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by : pramod goyal

 नेशनल हाईवे-19 पर रविवार सुबह होडल के गौढ़ोता चौक के पास एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक दंपती और उनके बेटे सहित छह लोग घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराने के बाद करीब 10 से 15 फुट हवा में उछलकर दूसरी कार के ऊपर जा गिरी।

थाना प्रभारी बलजीत सिंह के अनुसार वृंदावन के कृष्ण धाम निवासी आकाश पंवार ने शिकायत में बताया कि वह अपनी पत्नी ज्योति और बेटे शिवांश के साथ कार से दिल्ली से वृंदावन लौट रहे थे। रविवार सुबह जब उनकी कार गौढ़ोता चौक के पास पहुंची, तभी मथुरा की ओर से तेज गति से आ रही एक कार डिवाइडर से टकराकर हवा में उछलते हुए उनकी कार पर आ गिरी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दूसरी कार में सवार युवक सड़क पर जा गिरे और दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
हादसे में ग्रेटर नोएडा (दादरी) निवासी हिमांशु (20) और निशांत (18) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आकाश पंवार, उनकी पत्नी ज्योति, बेटा शिवांश तथा दूसरी कार में सवार लक्की, शिवम और एक अन्य निशांत गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को तुरंत होडल के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

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 फरीदाबाद। जिला न्यायालय परिसर, सेक्टर-12 में आयोजित भव्य समारोह में एडवोकेट एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी को पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए 'प्रकृति प्रेम सम्मान' से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें जिला बार एसोसिएशन, फरीदाबाद द्वारा 101 पौधारोपण एवं पौधा वितरण अभियान के सफल नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया।

   कार्यक्रम में जिला बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैंसला एवं महासचिव टीका डागर की उपस्थिति में डॉ. मोहन तिवारी के नेतृत्व में 101 पौधारोपण एवं पौधा वितरण अभियान का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही पंचमुखी हनुमान मंदिर में सुंदरकांड पाठ, 101 विशिष्ट लोगों का सम्मान समारोह तथा भव्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ता, पत्रकार, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

   डॉ. मोहन तिवारी पिछले कई वर्षों से दिल्ली-एनसीआर में पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय हैं और 10 हजार से अधिक पौधों का पौधारोपण एवं वितरण कर चुके हैं। उनके इस अभियान से हजारों लोग पर्यावरण संरक्षण से जुड़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि उनके सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्यों के लिए उन्हें पूर्व में हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. मोहन तिवारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और पौधारोपण को जनआंदोलन बनाकर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।



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 फरीदाबाद 19 जुलाई ‌ - सोनम बांगचुक के समर्थन में रविवार को फरीदाबाद ,  की नेहरू कालोनी के ‌ छात्रों और  युवाओं ने जागरूकता रैली निकाली। यह‌  कार्यक्रम बाल सभा-‌ युवा मंच फरीदाबाद के बैनर के तले आयोजित किया


गया। ‌ सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह ‌ दिल्ली पुलिस ने जंतर - मंतर से हटाकर ‌ अस्पताल में भर्ती कर दिया था। बांगचुक ‌ 20 दिन से जंतर-मंतर  पर  ‌ परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए अनशन  पर बैठे हुए थे। यह ‌‌ जानकारी  ‌ संयोजक वीरेंद्र सिंह डंगवाल और चैयरमेन विजेंद्र ने दी। उन्होंने कहा कि देश के विद्यार्थी और नौजवान नीट व ‌ अन्य प्रवेश परीक्षाओं में हो रही धांधली के खिलाफ दिल्ली  के जंतर-मंतर में संघर्षरत हैं। ‌ आज देश के ‌ छात्रों और युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बेरोजगारी और आए दिन होने वाले पेपर लीक के मामले हैं। जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे मुद्दों को लेकर आवाज उठाना जरूरी है।‌ सरकार को उनकी मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए। ‌ लोकतंत्र में सभी को अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन करने का अधिकार है। ‌ लेकिन ‌ केंद्र सरकार 

