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by : pramod goyal

 फरीदाबाद। अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा कांग्रेस का पंजाबी। हाल फिलहाल में यूथ कांग्रेस ने वर्किंग प्रेसिडेंट बनाए—यह आश्चर्यजनक और हैरान करने वाली बात है कि ऐसे युवा को मौका दिया गया। जिसने यूथ का चुनाव लड़ा है क्या अब यूथ का सुना हुआ अध्यक्ष और वर्किंग प्रेसिडेंट संयुक्त रूप से कांग्रेस के लिए काम करेंगे यह बड़ा प्रश्न है। 


उस पर एक कृपा और कर दी—फरीदाबाद के जिला अध्यक्ष ने उसे अपनी कमेटी में सचिव भी नियुक्त कर दिया। जहां जिला कांग्रेस में पंजाबी के नाम पर एक सरदार जी को रखा, किसी एक भी अन्य पंजाबी को नहीं लिया। वहीं एक मुस्लिम को लिया, जो यूथ कांग्रेस में वाइस प्रेसिडेंट था अब वर्किंग प्रेसिडेंट बना दिया गया क्या दोनों पोस्ट एक व्यक्ति को दी जा सकती है
 एंथोनी जी की रिपोर्ट कांग्रेस ने अभी तक नहीं पढ़ी, जिसमें स्पष्ट था कि अत्यधिक मुस्लिम प्रेम कांग्रेस को 40 सीटों पर आज तक के इतिहास में सबसे नीचे ले गया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।
सच में, पंजाबियों के लिए अब एक ही पार्टी बचती नजर आ रही है, जिसका नाम भारतीय जनता पार्टी है। अब पंजाबी नेताओं को उस पर विचार करना चाहिए। हाल फिलहाल में पंजाबी समुदाय का एक व्यक्ति, जो जिले का शहरी अध्यक्ष बनने की चर्चा में था, और उसे बड़े नेताओं से मिलवाने का समय भी ले लिया था फिलहाल के जिला अध्यक्ष ने वह भी बीजेपी में चला गया।
इसके अलावा, एक पंजाबी को, जो कांग्रेस की टिकट पर वार्ड का चुनाव भी नहीं लड़ा था, उसे अध्यक्ष बनाया जा रहा था—लेकिन अंत समय में वह भी पलटकर बीजेपी में चला गया।
अब समय आ गया है कि कांग्रेस को और गंभीरता से सोचना ही होगा।”
by : pramod goyal

 गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हु़ड्‌डा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट ने केस में ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी 9 आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया है।

विशेष न्यायाधीश सुशांत चांगोत्रा ने आदेश दिया है कि वाड्रा सहित सभी


आरोपी 16 मई को अदालत में पेश हों। ईडी ने 17 जुलाई 2025 को रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान वाड्रा के वकील ने कोर्ट से कहा कि वाड्रा खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है। वाड्रा से ईडी इस मामले में 3 बार पूछताछ कर चुकी है।

बता दें कि फरवरी 2008 में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपए में खरीदी थी। जमीन की यह डील उस समय हुई, जब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री थे।

दस साल बाद 2018 में हरियाणा पुलिस ने रॉबर्ट वाड्रा, भूपेंद्र हुड्डा, DLF और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इस केस में वाड्रा के साथ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा भी आरोपी हैं। उन पर आरोप है कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने वाड्रा की कंपनी को मुनाफा पहुंचाया।

by : pramod goyal

 फरीदाबाद – पुलिस प्रवक्ता अनुसार 12 अप्रैल को थाना धौज की ERV टीम को गांव आलमपुर में BSA कॉलेज के पीछे झगड़े की  कॉल प्राप्त हुई थी। सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जहां दो पक्ष आपस में झगड़ा कर रहे थे। जब पुलिस टीम, दोनों पक्षों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही थी, तो इसी दौरान एक पक्ष के सद्दाम व आलम ने एक पुलिसकर्मी राजेंद्र को जान से मारने की नीयत से अपनी गाड़ी से टक्कर मार दी। घटनाक्रम के संबंध में सिपाही सोनू की शिकायत पर थाना धौज में हत्या के प्रयास की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।


