फरीदाबाद: शहर में वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखाएं लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इसी क्रम में अपराध शाखा AVTS की टीमों ने अलग-अलग वाहन चोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
फरीदाबाद: थाना सूरजकुंड क्षेत्र की ग्रीनफील्ड चौकी के अंतर्गत एक फैक्ट्री से करीब 500 किलोग्राम लोहे के पीस चोरी होने के मामले में अपराध शाखा सेक्टर-65 की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान लोचन निवासी गांव किलोनी, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी राजस्थानी कॉलोनी, सेक्टर-48, फरीदाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर चोरी किए गए करीब 500 किलोग्राम लोहे के पीस बरामद किए हैं।
फरीदाबाद: थाना सराय ख्वाजा क्षेत्र में एक महिला के हाथ से मोबाइल फोन छीनकर फरार होने के मामले में अपराध शाखा NIT की टीम ने कार्रवाई करते हुए वारदात को अंजाम देने वाले आरोपित हरजीत निवासी गांव जैतपुर, बदरपुर बॉर्डर, दिल्ली को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से छीना हुआ मोबाइल फोन तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।
फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। एक मामले में इंस्टाग्राम पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन एवं रिसाइक्लिंग प्रोजेक्ट में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का झांसा देकर ठगी की गई, जबकि दूसरे मामले में अश्लील फोटो एवं वीडियो वायरल करने और पुलिस अधिकारी बनकर गिरफ्तारी की धमकी देकर शिकायतकर्ता से 10.23 लाख रुपये की ठगी की गई।
र उन्हें वायरल न करने तथा डिलीट करने के बदले पैसों की मांग की।
फरीदाबाद 2 सितंबर नगर पालिका कर्मचारी संघ एवं अग्निशमन के कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में आज विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सभी विभागों के कर्मचारी ओल्ड फरीदाबाद की अनाज मंडी में एकत्रित हुए। यहां पर विशाल सभा हुई। इसकी अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की वरिष्ठ उप प्रधान एवं हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के महासचिव जरनैल सिंह ने की। जबकि संचालन सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान करतार सिंह जागलान ने किया। इस अवसर पर पब्लिक हेल्थ, सिंचाई विभाग, भवन एवं मार्ग शाखा, रिटायर कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यूनियन के अलावा नगर पालिका कर्मचारी संघ के कर्मचारियों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन के प्रांतीय प्रधान गंगा राम मौण, पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह डंगवाल, सर्व कर्मचारी संघ की पूर्व उपप्रधान और रिटायर कर्मचारी संघ की नेता श्रीमती आशा शर्मा, रिटायर कर्मचारी संघ के जिला सचिव लज्जा राम,यू एम खान, सतपाल नरवत, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन यूनियन के पूर्व राज्य प्रधान श्रीपाल भाटी, जिला गुड़गांव के रिटायर कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कंवर लाल यादव, सोनीपत रिटायर कर्मचारी संघ के नेता जय भगवान दहिया, एम पी एच डब्ल्यू के नेता जितेंद्र मोर, हुड्डा जन स्वास्थ्य के जिले सिंह, सोनू, नगर पालिका कर्मचारी संघ की नेता सुरेश देवी, कमला देवी, पलवल के रिटायर कर्मचारियों के नेता बलजीत सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए हरियाणा सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की। इसके बाद कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए मंत्री के कार्यालय पर