आंदोलनकारियों से ‌ बातचीत तक नहीं कर रही है। सरकार की तरफ से संवादहीनता सबसे बड़ी समस्या है। आंदोलनकारीयों की ‌ मुख्य मांगों  में  शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दो,‌ इसके अलावा भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को ‌रिहा करो। शामिल हैं। रैली में ‌ कमेटी सदस्य ‌ देवकी,‌ राजेंद्र देशवाल, पूनम,राम सिंह, संतरा,शकुंतला, लक्ष्मी,संतरा,सूनीता,‌ धर्म बाई, सुमन, ‌ बलवीर, ‌ मास्टर श्योराज ,‌ छात्रों में अभिषेक, ‌ शिवा, संजू ,‌ मनीष, ‌ अभिमन्यु, ‌ दीपेश, ‌ धन सिंह, ‌ सोनू, ‌ संजय,‌‌ आदित्य, ‌ राधिका, ‌ गौरी, ‌ दिवाशी,‌ सुमित, ‌ वंदना, आयुष,‌ दीपांशु, ‌ तरुण, भी उपस्थित रहे।

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 कांग्रेस नेता और हिसार के पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के साथ फरीदाबाद के सेक्टर-16 स्थित एक कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए एसआईआर, स्लम बस्तियों पर कार्रवाई, एथेनॉल नीति और सोनम वांगचुक प्रकरण को लेकर सरकार की आलोचना की।

बृजेंद्र सिंह ने कहा कि जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा हटाए जाने की घटना यह दर्शाती है कि सरकार आम लोगों की भावनाओं और मुद्दों के प्रति संवेदनशील नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एथेनॉल के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है और अब समय आ गया है कि लोग एकजुट होकर इसके खिलाफ आवाज उठाएं।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से एसआईआर को लेकर सतर्क रहने की अपील की। उनका कहना था कि यदि सरकार एसआईआर के नाम पर किसी तरह का खेल करने की कोशिश करेगी तो कांग्रेस उसे सफल नहीं होने देगी।


फरीदाबाद में स्लम बस्तियों पर चल रही तोड़फोड़ की कार्रवाई का जिक्र करते हुए बृजेंद्र सिंह ने कहा कि बिना पुनर्वास के लोगों के घर तोड़ना गलत है। सरकार की जिम्मेदारी है कि कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के रहने की उचित व्यवस्था और आवास उपलब्ध कराए।

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 फरीदाबाद में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने और राज्य सूचना आयोग द्वारा बार-बार जारी किए गए नोटिसों की अनदेखी करना नगर निगम के दो अधिकारियों को भारी पड़ गया।

हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने फरीदाबाद नगर निगम के बल्लभगढ़ जोन के जोनल टैक्सेशन ऑफिसर (जेडटीओ) और एसडीओ विनोद कुमार के खिलाफ वारंट जारी कर उन्हें 27 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष पेश होने के आदेश दिए हैं।

राज्य सूचना आयोग ने दोनों अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर को भी पत्र लिखा है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि दोनों अधिकारी कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के साथ-साथ मामले से संबंधित पूरा रिकॉर्ड भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित तिथि पर वे उपस्थित नहीं होते हैं, तो आयोग उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मामले का फैसला करेगा।

यह मामला वर्ष 2022 में बल्लभगढ़ जोन में नगर निगम द्वारा किए गए बूथ आवंटन से जुड़ा है। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय सैनी ने सूचना के अधिकार के तहत आवेदन देकर पूछा था कि बूथों का आवंटन किन नियमों और मानकों के आधार पर किया गया। इसके अलावा आवंटन प्रक्रिया से जुड़े अन्य दस्तावेज और जानकारियां भी मांगी गई थी।

आरोप है कि नगर निगम ने निर्धारित समय सीमा में कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद प्रथम अपील की गई, लेकिन वहां भी जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मामला हरियाणा राज्य सूचना आयोग तक पहुंचा।

राज्य सूचना आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों को तीन बार नोटिस जारी किए, लेकिन अधिकारियों ने न तो आयोग को जवाब दिया और न ही सुनवाई में आवश्यक रिकॉर्ड प्रस्तुत किया। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया।


