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by : pramod goyal


 विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता एवं भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्रसेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित 12 वर्ष पूर्ण होना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का विषय है। यह केवल एक राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत को 4.92 ट्रिलियन डॉलर की मजबूत अर्थव्यवस्था और विश्व में सम्मानित राष्ट्र बनाने का एक ऐतिहासिक अभियान रहा है। इन वर्षों में देश ने विकास की नई परिभाषा देखी है, जहां योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचकर उसके जीवन में वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बनीं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2014 में जब देश की बागडोर संभाली, तब भारत अनेक चुनौतियों और नीतिगत पंगुता से जूझ रहा था। जनता व्यवस्था में पारदर्शिता, निर्णायक नेतृत्व और विकास की नई सोच चाहती थी। प्रधानमंत्री जी ने “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र के साथ देश को नई दिशा देने का कार्य प्रारंभ किया। आज 12 वर्षों के बाद यह स्पष्ट दिखाई देता है कि यह केवल एक नारा नहीं था, बल्कि देश के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का एक राष्ट्रीय संकल्प था।
इन वर्षों में गरीब कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बना। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से 52 करोड़ से अधिक लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा आर्थिक सशक्तिकरण अभियान चलाया गया। उज्ज्वला योजना ने 10 करोड़ से अधिक माताओं और बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाकर सम्मानपूर्ण जीवन देने का कार्य किया। आयुष्मान भारत योजना ने 30 करोड़ से अधिक गरीबों को मुफ्त स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर यह विश्वास दिया कि आर्थिक अभाव अब उपचार में बाधा नहीं बनेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना ने 4 करोड़ से अधिक परिवारों को अपना पक्का घर उपलब्ध कराया, जबकि पीएम स्वनिधि योजना ने छोटे रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनने की शक्ति दी।
प्रधानमंत्री जी का दृष्टिकोण केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी सर्वोच्च महत्व दिया। डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से भारत ने तकनीकी क्षेत्र में वह क्रांति देखी जिसका लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है। आज गांवों तक इंटरनेट पहुंचा है और हमारी डिजिटल भुगतान प्रणाली ने भारत को दुनिया के अग्रणी देशों में खड़ा कर दिया है। आज यूपीआई (UPI) के माध्यम से हर महीने 1300 करोड़ (13 अरब) से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हो रहे हैं, जो भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक पहचान दिलाते हैं।
आज का भारत आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। आर्थिक पारदर्शिता और सुदृढ़ नीतियों का ही परिणाम है कि वित्तीय वर्ष 2026 में 22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड जीएसटी (GST) संग्रह हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने “वोकल फॉर लोकल” का संदेश देकर देश के युवाओं, उद्यमियों और छोटे उद्योगों को नई ऊर्जा प्रदान की। हाईवे निर्माण की अभूतपूर्व गति, वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार और नए औद्योगिक कॉरिडोर्स के निर्माण ने बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है। मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहल ने युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने की प्रेरणा दी है। भारत आज रक्षा उत्पादन से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण तक कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी इन 12 वर्षों में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान ने समाज में जागरूकता बढ़ाई, जबकि महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन से जुड़ी अनेक योजनाओं ने उन्हें विकास की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी दी। आज महिलाएं हर क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ा रही हैं और सरकार उनके सामर्थ्य को राष्ट्रनिर्माण की सबसे बड़ी शक्ति मानकर कार्य कर रही है।
युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार भी प्रधानमंत्री जी की प्राथमिकताओं में रहा है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देकर युवाओं के नवाचार और प्रतिभा को वैश्विक मंच प्रदान किया गया। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा राष्ट्र होने के साथ-साथ सबसे बड़ी संभावनाओं वाला देश भी बनकर उभरा है।
प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं को भी वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर जैसे ऐतिहासिक कार्यों ने देश की आस्था, संस्कृति और गौरव को नई प्रतिष्ठा प्रदान की है। भारत की सभ्यता और आध्यात्मिक विरासत को विश्व मंच पर सम्मानपूर्वक स्थापित करने का यह काल भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक बन गया है।
विश्व मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा भी इन 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। आज भारत केवल एक विकासशील राष्ट्र नहीं, बल्कि वैश्विक निर्णयों में

महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला मजबूत और आत्मविश्वासी देश बन चुका है। जी-20 की सफल अध्यक्षता से लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति तक, हर मंच पर भारत की आवाज प्रभावशाली और निर्णायक रूप में उभरी है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया ने भारत की शक्ति, क्षमता और नेतृत्व कौशल को नए दृष्टिकोण से देखा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत ने मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवाद के विरुद्ध कठोर नीति और सेना के आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। देश ने यह अनुभव किया कि भारत अब अपनी सुरक्षा और सम्मान के प्रति किसी प्रकार का समझौता करने वाला राष्ट्र नहीं है।
आज विकसित भारत 2047 का संकल्प केवल एक सपना नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का राष्ट्रीय अभियान बन चुका है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का मूल मंत्र देश को एक नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान कर रहा है। अमृतकाल का यह दौर भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्षों का यह कालखंड सेवा, समर्पण, सुशासन और राष्ट्र प्रथम की भावना का स्वर्णिम अध्याय है। यह यात्रा करोड़ों भारतीयों की आशाओं, विश्वास और आकांक्षाओं की यात्रा है। एक ऐसे नेतृत्व की यात्रा, जिसने भारत को केवल बदलने का नहीं, बल्कि दुनिया के सामने नई शक्ति के रूप में स्थापित करने का कार्य किया है। राष्ट्रसेवा के इस ऐतिहासिक अभियान के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी को कोटि-कोटि नमन एवं हार्दिक अभिनंदन। भारत की उन्नति, आत्मनिर्भरता और विकसित राष्ट्र के संकल्प को साकार करने की यह यात्रा निरंतर इसी प्रकार आगे बढ़ती रहे, यही प्रत्येक देशवासी की भावना और कामना है।
by : pramod goyal

 फरीदाबाद- फरीदाबाद पुलिस द्वारा लगातार लड़ाई-झगड़ों व संगीन मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के मामले में 25 मई को एक आरोपित को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जिसकी पहचान कार्तिक निवासी गाँव गौछी, फरीदाबाद के रूप में हुई है। जिसको माननीय अदालत में पेश कर आगामी पूछताछ के लिए 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। 



पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपित से खुलासा हुआ है कि शिकायतकर्ता सलमान की  आरोपित कार्तिक के साथी मुकुल, हर्ष व अन्य के साथ कुछ समय पहले कहासुनी हुई थी। जिसकी रंजिश रखते हुए उसने अपने अन्य साथी मुकुल, हर्ष व अन्य ने मिलकर शिकायतकर्ता व उसके भाई इकबाल के साथ मारपीट की थी।

बता दें कि गाँव गौछी निवासी सलमान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 18 मई 2026 को वह अपने भाई इकबाल के साथ नाई की दुकान पर बैठा हुआ था। तभी बिना नंबर प्लेट की एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार तथा एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर कुछ युवक पहुंचे। जिन्होंने उसके व भाई इकबाल पर हमला कर मारपीट की। शिकायत पर थाना मुजेसर में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था 
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 फरीदाबाद, 26 मई। आबादी के अनुपात में बिजली सप्लाई न होने व अपर्याप्त संसाधनों की वजह से नहरपार पल्ला से बसंतपुर तक के लोगों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन तकनीकी खराबी होने की संभावना बनी रहती है। ये कहना है भाजपा लोकसभा निगरानी समिति के संयोजक व पूर्व पार्षद ओमप्रकाश रैक्सवाल का। उन्होंने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ग्रेटर फरीदाबाद के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) पंकज पंवार से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपकर प्रभावित इलाकों में नए ट्रांसफार्मर लगाने व पुराने ट्रांसफार्मरों का लोड बढ़ाने की पुरजोर मांग की है। 


रैक्सवाल ने बताया कि भीषण गर्मी और बढ़ती आबादी के कारण क्षेत्र में लो-वोल्टेज, बार-बार बिजली कटौती और ट्रांसफॉर्मरों पर अत्यधिक लोड जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड होने की स्थिति में हैं, जिससे तकनीकी खराबी और बड़े हादसों का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में नए और अधिक क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएं ताकि लोगों को राहत मिल सके। 

