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by : pramod goyal


 भारत आज अपने लोकतांत्रिक इतिहास के एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहाँ समानता, सहभागिता और सामाजिक न्याय के संकल्प को वास्तविक रूप देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण सुनिश्चित करने की पहल केवल एक विधायी परिवर्तन नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक क्रांति का संकेत है, जो आने वाले समय में देश की राजनीति और नीति-निर्माण की दिशा तय करेगी।

दशकों से महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर चल रही बहस अब निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुकी है। लंबे इंतजार, अनेक प्रयासों और व्यापक सहमति के बाद यह स्पष्ट होता जा रहा है कि अब देश की आधी आबादी को केवल दर्शक बनाकर नहीं रखा जा सकता। उन्हें निर्णय प्रक्रिया का केंद्र बनाना ही समय की सबसे बड़ी मांग है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस दिशा में उठाया गया कदम 21वीं सदी के सबसे प्रभावशाली निर्णयों में गिना जा रहा है। यह पहल नारी शक्ति को समर्पित है और इसका उद्देश्य महिलाओं को केवल भागीदारी नहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में स्थापित करना है। संसद और विधानसभाओं में उनकी बढ़ती उपस्थिति न केवल लोकतंत्र को मजबूती देगी, बल्कि निर्णयों में संवेदनशीलता और व्यापकता भी सुनिश्चित करेगी।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से शासन की कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव आता है, यह बात अब सिद्ध हो चुकी है। जब महिलाएं नीति निर्माण का हिस्सा बनती हैं, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, पोषण और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर अधिक गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम होता है। यही कारण है कि महिला नेतृत्व को केवल अधिकार नहीं, बल्कि विकास का आधार माना जा रहा है।
इस दिशा में यह एक सुनहरा अवसर है कि आरक्षण के साथ महिलाओं के नेतृत्व को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए। आज की नारी में अपार क्षमता, दृष्टि और नेतृत्व कौशल मौजूद है, जिसे सही मंच और सहयोग मिलने पर वह प्रभावी रूप से देश की दिशा तय कर सकती है। प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग के माध्यम से यह शक्ति और अधिक सशक्त बनेगी, जिससे महिलाएं आत्मविश्वास के साथ निर्णय प्रक्रिया का नेतृत्व करते हुए राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।
भारत में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस दिशा में एक मजबूत आधार प्रस्तुत करती है। लाखों महिलाएं स्थानीय शासन में अपनी भूमिका निभा रही हैं और कई राज्यों में उनकी भागीदारी लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। यह अनुभव बताता है कि जब महिलाओं को अवसर मिलता है, तो वे न केवल जिम्मेदारी निभाती हैं, बल्कि व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह भी बनाती हैं।

हरियाणा सहित कई राज्यों में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बीते वर्षों में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिले हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों ने सामाजिक सोच को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब यह बदलाव केवल शिक्षा और स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को नेतृत्व के केंद्र में लाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
आर्थिक सशक्तिकरण भी इस परिव

र्तन का एक महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरा है। स्वयं सहायता समूहों, स्वरोजगार योजनाओं और स्टार्टअप्स के माध्यम से महिलाओं ने अपनी एक नई पहचान बनाई है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज में अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाने में सक्षम होती हैं। यही आत्मनिर्भरता उन्हें राजनीति और नीति-निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती है।

महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी हाल के वर्षों में कई ठोस पहल की गई हैं। कानूनी सुधार, त्वरित न्याय व्यवस्था और डिजिटल माध्यमों के जरिए शिकायत दर्ज करने की सुविधाओं ने महिलाओं को अधिक सुरक्षित और सशक्त बनाया है। एक सुरक्षित वातावरण ही महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने का विश्वास देता है, और यही किसी भी प्रगतिशील समाज की पहचान होती है।

