फरीदाबाद- पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में फरीदाबाद पुलिस द्वारा अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। डकैती एवं आर्म्स एक्ट के एक मामले में 22 साल से फरार चल रहे सजायाबी आरोपी को अपराध शाखा सेक्टर 56 की टीम ने बिहार से गिरफ्तार किया है।
निवासी सेक्टर-17, फरीदाबाद ने जनवरी 2001 को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 7–8 अज्ञात बदमाशों ने उसके घर में घुसकर चाकू के बल पर घर के सदस्यों को बंधक बनाकर नगदी व सोने-चांदी के गहने लूटकर फरार हो गए। जिस पर थाना सेंट्रल में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
फरीदाबाद - गर्मी शुरू हुई नहीं, अभी से रुला रही है सेक्टर - 2 में बिजली की समस्या। भीषण गर्मी में तो बिजली की आँख मिचौली अक्सर देखने को मिलती है। लेकिन अभी पूरी तरह से गर्मी का प्रकोप शुरू भी नहीं हुआ कि बिजली की समस्या ने अपना खेल दिखाना शुरू कर दिया।
सेक्टर - 2 जैसे पाश सेक्टर में हर एक घंटे बाद बिजली का गुल हो जाना आम बात हो गई है। अगर सेक्टरों में बिजली की उपलब्धता का यह हाल है तो कॉलोनी में क्या होगा। सर्दी के मौसम में इस तर्क के साथ बिजली की कटौती कर दी जाती है कि बिजली की नई लाइन डाली जा रही है और ट्रांसफार्मर बदले जा रहे है। लेकिन गर्मी शुरू होते ही बिजली का वही आलम रहता है। बिजली की समस्या से दो - चार हो रहे लोगों की परेशानी से न तो जनप्रतिनिधियों को कोई सरोकार है ना ही अधिकारियों को। बस हर बार किसी न किसी
बहाने बिजली के दाम जरूर बड़ा दिए जाते है।
फरीदाबाद, 28 फरवरी। भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल ने कहा कि पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर संगठन और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भाजपा का प्रशिक्षण अभियान कार्यकर्ताओं को तराशने की प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य बूथ स्तर से सशक्त, समर्पित और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है। उन्होंने “व्यक्ति निर्माण से संगठन निर्माण और संगठन निर्माण से राष्ट्र निर्माण” को पार्टी की मूल भावना बताते हुए कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्ति नहीं, बल्कि सेवा भाव से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है।
श्री रामपाल ने आगे कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विकसित भारत–विकसित हरियाणा के संकल्प को और अधिक सशक्त करेगा। भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल ने जिला कार्यालय ‘अटल कमल’ पर आयोजित बैठक के दौरान मंडल अध्यक्षों के साथ मंडल स्तरीय प्रशिक्षण वर्गों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद जिले के सभी 15 मंडलों में 7 मार्च से 14 अप्रैल तक प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शक्ति केंद्र और बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता भाग लेंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रत्येक मंडल में प्रशिक्षण वर्ग 24 घंटे का होगा, जो विभिन्न सत्रों में संचालित किया जाएगा। इन सत्रों में राष्ट्रवाद, संगठनात्मक संरचना, कार्यपद्धति, विचारधारा एवं बूथ सशक्तिकरण जैसे अनेक विषयों पर प्रशिक्षक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे। श्री रामपाल ने आगे कहा कि भाजपा एक वैचारिक संगठन है, जहां कार्यकर्ता किसी पद या व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना के साथ पार्टी की विचारधारा से जुड़ा होता है। भाजपा में प्रशिक्षण एक सतत प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से कार्यकर्ताओं को निरंतर निखारने और समयानुकूल अपडेट रखने का कार्य किया जाता है।