उन्होंने आगे बताया कि AVTS सिकरौना की टीम ने कार्रवाई करते हुए 14 अप्रैल को आलम निवासी गांव आलमपुर व सद्दाम निवासी गांव सिरोही को गिरफ्तार कर लिया है।

जिनसे पूछताछ में सामने आया कि 12 अप्रैल को उनका अपने गांव के ही साहिल और उसके पिता के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के चलते साहिल ने कॉल कर पुलिस को मौके पर बुलाया था। पुलिस टीम द्वारा उनको थाना में चलने के लिये कहने पर वे तैश में आ गए और गाड़ी में बैठकर पुलिसकर्मी को जान से मारने की नीयत से टक्कर मार दी। स्विफ्ट गाड़ी आलम की है और वारदात के समय वही गाड़ी चला रहा था।

आरोपित घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे और नूंह में अपने रिश्तेदारी में चले गए थे। टीम ने उनको 14 अप्रैल को पाली चौक से गिरफ्तार किया है।

आरोपितों का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। आलम के विरुद्ध हत्या के प्रयास सहित 4 मामले नोएडा व नूंह में दर्ज है, वह करीब डेढ़ साल पहले ही जेल से आया था। वहीं सद्दाम पर भिवाड़ी व नूंह में 2 मामले दर्ज हैं। जिनको अदालत में पेश कर 1 दिन पुलिस रिमांड पर लिया गया है।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद 15 अप्रैल ‌- फरीदाबाद में मजदूर  आंदोलन पर ‌ दमनकारी नीतियों को अपनाने के ‌ विरोध में कल ‌ 16 अप्रैल को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू  के ‌ सैकड़ो ‌ श्रमिक जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। यह जानकारी सीटू के जिला प्रधान ‌ निरंतर पराशर,‌ और जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने संयुक्त रूप से दी। उन्होंने बताया कि ‌ न्यूनतम वेतन ‌ में ‌ वृद्धि  करने डबल ओवर टाइम देने ‌ मजदूरों को कारखाने में सुरक्षा प्रदान करने सहित  अन्य मांगों को लेकर जब ‌ श्रमिक आंदोलन करते है। तब मालिक उनकी मांगों का समाधान नहीं करते हैं। कारखाने में लगातार 10


