अवसर फाउंडेशन और फोर्थ वॉल प्रोडक्शंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नाटक “खुशी कहां रहती है?” ने दर्शकों को भावुक करने के साथ-साथ जीवन का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। ईएसआई मेडिकल कॉलेज के सुश्रुत सभागार में आ
योजित इस प्रस्तुति में विविध क्षमताओं वाले बच्चों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से यह बताया कि सच्ची खुशी भौतिक वस्तुओं में नहीं, बल्कि अपनी पसंद का कार्य करने और जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण से जीने में निहित होती है।
हरियाणा में मानसून अगले 48 घंटों में एंट्री करेगा। मंगलवार दोपहर मानसून देहरादून और हिमाचल के मंडी तक पहुंच गया। आज मानसून से पहले अंबाला और यमुनानगर में बारिश हुई। पंचकूला में भी दोपहर बाद बादल छाए रहे।
बंगाल की खाड़ी से आ रही मानसूनी हवाएं सबसे पहले यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के रास्ते हरियाणा में प्रवेश करेंगी। इसके बाद करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत होते हुए दिल्ली-एनसीआर और दक्षिणी हरियाणा (गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल) को कवर करेगा।
मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों के भीतर हरियाणा के अधिकतर इलाकों में मानसूनी बारिश की संभावना जताई है। वहीं सोमवार को प्रदेश के 11 शहरों में तापमान 40 डिग्री से अधिक रहा।
फरीदाबाद: 30 जून का दिन, फरीदाबाद पुलिस परिवार के लिए भावुक एवं गौरवपूर्ण रहा। पुलिस विभाग में वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले 6 पुलिसकर्मियों की सेवानिवृत्ति के अवसर पर सेक्टर-21C स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय के सभागार में सम्मानजनक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त NIT, उतम एवं भलाई निरीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा जुआ अधिनियम के तहत सट्टा खाई करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिसके चलते 29 जून को अपराध शाखा सेक्टर-16 एवं अपराध शाखा एनआईटी की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जुआ की ₹61,720 की राशि बरामद की है।
फरीदाबाद, 30 जून - भारत-जापान सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने आज जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फुकुओका प्रीफेक्चरल गवर्नमेंट के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप महानिदेशक श्री नाकानो शिन्या ने किया। यह बैठक भारत के महावाणिज्य दूतावास, फुकुओका की अनुशंसा पर आयोजित की गई थी।
प्रतिनिधिमंडल में फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव जनरल श्री मिसावा रेइइचिरो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा कर मानव संसाधन आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग तथा संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। यह यात्रा विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में फुकुओका स्थित उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की संभावनाओं का आकलन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। यह पहल जापान सरकार के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है जिसके अंतर्गत आगामी पाँच वर्षों में 50,000 कुशल भारतीय पेशेवरों को जापान में अवसर उपलब्ध कराए जाने हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने औपचारिक रूप से सेतु (स्ट्रैटेजिक एक्सचेंज फॉर टैलेंट एंड यूनिवर्सिटी कोलैबोरेशन) - प्रतिभा एवं विश्वविद्यालय सहयोग के लिए रणनीतिक आदान-प्रदान का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पहल के अंतर्गत विश्वविद्यालय ने स्वयं को हरियाणा के लिए जापान सहयोग का केंद्र विकसित करने की परिकल्पना प्रस्तुत की, जिसके माध्यम से प्रतिभा संवर्धन, उद्योग सहयोग, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट तथा छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय ने एक सुव्यवस्थित तीन-चरणीय प्रतिभा विकास मॉडल भी प्रस्तावित किया, जिसमें प्रथम चरण में इंटर्नशिप, द्वितीय चरण में कॉर्पोरेट नेटवर्किंग एवं भर्ती तथा तृतीय चरण में दीर्घकालिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। यह मॉडल भारत सरकार के कुशल भारतीय प्रतिभाओं को जापान से जोड़ने के राष्ट्रीय उद्देश्य को भी सुदृढ़ करेगा।