नारी शक्ति वंदन की यह पहल केवल एक कानून नहीं, बल्कि एक सोच है एक ऐसा दृष्टिकोण जो महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में स्थापित करता है। यह उन करोड़ों महिलाओं के सपनों को नई उड़ान देगा, जो अब तक सीमित अवसरों के बावजूद आगे बढ़ने का प्रयास करती रही हैं।
आने वाला समय इस बात का साक्षी बनेगा कि यह ऐतिहासिक कदम किस प्रकार भारत के लोकतंत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। जब महिलाएं संसद और विधानसभाओं में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराएंगी, तब निर्णयों में समाज के हर वर्ग की आवाज और अधिक प्रभावी ढंग से गूंजेगी।

अंततः, यह स्पष्ट है कि नारी शक्ति का सशक्तिकरण ही विकसित भारत की सबसे बड़ी गारंटी है। जब महिलाओं को अधिकार, अवसर और सम्मान तीनों मिलेंगे, तभी लोकतंत्र अपनी पूर्णता को प्राप्त करेगा और भारत एक समतामूलक, सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर नई पहचान बनाएगा।
by : pramod goyal

 फरीदाबाद – फरीदाबाद पुलिस द्वारा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा ऊंचा गांव की टीम ने गाड़ी से हेल्थ सप्लिमेंट के


डिब्बे चोरी करने के मामले में एक और आरोपित को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान जुनेद निवासी नौसेरा, जिला नूंह के रूप में हुई है।


पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, विजेन्द्र निवासी गांव छपार, जिला झज्जर ने थाना सराय ख्वाजा में दी अपनी शिकायत में बताया कि वह भौडाकलां क्षेत्र में हेल्थ सप्लिमेंट का कार्य करता है। 13 अक्टूबर 2025 को उसने एक गाड़ी किराये पर लेकर 254 बॉक्स में हेल्थ सप्लिमेंट का सामान लोड कर फरीदाबाद स्थित एक फर्म अपोलो हेल्थ कॉरपोरेशन (Apollo Health Co.) में भेजा था। 14 अक्टूबर को जब उक्त सामान उतारकर गिनती की गई तो कुछ बॉक्स में से सप्लिमेंट के डिब्बे गायब पाए गए। शिकायत के आधार पर थाना सराय ख्वाजा में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

पूछताछ मे सामने आया कि आरोपित बिलाल सप्लिमेंट से भरी गाड़ी को लेकर अपने परिचित जुनेद के पास गया था, जहां बिलाल, नफीश व अन्य साथियों ने सप्लिमेंट को जुनेद की पिकअप गाड़ी में लोड किया। इसके बाद जुनेद उक्त सप्लिमेंट को लेकर अपने एक अन्य साथी के पास तावडू ले गया और वहां माल उतार दिया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर माननीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे 1 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
by : pramod goyal
फरीदाबाद – पुलिस प्रवक्ता अनुसार सुमित निवासी नंगला राम सिंह, जनपद औरैया उत्तर प्रदेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका भाई आदेश कुमार, सेक्टर-3 फरीदाबाद स्थित शराब ठेका हाउस ऑफ लिकर के साथ बने अहाता में मैनेजर के तौर पर काम करता था। 15 अप्रैल की रात करीब 12 बजे वह अपने भाई के पास गया था। वहां उसने देखा कि दो व्यक्ति उसके भाई के साथ गाली-गलौच कर रहे थे। कुछ देर बाद 10-12 लोग लाठी-डंडों के साथ मौके पर पहुंचे और आते ही उसके भाई के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमले में आई गंभीर चोटों के कारण आदेश कुमार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। शिकायत पर थाना सेक्टर-8 में हत्या की धाराओं

के  अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

उन्होंने बताया कि अपराध शाखा ऊंचा गांव की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में 16 अप्रैल को अभिषेक (23) व रोहित (23) वासी इंदिरा कॉलोनी झाड़सा गुरुग्राम को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