मुख्य रुप से सूर्य विहार स्थित तिकोना मंदिर के पास लगे ट्रांसफॉर्मर का लोड बढ़ाकर 200 केवी किया जाए। तथा सरस्वती कॉलोनी गली नंबर 16, सेहतपुर गांव, सूर्य विहार पार्ट 3, सरपंच काॅलोनी, श्याम मार्केट, तिकोना शिव मंदिर में 100 केवी के ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएं। ताकि लोगों को पूर्ण रूप से बिजली की समस्या से राहत मिल सके।

उल्लेखनीय है कि पल्ला से बसंतपुर क्षेत्र में आ रही बिजली समस्याओं को लेकर रैक्सवाल पूर्व में भी निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) जितेन्द्र ढुल से मिल चुके हैं। जिसके बाद कई जगहों पर समस्या का समाधान भी हुआ। लेकिन अभी-भी कुछ क्षेत्रों में समस्या बनी हुई है। ऐसे में पल्ला से बसंतपुर क्षेत्र के लिए ओमप्रकाश रैक्सवाल निरंतर प्रयासरत हैं। 


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 सेक्टर 9-10 की डिवाइडिंग रोड पर जमा होने वाले वर्षा के पानी को निकालने के लिए पिछले 5 महीने से पाइप लाईन डालने का कार्य चल रहा है। अब पानी जाने के लिए बनाए गए जंक्शन हाल पर ढक्कन लगा दिए गए हैं जबकि निर्माण कार्य के चलते उ


समें जमा हो गई मिट्टी व कूड़ा करकट को निकाला नहीं गया है। लोगों को कहना है की वर्षा होने पर सड़क पर जमा पानी आगे ठीक से जाएगा नहीं और पाइप लाइन भी जाम हो जाएगी। क्षेत्र निवासी कैलाश शर्मा ने कहा है कि जो ढक्कन लगाए गए हैं वह भी घटिया क्वालिटी के हैं कई ढक्कन तो टूट गए हैं।

उन्होंने इस विषय की जानकारी पार्षद मुकेश अग्रवाल को कई बार दी है और निरीक्षण करके सही समाधान कराने की मांग की है लेकिन जनहित के इस मुद्दे पर कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की गई है। लोंगो ने इस क्षेत्र के विधायक व कैबेनिट मंत्री विधायक विपुल गोयल से उचित समाधान की मांग की है।
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   फरीदाबाद 26 मई (          ) स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल आज पांचवें भी दिन जारी भी जारी रही।आज के धरने को अपना  समर्थन देने के स्वास्थ्य कर्मचारी तालमेल समिति की प्रधान श्रीमती आशा शर्मा एवं  चेयरमैन श्री जितेन्द्र मोर नें विशेष रूप से‌संबोधित किया।धरनारत स्वास्थ्य कर्मियों को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष श्री नरेश शास्त्री एवं जिला प्रधान श्री करतार सिंह जागलान , श्री बलबीर बालगुहेर,श्री अनिल चिंडालिया श्री सुनील चिंडालिया अपनी टीम के साथ शामिल हो


कर अपना जोरदार समर्थन दिया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान श्रीमती सविता एवं मंच संचालन जिला सचिव श्री श्याम बीर ने किया। श्रीमती आशा शर्मा एवं श्री जितेन्द्र मोर ने हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के तानाशाही रवैया की आलोचना करते हुए बताया कि पीड़ित स्वास्थ्य कर्मी श्री सुखबीर की बर्खास्तगी अदूरदर्शी एवं बग़ैर किसी तथ्य के ही कर दिया गया। इस केस में न कोई शिकायत कर्ता है और न कोई तथ्य है। उन्होंने बताया कि जिस तथाकथित वीडियो को बर्खास्तगी का आधार बनाया गया है, उसकी सत्यता की जांच ही नहीं कराई गई है। उन्होंने बताया कि उस वीडियो में आरसीएच सेक्टर 3 के कर्मी मदद करते दिखाई दे रहे हैं। उक्त वीडियो के आधार पर वे पुरस्कार पाने के अधिकारी हैं न कि सजा पाने के।  आज के धरने को श्री अजय प्रजापति,श्री मती भारती,आशा वर्कर की प्रधान‌ हेमलता,जनरल सेक्रेटरी सुधा आदि नेताओं ने संबोधित किया।

