शुक्रवार को प्रदेश के सीएम सूरजकुंड में दीवाली मेले के शुभारंभ अवसर पर आए हुए थे। धरने के संयोजक वीरपाल गुर्जर अन्य किसानों के साथ सीएम को काला झंडा दिखाने के लिए चल दिए, लेकिन पुलिसबल ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान खूब धक्का-मुक्की हुई लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया।
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के विरोध में चल रही हड़ताल दूसरे दिन खत्म कर दी। शुक्रवार शाम को पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ दूसरे दौर की बैठक में लाइसेंस रद्द करने का आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि 3 नवंबर को दोबारा मीटिंग होगी। बिजली मंत्री अनिल विज ने यूनियन नेताओं को बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गुरुवार से चल रही हड़ताल का ज्यादा असर प्रदेश के 15 जिलों में देखने को मिला। शुक्रवार को भी कई इलाकों में बिजली संकट बना रहा। हिसार, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, सोनीपत और गुरुग्राम में भी लोग सड़कों पर उतर आए। हड़ताल के चलते कुरुक्षेत्र और कैथल बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड रखा। वहीं, पानीपत थर्मल पावर प्लांट की दो यूनिट बंद हो गईं।
फरीदाबाद, 23 अक्टूबर।
गुरुग्राम एव नूंह की बिजली वितरण व्यवस्था में समानांतर निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का आज दूसरे दिन भी फरीदाबाद सर्कल में व्यापक असर देखने को मिला। हड़ताल में बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों की भारी भागीदारी के कारण बिजली शिकायत केंद्रों, सब-डिवीजनों, डिवीजनों और सर्कल कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। करीब 11 केवी के 120 से ज्यादा और तीन 33 केवी के फीडर ब्रेक डाउन होने के काम फरीदाबाद शहर और गांवों का अधिकांश हिस्से में ब्लैक आउट हो गया है। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते करीब दो हजार बिजली शिकायतों का निपटारा नहीं हो सका। फरीदाबाद जिले में रोज़ लगभग 1100 मेगावाट बिजली की खपत होती है। लेकिन आज दोपहर 2 बजे तक लगभग 545 मेगावाट की खपत हुई है। इससे स्पष्ट है कि बहुत बड़े इलाके में बिजली बंद है। जिसके कारण आम नागरिकों को बिजली संबंधी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेताओं संदीप प्रताप भाटी, अध्यानंद तिवारी, शब्बीर अहमद गनी, सुनील चौहान, करतार सिंह, लेखराज चौधरी, कृष्ण कुमार कालीरमन,मनोज जाखड़, सुभाष पंघाल,रामचरण पुस्कर,प्रतिम सिंह व रविन्द्र डागर ने जनता हो रही परेशानियों के लिए माफी मांगी और कहा कि इन परेशानियों के लिए राज्य सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी जानबूझकर बिजली बंद नहीं कर रहे हैं। फीडर ब्रेकडाउन होने पर कर्मचारी सामान्य दिनों में तुरंत मौके पर पहुंचकर बिजली आपूर्ति बहाल करते हैं। लेकिन अब सभी कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण बिजली चालू नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने बताया कि कल देर शाम इलेक्ट्रि
सिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा के पास सूचना आई की वाटर सप्लाई के दो फीडर बंद है। उन्होने तूरंत मोर्चा के नेताओं को चालू करने का आग्रह किया और जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल पर रहते हुए कल रात को एमसीएफ रैनीवेल फ़ीडर छायंसा और एमसीएफ रैनीवेल फीडर ददसिया खेड़ी कलां वाटर सप्लाई के फीडर को भी चालू किया गया। उन्होंने कहा कि अगर आवश्यक सेवाओं के फीडर ब्रेक डाउन हुए तो हड़ताली कर्मचारी उनको चालू करने का प्रयास करेंगे और कुछ को चालू भी किया है। हड़ताली कर्मियों ने सर्कल आफिस पर एकत्रित होकर पैरलल लाइसेंस और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने संबोधित किया और सरकार को चेतावनी दी कि अगर शीघ्र पैरलल लाइसेंस रद्द कर हड़ताल समाप्त नही करवाया तो अन्य विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल होने पर मजबूर होंगे।