जिनसे पूछताछ में सामने आया कि 14 अप्रैल को सेक्टर-3 स्थित सामुदायिक केंद्र में उनकी भांजी की शादी का कार्यक्रम था। रात लगभग 12:00 बजे अभिषेक व उसका भांजा सामुदायिक केंद्र के साथ स्थित ठेके पर शराब लेने आये परंतु ठेका बंद था, उन्होंने ठेका के साथ बने आहता का दरवाजा खटखटाया। आदेश ने दरवाजा खोला, तो उन्होंने आदेश से शराब मांगी जिस पर आदेश ने कहा कि ठेका बंद हो गया है शराब नहीं है। इसी को लेकर उनकी कहासुनी हो गई, आदेश व उसका भाई उनके पीछे भागे तभी उन्होंने भाग कर सामुदायिक केंद्र से अपने साथियों को बुला लिया और उन्होंने आदेश पर लाठी, डंडा व पत्थर से हमला किया जिससे आदेश मृत्यु हो गई।

जिनको शुक्रवार को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। 

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 फरीदाबाद:  फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखाओं द्वारा नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाही की जा रही है। 15 अप्रैल को AVTS-2 भुपानी व अपराध शाखा सेक्टर-65  की टीम ने अवैध नशा बेचने के अलग-अलग मामलों में 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।  


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि AVTS-2 भुपानी की टीम ने अपने गुप्त सूत्रों की सूचना के आधार पर कार्रवाही करते हुए आदिल वासी पिपल जिला रामपूर उ.प्र. हाल बसेलवा कॉलोनी, फरीदाबाद को 1.150 किलोग्राम गांजा सहित मुकूट गार्डन खेडीपुल एरिया से गिरफ्तार किया है। उसने बताया कि वह मुरादाबाद से अवैध नशा लेकर आया था।

वहीं अपराध शाखा सेक्टर-65 की टीम ने खुवीचन्द वासी गाँव दीघोट जिला पलवल  को 410 ग्राम गांजा सहित सेक्टर-12 एरिया से काबू किया है। 

आरोपितों के विरुद्ध संबंधित थानों मे एन.डी.पी.एस. की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आदिल को 1 दिन पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। 


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 बल्लभगढ़: आमजन ही पुलिस के आंख और कान है। उनके माध्यम से अपराधिक व अन्य सूचनाएं पुलिस को प्राप्त होती है तथा आमजन के सहयोग से ही अपराधों पर अंकुश लगाना संभव है। जिस संबंध में समय-समय पर पुलिस अधिकारियों द्वारा कोआर्डिनेशन मीटिंग की जाती है। 15 अप्रैल को पुलिस उपायुक्त बल्लभगढ़,  प्रतीक अग्रवाल ने अपने कार्यालय लघु सचिवालय बल्लभगढ़ में रोड सेफ्टी के सदस्यों, RWA के सदस्यों, मार्केट प्रधान व अन्य गणमान्यों के साथ पुलिस पब्लिक कोआर्डिनेशन मीटिंग का आयोजन किया है।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मीटिंग के दौरान प्राइवेट बसों व ऑटो चालकों के ठीक प्रकार से अपने वाहनों के संचालन, मार्केट में अतिक्रमण, ठेकों के सामने शराब पीना, सेक्टर/सोसाइटी में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था का बंदोबस्त करना आदि विषयों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। 

प्रतीक अग्रवाल, पुलिस उपायुक्त बल्लभगढ़ ने गोष्ठी के दौरान कहा कि उनके द्वारा हाल ही में बस अड्डा पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिये चेकिंग की गई थी। प्रबंधक थाना शहर, प्रभारी चौकी बस स्टैंड व ट्रैफिक स्टाफ को निर्देशित किया गया है कि ठीक प्रकार से यातायात संचालित हो। शराब ठेकों के आसपास पुलिस द्वारा गस्त की जा रही है और कोई भी कानून की आवहेलना कर रहा है, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि बल्लभगढ़ मार्केट में अतिक्रमण की बड़ी समस्या है जिसके लिये नगर निगम के सहयोग से निष्पादन किया जाएगा। उन्होंने RWA के सदस्यों से कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगवायें ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। सभी प्रबंधक थाना को अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक गस्त करने बारे निर्देशित किया गया है।

