फरीदाबाद। अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा कांग्रेस का पंजाबी। हाल फिलहाल में यूथ कांग्रेस ने वर्किंग प्रेसिडेंट बनाए—यह आश्चर्यजनक और हैरान करने वाली बात है कि ऐसे युवा को मौका दिया गया। जिसने यूथ का चुनाव लड़ा है क्या अब यूथ का सुना हुआ अध्यक्ष और वर्किंग प्रेसिडेंट संयुक्त रूप से कांग्रेस के लिए काम करेंगे यह बड़ा प्रश्न है।
गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हु़ड्डा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट ने केस में ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी 9 आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया है।
विशेष न्यायाधीश सुशांत चांगोत्रा ने आदेश दिया है कि वाड्रा सहित सभी
आरोपी 16 मई को अदालत में पेश हों। ईडी ने 17 जुलाई 2025 को रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान वाड्रा के वकील ने कोर्ट से कहा कि वाड्रा खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है। वाड्रा से ईडी इस मामले में 3 बार पूछताछ कर चुकी है।
बता दें कि फरवरी 2008 में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपए में खरीदी थी। जमीन की यह डील उस समय हुई, जब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री थे।
दस साल बाद 2018 में हरियाणा पुलिस ने रॉबर्ट वाड्रा, भूपेंद्र हुड्डा, DLF और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इस केस में वाड्रा के साथ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी आरोपी हैं। उन पर आरोप है कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने वाड्रा की कंपनी को मुनाफा पहुंचाया।
फरीदाबाद – पुलिस प्रवक्ता अनुसार 12 अप्रैल को थाना धौज की ERV टीम को गांव आलमपुर में BSA कॉलेज के पीछे झगड़े की कॉल प्राप्त हुई थी। सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जहां दो पक्ष आपस में झगड़ा कर रहे थे। जब पुलिस टीम, दोनों पक्षों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही थी, तो इसी दौरान एक पक्ष के सद्दाम व आलम ने एक पुलिसकर्मी राजेंद्र को जान से मारने की नीयत से अपनी गाड़ी से टक्कर मार दी। घटनाक्रम के संबंध में सिपाही सोनू की शिकायत पर थाना धौज में हत्या के प्रयास की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
फरीदाबाद 15 अप्रैल - फरीदाबाद में मजदूर आंदोलन पर दमनकारी नीतियों को अपनाने के विरोध में कल 16 अप्रैल को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू के सैकड़ो श्रमिक जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। यह जानकारी सीटू के जिला प्रधान निरंतर पराशर, और जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने संयुक्त रूप से दी। उन्होंने बताया कि न्यूनतम वेतन में वृद्धि करने डबल ओवर टाइम देने मजदूरों को कारखाने में सुरक्षा प्रदान करने सहित अन्य मांगों को लेकर जब श्रमिक आंदोलन करते है। तब मालिक उनकी मांगों का समाधान नहीं करते हैं। कारखाने में लगातार 10