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 फरीदाबाद– फरीदाबाद पुलिस द्वारा पशु चोरी की वारदातों में शामिल आरोपितों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने सराय ख्वाजा बाईपास रोड स्थित डेयरी से गाय चोरी करने


के मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। जिसको माननीय अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मदनपुर खादर, नई दिल्ली निवासी यशविंदर ने थाना सराय ख्वाजा में दी शिकायत में बताया कि वह गायों की डेयरी चलाता है तथा उसकी एक डेयरी शराब ठेका बाईपास सराय फरीदाबाद के पीछे स्थित है, जहां लगभग 30-35 गायें बंधी हुई थीं। 20 अप्रैल 2026 की शाम को वह गायों को डेयरी पर बांध कर रात्रि में डेरी की देखरेख करने के बाद वह अपने निवास स्थान चला गया। अगली सुबह डेरी पर पहुंचने पर गिनती करने पर पता चला कि तीन दूध देने वाली गायें बच्चों सहित तथा एक अन्य बिना दूध वाली गाय समेत कुल 7 गायें गायब मिलीं, जिन्हें कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी करके ले गया। जिस संबंध में थाना सराय ख्वाजा में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने आरोपित ललित निवासी गांव सेहडावक (सिडाक), जिला फरीदाबाद को गिरफ्तार कर 40,000/- रुपये नकद व 2 गाय व 1 बछड़ा बरामद किये गये हैं।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उसने रात के समय बाईपास रोड स्थित डेयरी से 4 गाय व 3 बछड़ों को खोलकर अपने गांव ले गया था। इसके बाद उसने 2 गाय व 2 बछड़ों को 45,000/- रुपये में बेच दिया। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से 2 गाय, 1 बछड़ा व 40,000/- रुपये बरामद किए हैं।
by : pramod goyal


 भिवानी,26 मई।


अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने कर्मचारियों, पेंशनरों, शिक्षकों, संविदा कर्मियों तथा सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों के हितों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, सार्वजनिक सेवाओं, शिक्षा तथा संविधान की मूल भावना की रक्षा का व्यापक जनआंदोलन बनेगा। देशभर में व्यापक अभियान चलाने के बाद 12 दिसम्बर को रामलीला मैदान दिल्ली में ऐतिहासिक रैली होगी। जिसमें निर्णायक आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने यह ऐलान मंगलवार को जाट धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता में किया। उन्होंने सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के चल रहे आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया और कहा कि हरियाणा सरकार के सामने एचकेआरएन व अन्य सभी प्रकार के ठेका व पार्ट टाइम कर्मियों को पक्का करने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है। सरकार की नीयत में खोट के कारण ठेका कर्मी पक्के नही हो हो पा रहें हैं। उन्होंने एचकेआरएन के 58 साल तक ठेका कर्मियों को कच्चा रखने की पक्की गारंटी बताया। उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि ऐसा होने से मंहगाई को पंख लग गए हैं और आसमां छूने लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने ही निर्धारित न्यूनतम वेतन लागू करवाने में विफल रही है। उन्होंने राज्य में चल रही ग्रामीण सफाई कर्मियों की हड़ताल का भी समर्थन किया। पत्रकार वार्ता लांबा के साथ हरियाणा रोड़वेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान नरेंद्र दनौद, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के महासचिव रत्न जिंदल, एसकेएस के जिला प्रधान सुमेर सिंह आर्य,जिला सचिव धर्मबीर भाटी,ब्लॉक प्रधान अशोक गोयत,राज्य सचिव अशोक पिलानिया,राज्य सचिव पुरुषोत्तम दानव,सत्यवीर स्वामी,देवेंद्र श्योरान,फायर ब्रिगेड के जिला प्रधान अजय श्योरान,सचिव नरेन्द्र आदि मौजूद थे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष लांबा ने कहा कि आंदोलन की प्रमुख मांगों में संविदा, आउटसोर्स एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण, रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्तियां, समान कार्य के लिए समान वेतन, पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, पांच हजार रुपए अंतरिम राहत,श्रम संहिताओं की वापसी, एनईपी व टैट की अनिवार्यता वापस,नीजीकरण पर रोक, समयबद्ध वेतन पुनरीक्षण, लंबित डीए / डीआर जारी करने तथा व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना लागू करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।

