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by : pramod goyal

 फरीदाबाद: सेक्टर 7 स्थित एक क्लीनिक से एसी की आउटडोर यूनिट चोरी करने के मामले में कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा सेक्टर-65 की टीम ने एक आरोपी राहुल निवासी गांव जसराऊ, जिला मैनपुरी (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी सेक्टर-10, फरीदाबाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से चोरी की गई आउटडोर यूनिट बेचकर प्राप्त रकम में से 15,000 रुपये बरामद किए हैं। जिसको अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।


पुलिस प्रवक्ता अनुसार जयकुमार वासी सेक्टर-8 ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका सेक्टर-7 में क्लिनिक है, जहां से 10 अक्टूबर की रात को कोई नामानूम व्यक्ति एसी का ऑउटडोर युनिट चोरी कर ले गया। जिस शिकायत पर थाना सेक्टर-8 में चोरी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में अपराध शाखा DLF की टीम ने थाना सराय ख्वाजा क्षेत्र में हुई मोटरसाइकिल चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरीशुदा मोटरसाइकिल बरामद की है।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गौरव वासी ग्रीनफिल्ड, फरीदाबाद द्वारा थाना सराय ख्वाजा में मोटरसाईकिल चोरी की शिकायत दी गई थी। जिसमें कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा DLF की टीम ने आरोपी निलेश निवासी सिमडेगा, रांची (झारखंड), हाल निवासी मवई, फरीदाबाद को धीरज नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरीशुदा मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट तथा वाहन चोरी का एक-एक मामला दर्ज है। पुलिस द्वारा आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद: साइबर ठगों द्वारा लोगों को नए-नए तरीकों से ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। साइबर थाना एनआईटी में एक युवक के पास फोन कर गलती से 300 रुपये भेजने का झांसा देकर साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। ठगों ने युवक के बैंक खातों से कुल 63,500 रुपये निकाल लिये। साइबर थाना NIT की टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए खाताधारक शिवांश वासी शारदा नगर, लखनऊ, उ.प्र. को गिरफ्तार किया है। 


पुलिस प्रवक्ता अनुसार संजय कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 07 अगस्त को उसके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। जिसने अपना नाम राजेश कुमार, दिल्ली निवासी बताया और कहा कि शिकायतकर्ता के खाता में गलती से 300 रुपये ट्रांसफर हो गए हैं। इसके बाद उसने ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट भेजा, जिसे तुरंत डिलीट कर दिया गया जिसके कुछ समय बाद उसका फोन हैक हो गया और कुछ समय बाद जब उसने अपने फोन में पेमेंट हिस्ट्री चेक की तो पता चला कि उसके बैंक खाते से दो ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 63,500 रुपये निकाल लिए गये हैं। जिस शिकायत पर साइबर थाना NIT में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह खाताधारक है और BCA की पढाई कर रहा है। उसके खाता में ठगी के 13,500/-रू आये थे। जिसको माननीय अदालत में पेश कर  न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।


by : pramod goyal

 चंडीगढ़, 15 अक्टूबर। 


सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने फरीदाबाद और गुरुग्राम में लगे कूड़े के अंबार तथा चरमराई सफाई व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक एवं मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में पहचान रखने वाले इन शहरों में लगभग चार से पांच हजार टन कूड़ा इकट्ठा हो गया है। नागरिक कूड़े के ढेरों और दुर्गंध के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार स्थायी समाधान नहीं कर रही है।


शास्त्री ने कहा कि फरीदाबाद में सरकार कूड़ा निस्तारण प्लांट तक स्थापित नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण एवं ऊर्जा उत्पादन संयंत्र का विरोध सत्ताधारी दल के पार्षद और विधायक ही कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि ही परियोजना के विरोध में खड़े हैं, तो सरकार शहर के कूड़े का निस्तारण कैसे सुनिश्चित करेगी? सरकार और उसके जनप्रतिनिधियों को जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

शास्त्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की 37 दिन चली हड़ताल के दौरान सरकार और विभिन्न मंचों से शहरों में कूड़े के ढेर लगने, दुर्गंध और बीमारियां फैलने की चिंता जताई जा रही थी। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद भी फरीदाबाद और गुरुग्राम में कूड़े के अंबार क्यों लगे हैं? उस समय जनता के स्वास्थ्य की चिंता करने वाली सरकार और स्वच्छता प्रेमी आज चुप क्यों हैं?

उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में झाड़ू उठाकर फोटो खिंचवाने और हड़ताल के दौरान सफाई के प्रति प्रेम दिखाने वालों को अब भी सामने आना चाहिए। शहरों को स्वच्छ रखने के लिए पर्याप्त कर्मचारी, नियमित कूड़ा उठान, जरूरी उपकरण तथा वैज्ञानिक प्रसंस्करण और सुरक्षित निस्तारण की ठोस व्यवस्था आवश्यक है।

शास्त्री ने कहा कि कूड़ा प्रबंधन की विफलता का दोष सफाई कर्मचारियों पर डालकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। कूड़ा उठाने से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक प्रभावी व्यवस्था बनाना सरकार और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने मांग की कि दोनों शहरों में जमा कूड़ा तत्काल उठवाया जाए। फरीदाबाद में प्रस्तावित संयंत्र से जुड़ी आपत्तियों का पारदर्शी एवं वैज्ञानिक समाधान करके पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के मानकों के अनुरूप कूड़ा निस्तारण की समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए।

शास्त्री ने नागरिकों से अपील की कि वे सरकार और स्थानीय प्रशासन से सवाल पूछें—हड़ताल समाप्त होने के बाद भी शहर कूड़े के ढेरों से मुक्त क्यों नहीं हुए और स्थायी समाधान कब होगा?

by : pramod goyal

 नगर निगम मुख्यालय पर तिगांव विधानसभा क्षेत्र के वार्ड न0 28 , 34 , 38 , 44 के कर्मचारियों ने  नगर निगम मुख्यालय पर हाथ में पर्चे लेकर किया विरोध प्रदर्शन


आज के प्रदर्शन की अध्यक्षता सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह बालगुहेर ने मंच संचालन ठेका सफाई कर्मचारी सपना ने किया

प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए जिला प्रधान दलीप बोहोत, जिला सचिव अनिल चिंडालिया, बलबीर बालगुहेर प्रधान सफाई कर्मचारी यूनियन ने नगर निगम प्रशासन पर लगाए हड़ताल के फैसले को न मानने के आरोप
नेताओं ने कहा कि 37 दिनों की हड़ताल में नगर नि

गम फरीदाबाद के सभी नियमित पालिका रोल एवम् अलग अलग प्रकार के ठेकाकर्मियों ने भाग लिया था 11 सितंबर 2026 को सरकार के साथ हुए हड़ताल के फैसले अनुसार सरकार ने पत्र जारी कर कहा था कि प्रदेश की सभी पालिका परिषद निगमों में नियमित पालिका रोल एवम् आउट सोर्सिंग पर कार्यरत सभी हड़ताल कर्मचारियों की स्थिति 6 अगस्त 2026 से पूर्व की बहाल होगी प्रशासनिक कार्यवाही , पुलिसिया कार्यवाही वापस ली जाएगी

लेकिन प्रशासन सरकार के फैसले अनुसार ठेकेदारों से मिलीभगत  कर ठेका कर्मियों का शोषण कर रहा आज भी लगभग तिगांव विधानसभा क्षेत्र में N S agency द्वारा लगभग 25 सफाई कर्मियों को नौकरी पर नहीं लिया गया है
इस संदर्भ मे नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा जिला फरीदाबाद का प्रतिनिधि मंडल निगम प्रशासन से कई दौर की वार्ता कर चुका है प्रशासन के मौखिक आश्वासन के बावजूद भी यह कर्मचारी नौकरी पर नहीं लिए गए नेताओं ने कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि फरीदाबाद में अलग अलग प्रकार के ठेकों में कार्यरत सफाई कर्मचारी लगातार ठेकेदारों की शिकायत कर रहे ठेकेदार न तो कर्मचारियों का वेतन समय दे रहे न ESI EPF का कोई लेखा जोखा है
यदि  निगम प्रशासन ने नौकरी से बाहर कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव नौकरी पर नहीं लिया तो संघ एक बड़े आंदोलन की घोषणा करेगा जिसकी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी

आज के प्रदर्शन में अन्य के अलावा  राज्य उप महासचिव सुनील चिंडालिया जिला कोषाध्यक्ष रघुबीर चौटाला, सुदेश जैनवाल, राकेश चिंडालिया जिला सह सचिव , महेन्द्र कुड़िया सचिव सफाई कर्मचारी यूनियन , राहुल चिंडालिया प्रधान सैनिटेशन स्टाफ यूनियन मुकेश बेनीवाल संगठनकर्ता SKS नैन सिंह , धर्म सिंह मुल्ला, मनोज बालगुहेर, लक्ष्मण  परचा हरिसिंह खंडिया, महिला , नेता सुरेश देवी ललिता कमलेश बीना, मीनाक्षी ऋतिक भंडारी, पूजा, रजनी एवम् सुंदरी आदि उपस्थित रहे
by : pramod goyal