से लेकर 14 घंटे तक काम करना पड़ता है। काम के दौरान दुर्घटनाएं होती हैं। लेकिन उन्हें कोई मुआवजा तक नहीं मिलता। जब से खाड़ी का युद्ध शुरू हुआ है। तब से उन्हें रसोई गैस नहीं मिल रही है। पहले 5 किलो का सिलेंडर 1500 में भर जाता था। अब चार से पांच हजार रुपए में गैस भरी जाती है। जिन घरों में मजदूर किराए पर रहते हैं। मालिकों ने उनका किराया बढ़ा दिया। महंगाई बढ़ रही है। खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं। सीजनल सब्जियां महंगी हो रही है। इन हालातो में जब मजदूर वेतन में बढ़ोतरी की मांग करता है। और आंदोलन पर उतरता है। तब फैक्ट्री के मालिक प्रशासन से मिलकर मजदूरों का दमन और उत्पीड़न तथा लाठीचार्ज तक करवा देते हैं। फरीदाबाद में सेक्टर 37 में मदरसन फैक्ट्री के श्रमिकों ने 13 -14 अप्रैल को हरियाणा सरकार द्वारा 8 अप्रैल को 15220 की न्यूनतम वेतन में की गई बढ़ोतरी को ना काफी बताया। उनका कहना था। कि उनको फिलहाल 18000 से अधिक वेतन मिलता है। नेताओं ने बताया कि हरियाणा के 14 जिले एनसीआर में आते हैं। जहां लाखों की संख्या में मजदूर हैं। कायदे से एनसीआर का वेतन एक जैसा होना चाहिए। दिल्ली में 18000 रुपए से ऊपर न्यूनतम वेतन है। जबकि हरियाणा में यह मार्च तक केवल 11274 था। नियम अनुसार हरियाणा में 2020 में वेतन रिवाइज होना चाहिए था। जो भाजपा की सरकार ने नहीं किया। सीटू और अन्य ट्रेड यूनियनों द्वारा किए गए आंदोलन के चलते पिछले साल 2025 में न्यूनतम में वेतन में वृद्धि करने के लिए कमेटी बनाई गई। जिसमें मजदूरों ,मालिकों व सरकार के प्रतिनिधि थे ।इस कमेटी की 9 बैठक हुई। उन बैठक में कमेटी ने ₹30000 न्यूनतम वेतन की मांग की थी। लेकिन कमेटी ने 29 दिसंबर 2025 की पानीपत की बैठक में 23196 का । सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया। परंतु सरकार ने स्वीकार नहीं किया। और 2 मार्च के बजट भाषण में 15220 रूपए न्यूनतम वेतन देने की घोषणा कर दी गई और इसका कोई नोटिफिकेशन भी नहीं किया। महंगाई की मार झेल रहे मजदूरों ने अप्रैल के पहले सप्ताह में मानेसर में ऑटोमोबाइल कंपनियां, गारमेंट्स सहित 10 दोनों कंपनियों के हजारों मजदूरों ने शांतिपूर्वक आंदोलन किया। तब सरकार ने इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद में बहुत सारे कारखाने हैं। जहां मजदूरों को पहले घोषित न्यूनतम वेतन नहीं मिलता। उनका ई एस आई और पी एफ नहीं काटा जाता है। उन्हें त्योहारों पर छुट्टियां नहीं मिलती हैं। फैक्ट्री के अंदर शौचालय नहीं है। महिला कर्मियों के लिए अलग से शौचालय का निर्माण नहीं किया गया है। कैंटीन है। लेकिन ठेका और कैजुअल । श्रमिकों कंपनी परिसर में बनी कैंटीन में खाने की सुविधा नहीं दी जाती है। आने जाने के लिए यातायात भट्ट नहीं मिलता है। काम करते हुए दुर्घटना होने पर मुआवजा प्रदान नहीं किया जाता है। अधिकांश कारखाने में श्रमिकों को आई कार्ड और अपॉइंटमेंट लेटर भी नहीं दिए गए हैं। इन्हीं मांगों को लेकर मदरसन फैक्ट्री, विनायक आयुर्वेदिक फैक्ट्री सेक्टर 31 और 24 - 25 सेक्टर के श्रमिकों में भारी असंतोष व्याप्त है। जिला सचिव ने बताया कि कल 14 अप्रैल को मदर्सन ग्रुप के संघर्षरत वर्करों पर दमनात्मक कार्रवाई की गई है। सीटू इसका डटकर विरोध करती है। कल सरकार को न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी करने मानेसर में गिरफ्तार मजदूरों को बिना शर्त रिहा करने, डबल ओवर टाइम करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, लेबर कोड्स को रद्द करने करने की मांगो को जोरदार ढंग से उठाया जाएगा। कल के प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए आज भारत गैयर लिमिटेड , बदरपुर बॉर्डर पर ऑटो रिक्शा यूनियन ने अपने श्रमिकों को हैंड बिल वितरित किए। इस मौके पर बीजीएल के प्रधान रवि, सचिव मनोज, कोषाध्यक्ष प्रेम, ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रधान भोपाल सिंह विशेष रूप से उपस्थितरहे।
