फरीदाबाद 14 मई
के कारण यहां के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी कब आएगा। इसकी किसी को जानकारी नहीं होती है। जब से वाटर सप्लाई का कार्य ठेके पर दिया है। तब से यह समस्या विकराल होती जा रही है। बिना मोटर चलाएं ग्राउंड फ्लोर में भी पानी नहीं आ रहा है। यहां पर 10 ट्यूबवेल हैं। इनमें से दो -तीन ख़राब रहते हैं।पेयजल आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए जनवरी में अधीक्षक अभियंता से बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा था।कि रैनीवैल की पाइपलाइन से सेक्टर 2 को जोड़ दिया जाएगा।ताकि इस समस्या का समाधान हो सके। लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ। इससे पहले सेक्टर 2 में बूस्टिंग स्टेशन बनाने पर सहमति बनी थी। लेकिन काम नहीं हुआ। यहां के अध्यक्ष हो राम सिंह भाटी प्रधान जगदीश चंद्र अधाना, वरिष्ठ उप प्रधान नरेश चंद्र शर्मा तथा कोषाध्यक्ष एसपी त्यागी, उप प्रधान अश्वनी गौड़ ने बताया कि गर्मी लगातार बढ़ रही है। इसकी वजह से पानी की खपत का बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी इस समस्या को दूर नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों को स्थानीय लोगों से बातचीत करके इस समस्या का समाधान करना चाहिए। आबादी अधिक है। लेकिन पानी की आपूर्ति बढ़ती हुई आबादी के अनुपात में बहुत कम है। नलकूपों का डिस्चार्ज दिन प्रतिदिन घट हो रहा है। जनरल सेक्रेटरी ने अधिकारियों से सेक्टर 2 में बूस्टिंग स्टेशन बनाने की मांग की है। यहां पर ग्रीन बेल्ट में अतिरिक्त नलकूप लगाये जाएं।ताकि लोगों को समुचित मात्रा में पेयजल मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया तो यहां का प्रतिनिधिमंडल उच्च अधिकारियों से बातचीत करेगा।
हरियाणा सरकार ने करनाल और फरीदाबाद स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही करनाल स्मार्ट सिटी की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) का कार्यकाल भी इसी तिथि तक बढ़ाया गया है। इस फैसले से दोनों शहरों में लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और निर्मित परिसंपत्तियों को संबंधित वि
भागों को सुचारू रूप से हस्तांतरित करने में मदद मिलेगी।
यह जानकारी मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति (SLHPAC) की बैठक में दी गई। बैठक में करनाल और फरीदाबाद में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि यह विस्तार एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप दिया गया है, ताकि पूर्णता के निकट पहुंच चुकी शेष परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके और नागरिकों को आधुनिक शहरी सुविधाओं का लाभ लगातार मिलता रहे।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तकनीक आधारित विकास कार्यों ने शहरी आधारभूत संरचना को मजबूत किया है। जिससे नागरिक सुविधाओं में सुधार हुआ है और लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए और निर्मित सार्वजनिक परिसंपत्तियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
फरीदाबाद- फरीदाबाद पुलिस द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 अलग-अलग वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश करते हुये 9 चोरी की बाइक बरामद की हैं।
फरीदाबाद
: फरीदाबाद में बुधवार की तेज शाम आई तेज आंधी और बारिश भी चलते फरीदाबाद में सेक्टर 15 स्थित आजाद कॉलोनी में एक निर्माण दिन चार मंजिला इमारत की चौथी मंजिल की दीवार गिरने से मां और उनके तीनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, घायल महिला के पड़ोसियों ने इस हादसे की वजह पड़ोस के मकान मालिक द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ा कर मकान को बनाया जाना।उन्होंने बताया कि पड़ोसी मकान मालिक बिना पिलर के ही किराए के लालच में चार इंच की दीवार दीवार देकर चौथी मंजिल बनवा रहा था। पिलर न होने के चलते दीवार कमजोर थी, जिसके चलते वह आंधी को भी नहीं झेल पाई और गिर गई। इस हादसे में तीन बच्चे रोहन, अमन,तान्या और उनकी मां पूजा घायल हुए है। सभी को फरीदाबाद के बादशाह खान सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां पर सभी का इलाज चल रहा है।
पूजा के मुताबिक उनका दो मंजिला मकान है और पड़ोसी चौथी मंजिल बिना किसी पिलर के बना रहा था। 4 इंची दीवार होने के चलते दीवार कमजोर थी और आई तेज आंधी को दीवार सह नहीं पाई, जिसके चलते दीवार उनकी दूसरी मंजिल की छत पर जा गिरी। दीवार के गिरने के बाद उनकी छत टूट गई। वह अपने बच्चों के साथ घर में खाना बना कर खाने की तैयारी में थी तभी यह हादसा हो गया और चारों गंभीर रूप से घायल हो गए।
वहीं घायलों के पड़ोस में रहने वाले पवन और विकास में भी चौथी मंजिल का निर्माण करा रहे पड़ोसी मकान मालिक राजेश यादव को इसका जिम्मेदार ठहराया है। फिलहाल तीनों खतरे से बाहर है लेकिन पड़ोसी की लापरवाही के चलते किसी की जान भी जा सकती थी।
फरीदाबाद: बता दें कि 11 मई को सांई कॉलोनी, मवई निवासी विरेश उर्फ नन्हे के साथ मारपीट कर, उस पर सूआ से हमला किया गया था। घटनाक्रम के संबंध में भाई मुकेश ने 12 मई को थाना खेडीपुल में दी अपनी शिकायत में बताया कि 11 मई को जब वह अपने भाई विरेश व अन्य के साथ अपने घर के बाहर गली में खडा था तभी वहां पर एक गाडी आयी जिसमें से पाँच लोग अमित उर्फ मोटा, शिवम, अमित, अभिषेक व प्रवीन उतरे और उन्होंने उसके भाई विरेश पर लाडी डंडों से हमला कर दिया। इसी दौरान प्रवीन ने विरेश पर सूआ से वार किया और घटना को अंजाम देकर आरोपित मौका से फरार हो गये। शिकायत पर थाना खेडीपुल में मामला दर्ज किया गया था।
