फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा अवैध नशा पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। क्राईम ब्रांच सेक्टर-48 की टीम ने 265 ग्राम गांजा सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान मुकेश वासी गांधी कालोनी NIT फरीदाबाद के रुप में हुई है।
फरीदाबाद- थाना पल्ला पुलिस टीम ने पिता के साथ मारपीट और चाकू से हमला करने के मामले में शिकायतकर्ता के पुत्र भरत, निवासी गांव खरकानाटोली, जिला बागेश्वर (उत्तराखंड), हाल निवासी नोएडा को 11 जून तथा उसके साथी ओमकार, निवासी भूडनगरिया, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी शिव कॉलोनी, फरीदाबाद को 12 जून को गिरफ्तार किया है।
फरीदाबाद – फरीदाबाद पुलिस द्वारा अवैध हथियारों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। 12 जून को क्राइम ब्रांच सेंट्रल की टीम ने एक व्यक्ति को अवैध देसी कट्टा के साथ गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान रिजवान(26) वासी गांव सिरोही, धौज, जिला फरीदाबाद के रूप में हुई है।
हरियाणा के डीजीपी (जेल) आईपीएस आलोक मित्तल ने फरीदाबाद नीमका जेल का दौरा कर जेल व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जेलों का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि कैदियों को सुधार कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। इसी दिशा में जेल विभाग लगातार नई योजनाओं पर काम कर रहा है।
डीजीपी आलोक मित्तल ने जेलों में बढ़ रहे आत्महत्या के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार जेल में आने के बाद कैदी मानसिक तनाव और अवसाद का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बीमार कैदियों के लिए डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने बताया कि कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने और दोबारा अपराध की दुनिया में लौटने से रोकने के लिए जेलों के भीतर आईटीआई की सुविधा शुरू की गई है। इससे कैदी जेल में रहते हुए विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे और रिहा होने के बाद रोजगार के माध्यम से सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।
फरीदाबाद- फरीदाबाद पुलिस द्वारा स्नेचिंग की वारदातो को अंजाम देनें वालो के विरुध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है, जिस पर पुलिस चौकी सेक्टर 15A के अंतर्गत व्यक्ति से फोन स्नेचिंग के एक मामले में कार्रवाई करते हुये क्राईम ब्रांच सेक्टर-48 की टीम ने देवेन(19) वासी गांव अनखीर फरीदाबाद को बडखल झील से गिरफ्तार किया है।
फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा अवैध शराब की तस्करी, निर्माण एवं भंडारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस की विभिन्न टीमों ने कार्रवाई करते हुए अलग-अलग जगहों से 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से देशी व अग्रेजी शराब बरामद की है।
फरीदाबाद में एक प्लॉट धारक को डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन से बड़ी राहत मिली है। कमीशन ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को सेक्टर-65 के प्लॉट मालिक सुमेश चुघ से वसूले गए 15.31 लाख रुपये ब्याज सहित वापस करने के आदेश दिए हैं।
दरअसल, गुरूग्राम के रहने वाले सुमेश चुघ को वर्ष 2007 में एचएसवीपी की ओर से सेक्टर-65 में प्लॉट आवंटित किया गया था। वर्ष 2022 में जब वह प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए एचएसवीपी कार्यालय पहुंचे, तो अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उनका प्लॉट 'पी' श्रेणी में आता है। इसी आधार पर उनसे 15.31 लाख रुपए का अतिरिक्त शुल्क जमा कराने की मांग की।
प्रिफ्रेंशियल (पी) श्रेणी के प्लाट की लोकेशन अन्य सामान्य प्लाटों की तुलना में बेहतर होती है और इनके लिए अतिरिक्त शुल्क (प्रीमियम) लिया जाता है।
शिकायतकर्ता ने अतिरिक्त शुल्क को गलत बताते हुए डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने माना कि एचएसवीपी द्वारा प्लॉट की श्रेणी को लेकर गलत जानकारी देकर अतिरिक्त राशि वसूलना सेवा में कमी का मामला है।
आयोग ने सुनवाई के दौरान पाया कि पी श्रेणी की नीति प्लाट आवंटन के दो साल बाद साल 2009 में लागू हुई थी, इसलिए उक्त प्लाटधारक से इसके तहत अतिरिक्त राशि वसूल करना नियम विरुद्ध है।