आरटीआई एक्टिविस्ट अजय सैनी का कहना है कि नगर निगम लगातार सूचना देने से बचता रहा। उन्होंने कहा कि बूथ आवंटन से संबंधित जानकारी मांगी गई थी, लेकिन आवेदन और अपील दोनों के बावजूद कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूर होकर उन्हें राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अब आयोग के आदेश के बाद दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।

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 फरीदाबाद:- पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इरफान वासी गांव नंगला जमालगढ़ पुन्हाना जिला नूंह पर फरीदाबाद पुलिस ने ₹5000 का इनाम घोषित किया हुआ था। वह थाना कोतवाली के एक मोटरसाइकिल चोरी के मामले में वांछित था, जिसको क्राईम ब्रांच AVTS सिकरौना की टीम ने 17 जुलाई को गुप्त सूत्रों की सूचना पर उसके गांव में रेड कर काबू किया है।


इरफान की पुछताछ में 25 से 30 चोरी की अन्य मोटरसाइकिल खरीदने का खुलासा किया है। जिसको  माननीय अदालत में पेश कर जेल भेजा गया है। फरीदाबाद पुलिस ने आरोपित पर ₹5000 का इनाम घोषित किया हुआ था।

बता दें कि थाना कोतवाली में वर्ष 2024 में विपिन कुमार वासी सारन की शिकायत पर एक मोटरसाइकिल चोरी का मामला दर्ज किया गया था। जिसमें पुलिस टीम ने आरोपी साकिर को गिरफ्तार किया गया था। साकिर ने इस चोरी की मोटरसाइकिल को 5000 रुपये में इरफान को बेचा था। 


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 फरीदाबाद। फरीदाबाद पुलिस की साइबर थाना NIT टीम ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 19,75,000 रुपये की साइबर ठगी के मामले का सफल खुलासा करते हुए झांसी (उत्तर प्रदेश) निवासी खाताधारक विकास (50) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित को 18 जुलाई को झांसी से काबू कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।


पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपित साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में दूसरी लेयर (Second Layer Account Holder) का खाताधारक था। ठगी की गई राशि में से लगभग 9 लाख रुपये उसके बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि वह एम.एड. पास है तथा झांसी में एक कंप्यूटर सेंटर संचालित करता है।

जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपित का बैंक खाता केवल फरीदाबाद की इस घटना तक सीमित नहीं है। उसके खाते के संबंध में तेलंगाना, केरल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब तथा गुरुग्राम सहित विभिन्न राज्यों में 40 अन्य साइबर शिकायतें दर्ज हैं। जिनमें उसके बैंक खाते में ढाई करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की राशि विभिन्न साइबर अपराधों के माध्यम से जमा हुई है।

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सेक्टर-39 निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना NIT में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि जनवरी 2026 में उसके व्हाट्सएप पर शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर 600 प्रतिशत तक मुनाफा कमाने का दावा करने वाला एक संदेश प्राप्त हुआ। संदेश भेजने वाले लोगों ने स्वयं को "5paisa" कंपनी से संबंधित बताते हुए विश्वास में लिया।

इसके बाद शिकायतकर्ता को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां प्रतिदिन शेयर मार्केट से संबंधित टिप्स, निवेश संबंधी सलाह और अधिक मुनाफे के दावे किए जाते थे। कुछ समय बाद ठगों ने शिकायतकर्ता को एक लिंक भेजकर "5paisa" नाम से एक एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई। एप पर निवेश और बढ़ते हुए मुनाफे का फर्जी विवरण दिखाया जाता रहा, जिससे शिकायतकर्ता का विश्वास और बढ़ गया।

ठगों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग बैंक ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 19,75,000 रुपये निवेश कर दिए। जब उसने अपनी निवेश राशि और कथित मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने विभिन्न बहाने बनाकर भुगतान टाल दिया। बाद में संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया गया, तब शिकायतकर्ता को अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ। शिकायत मिलने पर साइबर थाना NIT में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

साइबर थाना NIT की टीम ने बैंक खातों, ट्रांजैक्शन डिटेल, डिजिटल साक्ष्यों तथा अन्य तकनीकी विश्लेषण के आधार पर धनराशि के प्रवाह (Money Trail) का पता लगाया। जांच के दौरान ठगी की राशि का एक हिस्सा झांसी निवासी विकास के बैंक खाते में पहुंचना सामने आया। इसके बाद पुलिस टीम ने झांसी पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।