प्रदर्शन में रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा,जाट संस्था फरीदाबाद, एमपीएचई एसोसिएशन, हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन, हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी संघ, किसान संगठन सहित अन्य जनसंगठनों ने भारी संख्या में शामिल होकर बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को अपना भरपूर समर्थन दिया और पैरलल लाइसेंस को रद्द करने की मांग की। उक्त संगठनों के नेता सुभाष देशवाल, नवल सिंह नरवत, यू एम ख़ान, लज्जा राम, सतपाल नरवत,जयपाल राठी, सुरेश देवी, बिरेंदर सिंह, श्यामवीर, जितेन्द्र मोर आदि ने संबोधित किया। आज के विरोध प्रदर्शन में रामकेश सारण, भूप सिंह कौशिक, दिनेश शर्मा, दिगम्बर सिंह, वेद प्रकाश कर्दम, मदन गोपाल, सोनू गोला, सुरेंद्र कौशिक, मुकेश शर्मा, सुरेंद्र पंघाल, मामचंद, नीरज त्यागी, मनोज कुमार, जवाहर सिंह, सुनील चावला आदि ने भी संबोधित किया।
फरीदाबाद। जिला बार एसोसिएशन फरीदाबाद ने अधिवक्ताओं के व्यक्तिगत ट्रैफिक चालानों के निस्तारण की दिशा में पहल की है। इस संबंध में बार एसोसिएशन के प्रधान विवेक कुमार रावत उर्फ बॉबी रावत और महासचिव संजीव अत्री ने नोटिस जारी कर बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फरीदाबाद के साथ अधिवक्ताओं के व्यक्तिगत ट्रैफिक चालानों को लेकर बैठक हुई। बैठक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुझाव दिया कि अधिवक्ताओं के व्यक्तिगत चालानों के निस्तारण
के लिए विशेष अदालतें स्थापित की जाएंगी। नोटिस के अनुसार, इन विशेष अदालतों के जल्द शुरू होने का आश्वासन भी दिया गया है।
जिला बार एसोसिएशन की इस पहल का अधिवक्ता एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने स्वागत करते हुए इसे सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए बार एसोसिएशन का आगे आना सकारात्मक संदेश देता है। विशेष अदालतों के गठन से अधिवक्ताओं को अपने व्यक्तिगत ट्रैफिक चालानों के निस्तारण में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
मोहन तिवारी ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें भी दैनिक जीवन में विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में चालानों के निस्तारण के लिए विशेष अदालतें स्थापित करने का प्रस्ताव उपयोगी साबित हो सकता है। इससे संबंधित मामलों को व्यवस्थित तरीके से निपटाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बार एसोसिएशन के प्रधान बॉबी रावत और महासचिव संजीव अत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर उठाया गया यह कदम स्वागत योग्य है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विशेष अदालतें जल्द स्थापित होंगी, जिससे अधिवक्ताओं को राहत मिलेगी और समाज में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद में बड़ौली-प्रहलादपुर गांव के लोग कई महीने से जमीन अधिग्रहण से मुक्त कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष धनसिंह कोतवाल, धरना अध्यक्ष वीरपाल गुर्जर ने बताया कि सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा और किसान पीछे नहीं हटेंगे।
वीरपाल गुर्जर ने बताया कि बड़ौली और प्रह्लादपुर गांव के किसानों का धरना कई महीने से जारी है। करीब 16 वर्ष पहले किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था और इसके लिए 645 रुपये प्रति गज की दर से मुआवजा तय किया गया।
हरियाणा में शुक्रवार दोपहर को मौसम बदल गया। चरखी दादरी और रेवाड़ी में बारिश के साथ ओले गिरे। नूंह में अंधेरा छा गया। हिसार में बादल छाए हुए हैं। यहां भी बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने शाम साढ़े 7 बजे तक के लिए नूंह, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी और झज्जर के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई है।
IMD के मुताबिक, एक पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण हवाओं का रुख उत्तर-पश्चिमी से बदलकर उत्तर-पूर्वी हो जाएगा। इसके चलते 25 और 26 अक्टूबर को प्रदेश में मौसम बदल सकता है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। 26 अक्टूबर के बाद मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा।