इस अवसर पर जिला महामंत्री चौधरी प्रवीण गर्ग, शोभित अरोड़ा, मंडल अध्यक्ष अमित आहूजा, करमबीर बैसला, शेखर तंवर, मुकेश झा, सुधीर मेहता, राजेश चौधरी, हरीश बैसला, गौरव चौधरी, शिव गुप्ता, तृप्ति माला, शुभंकित गुप्ता, मनप्रीत, नंद कश्यप, कृष्ण पहलवान, महेश कुमार सहित मंडल प्रशिक्षण टोली के सदस्य एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अध्ययनों के अनुसार लगभग 22.6% महिलाएं और लगभग 20.70% पुरुष वैवाहिक समायोजन की समस्या का सामना करते हैं। दुखी वैवाहिक जीवन जीने वाले व्यक्तियों में खुशहाल वैवाहिक जीवन जीने वालों की तुलना में अवसाद से पीड़ित होने की संभावना 25 गुना अधिक होती है। 2-3 वर्ष में जोड़े एक-दूसरे को समझने लगते हैं और अपने जीवन स्थितियों को स्वीकार करने लगते हैं। जो लोग अपने दृष्टिकोण को बदल नहीं पाते या जीवन में बदलाव नहीं ला पाते, वे समायोजन की समस्या का सामना करते हैं। निराशा का दौर आने लगता है जब "सपनों का राजकुमार" अपनी चमक खो बैठता है या "प्रिय पत्नी" उम्मीदों पर खरी न उतरती है। समय की कमी, पैसे की समस्या, संतानोत्पत्ति की समस्या, यौन संबंध में तालमेल बिठाने की चुनौतियाँ समायोजन के लिए समस्या बनती हैं।
सुखमय वैवाहिक जीवन के उपाय:-
जीवन साथी को अपने सबसे अच्छे दोस्त की तरह समझें।
विवाह को एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के रूप में देखें।
विवाह को एक पवित्र संस्था के रूप में देखें।
लक्ष्यों पर आपसी सहमति बनाएं
साथ में हँसें, एक दूसरे पर न हंसे।
विवाह के बाद समायोजन की समस्याएँ:-
व्यक्तिगत स्वतंत्रता में कमी:- घरेलू जिम्मेदारियों के कारण अपने सपनों, कैरियर व व्यक्तिगत रुचियों के लिए समय कम मिलना विवाह के बाद आम बात है। जिम्मेदारियों बढने के साथ साथ स्वतंत्रता बाधित होती जाती है।
पारिवारिक हस्तक्षेप:- संयुक्त परिवार में सास-बहू के बीच तालमेल की कमी या निजी मामलों में परिजनों का हस्तक्षेप समायोजन की समस्या खडा करता है। मोबाइल के कारण आजकल वधू पक्ष के अत्यधिक हस्ताक्षेप के कारण भी दिक्कतें आ रहीं हैं।
संवाद की कमी:- परिवार के सदस्यों में आपसी बातचीत में कमी के कारण गलतफहमियां उत्पन्न होतीं हैं जो समायोजन को गडबड करतीं हैं।
विचारों में मतभेद:-
अलग-अलग विचारधाराओं के कारण आपसी तनाव व कलह उत्पन्न होता है ऐसी स्थिति दूसरे धर्म में शादी करने या अन्तर्जातीय विवाह में अधिक होता है।
पति पत्नी का कामकाजी होना :- कैरियर व घर (ससुराल) के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई के कारण समायोजन की समस्या आती है। दोनो के जाँब करने से अनेक समस्याएं आती हैं।
आर्थिक चुनौतियाँ:- एक का दूसरे पर आर्थिक रुप से निर्भर रहने पर न केवल आर्थिक बोझ एक व्यक्ति पर पडता बल्कि समायोजन भी प्रभावित होता है।
भावनात्मक:-
भावनात्मक रूप से अलग थलग महसूस करने से भी वैवाहिक जीवन में समस्या खडी होती है।
न करें:-
आलोचना करना:- आलोचना की शुरुआत शिकायत से होती है। जीवन साथी में ऐसी कई बातें होती हैं जो दूसरे को परेशान करती हैं। जो वैवाहिक जीवन में गंभीर समस्याएं पैदा करती हैं। आलोचना में व्यक्ति के व्यक्तित्व व चरित्र पर हमला किया जाता है।
अवमानना करना:- आलोचना अक्सर अवमानना में बदलती है। जब साथी को अपमानित व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के इरादा से होता तो इसके पीछे अक्सर साथी के बारे में बेहद नकारात्मक विचार होती हैं, जैसे कि वह कितना मूर्ख, घृणित, अक्षम है। ऐसे में एक-दूसरे के प्रति प्रेम दिखाना मुश्किल होता है जिससे समस्याएं घटने के वजाय बढती हैं।
रक्षात्मकता अपनाना:- अधिकांशत: अपमान की प्रतिक्रिया में रक्षात्मकता आती है। रक्षात्मकता में ज़िम्मेदारी से इनकार करना, बहाने बनाना, आलोचना को साथी पर थोपना, खुद शिकायत करना, साथी की शिकायत का जवाब शिकायत से देना। ये सभी व्यवहार साथी की शिकायत को समझने व व्यवहार को बदलने की कोशिश करने के विपरीत है। इससे समस्या कभी हल नहीं होती है।
