फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा अवैध हथियार रखने व उपलब्ध करवाने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अपराध शाखाओं की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2 देसी कट्टे बरामद किए हैं।
फरीदाबाद – फरीदाबाद पुलिस द्वारा ठगी के मामलों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा NIT की टीम ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान प्रवेश वासी प्रताप नगर, नोर्थ दिल्ली व सन्नी वासी भगत सिंह नगर, हिसार हाल बुध बाजार, नगर दिल्ली के रूप में हुई है।
फरीदाबाद- फरीदाबाद पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने कार्रवाई करते हुए 75,69,041 रुपये की ठगी के मामले में दीपक पांचाल वासी प्रताप नगर मंडोली ईस्ट दिल्ली हाल उतराचंल कॉलोनी, गाजियाबाद, उतर प्रदेश को गिरफ्तार किया है।
फरीदाबाद – फरीदाबाद पुलिस द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में फरीदाबाद पुलिस की विभिन्न अपराध शाखा टीमों ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 2 वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 2 मोटरसाइकिल बरामद की है।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शो के दौरान गालियां देने के मामले में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा शनिवार को पंचकूला में राज्य महिला आयोग के सामने पेश नहीं हुए। उन्होंने अपने वकील को भेजा। इस पर आयोग ने मासूम शर्मा को पेश होने का एक और मौका दिया।
एक दिन पहले चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मासूम ने कहा था कि मैं आयोग के सामने पेश नहीं होऊंगा। अभी बिजी चल रहा हूं। इसे लेकर आयोग को ईमेल के जरिए सूचना दे दी है। गाली देने के मामले में माफी मांग चुका हूं।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने कहा- मासूम शर्मा ने खुद कहा कि वह 2009 से गालियां दे रहा है और खुद को बहुत बड़ा कलाकार बताता है। उन्होंने मासूम शर्मा को समन भेजा था। शनिवार होने के बावजूद ऑफिस खुला रखा, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। उसका वकील जवाब लेकर आया। मासूम शर्मा को पेश होने का एक और मौका दिया जाएगा, और अगर वह उस तारीख पर भी पेश नहीं हुआ तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फरीदाबाद18 अप्रैल । सेक्टर 37 के लिए नासूर बन चुके भयंकर ट्राफिक जाम की समस्या से अब निजात मिलने की उम्मीद जग गई है। सेक्टर 37 बाईपास रोड पर बम्बई हाईवे और आगरा नहर पर पुल बन जाने के बाद प्रशासनिक स्तर इस सेक्टर की उपेक्षा शुरू होने से इस सेक्टर की बदहाली शुरू हो गई। और सबसे बड़ी समस्या ट्राफिक जाम की हो गई। इस समस्या के समाधान के लिए आरडब्ल्यूए की टीम लगातार प्रयासरत रही। जिसके फलस्वरूप आज डीसीपी ट्रैफिक सेंट
र श्री जयवीर सिंह राठी ने जेड ओ ट्राफिक इंस्पेक्टर श्री कासिम को आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों से मीटिंग कर इस समस्या के समाधान का हल खोजने भेजा। उन्होंने आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की और मौका मुआयना भी किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सुबह और शाम पीक आवर्स में सपना मार्केट और बाई पास पर चार हवलदारों की ड्यूटी लगाएं गे। उन्होंने बाई पास, हुड्डा मार्केट और सपना मार्केट में बेतरतीब और अव्यवस्थित यातायात को सुधारने का भरोसा दिया। मीटिंग में सेक्टर 37 के प्रधान श्री आईं डी शर्मा,बरिष्ठ उप प्रधान श्रीमती आशा संयुक्त सचिव श्री सुशील यादव, वरिष्ठ समाजसेवी श्री पी सी शर्मा,प्रेस सचिव श्री एस एन मिश्रा, पंकज शर्मा, मुकेश शर्मा, गीता शर्मा,राम अवतार गुप्ता,एम एस चौधरी, श्री चन्द्रा, अतुल मंगला समेत दर्जनों लोगों नें हिस्सा लिया। पुलिस प्रशासन की ओर से ट्राफिक इंचार्ज श्री कासिम,एक एस आई श्री सुनील कुमार, श्री उमेश कुमार, नितिन कुमार और श्री राजेश कुमार वें हिस्सा लिया। श्री कासिम जी नें आश्वासन दिया कि उनके प्रयासों का फल शीघ्र ही देखने को मिलेगा।
नोएडा:
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. योगी सरकार ने न्यूनतम मजदूरी दरों में संशोधन का निर्णय लिया और राज्यपाल की मंजूरी के बाद नयी दरें को लागू भी कर दिया गया है. राज्यपाल की मुहर लगने के साथ ही अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके बाद नई न्यूनतम मजदूरी दरें कानूनी रूप से प्रभावी हो गई हैं.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कामगारों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच वेतन वृद्धि को लेकर जारी गतिरोध को खत्म करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित की थी. समिति ने अपनी सिफारिशों में मजदूरी दरों को तीन श्रेणियों में विभाजित करने का प्रस्ताव दिया, जिसे सरकार ने अंतरिम राहत के रूप में स्वीकार करते हुए लागू कर दिया.