से लेकर 14 घंटे तक काम करना पड़ता है। काम के दौरान दुर्घटनाएं होती हैं। लेकिन उन्हें कोई मुआवजा तक नहीं मिलता। जब से खाड़ी का युद्ध शुरू हुआ है। तब से उन्हें रसोई गैस  नहीं  मिल रही है। पहले 5 किलो का सिलेंडर ‌‌ 1500 में भर जाता था। अब चार से पांच हजार रुपए में ‌ गैस भरी जाती है। जिन घरों में मजदूर किराए पर रहते हैं। मालिकों ने ‌ उनका किराया बढ़ा दिया। महंगाई बढ़ रही है। खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं। सीजनल सब्जियां महंगी हो रही है। इन हालातो में जब मजदूर वेतन में बढ़ोतरी की मांग करता है। और आंदोलन पर उतरता है। तब फैक्ट्री के मालिक  प्रशासन से  मिलकर मजदूरों का दमन और उत्पीड़न तथा लाठीचार्ज तक करवा देते हैं। फरीदाबाद में सेक्टर 37 में मदरसन फैक्ट्री के श्रमिकों ने 13 -14  अप्रैल को ‌ हरियाणा सरकार द्वारा 8 अप्रैल को 15220 की न्यूनतम वेतन में की गई बढ़ोतरी को ना काफी बताया। उनका कहना था। कि उनको  फिलहाल  18000 से अधिक  वेतन ‌ मिलता है। नेताओं ने बताया कि हरियाणा के 14 जिले एनसीआर में आते हैं। जहां लाखों की संख्या में मजदूर हैं। कायदे से एनसीआर का वेतन एक जैसा होना चाहिए। दिल्ली में 18000 रुपए से ऊपर न्यूनतम वेतन है। जबकि हरियाणा में यह मार्च तक केवल 11274 था। नियम अनुसार हरियाणा में 2020 में वेतन रिवाइज होना चाहिए था। जो भाजपा की सरकार ने नहीं किया। सीटू और अन्य ट्रेड यूनियनों द्वारा किए गए आंदोलन के चलते पिछले साल 2025 में न्यूनतम में  वेतन में वृद्धि  करने के लिए कमेटी बनाई  गई। जिसमें मजदूरों ,मालिकों व सरकार के प्रतिनिधि थे ।इस कमेटी की 9 बैठक हुई। उन बैठक में कमेटी ने ₹30000 न्यूनतम वेतन की मांग की थी। लेकिन कमेटी ने 29 दिसंबर 2025 की पानीपत की बैठक में 23196 का । सर्वसम्मत  प्रस्ताव पारित किया। परंतु  सरकार ने स्वीकार नहीं किया। और 2 मार्च के बजट भाषण में 15220 रूपए न्यूनतम वेतन देने की घोषणा कर दी गई और इसका कोई नोटिफिकेशन भी नहीं किया। महंगाई की मार झेल  रहे मजदूरों ने अप्रैल के पहले सप्ताह में मानेसर में ऑटोमोबाइल कंपनियां, गारमेंट्स सहित 10 दोनों कंपनियों के हजारों मजदूरों ने शांतिपूर्वक आंदोलन किया। तब सरकार  ने इसकी घोषणा की।‌ उन्होंने बताया कि ‌ फरीदाबाद में बहुत सारे कारखाने हैं। जहां ‌ मजदूरों को पहले घोषित न्यूनतम वेतन नहीं मिलता। उनका ई एस आई और ‌पी एफ ‌ नहीं काटा जाता है। उन्हें त्योहारों पर छुट्टियां नहीं मिलती हैं। फैक्ट्री के अंदर शौचालय नहीं है। महिला कर्मियों के लिए अलग से शौचालय का निर्माण नहीं किया गया है।‌ कैंटीन है।‌ लेकिन ठेका और कैजुअल  । श्रमिकों ‌ कंपनी परिसर में बनी कैंटीन में खाने की सुविधा नहीं दी जाती है। आने जाने के लिए यातायात भट्ट नहीं मिलता है। काम करते हुए दुर्घटना होने पर मुआवजा प्रदान नहीं किया जाता है। अधिकांश कारखाने में श्रमिकों को आई कार्ड और अपॉइंटमेंट लेटर भी नहीं दिए गए हैं। इन्हीं मांगों को लेकर मदरसन फैक्ट्री,‌ विनायक आयुर्वेदिक फैक्ट्री सेक्टर 31 और 24 - 25 सेक्टर के ‌ श्रमिकों में भारी असंतोष व्याप्त है।‌ जिला सचिव ने बताया कि कल 14 अप्रैल को ‌‌ मदर्सन ग्रुप के संघर्षरत वर्करों पर  दमनात्मक कार्रवाई की गई है। सीटू इसका डटकर विरोध करती है। ‌ कल सरकार को न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी करने मानेसर में गिरफ्तार मजदूरों को बिना शर्त रिहा करने, डबल ओवर टाइम करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, लेबर कोड्स को रद्द करने ‌ करने की मांगो को जोरदार ढंग से उठाया जाएगा। कल के प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए आज भारत गैयर लिमिटेड ,‌ बदरपुर बॉर्डर पर ऑटो रिक्शा यूनियन ने अपने श्रमिकों को हैंड बिल वितरित किए। इस मौके पर बीजीएल के ‌ प्रधान रवि, ‌ सचिव मनोज, ‌ कोषाध्यक्ष प्रेम, ‌‌ ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रधान भोपाल सिंह विशेष रूप से उपस्थितरहे।