आयोग ने एचएसवीपी को निर्देश दिए हैं कि शिकायतकर्ता से वसूली गई 15.31 लाख रुपए की राशि निर्धारित ब्याज सहित वापस की जाए। इस फैसले को सरकारी एजेंसियों की मनमानी के खिलाफ उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड स्थित बंधवाड़ी टोल प्लाजा और सोहना-बल्लभगढ़ मार्ग पर बने नूनेरा टोल प्लाजा से लोगों को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। राज्य सरकार ने दोनों टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली की अवधि बढ़ाकर अब 2 जुलाई तक कर दी है। इससे पहले 12 जून तक ही टोल संचालन जारी रहने की बात कही गई थी। नई समयावधि बढ़ाने के पीछे कोरोना महामारी के दौरान टोल संचालन बंद रहने को आधार बताया जा रहा है।
वर्ष 2009 में शुरू हुई गुरुग्राम-फरीदाबाद टोल रोड परियोजना के तहत रिलायंस इंफ्रा द्वारा फरीदाबाद से गुरुग्राम और बल्लभगढ़ से सोहना तक सड़क का निर्माण किया गया था। परियोजना पूरी होने के बाद कंपनी ने गुरुग्राम में बंधवाड़ी और नूनेरा तथा फरीदाबाद में पाखल और पाली क्रेशर जोन में टोल प्लाजा स्थापित कर टोल वसूली शुरू की थी। इन सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी कंपनी के पास ही है।
टोल वसूली की मूल अवधि 31 मई 2026 तक निर्धारित थी। इसके बाद कंपनी के अनुरोध पर इसे 12 जून तक बढ़ा दिया गया। टोल अधिकारियों के अनुसार, पहले नोटबंदी के दौरान प्रभावित हुए संचालन का हवाला देते हुए 11 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया था।
12 जून की समयसीमा पूरी होने के बाद सरकार ने एक बार फिर टोल वसूली की अवधि बढ़ाकर 2 जुलाई कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान टोल प्लाजा बंद रहने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए यह अतिरिक्त समय दिया गया है। हालांकि, अब भी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 2 जुलाई के बाद टोल वसूली पूरी तरह बंद होगी या फिर अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
फरीदाबाद : फरीदाबाद में सीवर टैंक में जहरीली गैस की चपेट में आने से हुई नगर निगम सफाई कर्मचारी की मौत के मामले में शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय पहुंचे राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग केंद्र सरकार के सदस्य करम सिंह ने नगर निगम कमिश्नर, अतिरिक्त आयुक्त परमजीत चल डीपी उषा कुंडू एसडीएम हनी बंसल सहित अन्य अधिकारियों से इस मामले को लेकर बातचीत की। इस मौके पर
उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को दोबारा ऐसी लापरवाही न होने के निर्देश दिए और डीपी उषा कुंडू से दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई के लिए कहा।
गौरतलब है कि सेक्टर-19 इलाके में नगर निगम के सफाई कर्मचारी जोगिंदर पहलवान की सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग केंद्र सरकार के सदस्य करम सिंह कर्मा फरीदाबाद पहुंचे थे जहां पर उन्होंने नगर निगम कमिश्नर डीपी उषा कुंडू व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।
वहीं इस मौके पर उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि हाल ही में लगातार कई सफाई कर्मियों की मौत हो चुकी है जिसको लेकर उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि दोबारा ऐसी लापरवाही ना हो और नगर निगम कमिश्नर ने भी उन्हें आश्वासन दिया है कि दोबारा ऐसी लापरवाही नहीं होगी। वहीं उन्होंने डीपी उषा कुंडू को भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई के आदेश भी दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि काम के दौरान सेफ्टी उपकरण नहीं थे, कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। लापरवाही के कारण मौत हुई है उन्होंने कहा कि बिना सुरक्षा उपकरण के कोई कर्मचारी काम न करे और अधिकारी की मौजूदगी में उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ ही काम कराया जाए। वहीं उन्होंने बताया कि मृतक का बेटा पढ़ा लिखा है जिसे उन्होंने एलडीसी पद की नौकरी देने के लिए नगर निगम को लिखा है। मृतक के परिवार को सरकार की तरफ से लगभग 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।