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘‘प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. प्रथम श्रेणी में गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद को शामिल किया गया है, जहां जीवन-यापन की लागत अपेक्षाकृत अधिक है. यहां अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की गई है.''
इसमें कहा गया, ‘‘द्वितीय श्रेणी में नगर निगम वाले अन्य जिलों को रखा गया है. यहां अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये तय किए गए हैं.'' बयान में कहा गया, ‘‘तृतीय श्रेणी में शेष जिलों को शामिल किया गया है, जहां अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों के लिए क्रमशः 12,356 रुपये, 13,590 रुपये और 15,224 रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की गई है.''
देश के 1.19 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को 3 महीने से ज्यादा समय से जिसका इंतजार था, आज शनिवार 18 अप्रैल को वो गुड न्यूज आ ही गई. केंद्रीय कैबिनेट ने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी. इस फैसले के साथ ही महंगाई भत्ता, मूल वेतन के 58% से बढ़कर 60% हो गया है. कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 से ही लागू माना जाएगा और उन्हें अप्रैल महीने के अलावा, जनवरी, फरवरी और मार्च यानी 3 महीने का एरियर (बकाया) भी मिलेगा.
देश के करीब 49 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मियों और 68 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी (DA-DR Hike) का इंतजार था. ये वित्त वर्ष 2025-26 का अंतिम DA हाइक है, जिसका ऐलान होने में देरी को लेकर कर्मचारी-पेंशनर्स पशोपेश में थे. कर्मचारी और पेंशनर्स से जुड़े कई संगठन लगातार इस देरी का विरोध भी जता रहे थे. कुछ संगठनों ने इसको लेकर सरकार को पत्र भी लिखा था. वहीं गुरुवार को कई विभागों के कर्मचारियों ने लंच आवर में प्रदर्शन भी किया था. अब जबकि केंद्रीय कैबिनेट ने DA में 2% बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है, कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच खुशी का माहौल है.
हरियाणा सरकार ने शहरों में मकानों के स्टिल्ट फ्लोर (ग्राउंड के नीचे पार्किंग वाली जगह) के गलत इस्तेमाल और सड़कों की जमीन पर कब्जे को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राज्य के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (TCPD) ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) और शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULBD) सहित सभी संबंधित एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत विभिन्न नगर निगमों और महानगर विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि स्टिल्ट फ्लोर पर अवैध निर्माण, कब्जा या व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।दरअसल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में स्टिल्ट + 4 मंजिला इमारतों को लेकर पांच जनहित याचिकाओं (PIL) की सुनवाई चल रही है। 2 अप्रैल 2026 को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश जारी किया है, जिसमें राज्य सरकार की 2 जुलाई 2024 की स्टिल्ट + 4 मंजिला नीति के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी गई है, जिसके बाद सरकार लगातार इस मामले में एक्शन मोड में नजर आ रही है।
सरकार ने सड़कों के राइट ऑफ वे (ROW) पर अतिक्रमण के साथ स्टिल्ट फ्लोर का अनधिकृत उपयोग या कब्जा को लेकर चिंता जताई है। इसी को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि: सड़कों की जमीन पर बनाए गए लॉन, दीवार, लैंडस्केपिंग आदि जैसे अतिक्रमण तुरंत हटाए जाएं। जिन मकानों में स्टिल्ट फ्लोर का गलत इस्तेमाल हो रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सरकार ने सभी एजेंसियों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में कार्रवाई करके 22 अप्रैल 2026 तक एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) जमा करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि कार्रवाई समयबद्ध और सख्ती से की जाए, ताकि शहरों में पार्किंग और सड़क व्यवस्था बेहतर हो सके।
हरियाणा सरकार की ओर से जारी इस इस आदेश का सीधा असर गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत पंचकूला सहित कई शहरो में देखने को मिलेगा। इन शहरों में पहले से ही स्टिल्ट+4 निर्माण तेजी से बढ़ रहा था, ऐसे में अब प्रशासनिक कार्रवाई के चलते बिल्डरों और प्रापर्टी मालिकों में हलचल तेज हो गई है। बड़े स्तर पर सीलिंग और डेमोलिशन की तैयारी भी मानी जा रही है।