गोष्ठी के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त बल्लभगढ़ जितेश कुमार, बल्लभगढ़ जोन के सभी थाना प्रबंधक, साथ ही राहुल गोयल चेयरमैन सीएम विंडो, गौरव वीरमणी, प्रेम खट्टर प्रधान बल्लभगढ़ मार्केट, गुरमीत सिंह महासचिव फिवा, सतन कुमार प्रधान रोड सेफ़्टी, राजन छाबरा प्रधान बस अड्डा मार्केट, दीपक कुमार रोड सेफ़्टी, योगेंद्र प्रधान सेक्टर 2 बल्लभगढ़ सहित सहित अन्य गणमान्य व्यक्तिगण भी मौजूद रहे।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद 16 अप्रैल ‌ मानेसर  ‌ मजदूर आंदोलन में गिरफ्तार श्रमिकों को रिहा करने, न्यूनतम वेतन ‌ लागू करने,‌ डबल ओवर टाइम और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी प्रदान करने सहित अन्य मांगों को लेकर आज सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू जिला कमेटी के सैकड़ो वर्करों ने लघु सचिवालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।‌ जमकर ‌ नारे लगाए। श्रमिक ‌ मानेसर, ‌ नोएडा में गिरफ्तार श्रमिकों को रिहा करो, ‌ न्यूनतम वेतन लागू करो के नारे लगा रहे थे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी कारखानों के ‌ श्रमिक और विभिन्न परियोजनाओं के सैकड़ो वर्कर ‌ आज सवेरे राजस्थान भवन के सामने एकत्रित हुए। ‌ यहां पर ‌ विरोध सभा आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता जिला प्रधान निरंतर पाराशर और संचालन जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि राज्य सरकार की न्यूनतम वेतन को लागू करने में ढुलमुल नीति अपनाने के कारण ‌ श्रमिकों में ‌ नाराजगी बढ़ी।

 प्रदर्शन कारियों को सीटू के  महासचिव ‌ जय भगवान ने संबोधित किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में ‌‌ 2 मार्च को  ‌ न्यूनतम वेतन  15220 रुपए  करने का ऐलान किया था। लेकिन समय रहते इसका नोटिफिकेशन नहीं किया गया। एक तरफ श्रमिकों को बढ़ती हुई महंगाई के कारण रसोई गैस मिलनी बंद हो गई। ‌ दूसरी तरफ मकान मालिकों ने किराया बढ़ाना शुरू कर दिया। ‌ जबकि न्यूनतम वेतन में सरकार ने कोई इजाफा नहीं किया। सरकार की ‌ टालमटोल की नीति ‌और बढ़ती हुई महंगाई की वजह से परेशान होकर मानेसर के ‌ विभिन्न कारखानों के श्रमिकों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया। इस आंदोलन में सरकार ने पुलिस बल का प्रयोग करके ‌ गरीब श्रमिकों को जेल में बंद कर रखा है। उनकी नाजायज गिरफ्तारी की गई  है। ‌ इस प्रदर्शन के माध्यम से सीटू ‌ हरियाणा राज्य सरकार से निर्दोष श्रमिकों को रिहा करने की मांग करता है। क्योंकि ‌ इसके लिए श्रमिक दोषी नहीं है।  यदि सरकार समय पर वेतन बढ़ोतरी कर ‌ देती तो ऐसे हालात पैदा नहीं होते। अपने 
आपको  मजदूरों,‌ गरीबों का हितेषी बताने वाली भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार मजदूरों के दमन पर उतर आई है । हरियाणा के 14 जिले ‌ एनसीआर में आते हैं। जहां लाखों की संख्या में मजदूर हैं। देश के सभी हिस्सों से आकर यहां पर काम करते हैं‌। नियम से एनसीआर का वेतन एक होना चाहिए। दिल्ली में न्यूनतम वेतन 18000 रुपए है। जबकि हरियाणा में यह मार्च तक केवल 11274 था। नियम अनुसार हरियाणा में 2020 में वेतन रिवाइज होना चाहिए था।