चुप्पी साधना:- जब दंपत्ति अपनी समस्याओं के समाधान की ओर आगे नहीं बढ़ पाते हैं, तो अक्सर एक साथी बातचीत में चुप्पी साधना शुरू करता है। इसका मतलब है कि जब दूसरा साथी उन पर गुस्सा होता है, तो वह कोई प्रतिक्रिया नहीं देता है जिससे समायोजन की समस्या बढती जाती है।
समायोजन के उपाय:-
रुचि दिखाएं:- यह जीवन साथी की आंखों में देखने जैसा व्यवहार भी हो सकता है। एक दूसरे के पसंद व नापसंद का ख्याल रखें तथा उसी के अनुसार व्यवहार करने का प्रयास करें।
स्नेहपूर्ण रहें:- यह छोटे-छोटे शारीरिक गतिविधियों व स्नेहपूर्ण कार्यों के माध्यम से दिखाया जा सकता है, अपने साथी को साथ बिताए किसी सुखद पल की याद दिलाकर भी किया जा सकता है।
परवाह दिखाएं:-
छोटी-छोटी विचारशीलता व दयालुता के कार्य किसी भी रिश्ते में बड़ा फर्क लाते हैं इसलिए अपने जीवन साथी की परवाह करने के साथ ही इसे दर्शाया जाना भी जरुरी है।
कृतज्ञता व्यक्त करें:- जब भी जीवन साथी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और उनके योगदान की सराहना करते हैं तो दोनों के बीच का बंधन और मजबूत होता है।
चिंता व्यक्त करें:- जब जीवन साथी दुख/ कठिनाई व्यक्त करता है तो यह महत्वपूर्ण है कि उसे यह महसूस कराया जाए कि उसकी चिंताओं को महत्व दिया जा रहा है।
समानुभूति रखें:- अपने जीवन साथी की भावनाओं को समझने की कोशिश करने से दोनों एक दूसरे की बात को समझ सकते हैं। इसे शब्दों या चेहरे के सरल हावभाव से व्यक्त किया जा सकता है। भले ही आप अपने साथी की बातों से सहमत न हों, फिर भी उन्हें यह बताना महत्वपूर्ण है कि आप उनका सम्मान करते हैं और उनकी भावनाओं को महत्व देते हैं।
हंसी-मजाक करें:- जीवन साथी के साथ हंसी-मजाक करने से रिश्ते मजबूत होते हैं व समस्याएं कम होतीं हैं।
चिंता ही नहीं खुशी भी साझा करें:- जिस तरह चिंता को साझा करना महत्वपूर्ण है, उसी तरह खुशी या अच्छे समय के बारे में अपने जीवन साथी को बताना भी सकारात्मक बदलाव के लिये आवश्यक है।
घर की बात घर में ही रहे:-
अपने घर की बात घर में ही रहे। एक परिवार की तरह रहना चाहिए। आजकल देखा जा रहा है कि नवागत बहू अपने ससुराल की हर छोटी बड़ी बात अपने मायके वालों से मोबाइल के माध्यम से साझा करती है जिससे समस्याएं बढ़ने की जोखिम बना रहता है।
एक के क्रोधित होने पर दूसरा शांत रहें:- जब जीवन साथी क्रोधित हो तो उसे समय दूसरे साथी को शांत रहना आवश्यक है क्योंकि जब व्यक्ति क्रोध में होता है तो उसके सोचने समझने की क्षमता बहुत कम होती है उससे उस समय तर्क करना उसके क्रोध को और बढ़ाता है जब वह शांत हो जाए तब अपनी बात शांति से रखना चाहिए।
पोज़िटिव गुणों पर ध्यान दें:-
जब हम दूसरों के साथ संपर्क में आते हैं तब उसके अच्छे व खराब गुणों पर ध्यान जाना स्वाभाविक है। ध्यान अच्छे गुणों के बजाय खराब गुणों पर अधिक जाता है। इसके लिए जीवन साथी के अच्छे गुणों की एक सूची बनानी चाहिए और जब कोई समस्या हो तो उस सूची को पढ़ना चाहिए। इससे विवाहित जीवन में सकरात्मक बदलाव आता है।
सहें न समाधान करें :-
वैवाहिक जीवन में सहन करने के बजाय समस्याओं के समाधान पर सोचना अच्छा होता है। सोचकर उसका हल निकालें। बहुत अधिक व लम्बे समय तक सहन करना समस्या को बढाता है।
बदलाव करें:-
पति-पत्नी दोनों निश्चय करें कि हमे बदलाव करना है तो समस्या का समाधान स्वतः हो जाऐगा। दोनों के अधिक खींचा-तानी करने से बात और बिगड़ेगी। व्यवहारों व विचारों में बदलाव ला कर समस्या को समाप्त किया जा सकता है।
क्लेश को खत्म करने की भावना रखें:- आपस में झगड़ा होने पर हमेशा झगड़ा को खत्म करने के भाव के साथ व्यवहार करना चाहिए न कि बदले की भावना से व्यवहार करना चाहिए।
एकता रखें:-
जीवनसाथी के साथ एकता बनाए रखें। दम्पति के बीच मतभेद होना स्वभाविक है पति पत्नी आपस में तय करें कि मतभेद होने पर हम उसे मिलकर हल करेंगे। जब लगे कि मतभेद बढ़ रहे हैं, तो आपस में पहल करके बात करें मानो कुछ हुआ ही न हो।