इस बदलाव से दिन के तापमान में हल्की गिरावट आएगी। इससे सुबह और शाम को हल्की ठंड महसूस होगी। वहीं, बादल छाए रहने के कारण रात के न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की गुरुग्राम यूनिट ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग की महिला इंस्पेक्टर श्रुति रानी को ₹7,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी इंस्पेक्टर पर एक कारोबारी से जीएसटी नंबर जारी करने के एवज में अवैध राशि मांगने का आरोप है।
ACB के अनुसार, एक स्थानीय व्यवसायी ने अपनी फर्म के लिए नए जीएसटी नंबर हेतु आवेदन किया था। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद संबंधित क्षेत्र की जीएसटी इंस्पेक्टर श्रुति रानी कथित तौर पर जानबूझकर फाइल को रोके हुए थीं। शिकायतकर्ता ने जब उनसे संपर्क किया तो इंस्पेक्टर ने जीएसटी पंजीकरण सर्टिफिकेट जारी करने और वेरिफिकेशन रिपोर्ट को मंजूरी देने के बदले ₹7,000 रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, जिसके बाद उसने मामले की लिखित शिकायत एसीबी को सौंप दी। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसीबी के उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया।
प्लानिंग के तहत एसीबी टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को केमिकल लगे हुए नोट देकर इंस्पेक्टर श्रुति रानी के पास भेजा गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने इंस्पेक्टर को रिश्वत के ₹7,000 सौंपे और इशारा किया, घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने तुरंत धावा बोल दिया।
टीम ने आरोपी महिला इंस्पेक्टर को रंगे हाथों दबोच लिया। जब इंस्पेक्टर के हाथ धुलवाए गए, तो केमिकल के कारण पानी का रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता वैज्ञानिक सबूत माना जाता है। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली है।
फरीदाबाद, 23 अक्टूबर 2026। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यवान गहलोत द्वारा जारी नियुक्ति सूची के अनुसार, युवा कांग्रेस बल्लभगढ़ विधानसभा अध्यक्ष प्रदीप सैन को फरीदाबाद युवा कांग्रेस (ग्रामीण) का जिला कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी के मिलने पर प्रदीप सैन ने भारतीय युवा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है।
प्रदीप सैन ने कहा, “मुझे फरीदाबाद युवा कांग्रेस (ग्रामीण) के जिला कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी सौंपने के लिए मैं भारतीय युवा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं शीर्ष नेतृत्व द्वारा जताए गए विश्वास और भरोसे के लिए धन्यवाद करता हूं। यह जिम्मेदारी मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ संगठन और युवाओं के प्रति अपने दायित्वों को और अधिक निष्ठा से निभाने का अवसर है।”
उन्होंने कहा कि वे वर्तमान में युवा कांग्रेस बल्लभगढ़ विधानसभा अध्यक्ष के रूप में संगठन के लिए कार्य कर रहे हैं और अब जिला स्तर पर मिली इस नई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी, मेहनत एवं समर्पण के साथ निभाएंगे। उनका प्रयास रहेगा कि फरीदाबाद ग्रामीण क्षेत्र के अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ा जाए तथा युवाओं की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जाए।
प्रदीप सैन ने आगे कहा, “कांग्रेस की विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाना मेरी प्राथमिकता रहेगी। मैं संगठन को मजबूत बनाने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके अधिकारों की आवाज बुलंद करने के लिए निरंतर कार्य करूंगा। मैं विश्वास दिलाता हूं कि शीर्ष नेतृत्व ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयासरत रहूंगा।”
