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by : pramod goyal


 चंडीगढ़,10 जुलाई।


बुधवार को इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा गुरुग्राम और नूंह राजस्व जिलों की बिजली वितरण के लिए पैरेलल लाईसेंस देने की याचिका का तीखा विरोध करने वाले किसान, कर्मचारी, इंजीनियर्स, मजदूर व राजनीतिक दलों ने 70 प्रतिशत कंज्यूमर पैरेलल लाईसेंस देने के समर्थन का दावे को निराधार, सच्चाई के विपरित और कंज्यूमर को गुमराह करने वाला करार दिया है। इस दावे पर कड़ा विरोध जताते हुए उक्त संगठनों ने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों को मेनेज कर एचईआरसी में पैरलल लाइसेंस याचिका का समर्थन करने के लिए लाया गया था और वह बिल्कुल स्पष्ट भी दिखाई भी दे रहा था। उन्होंने सवाल किया कि व्यक्ति बड़ा नही होता, संगठन व दल बड़ा होता है , क्योंकि संगठनों और दलों की पीछे हजारों और लाखों की संख्या में लोग होते हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को जिन संगठनों और दलों ने पैरेलल लाईसेंस याचिका का ठोस तर्कों के साथ डटकर विरोध किया, उनके पीछे लाखों की संख्या में किसान, कर्मचारी, इंजीनियर्स व उपभोक्ता खड़े हुए हैं। उल्लेखनीय है कि एचईआरसी में सुनवाई के दौरान आई आपत्तियों पर विचार कर सिफारिश करने के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। ऐतराज करने वाले संगठनों ने एचईआरसी से पैरेलल लाईसेंस देने का फैसला करने से पहले उनकी आपत्तियों पर कंपनी के जबाब शेयर कर सुनवाई का अवसर देने की मांग की है।

*अनुभवहीन कंपनी को विशाल वितरण नेटवर्क सौंपना जोखिमपूर्ण* 

इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा और ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के चेयरमैन देवेंद्र हुड्डा व प्रधान सुरेश राठी ने बताया कि जिस कंपनी ने पैरलल लाइसेंस लेने की याचिका दायर की है,वह जून 2025 ,मात्र एक साल पहले ही अस्तित्व में आई हुई और इसको बिजली वितरण क्षेत्र में कोई अनुभव भी नहीं है। उन्होंने बताया कि इसके पास पेड-अप (चुकता पूंजी) मात्र एक करोड़ है ( अधिकृत पूंजी 100 करोड़) जबकि कंपनी ने 4716.73 के निवेश ( 1415.02 करोड़ इक्विटी एवं 3301.71 करोड़ कर्ज) का प्रस्ताव रखा है। एचईआरसी ने 26 जून,2026 के अंतरिम आदेश में स्वयं कंपनी की वित्तीय,संचालन संबंधी तैयारी तथा प्रस्तावित निवेश करने की योग्यता पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। ऐसी कंपनी को गुरुग्राम जैसे क्षेत्र के विशाल वितरण नेटवर्क सौंपना विधुत आपूर्ति की विश्वसनीयता, सुरक्षा और उपभोक्ता सेवाओं के लिए जोखिमपूर्ण काम होगा। इसलिए याचिका को खारिज किया जाए।

*डीएचबीवीएन द्वारा 4662 करोड़ निवेश के बाद पैरेलल लाईसेंस क्यों?*

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि पिछले वर्षों में डीएचबीवीएन ने पैरलल लाइसेंस की याचिका वाले क्षेत्र गुरुग्राम में स्मार्ट सिटी योजना के तहत 1068 करोड़ और आरडीएसएस सिटी योजना के तहत 3584 करोड़ का निवेश किया है। इसका परिणाम है कि एटीएंडसी हानियां वित्त वर्ष 2023-24 के 11.35 से घटकर वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 10.26 रह गई है और वित्तीय कलेक्शन दक्षता 100 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है। बिजली आपूर्ति भी बेहतर हुई है। इसलिए यह सब हो रहा है तो डीएचबीवीएन के पैरलल लाइसेंस देने की आवश्यकता नहीं है। 