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 हरियाणा सरकार ने राज्य की अनधिकृत औद्योगिक कॉलोनियों को नियमित करने के लिए नई नीति लागू कर दी है। इसके तहत अब


ऐसी औद्योगिक कॉलोनियों को  सिविक अमेनिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डिफिशिएंट एरिया घोषित किया जा सकेगा।

इससे इन क्षेत्रों में सड़क, पेगजल, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नई नीति के अनुसार किसी औद्योगिक कॉलोनी को नियमित कराने के लिए उसका कम से कम 10 एकड़ के लगातार क्षेत्र में फैला होना और उसमें न्यूनतम 50 औद्योगिक इकाइयों का होना जरूरी होगा। इसके अलावा केवल वे इकाइयों इस योजना का लाभउठा सकेंगी जो 3 अक्तूबर 2025 से पहले स्थापित की गई हों।

सरकार ने वर्ष 2022 की नीति और 2023 में जारी राहत संबंधी निर्देशों में संशोधन करते हुए यह नई व्यवस्था लागू की है। पहले यह नीति औद्योगिक कॉलोनियों पर लागू नहीं होती थी लेकिन 2025 में कानून में संशोधन के बाद अब इन्हें भी इसके दायरे में शामिल कर लिया गया है।

सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों श्रमिकों और उद्यमियों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। स्वामित्व के प्रमाण के लिए 3 अक्तूबर 2025 से पहले पंजीकृत बिक्री विलेख या एग्रीमेंट टू सेल मान्य होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने पिछले बजट में इसकी घोषणा की थी। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के एसीएस (अतिरिक्त मुख्य सचिव) अनुराग अग्रवाल की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।


छह महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य
सरकार ने संशोधित नीति जारी होने की तारीख से छह महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य किया है। आवेदन के साथ शजरा प्लान, ले-आउट प्लान, ड्रोन एवं सेटेलाइट इमेज, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, बिजली बिल, फैक्ट्री लाइसेंस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति, फायर एनओसी सहित 15 प्रकार के दस्तावेज जमा करने होंगे। नई व्यवस्था में जिलास्तरीय जांच समिति को भी मजबूत किया गया है। इसमें अब जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को भी सदस्य बनाया गया है।

औद्योगिक कॉलोनियों से जुड़े मामलों में समिति की सिफारिशें उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक के माध्यम से आगे भेजी जाएं‌गी। सरकार का मानना है कि इस नीति से राज्य के अनधिकृत औद्योगिक क्लस्टरों में संचालित हजारों औद्योगिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलेगी। साथ ही इन क्षेत्रों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा जिससे उद्योगों के विकास के साथ ही श्रमिकों और स्थानीय लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर हो सकेगा।

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 फरीदाबाद में एक महिला को पेट का लगातार बढ़ता आकार और कब्ज जैसी समस्या को सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ गया। जांच में पता चला कि उनके गर्भाशय और अंडाशय के बीच 41 सेंटीमीटर का करीब 7 किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर विकसित हो गया था।

चार घंटे तक चली जटिल सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर महिला को नया जीवन दिया।

फरीदाबाद के मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स के डॉक्टरों के अनुसार, जब महिला मरीज (44) अस्पताल पहुंचीं तब तक उनका पेट सामान्य आकार से करीब चार गुना तक बढ़ चुका था। जांच में सामने आया कि विशाल ट्यूमर यूरेटर (मूत्रवाहिनी) और आंतों पर भी गंभीर दबाव बना रहा था, जिससे स्थिति लगातार जटिल होती जा रही थी।

इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी के लिए प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. निशा कपूर के नेतृत्व में मल्टीडिसिप्लिनरी टीम गठित की गई। टीम में डॉ. सचिन मित्तल, डॉ. बीरबल कुमार, डॉ. कनिका और डॉ. अपर्णा शामिल रहीं। करीब चार घंटे चली सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने अत्यंत सावधानी के साथ ट्यूमर को बिना फटे बाहर निकाला और रक्तस्राव को भी न्यूनतम रखा।