 *फरीदाबाद:* नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखा सेक्टर-16 की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 14/15 अक्टूबर की रात्रि ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन रोड से गांजा तस्करी के मामले में तीन महिलाओं सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन बैग में रखा करीब **35 किलोग्राम गांजा** बरामद किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि ओडिशा से गांजा लेकर ट्रेन के जरिए फरीदाबाद पहुंचे थे और इसकी सप्लाई पलवल तथा नोएडा में की जानी थी।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 14 अक्टूबर को अपराध शाखा सेक्टर-16 की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति ओडिशा से गांजा लेकर ट्रेन के माध्यम से फरीदाबाद पहुंचने वाले हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और रेलवे स्टेशन रोड़ पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने तीन महिलाओं सहित छह संदिग्धों को काबू किया। तलाशी लेने पर उनके पास मौजूद तीन बैग से करीब 35 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद निवासी गांव दुजाना, जिला गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश), वीरेंद्र निवासी गांव सिलोटी, जिला पलवल और बलजीत निवासी गांव हिदायतपुर, जिला पलवल के रूप में हुई है। इनके अलावा उत्तर प्रदेश की ही रहने वाली तीन महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया है।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि विनोद इस तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। वह तीन महिलाओं के साथ ओडिशा से गांजा लेकर ट्रेन के माध्यम से आया था। गांजे की खेप को पलवल और नोएडा में सप्लाई करने की योजना थी। इसके लिए विनोद ने अपने ममेरे भाई वीरेंद्र को ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर गांजा लेने के लिए बुलाया था। वीरेंद्र अपने साथी बलजीत के साथ स्टेशन पहुंचा था।

पुलिस के मुताबिक, योजना के तहत वीरेंद्र और बलजीत को गांजे की खेप पलवल में सप्लाई करनी थी, जबकि विनोद और उसके साथ आई तीनों महिलाओं को गांजा लेकर नोएडा जाना था। 

पुलिस द्वारा आरोपियों को आज माननीय न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की कार्रवाई की जाएगी। रिमांड के दौरान आरोपियों से गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क, नशीले पदार्थ की खरीद के स्रोत, सप्लाई से जुड़े अन्य व्यक्तियों तथा इस कारोबार में उनकी भूमिका के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद। मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फूलों और अन्य पूजन सामग्री को कचरे में फेंकने के बजाय उनसे उपयोगी उत्पाद तैयार करने की दिशा में विक्टोरा लाइफ फाउंडेशन और नगर निगम फरीदाबाद की संयुक्त पहल सराहना बटोर रही है। इसी पहल को देखने और समझने के लिए जीआईजेड इंडिया के 11 सदस्यीय जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने फरीदाबाद स्थित फूल पुनर्चक्रण केंद्र का दौरा किया। विगत सात महीनों में फरीदाबाद के केवल 15 मंदिरों से लगभग 20 टन मंदिरों के कचरे को एकत्रित कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया है।


दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने फूलों के कचरे के संग्रहण, छंटाई, सुखाने, पाउडर बनाने और उनसे धूप, हवन सामग्री एवं प्राकृतिक गुलाल जैसे उपयोगी उत्पाद तैयार करने की प्रक्रिया को समझा। इसके साथ ही, शेष जैविक कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया की जानकारी भी ली। जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास बताया।

नगर निगम फरीदाबाद के आयुक्त यशेंद्र सिंह ने भी विक्टोरा लाइफ फाउंडेशन के साथ मिलकर किए जा रहे इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने फूलों के कचरे के उचित प्रबंधन और उससे उपयोगी उत्पाद तैयार करने की पहल को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि फरीदाबाद के सभी मंदिरों को इस अभियान से जोड़कर इसे आगे बढ़ाया जाएगा।

विक्टोरा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं विक्टोरा लाइफ फाउंडेशन के अध्यक्ष सरदार एस. एस. बांगा ने प्रतिनिधिमंडल के दौरे और इस पहल के उत्साहवर्धन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक संस्था या संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज, उद्योग, प्रशासन और नागरिकों को मिलकर काम करना

होगा। आज दुनिया जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है। इनसे निपटने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सामूहिक प्रयास करने होंगे।


