हरियाणा में घरेलू गैस की चल रही किल्लत के बीच पेट्रो कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दामों में 1.89 से लेकर 2.35 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी है। दाम में इजाफा अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी के बाद किया गया है। हालांकि, हालांकि, सामान्य पेट्रोल की कीमत में बदलाव नहीं हुआ है।
हरियाणा में करीब 3 हजार पेट्रोल पंप हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन (HPC) ने प्रीमियम पेट्रोल के दामों में प्रति लीटर 1.89 रुपए की बढ़ोतरी की है।
वहीं भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन (BPCL) ने 2.09 रुपए प्रति लीटर दाम बढ़ाए हैं। इंडियन ऑयल कारपोरेशन (IOC) ने प्रति लीटर प्रीमियम पेट्रोल के दामों में 2.35 रुपए की बढ़ोतरी की है।
पेट्रोल की कीमतों में यह बढ़ोतरी कच्चा तेल महंगा होने की वजह से की गई है। ईरान जंग की वजह से कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गए है। इंडियन बास्केट की कीमत 70 डॉलर से बढ़कर 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
फरीदाबाद:
हरदीप सिंह दून, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, दूरसंचार हरियाणा द्वारा 20 मार्च 2026 को जिला फरीदाबाद में अपराध समीक्षा गोष्ठी की गई । गोष्ठी के दौरान पुलिस आयुक्त श्री सतेंद्र कुमार गुप्ता, संयुक्त पुलिस आयुक्त राजेश दुग्गल, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अभिषेक जोरवाल, पुलिस उपायुक्त सेंट्रल उषा, पुलिस उपायुक्त यातायात जयवीर सिंह सहित सभी सहायक पुलिस आयुक्त व सभी थाना प्रबंधक मौजूद रहे। गोष्ठी के दौरान श्री अभिषेक जोरवाल पुलिस उपायुक्त मुख्यालय ने विभिन्न बिंदुओं जैसे सीसीटीवी कैमरे, तुलनात्मक अपराध, नए आपराधिक कानून, नशा मुक्ति अभियान, ट्रैफिक ब्लैक स्पॉट, अधिक अपराध घटित क्षेत्र व अपराधियों का रिकॉर्ड बारे रिपोर्ट प्रस्तुत की।
फरीदाबाद : नवरात्रों के दूसरे दिन माता वैष्णो देवी मंदिर फरीदाबाद में माता ब्रह्मचारिणी की भव्य पूजा अर्चना की गई. मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रातः कालीन पूजा अर्चना और हवन यज्ञ का शुभारंभ करवाया. इस अवसर पर आए हुए श्रद्धालुओं को नवरात्रों की शुभकामनाएं और बधाई भी दी गई. माता ब्रह्मचारिणी के दरबार में माता देखने के लिए विशेष तौर पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राजकुमार वोहरा, दिनेश भाटिया फकीरचंद कथूरिया, उद्योगपति आर के बत्रा, नेतराम, कमल खत्री और मनोज सचदेवा मंदिर में उपस्थित हुए. इस शुभ अवसर पर जगदीश
भाटिया ने आए हुए अतिथियों को माता की चुनरी और प्रसाद भेंट किया. इसके उपरांत श्री भाटिया ने श्रद्धालुओं को मां ब्रह्मचारिणी की महिमा बताते हुए कहा कि मां ब्रह्मचारिणी के एक हाथ में माला और दूसरे हाथ में जलपात्र होता है. मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का पूजन करने से मनचाहा वरदान मिलता है. मां भक्तों के दुखों को हरने वाली और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली हैं. मां ब्रह्मचारिणी को मीठे पकवानों का भोग अर्पित किया जाता है. विशेष रूप से मां को दूध, मिश्री से बनी मिठाइयों या पंचामृत का भोग लगाना शुभ माना जाता है.दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है. इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनना अच्छा माना जाता है. हरा रंग शांति, विकास और समृद्धि का प्रतीक है.कथा के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी का जन्म पर्वतराज हिमालय के घर हुआ था. बचपन से ही उनका मन भगवान शिव को पाने के लिए समर्पित था. एक दिन नारद जी ने उन्हें शिव जी को पति रूप में पाने का मार्ग बताया, जिसके बाद देवी ने कठोर तपस्या करने का निश्चय किया.मां ब्रह्मचारिणी ने हजारों वर्षों तक बहुत कठिन तप किया. शुरुआत में उन्होंने केवल फल और फूल खाकर जीवन बिताया. फिर उन्होंने सौ वर्षों तक सिर्फ जमीन पर रहकर सादा भोजन किया. इसके बाद उन्होंने गर्मी, सर्दी और बारिश की परवाह किए बिना तपस्या जारी रखी.कहा जाता है कि कई हजार सालों तक उन्होंने केवल बिल्वपत्र खाए और भगवान शिव की भक्ति करती रहीं. बाद में उन्होंने पत्ते खाना भी छोड़ दिया और बिना भोजन और पानी के तप करने लगीं. इस कठिन तपस्या के कारण उनका शरीर बहुत कमजोर हो गया था. उनका तप देखकर सभी देवता, ऋषि-मुनि अत्यंत प्रभावित हुए और उन्होंने देवी को भगवान शिव को पति स्वरूप में प्राप्त करने का वरदान दिया. मां की इसी कठिन तपस्या के कारण उनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा था. सच्चे मन से जो भी भक्त मां ब्रह्मचारी की पूजा अर्चना कर अपने मन की मुराद मांगता है वह अवश्य पूर्ण होती है.
