार ही विधिक परामर्श प्रदान किया जाएगा।
फरीदाबाद, 24 जुलाई 2026: जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नेशनल इनिशिएटिव फॉर डेवलपिंग एंड हार्नेसिंग इनोवेशंस (निधि) – इनक्लूसिव टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर्स (आई-टीबीआई) कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय द्वारा इनक्लूसिव टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (आई-टीबीआई) की स्थापना के लिए प्रस्तुत प्रस्ताव को राष्ट्रीय विशेषज्ञ सलाहकार समिति (एनईएसी) द्वारा ₹5 करोड़ की सहायता के लिए अनुशंसित किया गया है।
कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने विश्वविद्यालय के आईपीआर, इनोवेशन एवं इनक्यूबेशन/स्टार्टअप डिवीजन के प्रभारी प्रो. संजीव गोयल तथा इनक्यूबेशन सेंटर की समन्वयक डॉ. सपना तनेजा को बधाई दी, जिनके निरंतर प्रयासों से यह प्रस्ताव अवधारणा के स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय विशेषज्ञ सलाहकार समिति द्वारा अनुशंसित किया गया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि एक सामूहिक प्रयास तथा इस पहल के विभिन्न चरणों में योगदान देने वाले सभी हितधारकों की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने कहा कि ₹5 करोड़ की सहायता के लिए प्रस्ताव की अनुशंसा विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह एक समावेशी एवं प्रौद्योगिकी-आधारित नवाचार इकोसिस्टम विकसित करने के प्रति विश्वविद्यालय की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रस्तावित इनक्यूबेटर विश्वविद्यालय द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार, नवाचार, इनक्यूबेशन एवं स्टार्टअप विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को और सुदृढ़ करेगा तथा नवाचार-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने के भारत सरकार के व्यापक उद्देश्यों में भी योगदान देगा।
कुलसचिव प्रो. अजय रँगा ने कहा कि यह इनक्यूबेटर जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के एक मजबूत, समावेशी एवं प्रौद्योगिकी-आधारित नवाचार इकोसिस्टम के निर्माण के दृष्टिकोण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा एवं आसपास के क्षेत्र में नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप विकास को महत्वपूर्ण गति मिलने की उम्मीद है।
प्रो. गोयल ने इस महत्वपूर्ण पहल को मूर्त रूप देने में कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार एवं कुलसचिव प्रो. अजय रँगा द्वारा लिए गए विशेष रुचि एवं सक्रिय सहयोग को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं विभिन्न स्तरों पर प्राप्त संस्थागत सहयोग ने प्रस्ताव को आगे बढ़ाने तथा समावेशी प्रौद्योगिकी बिजनेस इनक्यूबेटर की परिकल्पना को एक ठोस पहल में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए प्रो. संजीव गोयल ने बताया कि प्रस्तावित टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर हरियाणा राज्य में अपनी तरह का पहला इनक्यूबेटर होगा और यह राज्य के नवाचार एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ने जा रहा है। यह पहल विशेष रूप से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं युवाओं के बीच नवाचार-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा प्रौद्योगिकी-आधारित स्टार्टअप्स के विकास के लिए एक मजबूत मंच उपलब्ध कराएगी।
प्रो. गोयल के अनुसार, इस इनक्यूबेटर का उद्देश्य अकादमिक जगत में नवाचार एवं उद्यमिता की संस्कृति को सुदृढ़ करना है। इसके साथ ही, विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जहां नवाचार एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम अभी प्रारंभिक अवस्था में है। यह पहल एक जीवंत क्षेत्रीय नवाचार इकोसिस्टम के निर्माण में सहायक होगी तथा आसपास के क्षेत्रों में एक मजबूत स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करेगी।
उन्होंने आगे बताया कि प्रस्तावित इनक्यूबेटर शैक्षणिक संस्थानों, निवेशकों, मेंटर्स, उद्योगों एवं अन्य संस्थानों के बीच एक सहयोगात्मक नेटवर्क विकसित करने की दिशा में कार्य करेगा। इसके माध्यम से नवोन्मेषकों एवं उभरते उद्यमियों को मेंटॉरशिप, तकनीकी विशेषज्ञता, उद्योग संपर्क एवं अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के अवसर सृजित होंगे, जिससे नवीन विचारों को सफल उद्यमों में परिवर्तित करने में सहायता मिलेगी।
यह उपलब्धि जे.सी. बोस विश्वविद्यालय द्वारा एक मजबूत, समावेशी एवं प्रौद्योगिकी-संचालित नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा इससे हरियाणा में नवाचार-आधारित उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को नई गति मिलने की उम्मीद है।
फरीदाबाद 24 जुलाई - सीटू राज्य कमेटी के आह्वान पर जिला कमेटी फरीदाबाद ने जंतर मंतर पर छात्र युवाओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गये बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरोध में जिला मुख्यालय पर सैक्टर 12 में धरना देकर प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सीटू की जिला उपाध्यक्ष और आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान हेमलता ने की जबकि संचालन जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार पर आंदोलनरत देश के छात्रों और नौजवानों की समस्याओं का समाधान नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में स