प्रभावी संवाद:- साथी के साथ खुलकर बात करना व एक-दूसरे की भावनाओं को समझना, मतभेदों को सुलझाने का सबसे कारगर तरीका है।
पारस्परिक सम्मान व सहयोग:- एक-दूसरे की रुचियों और निजता का सम्मान करना चाहिए न कि एक दूसरे पर शक करके पहरेदारी करना चाहिए।
जिम्मेदारियों का बंटवारा:- घर के कामों व जिम्मेदारियों में समानता और आपसी सहमति से काम को बाँटना चाहिए। सभी को एक दूसरे के सहयोग की भावना रखना चाहिए।
धैर्य और समझदारी:- नई जगह, नए लोगों और रीति-रिवाजों के अनुसार खुद को ढालने के लिए धैर्य व समझदारी से काम लेना चाहिए।
परिवार का सहयोग:- परिवार को नए सदस्य खास कर वधू की भावनाओं और उसके व्यक्तिगत विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए।
काउंसलिंग की सहायता:-समस्याएं बहुत बढ़ जाएं तो मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता से मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
पारिवारिक एवं वैवाहिक जीवन न केवल विश्वास एवं सहयोग पर टिका होता है बल्कि सुखमय जीवन का आधार होता है। समस्यात्मक वैवाहिक जीवन न केवल पति-पत्नी को प्रभावित करता है बल्कि बच्चों के विकास को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है इसलिए यदि वैवाहिक जीवन में समस्याएं हो तो उसे प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का प्रयास नितांत आवश्यक है।
- डॉ. मनोज कुमार तिवारी,
वरिष्ठ परामर्शदाता
अमेरिकी और इस्राइल के संयुक्त हमले के बाद अब ईरान ने भी पलटवार करना शुरू कर दिया है। इस्राइल के अलावा खाड़ी देशों के कई अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरानी हमले तेज हो गए हैं। ईरान ने कुवैत, बहरीन,कतर, सऊदी अरब, और यूएई में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला किया है।
ईरान ने कतर के दोहा में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने देश को निशाना बनाकर किए गए कई हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। रक्षा मंत्रालय इस बात की पुष्टि करता है कि खतरे का पता चलते ही सुरक्षा योजना के अनुसार उससे तुरंत निपटा गया और कतर की धरती तक पहुंचने से पहले ही सभी मिसाइलों को रोक दिया गया
ईरान ने कतर, बहरीन, कुवैत यूएई में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। बहरीन ने पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल हमले का निशाना बनाया गया है। कतर के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पैट्रियट रक्षा प्रणाली द्वारा एक ईरानी मिसाइल को रोक दिया गया है।
रॉयटर्स समाचार एजेंसी के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी से एक जोरदार विस्फोट की खबर मिली है। कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इससे पहले ईरान की आईआरजीसी ने पुष्टि की थी कि उसने अमेरिकी-इस्राइल हमलों के बाद इस्राइल की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
फरीदाबाद में होली के मद्देनजर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से मथुरा जंक्शन तक स्पेशल लोकल ट्रेन का संचालन शुरू किया गया है। 27 फरवरी से शुरू हुई ट्रेन का संचालन 3 मार्च होगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, त्योहार के दौरान दिल्ली-एनसीआर से ब्रज क्षेत्र की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रेन संख्या 04414/04413 को विशेष रूप से संचालित किया जा रहा है।
फरीदाबाद- मथुरा रेलखंड के बीच पड़ने वाले अधिकतर स्टेशनों पर इस ट्रेन का ठहराव रहेगा। हालांकि रूंधी, बंचारी, होडल और अजाही जैसे कुछ स्टेशनों को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख स्टॉप पर यात्री इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
स्पेशल ट्रेन रोजाना सुबह 10:30 बजे निजामुद्दीन से रवाना होती है। जिसके बाद 10 बजकर 36 मिनट पर ओखला, 10 बजकर 44 मिनट पर तुगलकाबाद, 10 बजकर 57 मिनट पर फरीदाबाद, 11 बजकर 04 मिनट पर न्यू टाउन फरीदाबाद, 11 बजकर 11 मिनट पर बल्लभगढ़, 11 बजकर 21 मिनट पर असावटी और 11बजकर 30 मिनट पर पलवल, 12 बजकर 08 मिनट पर कोसीकलां, और दोपहर एक बजे मथुरा पहुंचती है।