*पैरलल लाइसेंस निजीकरण का पैकेज* 

उन्होंने कहा कि यह बिजली डिस्कॉम का निजीकरण का पूरा पैकेज है, जिसको समझने की आवश्यकता है। डिस्कॉम में पैरलल लाइसेंस के लिए स्मार्ट मीटरिंग की आवश्यक है। इसीलिए ठीक चल रहे मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और पैरलल लाइसेंस लेने वाली कंपनी को बिलों की वसूली में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए स्मार्ट मीटर को प्रीपेड किया जा रहा है। इसके लिए सभी कंज्यूमर के मीटर बदलने के लिए लगभग 8100 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यहां सभी वित्तीय भार भी डीएचबीवीएन पर ही पड़ेगा और इसका फायदा निजी कंपनी उठाएगी। उन्होंने बताया कि निजी कंपनी के हितों को ध्यान में रखते हुए 15 अगस्त को कृषि उपभोक्ताओं के लिए एग्री डिस्कॉम को अलग किया जा रहा है। ताकि प्राईवेट कंपनी को किसानों को बिजली आपूर्ति न करना पड़े, क्योंकि किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है। एग्री डिस्कॉम 5427 करोड़ के घाटे से शुरू हो रही है। सरकार की आर्थिक स्पोर्ट के बिना कर्मचारियों को वेतन के भी लाले पड़ेंगे।

*लाइसेंस मिलने के बावजूद डीएचबीवीएन के नेटवर्क को

इस्तेमाल करना आसान नहीं* 

उन्होंने कहा कि हरियाणा पावर रेगुलेटरी कमीशन अगर किसानों, कर्मचारियों, इंजीनियर्स व राजनैतिक दलों के विरोध के बावजूद इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को पैरलल लाइसेंस दे देता है तो भी उसका डीएचबीवीएन से उसके वर्तमान नेटवर्क को इस्तेमाल करने के लिए एमओयू करना लाजिमी है और डीएचबीवीएन इसके लिए बाध्यकारी नहीं है। दूसरा विकल्प यह है कि इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड अपना समानांतर नेटवर्क खड़ा करें,यह इतना आसान भी नहीं है। अगर ऐसा होता है तो इसके लिए प्रयाप्त स्पेस भी नहीं है और इससे एक्सीडेंट में भी बढ़ोतरी होगी। जिसमें सैकड़ों कर्मचारियों की जान जा सकती है।

*डीएचबीवीएन को रेवेन्यू का भारी नुकसान और नई कंपनी किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति नही करेंगी।*

उन्होंने कहा कि डीएचबीवीएन के कुल राजस्व का लगभग एक-तिहाई राजस्व गुरुग्राम से ही प्राप्त होता है। इस क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने के बाद राजस्व का  भारी नुकसान होगा,जो निगम के आर्थिक स्थिति को बिगाड़ने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि प्राइवेट कंपनी लाख दावे करे कि हम सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करेंगे, लेकिन वह औद्योगिक क्षेत्र,मॉल, कामर्शियल और शहरी क्षेत्रों के पास इलाकों में ही बिजली आपूर्ति करेंगे। घरेलू ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों व गरीब उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति नहीं करेंगे। यहां बिजली आपूर्ति का काम डीएचबीवीएन करेंगी,जो वहन नहीं कर सकेंगी।
क्योंकि सरकार के लिए बिजली एक सेवा है और प्राइवेट कंपनी के लिए व्यापार है और कोई भी व्यापारी बिना मुनाफा कमाए कारोबार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बिजली कर्मचारियों और इंजीनियर के सेवाएं भी प्रभावित होगी, छंटनी की तलवार लटक जाएगी या वहां से ट्रांसफर किया जाएगा।जो बिजली कानून,2003 का उल्लघंन है, जिसको बर्बाद नही किया जा सकता है।
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 फरीदाबाद। हरियाणा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग के चेयरमैन ठाकुर उमेश भाटी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी माध्यम अधिक से अधिक पौधारोपण और उनका संरक्षण है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरा देश हराभरा बन सकता है।



यह विचार उन्होंने वन महोत्सव के तहत फरीदाबाद जिला अध्यक्ष मनीष अग्रवाल द्वारा बीपीटीपी सेक्टर-75 स्थित शिवालय धाम में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में कहे ।  ठाकुर उमेश भाटी ने फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि फलदार पौधे पर्यावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी होते हैं, इसलिए ऐसे पौधों के साथ ही ऑक्सीजन देने वाले पौधों की भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