भी को अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करने का अधिकार है। लेकिन केंद्र की सरकार छात्रों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। छात्रों की मुख्य मांगों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को रद्द करना, नई शिक्षा नीति को वापस लेना, एक देश एक परीक्षा नहीं चलेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो आदि हैं। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी देवी राम ने बताया कि सरकार शिक्षा का निजीकरण करने पर लगी हुई है। गरीब लोगों को शिक्षा हासिल करने का अधिकार लगभग समाप्त हो जाएगा क्योंकि प्राइवेट स्कूलों की फीस बहुत अधिक है। जबकि सरकारी स्कूलों को राज्य सरकारें बंद कर रही हैं। कामरेड शिवप्रसाद ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण करके इनको पूंजी पत्तियों के हवाले किया जा रहा है। मौजूदा सरकार बड़े कारोबारीयो के हितों का ख्याल ज्यादा रखती है। धरने पर बोलते हुए आशा वर्कर यूनियन की जिला सचिव और सीटू की कोषाध्यक्ष सुधा ने कहा कि छात्रों का संघर्ष उनके भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि हर परीक्षा के पेपर लीक हो जाते हैं। बच्चे साल भर मेहनत करके कोचिंग लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। लेकिन परीक्षा देने के बाद जब उन्हें इसे रद्द करने की सूचना मिलती है। तब उनकी मेहनत पर पानी फिरता देखकर उन्हें निराशा में जीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट के पेपर देने के बाद लीक होने की सूचना मिलते ही कई बच्चों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह पल काफी कष्टकारी और पीड़ा दायक होता है। क्योंकि पेरेंट्स बच्चों को बहुत कुछ बनाना चाहते हैं। इसके लिए हर तरह से तैयारी की जाती है। सरकारी तंत्र की विफलता के कारण उनके सपने चकनाचूर हो जाते हैं। इस प्रदर्शन को ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव राजू बहादुरपुर और आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन की प्रधान मालवती ने भी संबोधित किया। इस प्रदर्शन में बिजेंदर, राम सिंह,राजेंद्र सिंह, सुदर्शन, पूजा गुप्ता, मीनाक्षी, ओम प्रकाश, राजू बहादुरपुर आदि ने भी भाग लिया।
फरीदाबाद। 24 जुलाई। पुलिस विभाग के सर्वोच्च रक्तदाता एवं हरियाणा पुलिस के उपनिरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने एक बार फिर मानवता और सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। देर रात सूचना मिली कि एक गंभीर उपचारधीन के ऑपरेशन के लिए प्लेटलेट्स की तत्काल आवश्यकता है। सूचना मिलते ही वे फरीदाबाद के सेक्टर-8 स्थित अपने निवास से बिना विलंब सीधे सेक्टर-21 स्थित एलकेमिस्ट अस्पताल पंचकूला पहुंचे और स्वैच्छिक प्लेटलेट्स दान कर उपचार में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इस अवसर पर डॉ. वर्मा ने 90वीं बार प्लेटलेट्स दान करने का गौरव प्राप्त किया। वे अब तक 184 बार स्वैच्छिक रक्तदान भी कर चुके हैं। पुलिस विभाग के सर्वोच्च रक्तदाता के रूप में विख्यात डॉ. वर्मा 1989 से जरूरतमंद मरीजों के लिए दिन-रात सेवा में जुटे हैं। उनका पूरा परिवार भी रक्तदान के इस पुनीत अभियान से जुड़ा हुआ है। उनके पुत्र, पुत्रियाँ, भाई, बहनें, भतीजे और भांजियां भी नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज में मानवता और सेवा का संदेश दे रहे हैं। डॉ. वर्मा ने कहा कि रक्त और प्लेटलेट्स का दान किसी भी जरूरतमंद के लिए जीवनदान है। उन्होंने सभी स्वस्थ नागरिकों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान एवं प्लेटलेट्स दान के लिए आगे आने का आह्वान किया।
फरीदाबाद: पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के दिशा-निर्देशन में वांछित एवं इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत फरीदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने थाना खेड़ीपुल में दर्ज हत्या के एक मामले में फरार चल रहे ₹5,000 के इनामी आरोपी शाईन पासी, निवासी गांधी कॉलोनी, फरीदाबाद, हाल झुग्गी, सेक्टर-29 पुल के निकट, फरीदाबाद को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी हत्या के मामले में षड्यंत्र रचने में शामिल था और घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर फरीदाबाद पुलिस द्वारा ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था।
फरीदाबाद: पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के दिशा-निर्देशन में संगीन अपराधों में संलिप्त आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा NIT की टीम ने ग्रीनफील्ड कॉलोनी में गर्भवती महिला की हत्या के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए 23 जुलाई को मृतका के पति रंजीत कुमार, निवासी ग्रीनफील्ड कॉलोनी, फरीदाबाद को गिरफ्तार किया है।
फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने साइबर ठगी के दो अलग- अलग मामलों का खुलासा करते हुए तीन महिलाओं सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस, चोरी की घटनाओं में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। जिसके निरंतर में अपराध शाखा NIT व सेक्टर-85 की टीमों ने चोरी के दो अलग-अलग मामलों का सफल खुलासा करते हुए 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की संपत्ति बेचने से प्राप्त राशि में से ₹12,000 नकद बरामद किये हैं। आरोपितों को अदालत में पेशकर जेल भेज दिया गया है।