है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ विभाग के मंत्री बातचीत नहीं कर रहे हैं। जबकि दूसरे मंत्रियों को वार्तालाप के लिए भेजा जाता है। जिन्हें विभाग के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी भी नहीं होती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को स्वच्छ और साफ सुथरा बनाए रखने में नगर पालिकाओं और नगर निगमों के कर्मचारियों की बहुत बड़ी भूमिका है। इस काम को बरसों से कच्चे कर्मचारी ही पूरा कर रहे हैं। अब कर्मचारी रेगुलर होने का इंतजार कर रहे हैं। तो सरकार टेक्निकल प्रॉब्लम का बहाना बनाकर टाल मटोल की नीति अपना रही है। जबकि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में प्रदेश के हजारों कच्चे कर्मचारियों की सेवायें नियमित की गई थी । उसी तर्ज पर इस सरकार को भी एक मुश्त पॉलिसी बनाकर प्रदेश के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना चाहिए। आज के प्रदर्शन में रेवाड़ी सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान धनराज, पलवल के पूर्व प्रधान ताराचंद, दरियाव सिंह, एएचपीसी के रतीराम, हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन के कोषाध्यक्ष राहुल हुडा, वरिष्ठ उप प्रधान अजय कुमार, मुख्य संगठन कर्ता योगेश शर्मा,राज्य उप महासचिव राजेश धनकड़,उप प्रधान अफलातून, जाखड़,उप प्रधान राकेश तंवर,सूरजभान जटासर , संदीप पुनिया शिवकुमार धानक, के अलावा जिले के चैयरमेन जगदीश चंद्र जिला प्रधान देवी सिंह जिला सचिव राजकुमार कोषाध्यक्ष नरोत्तम, कंवर पाल पब्लिक हेल्थ प्रधान, अजीत सेक्रेटरी, उप प्रधान राकेश, वरिष्ठ उप प्रधान मोहनलाल, लोक निर्माण विभाग के प्रधान कपि, रेवाड़ी जिले के प्रधान पवन यादव, पानीपत के जिला प्रधान अमरजीत मलिक, नीरज शर्मा, जिला प्रधान जसवंत गुड़गांव , संतराम, श्रीभगवान, आदि भी उपस्थित रहे।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल द्वारा सफाई कर्मचारियों को संविदा कर्मचारी सेवा सुरक्षा अधिनियम, 2024 के तहत 60 वर्ष की आयु तक नौकरी की सुरक्षा और वेतन वृद्धि देने संबंधी घोषणा को नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने खारिज कर दिया है। संघ ने इसे कर्मचारियों के संवैधानिक एवं ट्रेड यूनियन अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि कर्मचारी खैरात नहीं, नियमित रोजगार का अधिकार मांग रहे हैं।
फरीदाबाद, 02 सितंबर। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा बी.एससी विजुअल कम्युनिकेशन के विद्यार्थियों के लिए 'द आर्ट ऑफ कमर्शियल फिल्म मेकिंग: कॉन्सेप्ट, डायरेक्शन एंड प्रोडक्शन' विषय पर एक दिवसीय मास्टर क्लास का सफल आयोजन किया गया। जिसमें विशेषज्ञ के रूप में प्रसिद्ध फिल्म मेकर और फोटोग्राफर मिस्टर हरसिमरन सिंह ने शिरकत की।
मास्टर क्लास के दौरान हरसिमरन सिंह ने छात्रों को कमर्शियल फिल्म निर्माण के बारीक पहलुओं, जैसे कि मजबूत कॉन्सेप्ट डेवलप करना, निर्देशन की तकनीक और प्रोडक्शन से अवगत कराया। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों और अपने अनुभव के माध्यम से मीडिया जगत की आधुनिक तकनीकों और उद्योग की प्राथमिकताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। हरसिमरन सिंह ने विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी कैंपस में गिबल के साथ कैमरा ऑपरेटर करना और फिल्म के शॉट्स लेने की बारीकियों को प्रैक्टिकल करके सिखाया। उन्होंने छात्रों को सिनेमैटिक शॉट्स: पैदल चलते, दौड़ते या वाहन से शूट करते समय भी वीडियो बिल्कुल स्मूथ आता है। इंटेलिजेंट ट्रैकिंग के अंतर्गत कई आधुनिक गिम्बल्स में एआई ट्रैकिंग फीचर होता है, जिससे कैमरा अपने आप किसी व्यक्ति या वस्तु का पीछा करता है।इसके अलावा पैन फॉलो, लॉक मोड, टाइम लैप्स और पैनोरमा जैसे विभिन्न क्रिएटिव शूटिंग मोड्स की बारीकियों को समझाया।
विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी मीडिया युग में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। व्यावहारिक कौशल और उद्योग जगत के विशेषज्ञों से सीधा मार्गदर्शन छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस तरह के 'वीकली स्किल बूस्ट' सत्र विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण और मीडिया उद्योग की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। मास्टर क्लास के अंत में छात्रों ने फिल्म निर्माण से जुड़े अपने सवालों के जवाब प्राप्त किए। कोऑर्डिनेटर सहायक प्रोफेसर अजय यादव ने विशेषज्ञ का धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग के अन्य प्राध्यापक और बी.एससी. वीसीएमटी के छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