कार्यक्रम के आयोजक एवं फरीदाबाद जिला अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि वन महोत्सव के माध्यम से जिलेभर में पौधारोपण अभियान को जन-आंदोलन बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने का भी आह्वान किया। इस मौके पर आयोग के पदाधिकारियों ने स्वादिष्ट भंडारे का भी आनंद लिया

इस अवसर पर भूदेव भड़ाना, सौरव शर्मा, सत्य प्रकाश गोयल, हरि किशन चंदीला, रणदीप चौहान, मेहक सिंह यादव, गुलशन खटूरिया, कृष्ण शर्मा तथा लेखराज तेवतिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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 फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अपराध शाखा सेंट्रल की टीम ने कार्रवाई करते हुए वाहन चोरी के एक मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की एक स्कूटी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कशिश निवासी बोर्ड कॉलोनी, नंदरामपुर बास, जिला रेवाड़ी के रूप में हुई है।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि संजय कॉलोनी, फरीदाबाद निवासी सुरेन्द्र सिंह ने थाना सेक्टर-58 में शिकायत दी थी कि उसने 1 अगस्त 2025 को अपनी स्कूटी सेक्टर-56 स्थित अपने प्लॉट के बाहर खड़ी की थी, जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी कर ले गया। शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-58 में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

अपराध शाखा सेंट्रल की टीम ने 9 जुलाई 2026 को फज्जूपुर चौक के पास से आरोपी कशिश को चोरी की स्कूटी सहित गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने मामा के साथ मिलकर उक्त स्कूटी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।

आरोपी को माननीय अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।


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 फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा जुआ अधिनियम के तहत सट्टा खाई करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिसके चलते 9 जुलाई को अपराध शाखा सेक्टर-56 एवं पुलिस चौकी टाउन-3 की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर जुआ की 6350/-रू की राशि बरामद की है।



पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि एक व्यक्ति को 3 नम्बर पुलिया पार्क, डबुआ मंडी के पास सट्टा खाई कर रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर रेड कर मोहित वासी SGM नगर फरीदाबाद को सट्टा खाई करते हुए गिरफ्तार किया। आरोपितों के कब्जे से जुआ से संबंधित 5200/-रू बरामद किए गए।

वहीं एक अन्य मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस चौकी टाउन-3 की टीम ने असलम वासी राहुल कॉलोनी फरीदाबाद को राहुल कॉलोनी के पास सट्टा खाई करते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 1150/-रू की जुआ राशि बरामद की गई।

आरोपियों के विरुद्ध संबंधित थाना में जुआ अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
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 फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा अवैध शराब की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस की विभिन्न टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से देशी एवं अंग्रेजी शराब बरामद की है।


पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अपराध शाखा सेक्टर-16 की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए रशीद खान, निवासी आशियाना अपार्टमेंट, सेक्टर-56, फरीदाबाद, हाल निवासी प्रेम नगर झुग्गी, मस्जिद के पास, बाईपास रोड, सेक्टर-17, फरीदाबाद को गिरफ्तार किया। आरोपित के कब्जे से 250 पव्वे देशी शराब तथा 24 अध्धे अंग्रेजी शराब बरामद किए गए।

इसी प्रकार पुलिस चौकी ग्रीन फील्ड की टीम ने कार्रवाई करते हुए रिंकू बैसला, निवासी गांव मेवला महाराजपुर, फरीदाबाद को गिरफ्तार किया। आरोपित के कब्जे से 28 पव्वे देशी शराब तथा 30 पव्वे अंग्रेजी शराब बरामद की गई।

दोनों मामलों में बरामद शराब को कब्जे में लेकर आरोपितों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की गई है।


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 फरीदाबाद 10 जुलाई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के द्वारा आज अपनी मांगों के समर्थन में ‌ सरकार की टालमटोल की नीति के ‌ विरोध में काला दिवस मनाया ।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले की ‌ विभिन्न ‌ आंगनबाड़ी केंद्रों ‌ की सैकड़ो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सेक्टर 12 के ‌ पार्क में एकत्रित हुई। यहां पर विरोध सभा का आयोजन किया गया। इस सभा की अध्यक्षता जिला प्रधान मालवती

ने की। जबकि संचालन जिला सचिव देवेंद्री शर्मा कर रही थी। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष नवल सिंह, ‌ पूर्व कर्मचारी नेता धर्मवीर वैष्णव और सीटू के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल तथा सीटू जिला कमेटी सदस्य कमलेश भी उपस्थित रही। सभी वक्ताओं ने सरकार पर आंगनवाड़ी वर्करो और हेल्परों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आईसीडीएस जिसे अब सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण दो का नाम दिया गया है। इसको दो अक्टूबर 2025 को 50 साल पूरे हों गए  हैं।फिर भी यह अभी भी सिर्फ एक स्कीम ही बनी हुई है। और इसे ‌ स्कूली शिक्षा की तरह एक स्थाई कार्यक्रम का दर्जा नहीं मिला है। इस सरकार ने 2022 से आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों को ग्रेच्यूटी देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने से इनकार कर दिया है। अब डिजिटलाइजेशन  के नाम पर और फेस रिक्रिएशन सिस्टम लागू करके सरकार ने बड़ी संख्या में गरीब हकदारों को आंगनबाड़ी सेवाओं से बाहर कर दिया है। इसके अलावा लेबर कोड्स के नाम पर इस सरकार ने 8 घंटे काम, न्यूनतम वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ यूनियन बनाने संघर्ष, और हड़ताल, करने के अधिकार को भी छीन लिया है। लेबर कोड्स  में आंगनबाड़ी वर्करों समेत स्कीम वर्करों को वर्कर का दर्जा तक नहीं दिया गयाहै। यह काफी चिंता की बात है। कि ‌ न्यायालय के निर्देश और आपके वायदे के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को आईसीडीएस से जुड़े कार्यों के अलावा दूसरे कार्यों जैसी ‌बी एल ओ की ड्यूटी
 एस आई आर और जनगणना के काम में लगाया जा रहा है। इससे आंगनबाड़ी के कामकाज पर बहुत ‌ विपरीत असर पड़ रहा है।देश भर की लगभग सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने 12 अप्रैल 12 फरवरी 2026 को हुई अखिल भारतीय आम हड़ताल में हिस्सा लिया था। लेकिन सरकार ने अभी तक हमारी किसी भी
 मांग पर कोई जवाब नहीं दिया है। ऐसे हालात में देश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकायें   आज काला दिवस मना रही है। और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है। ‌ इसके बाद आंगनबाड़ी कर्मी प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय के सामने पहुंची।
और देश की माननीय मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ,भारत सरकार, के  नाम 19 सूत्री मांगों का ज्ञापन   उपायुक्त कार्यालय के अधीक्षक को सौंपा।
उनकी मुख्य मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रेड तृतीय और ग्रेड चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी के तौर पर नियमित किया जाना। नियमित होने तक 45 वें  भारतीय श्रम सम्मेलन ‌‌ की ‌ सिफारिश को लागू किया जाए। इसके साथ-साथ सेवा निवृत होने पर पेंशन दी जाए। रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाई जाए। चार श्रम संहिताओं को वापस लिया जाए। आंगनबाड़ी कर्मचारी को श्रम कानून के दायरे में लाया जाए ।फेस रिक्रिएशन सिस्टम की अनिवार्य शर्तों को हटाया जाए। डिजिटल काम के लिए डाटा पैक के साथ अच्छी क्वालिटी के स्मार्टफोन दिए जाएं। कार्यकर्ताओं को परेशान करना बंद किया जाए ।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को आईसीडीएस से अलग कोई काम नहीं दिया जाए । आंगनबाड़ी केंद्रों में पीने के पानी की व्यवस्था पर्याप्त बुनियादी ढांचा गैस कनेक्शन, गैस स्टोव, बर्तन और आधुनिक किचन उपकरण जैसे प्रेशर कुकर इलेक्ट्रिक रोटी मेकर, इडली मेकर इत्यादि समान दिया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बाजार दर के हिसाब से बढ़ाया जाए। लंबित किराए का भुगतान किया जाए। सभी आंगनबाड़ी केदो पर अच्छी क्वालिटी का और पौष्टिक भोजन दिया जाए।
आज की प्रदर्शन में ‌ अनीता ‌ सविता, बबीता, चारु मेहंदी रता, बाला ‌आदि भी उपस्थित रही।