by : pramod goyal

 फरीदाबाद – 1 से 30 अप्रैल 2026 तक हरियाणा पुलिस द्वारा *“ऑपरेशन स्माइल”* के नाम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।  जिसके अंतर्गत गुमशुदा बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों की तलाश तथा बच्चों के पुनर्वास के लिये पुलिस द्वारा लगातार बेहतरीन कार्य किये जा रहे हैं। फरीदाबाद पुलिस ने इस अभियान के दूसरे सप्ताह में 40 गुमशुदा को तलाश कर परिजनों से मिलाया है, भीख मांगने वाले 45 बच्चों को रेस्क्यू किया है तथा 5 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया है।


पुलिस प्रवक्ता अनुसार फरीदाबाद पुलिस ने *ऑपरेशन स्माइल* के अंतर्गत *8 से 14 अप्रैल* तक प्रभावी कार्रवाई करते हुए 14 गुमशुदा बच्चों व 26 वयस्क को तलाश कर उनके परिजनों से मिलवाया है। इसके साथ ही भीख मांगने वाले 45 बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत उनके पुनर्वास की प्रक्रिया सुनिश्चित की है। वहीं 5 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया है।

फरीदाबाद पुलिस की किडनैपिंग एबडक्शन टीम (KAT) ने 4 बच्चों व 12 वयस्क को तलाश कर उनके परिजनों से मिलाया है। साथ ही भीख मांगने वाले 45 बच्चों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के सम्मुख पेश किया है।

ऑपरेशन के दौरान KAT टीम ने 1 साल से लापता 34 वर्षीय महिला को गांधीनगर गुजरात से तलाश किया है, वहीं पिछले 10 महीना से गुम एक 12 वर्षीय बच्चे को अलीगढ़ उत्तर प्रदेश से तलाश कर परिजनों से मिलवाया है।

फरीदाबाद पुलिस द्वारा *“ऑपरेशन स्माइल”* के तहत लगातार अभियान चलाकर गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश व बच्चों के बेहतर भविष्य के लिये प्रयास जारी रहेगा।
by : pramod goyal

 फरीदाबाद: सामुदायिक पुलिसिंग सेल फरीदाबाद ने नेहरू कॉलेज में आयोजित महिला स्कूटी रैली का हिस्सा बनकर छात्राओं एवं उपस्थित महिलाओं को विभिन्न सामाजिक एवं सुरक्षा विषयों पर जागरूक किया गया। कार्यक्रम में शहर की गणमान्य महिलाओं ने भाग लिया तथा स्कूटी रैली के माध्यम से ट्रैफिक नियमों के पालन एवं नशा मुक्त भारत का संदेश दिया गया।


इस अवसर पर सामुदायिक पुलिसिंग सेल की प्रभारी निरीक्षक सुनीता ने उपस्थित छात्राओं एवं महिलाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षित महिला ही सशक्त समाज की नींव रखती है।

निरीक्षक सुनीता द्वारा कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के विरुद्ध अपराध (Crime Against Women) तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुप्रथा है, जो बेटियों के अधिकारों एवं उनके उज्ज्वल भविष्य को प्रभावित करती है। इस प्रकार की कुप्रथाओं को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक होना आवश्यक है तथा संबंधित कानूनों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान वीडियो वैन के माध्यम से उपस्थित लोगों को नशे के दुष्प्रभावों एवं ट्रैफिक नियमों के पालन संबंधी लघु फिल्में दिखाकर जागरूक किया गया। साथ ही आपातकालीन एवं सहायता हेतु महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर जैसे डायल 112, 1030, 1033 एवं 1098 की जानकारी भी साझा की गई। इसके अतिरिक्त “MANAS” ऐप के बारे में जानकारी देते हुए लोगों को नशे से संबंधित शिकायत एवं सहायता के लिए इसका उपयोग करने हेतु प्रेरित किया गया।