जो भाजपा ने नहीं किया ।सीटू और अन्य ट्रेड यूनियनों  द्वारा किए गए आंदोलन के चलते पिछले साल 2025 के  म‌ई महीने  में न्यूनतम वेतन की सिफारिश करने के लिए कमेटी बनाएगी गई  जिसमें मजदूरों , मालिकों और सरकार के प्रतिनिधि थे। इस कमेटी की 9 बैठक  हुई। उन बैठकों में 30000 रुपए न्यूनतम वेतन की मांग की। लेकिन कमेटी ने 29 दिसंबर 2025 की पानीपत बैठक में 23196 का ‌ सर्वसम्मत से प्रस्ताव पारित किया। परंतु इसे स्वीकार  करने के बजाय मुख्यमंत्री ने जल्दी बाजी में न्यूनतम वेतन की घोषणा कर दी। सीटू ने सरकार व प्रशासन द्वारा आंदोलन स्थल पर धारा 163 लगाकर मजदूरों का भयंकर दमन करने की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि ‌ मानेसर में 20 महिलाओं सहित 55 मजदूरों को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत  में भेजा गया है। अभी भी मजदूरों की धर पकड़ जारी है। जबकि अभी भी बड़े हुए वेतन को लागू करने से  बहुत से कंपनी के मालिक मना कर रहे हैं। ओवर टाइम डबल नहीं देना चाहते। मकान किराए महंगे होने के चलते रसोई गैस की कीमत बढ़ने के कारण श्रमिको को ‌ बदहाली का जीवन जीने के लिए मजबूर कर दिया गया है। उनके लिए उचित आवास की व्यवस्था नहीं है। कंपनी की कैंटीन में ‌ कच्चे श्रमिकों को खाना नहीं मिलता है। त्योहारों पर छुट्टियां नहीं मिलती हैं। बोनस नहीं दिया जाता है। कंपनी परिसर में शौचालय नहीं है। राज्य कमेटी ने सरकार से न्यूनतम वेतन 23196 ‌ रुपए प्रतिमाह देने, गिरफ्तार मजदूरों को बिना शर्त रिहा करने। श्रमिकों के खिलाफ दर्ज की गई  एफ आई  आर रद्द करने। ठेका प्रथा समाप्त करने, सभी ठेका श्रमिकों को कंपनी के रोल पर लेने, मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लेने ,पुराने कानूनों की  पालना करने, सभी उद्योगों में सुरक्षा मानकों की व्यवस्था करने की मांग को लेकर 13 अप्रैल को प्रदेश के मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री को ज्ञापन दे दिया  था। उन्होंने बताया कि सीटू की जिला ‌ कमेटी फरीदाबाद के ‌ औद्योगिक एरिया में जाकर प्रत्येक कारखाने में  ‌ हैंड विल बांटेगी। और 1 मई को ‌ श्रमिक दिवस पर जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। आज के प्रदर्शन को सीटू के जिला कमेटी सदस्य विजय झा, ‌‌ रिटायर कर्मचारी संघ के जिला प्रधान नवल सिंह, ‌ ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के उप महासचिव देवी राम, ‌‌ आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान हेमलता ‌ आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर भारत गियर लिमिटेड के प्रधान रवि, सचिव मनोज , कोषाध्यक्ष प्रेम,‌ स्टार वायर के संतराम, ‌ओ एम पी के ‌ प्रधान अरविंद, ‌ कोषाध्यक्ष टेकचंद, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव राजू, ‌ मिड डे मील की जिला सचिव गीता ‌ आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
by : pramod goyal

 फरीदाबाद: पुलिस कर्मचारियों की सख्त ड्युटियों के मद्देनजर विभाग अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य के प्रति भी सजग है। 16 अप्रैल को पुलिस आयुक्त कार्यालय सेक्टर 21C फरीदाबाद में नेत्र जांच शिवर का आयोजन कराया गया। इस दौरान 75 से अधिक पुलिस कर्मचारियों की आंखों की जांच की गई है।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 16 अप्रैल को सेंटर फॉर साइट क्लिनिक सेक्टर 16 की टीम द्वारा कार्यालय पुलिस आयुक्त सेक्टर 21 C फरीदाबाद में एक निःशुल्क नेत्र जांच शिवर का आयोजन किया गया।  6 सदस्यों की टीम नेत्र जांच यंत्रों से सुसज्जित बस के साथ पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंची। जिनके द्वारा कार्यालय में नियुक्त 75 से अधिक पुलिस कर्मचारियों की आंखों की जांच की गई। लगभग सभी कर्मचारियों की आंखें स्वस्थ पाई गई। हिमाद्री कौशिक पुलिस उपायुक्त मुख्यालय में शिविर का लाभ उठाया और अपनी आंखों की जांच कराई। 