फरीदाबाद की अचीवर्स सोसाइटी (कालिंदी हिल), सेक्टर-49 के निवासियों को पिछले दो दशकों से पीने का पानी न मिलना अब हरियाणा राज्य मानवाधिकार आयोग के निशाने पर आ गया है। आयोग ने 500 परिवारों को 20 साल से सार्वजनिक जलापूर्ति न मिलने की शिकायत पर कड़ा संज्ञान लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने अंतरिम राहत के तौर पर निवासियों को सरकारी टैंकरों के जरिए निःशुल्क और निर्बाध पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने फरीदाबाद नगर निगम आयुक्त और फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (FMDA) के सीईओ को तलब करते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर, 2026 को तय की गई है।
- सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने कहा कि स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल केवल एक नागरिक सुविधा नहीं, बल्कि मानव जीवन, स्वास्थ्य और गरिमा का मूल आधार है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) के प्रस्ताव 64/292 का हवाला देते हुए आयोग ने कहा कि 20 साल तक पानी से वंचित रखना संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का सीधा उल्लंघन है।
निवासियों ने आयोग को बताया कि सोसाइटी का निर्माण वर्ष 2004-05 में टीपी-3 योजना के तहत हुआ था। शुरुआत में बोरवेल से पानी मिला, लेकिन समय के साथ बोरवेल पूरी तरह सूख गए। पिछले दो दशकों से सार्वजनिक नेटवर्क न होने के कारण 500 परिवार निजी टैंकरों से महंगा पानी खरीदने को मजबूर हैं, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।- हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 267 का हवाला देते हुए आयोग ने कहा कि योजना स्वीकृत होने के बाद निगम की जिम्मेदारी थी कि वह पर्याप्त जलापूर्ति की आंतरिक सेवाएं पूरी करे। आयोग ने कहा कि 20 साल तक नेटवर्क न देना यह जांच का विषय है कि अधिकारियों ने अपनी कानूनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई।
- मानवाधिकार आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने स्पष्ट आदेश दिया है कि जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक स्टॉप-गैप (अस्थायी) व्यवस्था के तहत सोसाइटी में सरकारी टैंकरों से मुफ्त और निर्बाध पानी पहुंचाया जाए।
चंडीगढ़: हरियाणा में ऑनलाइन आरटीआई आवेदनों पर अब अधिकारियों को नियमित नजर रखनी होगी। सरकार ने प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि उनके अधीन आने वाले सभी राज्य जन सूचना अधिकारियों (एसपीआईओ) के पास पहुंचे ऑनलाइन आरटीआई आवेदनों की लगातार निगरानी हो और तय समय में उनका निपटारा किया जाए।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने ये निर्देश हरियाणा राज्य सूचना आयोग के 15 जून 2026 के एक आदेश के बाद जारी किए हैं। अधिकारियों को ऑनलाइन आवेदनों की निगरानी और उनकी स्थिति पर नजर रखने की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही एसपीआईओ को समय पर सूचना देने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सूचना आयोग ने स्पष्ट कि
या है कि ऑनलाइन आरटीआई आवेदन बिना कार्रवाई के लंबित रहने पर इसे आरटीआई अधिनियम 2005 के तहत मानी गई अस्वीकृति माना जा सकता है। सामान्य मामलों में सूचना देने की समय सीमा 30 दिन है जबकि जीवन और स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में 48 घंटे में सूचना देनी होती है।
वेबसाइट पर अपलोड करनी होंगी सूचनाएं
हरियाणा में सभी विभागों, बोडौँ, निगमों, प्राधिकरणों, अन्य सार्वजनिक प्राधिकरणों को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 4 के तहत अनिवार्य रूप से सार्वजनिक की जाने वाली सूचनाओं को अपनी वेबसाइटों पर अपलोड करना होगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने यह निर्देश जारी किए हैं।