फरीदाबाद के डबुआ क्षेत्र में स्थित राजेश किरयाना स्टोर पर एक्सपायरी डेट पार कर चुके दूध, दही और अन्य खाद्य सामग्री सस्ते दामों पर बेचे जाने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने पर सीएम फ्लाइंग और फूड सेफ्टी विभाग ने संयुक्त रूप से दुकान पर छापेमारी की।
जांच के दौरान अधिकारियों को ब
ड़ी मात्रा में एक्सपायरी दूध, दही, पैकेट बंद खाद्य पदार्थ और अन्य रोजमर्रा के सामान मिले, जिन्हें ग्राहकों को कम कीमत का लालच देकर बेचा जा रहा था। टीम ने मौके पर ही भारी मात्रा में संदिग्ध और एक्सपायरी सामान को जब्त कर लिया।
फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एक्सपायरी खाद्य सामग्री का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है, जिससे फूड प्वाइजनिंग, उल्टी-दस्त और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। मामले में सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं और नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की सख्त जांच से मिलावटी और एक्सपायरी सामान बेचने वालों पर लगाम लगेगी।
चंडीगढ़: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) में तैनात विधि अधिकारियों ने आयोग के अध्यक्ष पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। आयोग के अध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली, मुख्यमंत्री हरियाणा, मुख्य सचिव, गृह सचिव और अभियोजन विभाग के निदेशक को भी शिकायत भेजी है। आयोग के अध्यक्ष पर उत्पी
ड़न और दुर्व्यहार के आरोप लगाए।
आयोग में तैनात 8 विधि अधिकारियों (जिला अटॉर्नी, उप जिला अटॉर्नी और सहायक जिला अॉनों) ने गृह सचिव सुधीर राजपाल कार्यालय को भेजी शिकायत में आरोप लगाए हैं कि आयोग में ऐसा अत्यंत्य कष्टदायक और पेशेवर
मनोबल गिराने वाला व्यवहार हो रहा है। इस कारण से मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। अपमानजनक शब्दों के उपयोग के साथ ही फाइलों में अध्यक्ष के माध्यम से अस्पष्ट नोटिंग की जाती है। अवकाश भी कई बार ऐन मौके पर रद करने के आरोप हैं। इस प्रकरण में गृह विभाग में शिकायत भेजने वाले विधि अधिकारियों ने गृह सचिव सुधीर राजपाल से मुलाकात का समय मांगा है। अभी विधानसभा सत्र होने के कारण मुलाका त नहीं हो सकी। गृह सचिव के बाद विधि अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नायव सिंह सैनी से भी मुलाकात करेंगे। इस प्रकरण में विधि अधिकारियों ने दूसरे विभागों में तैनात विधि अधिकारियों को भी अवगत कराया है।
फरीदाबाद जिले के नाहरावली गांव में बीती रात काली थार में सवार होकर आए कुछ बदमाशों ने एक जमींदार के घर को निशाना बनाया। बदमाशों ने न केवल घर के बाहर जमकर गाली-गलौज की, बल्कि खौफ पैदा करने के लिए 3 राउंड फायरिंग भी की। आधी रात को गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। पुलिस मामले में छानबीन में लगी है। आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।
जानकारी अनुसार, नाहरावली गांव निवासी जमींदार समंदर भाटी परिवार के सदस्यों के साथ घर में सो रहे थे। इसी बीच रात को साढ़े 12 बजे घर के बाहर गोलियां चलने लगी। गोलियों की आवाज सुनकर समंदर भाटी और उनका परिवार नींद से जाग गया।
समंदर भाटी ने बताया कि जब वे बाहर निकले तो देखा कि थार गाड़ी में सवार तीन से चार लोग वहां से भाग रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें नहीं पता कि फायरिंग करने वाले कौन थे और क्यों की गई। उस समय पूरा परिवार घर में सो रहा था।
घटना की सूचना तुरंत छायंसा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। समंदर भाटी ने देर शाम थाने में दी गई शिकायत में पूरी घटना का विवरण दर्ज करवाया।