कांग्रेस नेता वी डी सतीशन (61) केरलम के सीएम होंगे। कांग्रेस ने गुरुवार को राज्य के चुनाव नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद इसका ऐलान किया। सतीशन पारावूर सीट से विधायक हैं।
कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस ने तिरुवनंतपुरम में 7 मई को मीटिंग की थी। पार्टी अध्यक्ष खड़गे, राहुल गांधी से चर्चा के बाद तय किया गया कि केरलम CM वीडी सतीशन होंगे।
नाम के ऐलान होने का बाद सतीशन ने कहा- मैं इस पद को निजी उपलब्धि नहीं बल्कि दैवीय कृपा मानता हूं। मैं वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला समेत सभी नेताओं को अपने विश्वास में लूंगा।
दरअसल, केरलम के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन नेताओं केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्नीथला और वी डी सतीशन के नाम चर्चा में थे। आखिर में सतीशन के नाम पर मुहर लगी।
सरकार द्वारा HIV संक्रमित मरीजों को आर्थिक सहारा देने के लिए घोषित 2250 रुपये की वित्तीय सहायता अब सवालों के घेरे में आ गई है। नवंबर 2024 के बाद से हजारों मरीज सहायता राशि का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन करीब 18 महीने बीत जाने के बावजूद उनके खातों में एक भी किस्त नहीं पहुंची।
मरीजों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, दवाइयों, जांच और पोषण पर भारी खर्च करना पड़ता है, ऐसे में सरकार की देरी उनके लिए मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी बन चुकी है। HIV मरीजों ने सरकार से मांग की है कि सहायता योजना के लिए तय 2 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा को बढ़ाकर 3 लाख किया जाए ताकि ज्यादा जरूरतमंद मरीज इसका लाभ ले सकें। साथ ही 2250 रुपये की सहायता राशि को अन्य सामाजिक पेंशन योजनाओं की तरह बढ़ाकर 3200 रुपये प्रतिमाह किया जाए और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
वहीं मरीजों का कहना है कि सरकार मंचों पर संवेदनशीलता की बातें करती है, लेकिन जमीन पर हालात बिल्कुल अलग हैं। सहायता में लगातार देरी से कई परिवार कर्ज और आर्थिक संकट में फंस चुके हैं। अब मरीजों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
फ़रीदाबाद जिले का सबसे बड़ा सिविल अस्पताल एक बार फिर अपनी व्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। अस्पताल में मौजूद एम्बुलेंस की हालत इतनी खराब है कि उसे स्टार्ट करने के लिए कर्मचारियों को धक्का लगाना पड़ रहा है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो मंगलवार शाम का है।
जानकारी के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रही एम्बुलेंस वही है, जिसका इस्तेमाल सिविल अस्पताल से मरीजों को इमरजेंसी में दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर करने के लिए किया जाता है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारी एम्बुलेंस को धक्का मारकर स्टार्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर किसी गंभीर मरीज को तुरंत रेफर करना पड़े तो ऐसी हालत में एम्बुलेंस कैसे समय पर मरीज को अस्पताल तक पहुंचा पाएगी।
हैरानी की बात यह भी है कि इस घटना से ठीक एक दिन पहले ही देर शाम कई बड़े अधिकारियों ने सिविल अस्पताल का दौरा किया था। इस दौरान अस्पताल में मौजूद व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया और कई खामियों को जल्द ठीक करने के निर्देश भी दिए गए थे। अधिकारियों की इस चेतावनी के बावजूद एम्बुलेंस की ऐसी हालत सामने आना अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर सो 14 मई गुरुवार को 10वीं रिजल्ट जारी कर दिया गया। बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने बताया कि प्रदेश में इस बार 2 लाख 76 हजार 640 स्टूडेंट्स ने दसवीं का एग्जाम दिया है, जिनमें से 2 लाख 47 हजार 860 यानि 89.6% पास हुए हैं।
प्रदेश में 16 स्टूडेंट ने टॉपर में पॉजिशन बनाया है। भिवानी की दीपिका 500 में 499 नंबर के साथ स्टेट टॉपर बनीं। 4 स्टूडेंट रौनक (चरखी दादरी), खुशी (हिसार), अंतू (हिसार), दिपांशू (महेंद्रगढ़) दूसरे स्थान पर रहे। दूसरे और 11 संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
पास प्रतिशतता के आधार पर प्रदेश में चरखी दादरी जिला पहले स्थान पर रहा। दूसरे पर जींद और तीसरे स्थान पर महेंद्रगढ़ जिला रहा। नूंह जिला सबसे निचले पायदान पर रहा। बोर्ड के मुताबिक, तीन साल में दसवीं का यह सबसे खराब रिजल्ट रहा है। 2024 में 95.22 और 2025 में 92.49 प्रतिशत स्टूडेंट पास हुए थे।
उधर, छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया। रेगूलर में 1,43,110 छात्र शामिल हुए, जिनमें से 1,25,493 पास हुए और उनकी पास प्रतिशतता 87.69 रही। वहीं, 1,33,530 छात्राएं परीक्षा में शामिल हुईं, जिनमें से 1,22,367 छात्राएं उत्तीर्ण रहीं। छात्राओं की पास प्रतिशतता 91.64 दर्ज की गई, जो छात्रों की तुलना में 3.95 प्रतिशत अधिक रही।