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डीन (शैक्षणिक मामले) प्रो. अतुल मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय एवं कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने अपने संबोधन में भारत और जापान के साझा सांस्कृतिक मूल्यों एवं कार्य संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1969 में भारत-जर्मनी संयुक्त परियोजना के रूप में स्थापित यह विश्वविद्यालय कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार एवं स्टार्टअप इनक्यूबेशन के क्षेत्र में सशक्त पहचान रखता है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का जापान के एहिमे विश्वविद्यालय के साथ पहले से ही शैक्षणिक समझौता है तथा विश्वविद्यालय जापान के लिए प्रशिक्षित एवं उद्योग-उन्मुख मानव संसाधन तैयार करने हेतु तीन-चरणीय संरचित मॉडल विकसित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
डीन एलुमनाई अफेयर्स प्रो. संजीव गोयल ने विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों एवं फुकुओका प्रीफेक्चर के साथ प्रस्तावित सहयोग पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
अपने संबोधन में श्री नाकानो शिन्या ने फुकुओका प्रीफेक्चर का परिचय देते हुए बताया कि वहाँ लगभग 400 सेमीकंडक्टर आधारित उद्योग कार्यरत हैं तथा यह क्षेत्र जापान के प्रमुख स्टार्टअप एवं औद्योगिक नवाचार केंद्रों में से एक है। उन्होंने वर्ष 2025 में भारत के प्रधानमंत्री की जापान यात्रा का भी उल्लेख किया।
फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव जनरल श्री मिसावा रेइइचिरो ने संस्थान के शैक्षणिक कार्यक्रमों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के साथ हुए समझौते के अंतर्गत संचालित छात्र सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का उल्लेख किया। कार्यक्रम का प्रभावी समन्वय आईजे काकेहाशी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री संजय पांडा ने किया तथा उन्होंने अनुवाद संबंधी सहयोग भी प्रदान किया।
संवाद सत्र के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के औद्योगिक केंद्र में स्थित विश्वविद्यालय की रणनीतिक स्थिति, जापानी कंपनियों से जुड़े प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों के व्यापक नेटवर्क तथा जापानी उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित कौशल विकास प्रणाली की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि विद्यार्थियों को जापान में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय में जापानी भाषा पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएँ। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत सेतु प्रस्ताव पर जापान सरकार के स्तर पर सकारात्मक विचार किए जाने तथा शीघ्र ही औपचारिक प्रतिक्रिया देने का भी आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव प्रो. अजय रँगा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जापानी प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया तथा विश्वविद्यालय की ओर से दीर्घकालिक एवं सार्थक भारत-जापान साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम का समापन प्रतिनिधिमंडल के विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी, विश्वविद्यालय स्टूडियो तथा केंद्रीय अनुसंधान सुविधा के भ्रमण के साथ हुआ।
फरीदाबाद: थाना सेक्टर-58 क्षेत्र में स्थित एक फर्म के गोदाम से स्टील शीट के गबन के मामले में कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान रोहित उर्फ उग्रभान निवासी गांव भिलावली, जिला आगरा (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी सेक्टर-18, फरीदाबाद तथा लवकुश निवासी गांव मीरपुर, जिला अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी जवाहर कॉलोनी, फरीदाबाद के रूप में हुई है। जिनको माननीय अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