उन्होंने भारतीय युवा कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती सामूहिक प्रयास, अनुशासन और समर्पण से सुनिश्चित होती है। वे सभी साथियों को साथ लेकर फरीदाबाद ग्रामीण क्षेत्र में युवा कांग्रेस की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
प्रदीप सैन ने दोहराया कि युवाओं के हितों की रक्षा, जनसमस्याओं को उठाना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
फरीदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच KAT टीम ने मानवीय संवेदनशीलता और अथक प्रयासों का परिचय देते हुए करीब 3 साल 2 महीने से लापता गुरदीप (46 वर्ष) को उत्तर प्रदेश के कासगंज स्थित तुलसीदास जन्मभूमि आश्रम से सकुशल बरामद कर उनके परिवार से मिलवाया है।
गुरदीप पुत्र दर्शन सिंह, निवासी चंडीगढ़ कॉलोनी, इस्माइलपुर, फरीदाबाद 25 अगस्त 2023 से लापता थे। मानसिक रूप से कमजोर होने और बोलने में अ
समर्थ होने के कारण वह अपना नाम, पता और परिवार के बारे में जानकारी देने में सक्षम नहीं थे। इसके चलते वह लंबे समय से अपने परिवार से दूर रह रहे थे।
पुलिस प्रवक्ता अनुसार क्राइम ब्रांच KAT की टीम ने गुरदीप की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए। टीम द्वारा मंदिरों, गुरुद्वारों, अस्पतालों, मोर्चरियों और आश्रमों में तलाश की गई। साथ ही देशभर के आश्रमों से संपर्क कर उनके संबंध में जानकारी जुटाई गई।
लगातार प्रयासों और मुखबिर तंत्र की सहायता से टीम को गुरदीप के उत्तर प्रदेश के कासगंज स्थित तुलसीदास जन्मभूमि आश्रम में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने उन्हें सकुशल बरामद कर लिया। वह पिछले करीब एक वर्ष से इसी आश्रम में रह रहे थे।
*परिवार से मिलकर छलके खुशी के आंसू*
करीब 3 साल 2 महीने से अपने परिजन से बिछड़े गुरदीप को वापस पाकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवार को उन्हें दोबारा देखने और मिलने की उम्मीद लगभग छूट चुकी थी। गुरदीप के मिलने पर परिजनों ने फरीदाबाद पुलिस की टीम का आभार व्यक्त किया।
फरीदाबाद पुलिस की यह कार्रवाई न केवल पुलिस की कार्यकुशलता, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता और अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण का भी उदाहरण है।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल में आम जनता, बच्चों, बुड्ढे आदमी को ही प्रताड़ित किया गया - एस डी त्यागी
फरीदाबाद। हरियाणा में बिजली विभाग के कर्मचारियों यूनियन नेताओं के निर्देश पर जो तीन दिवसीय हड़ताल करवा कर आम जनता, बच्चों, बुड्ढे आदमी को ही प्रताड़ित किया गया है। यह लड़ाई बिना सोचे समझे लिया गया फैसला है।
सूर्य देव त्यागी, अध्यक्ष, हिंद मजदूर सभा हरियाणा का कहना है कि आप लोगों ने जगह जगह अपनी नाराज़गी सड़क पर उतर कर जाहिर करते देख लिया है। क्योंकि मंत्रीयो, विधायको तथा उद्योगपतियों तथा सरकारी अधिकारियों के लिए स्पालाई जारी रखी गई है, उनके साथ क्या हमदर्दी है। यह कोई नूरा कुश्ती तो नहीं है। पूरे प्रदेश की आम जनता की पूरी सहानुभूति बिजली विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं को सुलझाने के लिए थी। क्योंकि देश में सभी नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं और संसाधनों पर नियंत्रण सरकार का ही रहना चाहिए। सरकार अगर एक एक करके सभी जगह निजी करण करने पर उतारू हैं, तो फिर मिलकर सरकार को भी उतार सकती है आम जनता। जनता की बहुत ताकत है, इसलिए सही कदम सही दिशा में सही समय पर उठाने चाहिए ना कि आम आदमी को परेशान व प्रताड़ित कर मुश्किलें पैदा नहीं करना चाहिए। सेवा कोई भी हो आम जनता नागरिक उसके का सम्बन्धित विभाग को शुल्क तथा टैक्स का भुगतान कर रही है और कष्ट भी भोगना पड़ेगा तो यह कैसी आज़ादी और कैसा स्वराज्य और कैसा प्रजातंत्र, लोकतंत्र है। अपनी अपनी डफ़ली अपना अपना राग सभी सुनाने में लगे हैं। आम आदमी की कभी किसी को कोई प्रवाह नहीं है।
श्री त्यागी का कहना है कि हड़ताल के दौरान सत्ताधीश नेताओं, विधायकों, मंत्रियो और उच्च अधिकारियों की बिजली पहले बाधित होनी चाहिए थी। ताकि सरकार और उसमे शामिल नेताओं को पता चलता। न कि आम जनता को इस हड़ताल का टूल बनाना चाहिए था।