इस जागरूकता अभियान के दौरान लगभग 1200 लोगों को सीधे तौर पर लाभान्वित किया गया, जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित हुआ। 
by : pramod goyal

 फरीदाबाद- फरीदाबाद पुलिस द्वारा अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। 23/24 नवम्बर की रात को सेक्टर 24 स्थित एक कम्पनी से कॉपर व गाडी की लूट के मामले में अपराध शाखा सेक्टर-30 की टीम ने छठे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जिसकी पहचान शिवम वासी हिरोली जिला मैनपुरी उ.प्र. के रूप में हुई है।


पुलिस प्रवक्ता अनुसार 23/24 नवम्बर की रात को 5/6 व्यक्तियों ने सेक्टर-24 स्थित त्रिकूटा मेटल्स प्लांट में चोकीदार को बंधंक बनाकर करीब 2000 किला तांबा, एक पिक अप गाडी व दो LED टीवी लूट कर ले गये।  घटनाक्रम के संबंध में जतिन चोपडा की शिकायत पर थाना मुजेसर में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

पूछताछ में सामने आया कि वह पहले गिरफ्तार हो चुके कन्हैया का चचेरा भाई है। कन्हैया ने उसे वारदात में शामिल किया था। सभी ने मिलकर 23/24 नवम्बर की रात को इस घटना को अंजाम दिया था। घटना के बाद से ही वह उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर ट्रैक्टर पर कंडक्टर का काम करने लगा था। जिसको माननीय अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।

घटनाक्रम के संबंध में अपराध शाखा सेक्टर 30 की टीम ने 5 आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर, 2110 किलो ग्राम तांबा, दो LED टीवी व एक पिक अप गाडी बरामद किया जा चुका है।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद में मशहूर रियल एस्टेट कंपनियों के दफ्तर पर मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने जांच की। सूत्रों के अनुसार दिल्ली से आई CBI की 4 सदस्यीय टीम सुबह करीब 7 बजे दफ्तर पहुंची और करीब 10 घंटे तक वहां मौजूद बैंक से जुड़े दस्तावेजों की जांच करती रही।

इस दौरान अधिकारियों ने कुछ लोगों के बैंक खातों से जुड़े नाम और विवरण भी नोट किए और कुछ जरूरी दस्तावेज अपने साथ ले गए। जांच के दौरान CBI अधिकारियों ने बिल्डर द्वारा खरीदारों को बेचे गए घरों से जुड़े दस्तावेजों और कागजातों की भी पड़ताल की।

अधिकारियों ने इन कागजों के माध्यम से यह समझने की कोशिश की कि घरों की बिक्री और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कंपनी के कर्मचारियों ने अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया और मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए। शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच जांच की प्रक्रिया समाप्त हुई, जिसके बाद CBI की टीम जरूरी दस्तावेज लेकर दिल्ली लौट गई।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद : फरीदाबाद के सेक्टर-3 में देर रात एक अहाता मैनेजर की पीट-पीट कर कुछ लोगों ने हत्या कर दी। वारदात के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मैनेजर आदेश को फरीदाबाद के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर उसको डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। हत्या के कारणों का अभी पता


नहीं चल पाया है। पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है। 


मृतक के भाई का कहना है कि देर रात जब वह अपने भाई को घर लाने के लिए गया था, तो आते पर समय कुछ लोग आए और उनके पैसे छीन कर ले गए और साथ ही मारपीट भी की, जिसमें उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस  परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात भी कह रही है। 

बताया जा रहा है कि विवाद पूरा शराब पीने को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें पास ही के सामुदायिक भवन में आई एक बारात के कुछ लोगों के द्वारा अहाते में शराब पीने की बात कही लेकिन 12:00 बजे के बाद अहाता नहीं खोलने को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि उन लोगों ने अहाता संचालक को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।