फरीदाबाद 30 जून - नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति सहित अन्य कॉलोनियों के सैकड़ो निवासी आगामी 5 जुलाई को रविवार के दिन केंद्रीय मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर के आवास पर विरोध प्रदर्शन करेंगे । यह प्रदर्शन प्रशासन द्वारा कॉलोनी वासियों को जारी किए जा रहे नोटिस और उनके मकानों को तोड़ने के विरोध में किया जाएगा। यह जानकारी निगम कार्यालय के आगे चल रहे धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए कमेटी के सदस्य वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने दी। आज
धरने को 16 दिन हो गए हैं।आज के धरने की अध्यक्षता कामरेड निरंतर पाराशर,नवल सिंह, देवकी देवी, शकुंतला, पूनम और नीता ने संयुक्त रूप से की। धरने पर बैठे लोगों ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए। उन्होंने प्रशासन पर बिना वजह उनके घरों को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार शहर से लगी हुई कीमती जमीनें जिन पर पिछले 60-70 बरसों से लोग रहते हैं। अब यह भूमि स्वाभाविक रूप से विभिन्न कॉर्पोरेट घरानों के लिए आकर्षक बन गई। प्रदेश की भाजपा सरकार पूंजी पत्तियों के हितों को ध्यान में रखते हुए वैधानिक प्रावधानों और साथ ही साथ मानव अधिकारों का हनन करते हुए बसे बसाये लोगों को उजाड़ने में लगी हुई है।शहर की अनेकों कालोनीवासियों को नोटिस दिये गए हैं। संघर्ष समिति सरकार की नीतियों का डटकर विरोध करेगी। इसके लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। 2 जुलाई से 4 तारीख तक कॉलोनियों में पर्चे वितरित किए जाएंगे । आज के धरने को देवकी देवी, शकुंतला, नीता, पूनम, सुमन , शांतिलाल, बलवीर सिंह, विजेंद्र सिंह, बिशु आदि ने भी संबोधित किया।
फरीदाबाद। यमुना के पानी को हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान के तीन जिलों चूरू, सीकर और झुंझुनू में भूमिगत पाइपलाइन के जरिए पहुंचाने के मामले का सीधा असर औद्योगिक नगरी पर पड़ेगा। क्योंकि पूरे शहर की पेयजल सप्लाई यमुना नदी किनारे लगे हुए रेनीवेल पर निर्भर है।
22 रेनीवेल नदी किनारे लगे हुए हैं और 12 रेनीवेल और ल
गाए जा रहे हैं। यदि यमुना नदी का जलस्तर कम हुआ तो रेनीवेल हांफने लगेंगे और इसका सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ेगा। हालांकि सिंचाई विभाग सहित फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण के अधिकारी इस मामले को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं क्योंकि मामला दो राज्यों की सरकार का है।
लेकिन इसका परिणाम गंभीर होने की आशंका है। बता दें सोमवार को हरियाणा और राजस्थान सरकार के बीच पेयजल को लेकर महत्वपूर्ण समझौता हो गया है। समझौते के तहत वर्ष 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड के जल बंटवारा समझौते के अनुसार राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
हरियाणा में लावारिस कुत्तों की समस्या का निस्तारण करने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो गई है। अब लावारिस कुत्तों की समस्याओं के निपटारे के प्रबंधन के लिए काम होगा। जो शिकायतें होंगी उनका 30 दिनों के अंदर निस्तारण करना होगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नगर निगमों से संबंधित शिकायतों के लिए मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं से जुड़ी शिकायतों के लिए सफाई निरीक्षकों को शि
कायत दे सकेंगे। यदि इन शिकायतों का समाधान नहीं होता है या फिर समाधान से लोग संतुष्ट नहीं हुए तो वह नगर निगम के मामलों में संयुक्त आयुक्त और द्वितीय अपील नगर निगम आयुक्त के समक्ष कर सकेंगे।
यदि नगर परिषद के मामलों की बात करें तो द्वितीय अपील कार्यकारी अधिकारी के पास कर सकेंगे। यदि लोग आगे भी जाना चाहेंगे तो वह जिला नगर आयुक्त के पास अपील कर सकेंगे जोकि द्वितीय अपील होगी।
यदि नगर पालिका से संबंधित शिकायतों का निपटारा निर्धारित अवधि में सफाई निरीक्षक नहीं करते जत हैं तो वह नगर पालिका के सचिव के समक्ष शिकायत देकर पहली अपील कर सकेंगे। इसी तरह से यहां सुनवाई नहीं होती या सुनवाई से व्यक्ति किन्हीं कारणों से संतुष्ट नहीं होता है तो वह जिला नगर आयुक्त के पास द्वितीय अपील कर सकेगा। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी लावारिस कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए राज्यों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे।