पुलिस उपायुक्त, मुख्यालय हिमाद्री कौशिक ने कहा कि कर्मचारी लगातार ड्युटियां करते हैं, जिस कारण उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। समय-समय पर विभाग द्वारा चिकित्सा शिविर का आयोजन कराया जाकर कर्मचारी की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर कराया जाता है। बृहस्पतिवार, 16 अप्रैल को भी कार्यालय पुलिस आयुक्त सेक्टर 21 C में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन कराया गया है।


by : pramod goyal


 फरीदाबाद, 16 अप्रैल।  विगत 16 फरवरी को सैक्टर-24 स्थित कालका जी इण्डस्ट्रीज में आग बुझाते समय शहीद हुए फायर बिग्रेड़ कर्मचारियों को शहीद का दर्जा देने, मुआवजे में एक करोड़ रूपए व सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर विगत 8 अप्रैल से हड़ताल पर बैठे अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को आज उस समय और बल मिल गया जब जिला कांग्रेस कमेटी फरीदाबाद के अध्यक्ष बलजीत कौशिक व उनकी टीम ने नेहरू ग्राउण्ड स्थित दमकल केन्द्र में जाकर हड़ताली कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। इस मौके पर हड़ताल पर बैठे राकेश शर्मा, ब्रजमोहन, विजयपाल भड़ाना व मेघश्याम सहित अन्य कर्मचारियों ने अपनी मांगों पर पत्र जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक को सौंपा।  

इस मौके पर उपस्थित कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने कहा कि इस अग्निकाण्ड में शहीद हुए भवीचंद व रणबीर सिंह के परिवार जनों को एचकेआरएन (कच्ची)नौकरी की बजाय पक्की नौकरी, मुआवजा राशि 30 लाख रूपए की बजाय 1 करोड़ रूपए देने चाहिए। जबकि सरकार किसी भी कर्मचारी के शहीद होने पर एक करोड़ रूपए आर्थिक मुआवजा व परिजनों को पक्की नौकरी देती है। फायर कर्मचारी अपनी जान दांव पर लगाकर 24 घंटे एमरजेन्सी सर्विस देते है, मगर सरकार इनके साथ अ अन्यास कर रही है। जबकि फरवरी माह में सूरजकुण्ड मेले झूला टूटने से शहीद हुए पुलिस कर्मचारी को एक करोड़ का मुआवजा व सरकारी नौकरी दी गई तो इन फायर कर्मचारियों को क्यों नहीं। पीडि़त परिजनों के बच्चों की पढ़ाई का खर्चा व अन्य सामाजिक लाभ भी देने चाहिए। उन्होंने सरकारी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए सरकारी को ठोस कदम उठाने चाहिए और पॉलिसी बनाकर कर्मचारियों के हित में कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मांगों को नहीं मानती है तो कांग्रेस पार्टी बढ़े स्तर पर आन्दोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा कर्मचारियों, मजदूरों, व्यापारियों व किसानों के हकों के लिए आवाज बुलंद की है और न्याय दिलाने का काम किया है। कांग्रेस की सरकारों में सभी वर्गों के हित सुरक्षित थे।
समर्थन देने वालों में जिला कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव अशोक रावल, जिला कोषाध्यक्ष डा. सौरभ शर्मा, पूर्व पार्षद अनिल शर्मा, जिला सचिव बलजीत सिंह अरोड़ा, नरेश शर्मा, प्रेम यादव, जुबैर खान, मोहसिन सहित कांग्रेस जन मौजूद रहे।
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 फरीदाबाद 16 अप्रैल।