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 फरीदाबाद: साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 81,00,000 रुपये वसुलने के मामले में कार्रवाई करते हुए दूसरी लेयर के एक खाताधारक को 9 जुलाई को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान राजेश निवासी गांव बांस मूण्डधीस्या, दौसा, राजस्थान के रूप में हुई है। जिसको माननीय अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 13 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।



पुलिस प्रवक्ता अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपी राजेश घटनाक्रम में दूसरी लेयर का खाताधारक था। उसने अपना बैंक खाता खुलवाकर साइबर ठगों को उपलब्ध करा रखा था। जिसके बैंक खाते में ठगी की 7,20,000 रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि  प्रथम लेयर में दो बैंक खातों में 30 लाख रुपये और 51 लाख रुपये ट्रांसफर किये गये थे। 51 लाख रुपए वाले प्रथम लेयर के खाते में से आरोपित के खाते में ₹7.20 लाख आये थे।

बता दें कि 21 अक्टूबर 2025 को सेक्टर-7D, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 14 से 18 अक्टूबर 2025 के बीच उसके पास कथित डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT), डीसीपी बेंगलुरु एवं सीबीआई मुंबई के अधिकारी बनकर वीडियो एवं ऑडियो कॉल की गईं। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को “डिजिटल अरेस्ट” कर भयभीत किया और बताया कि उसका नाम मनी लॉन्ड्रिंग एवं ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर मामलों में आया है। केस से नाम हटाने का झांसा देकर आरोपियों ने उससे विभिन्न बैंक खातों में 81,00,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिये। शिकायत पर साइबर थाना बल्लभगढ़ में  एक्सटॉर्शन व धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
by : pramod goyal

 फरीदाबाद: ट्रेडिंग में निवेश कर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 91,50,000 रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना NIT की टीम ने कार्रवाई करते हुए 9 जुलाई को एक अन्य आरोपी को सुरत से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोती हितेश भाई प्रवीन भाई निवासी सूरत, गुजरात के रूप में हुई है।जिसको अदालत में पे


श कर 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि NIT निवासी एक व्यक्ति ने  पुलिसको दी में शिकायत में बताया कि फेसबुक के माध्यम से उसकी एक व्यक्ति से बातचीत शुरू हुई, बाद में व्हाट्सएप पर जारी रही। ठगों ने उसे ट्रेडिंग में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया तथा उसका एक ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया। ठगों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच विभिन्न बैंक खातों में 91,50,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद न तो उसे कोई लाभ मिला और न ही उसकी निवेश की गई राशि वापस मिली। शिकायत पर साइबर थाना NIT में मामला दर्ज किया गया था।

जांच में सामने आया कि आरोपी की साइबर ठगी के लिये खाता उपलब्ध करवाने वाले मीडिएटर की भूमिका थी। उसने नुकुंज से पुरखा राम का बैंक खाता लेकर आगे साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। पुरखा राम का प्रथम लेयर का खाता था, जिसमें ठगी की 30 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई थी।

पुलिस इस मामले में अब तक 4 खाताधारकों तथा 7 खाता उपलब्ध करवाने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। 
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 फरीदाबाद: थाना एनआईटी क्षेत्र के अंतर्गत स्थित एक औद्योगिक इकाई की छत से ए.सी. की कॉपर पाइप चोरी करने के मामले में अपराध शाखा सेक्टर-16 की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 5 किलो 300 ग्राम कॉपर बरामद किया है। जिसकी पहचान सुमित निवासी गांधी कॉलोनी, फरीदाबाद के रूप में हुई है। जिसको माननीय अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।


पूछताछ में आरोपित ने खुलासा किया कि वह ए.सी. रिपेयरिंग का कार्य करता है। 7 जुलाई 2026 को वह उक्त कंपनी में ए.सी. की मरम्मत करने गया था। कार्य पूरा करने के बाद उसकी नजर कंपनी की छत पर रखी ए.सी. की कॉपर पाइपों पर पड़ी और उसने मौका पाकर उन्हें चोरी कर लिया था। 

बता दें कि अंकित बंसल, एच.आर. विभाग  Imperial Auto Industries ने अपने शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी की छत पर ए.सी. की कॉपर पाइपें रखी हुई थीं, जिन्हें 7 जुलाई को कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी कर ले गया। शिकायत पर 8 जुलाई को थाना एनआईटी में मामला दर्ज किया गया था।