फरीदाबाद – साइबर थाना NIT में 15 मार्च 2026 को दर्ज एक मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने टेलिग्राम के माध्यम से टास्क देकर 1,90,000/- रुपये की ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल निवासी नवलगढ़, जिला सीकर (राजस्थान), हाल निवासी महावीर कॉलोनी, पानीपत तथा अजीत कुमार निवासी सरैया, जिला गोंडा (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी महावीर कॉलोनी, पानीपत के रूप में हुई है।
फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाही की जा रही है, इसी क्रम में अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने कार्रवाई करते हुए 4.010 किलोग्राम गांजा सहित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिससे एक मोटरसाईकिल भी बरामद की गई है ।
फरीदाबाद, 20 मार्च 2026 - जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय वाईएमसीए, फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी
विभाग द्वारा ‘डिजिटल युग में मीडिया, समाज और सार्वजनिक विमर्श’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान मीडिया शिक्षा और उद्योग की वर्तमान जरूरतों के बीच तालमेल बिठाने के उद्देश्य से एक
महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, वरिष्ठ पत्रकार और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के दिग्गजों ने हिस्सा लिया और मीडिया शिक्षा में आ रहे बदलावों पर गहन मंथन किया।इस संवाद सत्र में विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। मंच संचालन रवि के. धर ने किया। उन्होंने शुरुआत में ही स्पष्ट किया कि विभाग का नाम 'संचार और मीडिया प्रौद्योगिकी' पूरी तरह से उपयुक्त है क्योंकि संचार केवल पत्रकारिता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बहुत व्यापक और बहु-विषयक क्षेत्र है।परिचर्चा के दौरान जे.सी.बोस विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो.राजीव कुमार ने एनईपी-2020 की प्रशंसा करते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र में होने वाले परिवर्तन में मील का पत्थर बताया। इस बात का समर्थन करते हुए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि कौशल विश्वविद्यालय में इस थ्योरी-प्रैक्टिकल के अनुपात को बदलने का सफल प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में मीडिया स्टूडियो का निर्माण भी छात्रों को बेहतरीन व्यावहारिक ज्ञान देने के उद्देश्य से ही किया गया था। सुपवा के कुलगुरु अमित आर्य और गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. संजय कौशिक ने भी रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर अपने विचार रखे।इस अवसर पर जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने सभी के सुझावों का स्वागत किया और उन पर अमल करने का आश्वासन दिया। परिचर्चा के दौरान मीडिया विशेषज्ञ योगेंद्र चौधरी ने एक गंभीर मुद्दा उठाया कि वर्तमान में शिक्षक उद्योग की वास्तविक जरूरतों को समझकर छात्रों को नहीं पढ़ा रहे हैं। उन्होंने उद्योग जगत, सरकार और शिक्षण संस्थानों को एक साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। 'फरीदाबाद वॉयस' के सौरभ भारद्वाज ने कहा कि तीन साल की डिग्री पूरी करने के बाद भी छात्रों का व्यावहारिक ज्ञान लगभग शून्य होता है। उन्होंने वर्तमान के 80 प्रतिशत क्लासरूम और 20 प्रतिशत प्रैक्टिकल के अनुपात को पूरी तरह से उलटने की आवश्यकता जताई।वरिष्ठ और पूर्व टीवी पत्रकारों ने वर्तमान मीडिया के हालात पर चिंता व्यक्त की। पूर्व ज़ी न्यूज़ पत्रकार अमित प्रकाश ने कहा कि आज टीवी न्यूज़ चैनलों में अच्छे संपादकों और 'ग्राउंड जीरो
रिपोर्टिंग' की भारी कमी हो गई है। एंकरों ने अब रिपोर्टरों की जगह ले ली है। ज़ी न्यूज़ के हर्षवर्धन ने टिप्पणी की कि आज की पत्रकारिता में रीयल से ज्यादा 'रील' का प्रभाव हावी हो गया है। 'हिंदू बिजनेस टाइम्स' के शिशिर ने कहा कि कोई भी संस्थान अपने आप में एक पत्रकार नहीं गढ़ सकता और केवल 'सीयूइटी' के जरिए सही प्रतिभा खोज संभव नहीं है।वरिष्ठ पत्रकार जयदीप कार्णिक ने कहा कि पत्रकारिता में नौकरियों की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है कि छात्रों को लगातार प्रशिक्षित करने के लिए छोटे-छोटे समूह बनाए जाएं। वहीं, अमर उजाला के प्रतिनिधि ने सुझाव दिया कि उद्योगपतियों को अपने 'सीएसआर फंड' का इस्तेमाल विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए करना चाहिए। पेंगुइन पब्लिशिंग के श्रीराम ने ग्रेडिंग सिस्टम को बांटने वाला बताया। कैपिटल टीवी के प्रवक्ता ने कहा कि आज के छात्र अपना करियर बनाने से ज्यादा केवल 3 महीने की इंटर्नशिप में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पत्रकार बी.वी. राव ने परिचर्चा का सटीक निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि भारत की
मुख्य समस्या बेरोजगारी नहीं है, बल्कि युवाओं का रोजगार के अयोग्य होना है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को खुद के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने की सख्त जरूरत है और
मीडिया संस्थानों को भी भर्ती करने से पहले उम्मीदवारों का कठोरता से परीक्षण करना चाहिए।इस महत्वपूर्ण परिचर्चा में सीएमटी विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह, डीन प्रो.अतुल मिश्रा, डीन प्रो.अनुराधा शर्मा, प्रो. राजेश कुमार, प्रो.संजीव गोयल, एनएचपीसी के वित्त प्रमुख महेश शर्मा, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के अभय कुमार सिंह, सम्मेलन के कोऑर्डिनेटर डॉ.राहुल आर्य, डॉ.सोनिया हुड्डा और डॉ. अखिलेश त्रिपाठी सहित कई अन्य
विशेषज्ञ, फैकल्टी, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।