मजदूरों के न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी के आंदोलन, अग्निशमन विभाग की हड़ताल और अपनी मांगों के प्रति सरकार व विभाग की वादाखिलाफी के खिलाफ बृहस्पतिवार को नगर निगम के 3 हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने 3 घंटे काम बंद कर निगम मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में मजदूरों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी करने और घोषित न्यूनतम वेतन लागू करना सुनिश्चित करने, अग्निशमन विभाग के 16 फरवरी को शहीद हुए भवीचंद शर्मा व रणबीर सिंह को शहीद का दर्जा, आश्रितों को एक एक करोड़ रुपए आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। प्रदर्शन के बाद पालिका कर्मचारियों की मांगों का ज्ञापन निगम आयुक्त कौ सौंपा गया। जिसमें मांगों का समाधान न होने पर 1 व 2 मई को राज्यव्यापी हड़ताल करने की चेतावनी दी गई। प्रदर्शन को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव ए.श्री कुमार, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, जिला प्रधान करतार सिंह, सचिव बलबीर सिंह, नगरपालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान दलीप बोहत और सचिव अनिल चिंडालिया आदि ने संबोधित किया।

नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार व स्थानीय शहरी निकाय विभाग मानी हुई मांगों को लागू न कर कर्मियों को हड़ताल करने पर मजबूर कर रहें हैं। दो महीने बीत जाने और 8 अप्रैल से चल रही हड़ताल के बावजूद अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं हो रहा है। इसलिए अग्निशमन विभाग की हड़ताल आगे बढती जा रही है। उन्होंने कहा कि
ठेका प्रथा समाप्त कर ठेकों में लगे कर्मचारियों को विभाग के रोल पर करने, पालिका रोल, दैनिक वेतन भोगी व हरियाणा कौशल रोजगार निगम सहित सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पक्का करने तक पक्के कर्मचारियों की तर्ज पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति लाभ,एक्स ग्रेशिया एवं सेवानिवृत्ति पर ग्रेजुएट देने , भत्तों सहित समान काम समान वेतन देने ,न्यूनतम वेतन ₹30000 देने, वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग को लेकर व अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की मांगों के प्रति सरकार लगातार नकारात्मक रवैया है। उन्होंने कहा कि संघ ने उचित मार्फत से शहरी स्थानीय निकाय मंत्री , सहित सभी विभागीय अधिकारियों को 1 मई से दो दिवसीय हड़ताल पर जाने का नोटिस भी दिया। इस क्रम में जोरदार प्रदर्शन करते हुए नगर निगम कमिश्नर कार्यालय पर कर्मचारी पहुंचे और नगर निगम के अतिरिक्त निगम आयुक्त गौरव अंतिम को भी हड़ताल का नोटिस दिया गया ।

नगर निगम कर्मचारियों ने एनसीआर में न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर श्रमिकों के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार को चेतावनी दी है  कि वह मजदूरों पर पुलिसिया जुलम बंद करें और न्यूनतम वेतन ₹30000 रुपए लागू करें। निगम कर्मचारी फायर कर्मचारी के हड़ताल के समर्थन में भी भाईचारा एकता मजबूत करते हुए जोरदार समर्थन करते हुए दिखाई दिए। कर्मचारियों ने सरकार से चेतावनी देते हुए कहा कि अग्निशमन कर्मचारियों की मांगे न्याय उचित है सरकार जल्द उनको बातचीत कर समाधान करने का काम करें ।
आज की 3 घंटे की सांकेतिक हड़ताल दौरान किए गए आक्रोश प्रदर्शन एवं सभा की अध्यक्ष का नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान दिलीप बोहत ने की इस सभा में प्रमुख रूप से अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फैडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा व फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव ए. श्री कुमार तथा सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने फायर पालिका एवं श्रमिक आंदोलन का जोरदार समर्थन किया।

प्रदर्शन को अन्य के अलावा कर्मी नेता करतार सिंह बलबीर सिंह अनिल चंडालिया वेद शर्मा अनूप चंडालिया अजय शास्त्री महेंद्र गुड़िया जितेंद्र छाबड़ा श्री नंद ढाकोलिया नरेश भगवान राजवीर प्रेमपाल दर्शन व देवी चरण शर्मा राम रतन कर्दम मनोज शर्मा देवकीनंदन तथा महिला नेता सरोज देवी ललिता देवी शकुंतला वीणा कमलेश सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया