ग्वालियर में शनिवार देर रात तेज रफ्तार ट्रक ने 41 श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। दो पुलिसकर्मी समेत 26 लोग घायल हैं।
हादसा देर रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर ढलान के पास हुआ। सभी श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए सड़क किनारे लाइन में लगे थे। तभी चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक करीब 90 डिग्री के ढलान पर बेकाबू हो गया।
ड्राइवर गूगल मैप की मदद से ट्रक चला रहा था। ढलान पर ट्रक पुलिस चेकपोस्ट तोड़ते हुए लोगों को कुचलकर मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया। इससे मंदिर की दीवार ढह गई। कई लोग मलबे में दब गए।
घायलों को जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद परिजन ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और ट्रक मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।
ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि ट्रक का ब्रेक फेल हो गया था। सरकार ने सिटी एसपी को हटा दिया है। 8 अफसर-पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड किया गया है। इनमें चार टीआई हैं।
फरीदाबाद में संपत्ति हासिल करने के लिए ससुर की हत्या की साजिश रचने वाली बहू और उसके प्रेमी को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। बल्लभगढ़ की फ्रेंड्स कॉलोनी में 20 जनवरी 2022 की रात भरत सिंह भाटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में एडिशनल सेशन जज केपी सिंह की कोर्ट ने आरोपी बहू गीता और उसके प्रेमी दलीप उर्फ सैंडी उर्फ कालिया को दोषी ठहराया है। दोनों फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। कोर्ट ने 21 अक्टूबर को सजा सुनाने के लिए दोनों को पेश करने के आदेश दिए हैं।
बल्लभगढ़ की फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी भरत सिंह भाटी के नाम संपत्ति थी। उनका विनोद नाम का सौतेला बेटा था, जिसकी पत्नी गीता संपत्ति अपने नाम कराना चाहती थी। इसके लिए वह ससुर पर दबाव बना रही थी, लेकिन भरत सिंह तैयार नहीं थे।
इसी विवाद के चलते गीता ने ससुर की हत्या की साजिश रची। इससे पहले भरत सिंह के बेटे सूरज की 20 जनवरी 2021 को ट्रेन से कटने से मौत हो गई थी। सूरज की पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके चली गई थी।
गीता की गुरुग्राम निवासी दलीप उर्फ सैंडी उर्फ कालिया से करीब छह-सात साल से जान-पहचान थी। गीता ने हत्या की योजना में उसका साथ लिया। सैंडी पहले जेल में सजा काट चुका था और उसके खिलाफ हत्या के कई मामले दर्ज थे।
गीता ने उसकी जमानत कराने में भी मदद की थी। आरोप के मुताबिक, देसी कट्टा खरीदने के लिए गीता ने सैंडी को चार हजार रुपए दिए थे। सैंडी ने उसे कट्टा, दो कारतूस और नींद की गोलियां दीं।
फरीदाबाद के सेक्टर-76 स्थित बीपीटीपी पार्क फ्लोर-2 में बिल्डर और निवासियों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। मेंटेनेंस शुल्क में बढ़ोतरी और सोसायटी में सुविधाओं की कमी से नाराज लोगों ने बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निवासी पिछले आठ दिनों से धरने पर बैठे हैं। रविवार को भी लोगों ने सोसायटी से पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिल्डर प्रोजेक्ट का पूरा काम कराए बिना ही सोसायटी का हैंडओवर करना चाहता है। लोगों के मुताबिक, पार्किंग, बिजली और ग्रीन एरिया जैसी बुनियादी सुविधाएं अभी तक पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। उनका आरोप है कि ओसी में निर्धारित 18 मानकों को भी पूरा नहीं किया गया है। इससे सोसायटी में रह रहे 600 से ज्यादा परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
आरडब्ल्यूए प्रधान पवन शर्मा, आयुष आर्य, सुमित कंबोज और एसपी सिंह ने बताया कि पूरा प्रोजेक्ट करीब 24 एकड़ में फैला है, जबकि सोसायटी का निर्माण लगभग 11 एकड़ जमीन पर ही किया गया है। बाकी जमीन के संबंध में बिल्डर की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही।
निवासियों ने ग्रीन एरिया की कमी और बिजली आपूर्ति का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि सोसायटी का स्वीकृत लोड चार एमवीए है, लेकिन फिलहाल केवल एक एमवीए बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके चलते लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है।
फरीदाबाद। सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, श्री सनातन धर्म महाबीर दल एवं पंजाबी सभा, फरीदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में लंका दहन कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़खल विधानसभा क्षेत्र के विधायक धनेश अदलखा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम की लंका विजय की लीला का मंचन किया गया तथा दशहरा ग्राउंड में प्रतीकात्मक रूप से लंका दहन किया गया। लंका दहन के दृश्य को देखकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। लंका दहन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया कि बुराई और अहंकार चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है।
इस अवसर पर मंदिर के प्रधान डॉ. राजेश भाटिया ने कहा
कि दशहरा और लंका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई तथा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर की ओर से धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। संस्था का प्रयास है कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक विरासत और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ा जाए।
मुख्य अतिथि बड़खल के विधायक धनेश अदलखा ने श्रद्धालुओं को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन आदर्शों, मर्यादा और जनकल्याण की प्रेरणा देता है। लंका दहन की लीला हमें संदेश देती है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखते हैं तथा समाज में सद्भाव, संस्कार और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।
पंजाबी सभा, फरीदाबाद के प्रधान राजकुमार वोहरा ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता की भावना को मजबूत करते हैं। दशहरा पर्व हमें अपने जीवन से बुराइयों को दूर कर सदाचार और सच्चाई के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। धार्मिक परंपराओं का संरक्षण और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा और दशहरा ग्राउंड में किए गए लंका दहन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्शों का संदेश दिया।
विशेषतौर पर कानपुर से कई श्रद्धालु अपने पूरे परिवार के साथ फरीदाबाद के दशहरा मैदान में आयोजित लंका दहन कार्यक्रम देखने पहुंचीं।
सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, श्री सनातन धर्म महाबीर दल एवं पंजाबी सभा, फरीदाबाद की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व को उजागर किया।
हरियाणा में नायब सरकार ने सड़कों के किनारे लंबे समय से खड़े अनुपयोगी बिजली खंभों को हटाने का अभियान तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी के तहत विद्युत विभाग ने राज्य भर में चिन्हित 6,443 अप्रयुक्त बिजली के खंभों में से 4,222 को हटा दिया है, जिससे एक विशेष अभियान के तहत लगभग 65.5 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। शेष 2,221 खंभों को भी निर्धारित समय-सीमा में हटाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल से सड़कों पर आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हालिया बैठक में जारी निर्देशों के बाद यह त्वरित अभियान चलाया जा रहा है। बिजली वितरण निग
मों को निर्देश दिया गया था कि वे उन बिजली के खंभों की पहचान करें जो अब परिचालन में नहीं हैं, उन्हें हटा दें और प्राप्त सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने भंडारों में जमा करें।
अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य सड़क किनारे की अनावश्यक संरचनाओं को हटाना, बिजली वितरण नेटवर्क को सुव्यवस्थित करना और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा में सुधार करना है। राज्य सरकार ने सड़कों के किनारे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर खड़े शेष खंभों को हटाने के लिए 31 दिसंबर की समय सीमा निर्धारित की है।
बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता देने और निर्धारित समय सीमा को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जालंधर ,18 अक्टूबर।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने पुरानी पेंशन बहाली, 8वें पे कमीशन की सिफारिशें निर्धारित समय पर देने, ठेका संविदा, आउटसोर्स, एनएचएम कर्मियों को रेगुलर करने बकाया डीए / डीआर का भुगतान करने सहित कई अन्य मांगों को लेकर 12 दिसंबर को रामलीला मैदान दिल्ली में राष्ट्रीय कर्मचारी आक्रोश रैली करने का ऐलान किया है। रैली की तैयारियों को लेकर रविवार को पंजाब सबोर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन (वैज्ञानिक) के बैनर तले देशभक्त यादगार हॉल जालंधर में जोनल सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा भी पहुंचे और संबोधित किया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे राज्य अध्यक्ष गगनदीप सिंह भुल्लर ने कहा कि आक्रोश रैली में पंजाब से हजारों की संख्या में कर्मचारी दिल्ली पहुंचेंगे। जरनल सेकेट्री एनडी तिवारी व वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवप्रीत सिंह बल्ली ने कहा कि रैली की तैयारियों को लेकर 25 अक्टूबर को बठिंडा और 14 नवंबर को चंडीगढ़ में कर्मचारियों की जोनल मीटिंग होगी और उसके बाद सभी विभागों के कर्मचारियों से सीधा संपर्क करने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। बैठक में पंजाब पेंशनर्स एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष सुरजीत सिंह गगड़ा में मौजूद थे। सम्मेलन में पंजाब सरकार के खिलाफ सांझा मोर्चा द्वारा 21-22 के सामूहिक अवकाश में बढ़-चढ़कर शामिल होने का फैसला किया।
कर्मचारियों को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने दावा किया कि आक्रोश रैली ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व सफलता। रैली को लेकर सभी राज्यों में तैयारियां जोर पकड़ रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारों की कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। पुरानी पेंशन बहाली, ठेका-संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को निर्धारित समय में लागू करने और सरकारी विभागों में खाली पड़े करोड़ों पदों को स्थायी भर्ती से भरने सहित ज्वलंत मांगों को लेकर कर्मचारी अब निर्णायक संघर्ष की तैयारी में हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय के निर्देश पर दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने पर प्रतिबंधित करने के फैसले की घोर निन्दा की और फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पीएफआरडीए एक्ट, एनपीएस और यूपीएस को रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल करना, जनवरी 2026 से मूल वेतन का 20 प्रतिशत तथा न्यूनतम 5 हजार रुपये अंतरिम राहत देना, ठेका-संविदा प्रथा पर रोक लगाकर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करना, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण एवं सरकारी विभागों की डाउन साइजिंग रोकना और 18 माह के बकाया डीए / डीआर का ब्याज सहित भुगतान करना प्रमुख मांगें हैं।
श्री लांबा ने कहा कि रैली में पेंशन वैलीडेशन एक्ट रद्द करने, पेंशनर्स को 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर मूल पेंशन में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी देने, कर्मचारियों-पेंशनर्स एवं उनके आश्रितों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, आरटीई से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा ट्रेड यूनियन एवं लोकतांत्रिक अधिकारों पर हो रहे हमलों को बंद करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से आंदोलन और ज्ञापनों के बावजूद सरकारें कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रही हैं। अब देशभर के कर्मचारी 12 दिसंबर को दिल्ली में एकजुट होकर सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराएंगे। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान की रैली से आगामी राष्ट्रव्यापी आंदोलन की दिशा भी तय की जाएगी।
जोनल सम्मेलन को राज्य कमेटी और विभिन्न विभागीय संगठनों के वरिष्ठ नेता गुलजार खान, विकास कुमार,सोम सिंह, अमरेंद्र मान, गुरविंदर कौर, चरणजीत सिंह सिद्धू, कमलजीत सिंह आदि ने संबोधित किया।
फरीदाबाद 18 अक्टूबर - नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों की आम सभा कॉलोनी में हुई। इसकी अध्यक्षता चैयरमेन बिजेंद्र ने की। बैठक में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में भाग लेने का निर्णय लिया गया। मीटिंग में अपने विचार रखते हुए कन्वीनर वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि यह रैली एस आई आर को रद्द करने , पहले की तरह मतदाता सूचीयों में बद
लाव करने,मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का कानून रद्द करने, चुनाव आयोग को स्वायत्त और निष्पक्ष बनाने तथा चुनाव में व्यापक सुधार लागू करने की मांग को लेकर की जा रही है। रैली इंडिया ब्लॉक के आवाहन पर हो रही हैं l इस रैली में सिविल सोसाइटी के लोगों के अलावा बड़ी संख्या में किसानो, मजदूरों, कर्मचारियों, नौजवानों, विद्यार्थियों और महिलाओं के संगठन भाग लेंगे। क्यों कि केंद्र सरकार ने जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है। यदि कोई भी संगठन वहां पर धरना प्रदर्शन करने के लिए जाता है। तो
गुरुग्राम में 190 करोड़ रुपए के कथित जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले के मुख्य आरोपी मोहम्मद शमशाद सैफी को कोर्ट सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) मनीष कुमार की कोर्ट ने पाया कि गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस विभाग आरोपी के खिलाफ कोर्ट में ठोस सबूत या गवाह पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहा है।
कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि केवल विभाग के दावों या गिरफ्तारी के आधार पर किसी व्यक्ति पर आरोप तय नहीं किए जा सकते। यह मामला गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस (जीडीडीआई) की गुरुग्राम जोनल यूनिट द्वारा दर्ज कराया गया था। विभाग ने दिल्ली के लक्ष्मी नगर निवासी मोहम्मद शमशाद सैफी पर आरोप लगाया था कि वह देशभर में फर्जी और गैर-मौजूद कंपनियां बनाने के सिंडिकेट में शामिल था।
शिकायत के अनुसार, मैसर्स टेक्नो इलेक्ट्रिकल एंड सेल्स और मैसर्स लता सेल्स जैसी फर्जी फर्म बनाई गईं, जिनका उद्देश्य बिना किसी माल या सेवा की वास्तविक आपूर्ति के केवल गुड्स-लेस इनवॉइस (फर्जी बिल) जारी करना था।
इन जाली बिलों के माध्यम से विभिन्न संस्थाओं को लगभग 190 करोड़ रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) अवैध रूप से ट्रांसफर कर सरकार को भारी वित्तीय चपत लगाने का आरोप था।
इस मामले में आरोपी को 9 अक्टूबर 2020 को सीजीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि विभाग ने शुरुआत में जितने गंभीर दावे किए थे, वह उन्हें कानूनी रूप से साबित करने में पूरी तरह विफल रहा।
फरीदाबाद। राष्ट्रीय महिला आयोग, दिल्ली राज्य महिला आयोग और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग से लोकगायिका नेहा सिंह राठौर से संबंधित कथित भ्रामक खबर के मामले में संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है। सेक्टर-12, फरीदाबाद निवासी अधिवक्ता एवं समाजसेवी मोहन तिवारी ने तीनों महिला आयोगों को लिखित शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जाँच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 17 अक्टूबर को एबीपी न्यूज़ के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नेहा सिंह राठौर के संबंध में उनके हॉस्टल में कथित सेक्स रैकेट एवं पुलिस छापेमारी से जुड़ी खबर प्रसारित की गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस खबर को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया, जिससे गायिका की सार्वजनिक छवि एवं प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचने की आशंका उत्पन्न हुई।
मोहन तिवारी ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि संबंधित खबर को लेकर नेहा सिंह राठौर द्वारा विरोध किए जाने के बाद एबीपी न्यूज़ की ओर से स्पष्टीकरण एवं माफ़ी प्रकाशित की गई। उनके अनुसार, यह घटनाक्रम खबर के प्रकाशन से पहले किए गए तथ्यात्मक सत्यापन और समाचार संस्थान की जवाबदेही को लेकर गंभीर प्रश्न उठाता है।
अधिवक्ता मोहन तिवारी ने तीनों महिला आयोगों से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित समाचार संस्थान से स्पष्टीकरण माँगने, खबर के तथ्यों एवं उसके प्रसार की जाँच कराने तथा जाँच में किसी प्रकार की लापरवाही या कानून के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा एवं प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। डिजिटल मीडिया पर प्रसारित होने वाली संवेदनशील खबरों का तथ्यात्मक सत्यापन आवश्यक है, ताकि किसी महिला की सार्वजनिक छवि को गलत सूचना के कारण नुकसान न पहुँचे। उन्होंने संबंधित आयोगों से शिकायत पर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।