एस. एस. बांगा ने बताया कि विक्टोरा लाइफ फाउंडेशन फूलों के कचरे के प्रबंधन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इनमें ट्री एम्बुलेंस के माध्यम से पेड़ों की देखभाल, पौधारोपण अभियान और हरित क्षेत्र विकसित करने जैसे प्रयास शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य पेड़ों का संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देना और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि उद्योग, प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं और आम नागरिक यदि एकजुट होकर काम करें, तो वैश्विक पर्यावरण संकट से निपटने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने जीआईजेड इंडिया की टीम द्वारा इस पहल की सराहना और उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास पर्यावरण संरक्षण के अभियान को और मजबूत बनाते हैं।

विक्टोरा लाइफ फाउंडेशन और नगर निगम फरीदाबाद की यह संयुक्त पहल स्वच्छता, संसाधनों के पुनः उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ती है। फूलों के कचरे से उपयोगी उत्पाद और जैविक खाद तैयार करने का यह मॉडल ‘कचरे से संपदा’ की सोच को बढ़ावा देता है तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का संदेश देता है।

इस अवसर पर एडिशनल कमिश्नर गौरव अंतिल, नगर निगम सलाहकार इंद्रजीत कुलेडिया, कार्यकारी अभियंता मनदीप सिंह और एसबीएस एक्सपर्ट कल्पना मंडल, फोडेशन की वाईस प्रेजिडेंट दमन बांगा, सी एस आर हेड सरोज कुमार सहित अन्य अधिकारी भी विभिन्न स्थलों के निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।
by : pramod goyal

 चंडीगढ़: प्रदेश के सरकारी विभागों में तैनात 190 भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार करने के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया। इनमें 60 दिनों में 6 अधिकारियों और कर्मचारियों को एसीबी ने अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार कर लिया है। इनमें स्वास्थ्य विभाग का ग्रुप ए का एक अधिकारी है। ग्रुप सी के पांच कर्मचारी भी पकड़े गए हैं। इनमें परिवहन विभाग के दो, पुलिस का एक, बिजली निगम का एक और जिला कल्याण सुविधा केंद्र का एक कर्मचारी शामिल है।

एसीबी ने इस सूची को डॉट मूव विदाउट मनी नाम दिया है। पंचकूला मुख्यालय में तीसरी तिमाही की समीक्षा बैठक में बुधवार को एसीबी प्रमुख डॉ. अरशिंदर चावला ने यह जानकारी दी। साथ ही सफल गिरफ्तारी करने वाली टीमों को सम्मानित भी किया।

एसीबी की टीमों ने इस साल नौ महीने में 155 छापे डाले गए। इसी अवधि में भ्रष्टाचार से जुड़ी 90 जांच दर्ज हुईं, जब


कि 60 जांचों का निस्तारण कर रिपोर्ट सरकार को भेजी गईं। डॉ. अरशिंदर चावला ने क्लास-1 अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ने वाली टीम को एक लाख रुपये इनाम देकर सम्मानित किया।

 
जुलाई के आखिरी सप्ताह में एसीबी ने भ्रष्ट कर्मचारियों की सूची तैयार की थी। एक अगस्त से एसीबी ने भ्रष्टाचारियों पर निगरानी बढ़ाकर उनकी कुंडली तैयार करनी शुरू कर दी। इस दौरान उक्त संदिग्ध अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ मिलने वाली भ्रष्टाचार की शिकायतों का सत्यापन करने के साथ एसीबी की टीम शिकायतकर्ताओं के संपर्क में थी। ट्रैप के आधार पर अलग-अलग समय और जिलों से विभिन्न मामलों में रिश्वत लेते एसीबी के टीम ने गिरफ्तार कर लिया। अभी 184 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर एसीबी की निगरानी है।

by : pramod goyal

 परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में नया सदस्य जुड़ने या आईडी बनने की जानकारी के लिए अब नागरिकों को अनिश्चितता में नहीं रहना पड़ेगा। हरियाणा में पीपीपी से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं पर एसएमएस अलर्ट की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत एनरोलमेंट आईडी बनने, फैमिली आईडी तैयार होने और परिवार में नया सदस्य जोड़े जाने पर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सूचना भेजी जाएगी।


हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के पीपीपी स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और नागरिकों को उनके पारिवारिक रिकॉर्ड से जुड़े बदलावों की जानकारी देना है।
पीपीपी में दर्ज विवरण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में नया सदस्य जुड़ने पर एसएमएस मिलने से परिवार को रिकॉर्ड में हुए बदलाव की जानकारी समय पर मिल सकेगी। इसी तरह, एनरोलमेंट आईडी और फैमिली आईडी बनने की सूचना मिलने से नागरिकों को संबंधित प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि भी होगी। यह व्यवस्था रिकॉर्ड से जुड़ी अनभिज्ञता और अनावश्यक असमंजस कम करने में मददगार हो सकती है।