फरीदाबाद – 1 से 30 अप्रैल 2026 तक हरियाणा पुलिस द्वारा *“ऑपरेशन स्माइल”* के नाम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत गुमशुदा बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों की तलाश तथा बच्चों के पुनर्वास के लिये पुलिस द्वारा लगातार बेहतरीन कार्य किये जा रहे हैं। फरीदाबाद पुलिस ने इस अभियान के दूसरे सप्ताह में 40 गुमशुदा को तलाश कर परिजनों से मिलाया है, भीख मांगने वाले 45 बच्चों को रेस्क्यू किया है तथा 5 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया है।
फरीदाबाद: सामुदायिक पुलिसिंग सेल फरीदाबाद ने नेहरू कॉलेज में आयोजित महिला स्कूटी रैली का हिस्सा बनकर छात्राओं एवं उपस्थित महिलाओं को विभिन्न सामाजिक एवं सुरक्षा विषयों पर जागरूक किया गया। कार्यक्रम में शहर की गणमान्य महिलाओं ने भाग लिया तथा स्कूटी रैली के माध्यम से ट्रैफिक नियमों के पालन एवं नशा मुक्त भारत का संदेश दिया गया।
फरीदाबाद- फरीदाबाद पुलिस द्वारा अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। 23/24 नवम्बर की रात को सेक्टर 24 स्थित एक कम्पनी से कॉपर व गाडी की लूट के मामले में अपराध शाखा सेक्टर-30 की टीम ने छठे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जिसकी पहचान शिवम वासी हिरोली जिला मैनपुरी उ.प्र. के रूप में हुई है।
फरीदाबाद में मशहूर रियल एस्टेट कंपनियों के दफ्तर पर मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने जांच की। सूत्रों के अनुसार दिल्ली से आई CBI की 4 सदस्यीय टीम सुबह करीब 7 बजे दफ्तर पहुंची और करीब 10 घंटे तक वहां मौजूद बैंक से जुड़े दस्तावेजों की जांच करती रही।
इस दौरान अधिकारियों ने कुछ लोगों के बैंक खातों से जुड़े नाम और विवरण भी नोट किए और कुछ जरूरी दस्तावेज अपने साथ ले गए। जांच के दौरान CBI अधिकारियों ने बिल्डर द्वारा खरीदारों को बेचे गए घरों से जुड़े दस्तावेजों और कागजातों की भी पड़ताल की।
अधिकारियों ने इन कागजों के माध्यम से यह समझने की कोशिश की कि घरों की बिक्री और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कंपनी के कर्मचारियों ने अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया और मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए। शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच जांच की प्रक्रिया समाप्त हुई, जिसके बाद CBI की टीम जरूरी दस्तावेज लेकर दिल्ली लौट गई।
फरीदाबाद : फरीदाबाद के सेक्टर-3 में देर रात एक अहाता मैनेजर की पीट-पीट कर कुछ लोगों ने हत्या कर दी। वारदात के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मैनेजर आदेश को फरीदाबाद के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर उसको डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। हत्या के कारणों का अभी पता
नहीं चल पाया है। पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है।
मृतक के भाई का कहना है कि देर रात जब वह अपने भाई को घर लाने के लिए गया था, तो आते पर समय कुछ लोग आए और उनके पैसे छीन कर ले गए और साथ ही मारपीट भी की, जिसमें उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात भी कह रही है।
बताया जा रहा है कि विवाद पूरा शराब पीने को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें पास ही के सामुदायिक भवन में आई एक बारात के कुछ लोगों के द्वारा अहाते में शराब पीने की बात कही लेकिन 12:00 बजे के बाद अहाता नहीं खोलने को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि उन लोगों ने अहाता संचालक को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।