लांबा ने आरोप लगाया कि  सरकार लगातार कर्मचारियों और पेंशनरों की न्यायोचित मांगों की अनदेखी कर रही है। सरकारी विभागों में लाखों पद खाली पड़े हैं, संविदा और आउटसोर्स व्यवस्था के कारण कर्मचारियों का आर्थिक और सामाजिक शोषण बढ़ा है, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र और जनसेवाओं को कमजोर करने वाली नीतियां चिंता का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने कहा, “देश की प्रशासनिक और विकासात्मक व्यवस्था कर्मचारियों के कंधों पर चलती है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि उन्हीं कर्मचारियों के अधिकारों और भविष्य को लगातार असुरक्षित बनाया जा रहा है। हमारा संघर्ष केवल वेतन और सेवा शर्तों का नहीं, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र और जन सेवाओं को बचाने के लिए है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के तहत 12 दिसम्बर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल राष्ट्रीय रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसमें देशभर से लाखों कर्मचारी, शिक्षक, पेंशनर और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। महासंघ का मानना है कि यह रैली कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई में एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि इस राष्ट्रीय रैली की सफलता सुनिश्चित

करने के लिए पूरे देश में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत राज्यों और जिलों में चरणबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अभियान निम्न प्रकार चलेगा 

• 30 जून 2026 तक कार्यालयों और विद्यालयों में बैनर, होर्डिंग और पोस्टर लगाकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
• विभिन्न भाषाओं में प्रचार सामग्री और पुस्तिकाओं का वितरण किया जाएगा।
• मई 2026 में राज्य स्तरीय कमेटियों की बैठकें आयोजित होंगी।
• जुलाई 2026 में जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें राष्ट्रीय नेतृत्व भाग लेगा।
• अगस्त–सितम्बर 2026 में गेट मीटिंग और क्षेत्रीय सभाओं के माध्यम से कर्मचारियों के बीच व्यापक संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
• अक्टूबर–नवंबर 2026 में संस्थान स्तर पर व्यापक जनअभियान और लामबंदी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

by : pramod goyal

 फरीदाबाद शहर के बीके अस्पताल में एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने मंगलवार को औचक निरीक्षण कर अस्पताल में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, आईसीयू, जनरल वार्ड, लेबर रूम और हार्ट सेंटर सहित विभिन्न विभागों का दौरा किया। इस दौरान अस्पताल में साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था को लेकर कई कमियां सामने आईं।

एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने बताया कि सरकार के निर्देश पर जिले के छोटे और बड़े सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि आम लोगों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की जांच की जा सके। निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


by : pramod goyal

 हांसी से BJP विधायक विनोद भयाना को लोगों ने माइक से खूब खरी-खोटी बातें सुनाईं। ग्रामीणों ने बकायदा 12 वादे पढ़कर सुनाए। कहा-ये विधायक के झूठ हैं। इस दौरान विधायक मंच पर ही सिर झुकाये चुपचाप बैठे रहे। इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

असल में, हांसी के गांव चनौत में लोग 10 दिन से धरने पर बैठे हैं। सोमवार को विधायक भी धरने पर पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। विधायक जैसे ही धरने के बीच बैठे, वक्ता ने माइक पर विधायक के वादे गिनाने शुरू कर गया। इसे झूठ नंबर-1, झूठ नंबर-2…कहकर गिनाया गया। ग्रामीणों ने विधायक को स्पष्ट रूप से कहा कि अगर पानी मिलेगा तो ही वे उन्हें वोट देंगे, अन्यथा पूरा गांव उनका विरोध करेगा।

मामला 68 करोड़ रुपए के भाखड़ा नहर प्रोजेक्ट को शुरू करवाने को लेकर है। जिसके विरोध में ग्रामीण धरना दे रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि भाखड़ा नहर का शुद्ध पानी लाने के लिए बने प्रोजेक्ट में उनके गांव के लिए पेयजल व्यवस्था की जाए, लेकिन सरकार इसकी मंजूरी नहीं दे रही है।

हालांकि, बाद में विधायक ने कहा कि यह उनका विषय नहीं है, और वे इस बारे में सरकार से बात करेंगे।