फरीदाबाद। गंदी राजनीती का शिकार हो रहे निगम अधिकारी ! जी हां निगम अधिकारी से लेकर दूसरे विभागों के अधिकारी भाजपा नेताओं की राजनीती का शिकार बन रहे है। सर्वमान्य है कि फरीदाबाद में भाजपा के दो गुट बने हुए है। एक तो केंद्रीय मंत्री कृषणपाल गुर्जर और समर्थित विधायकों का और दूसरा विपुल गोयल और साथ तीन मंत्रियों का। देखने दिखाने के लिए तो सबकुछ ठीक ठाक नजर आता है। लेकिन मौका मिलते ही ये एक दूसरे की टांग खिचाई में कोई कसर बाकि नहीं छोड़ते है। जिससे आम जनता प्रभावित हो रही है। नेताओ की आपसी लड़ाई का खामिजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
तजा उदहारण बल्लबगढ़ का है। जहां निगम पार्षद और और निगम अधिकारी का विवाद चल रहा है। यह विवाद भी कोई आम लोगो की समस्या से जुड़ा नहीं है। केवल राजनैतिक विवाद है। जिसमे पार्षद तो चहाते कि जनहित के कार्य जल्द हो, लेकिन निगम अधिकारी अपने राजनैतिक आका को खुश करने के लिए इस पर ब्रेक लगवा देते है।
इस गंदी राजनीती में निगम कर्मी संघटनो का साथ देना भी न्योचित नहीं है। क्योंकि आम जनता के काम में बाधा पहुंचाने वाले अधिकारीओ के साथ इस तरह का व्यवहार गलत नहीं है। बल्कि ऐसे अधिकारिओं से पूछना चाहिए कि वे किस के आदेश पर जनता के कार्यो में रूकावट बन रहे है।
फरीदाबाद/___, 30 जुलाई।सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा (एसकेएस) के आह्वान पर आज जिला मुख्यालय स्थित उपायुक्त कार्यालय पर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, सरकारी विभागों में निजीकरण पर रोक लगाने तथा खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती करने की मांग को लेकर विशाल रैली एवं प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, यूनियन पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। रैली की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान करतार सिंह जागरण ने की तथा मंच का संचालन संघ के जिला सचिव बलबीर सिंह बालगुहेर ने किया । रैली में मुख्य रूप से हरियाणा टूरिज्म विभाग के महासचिव सुभाष देशवाल बिजली विभाग के उपाध्यक्ष शब्बीर खान फरीदाबाद बिजली विभाग के सर्कल सचिव कृष्ण कुमार दिगंबर डगर रोडवेज विभाग के नेता जयपाल राठी आदि उपस्थित रहे। रैली के बाद जोरदार प्रदर्शन करते हुए आयुक्त के प्रतिनिधि एसडीएम फरीदाबाद के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री के नाम कर्मचारियों की मांगों का ज्ञापन भी सोपा गया।
रैली को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि सरकार लगातार सरकारी विभागों में स्थायी नौकरियों को समाप्त कर ठेका प्रथा और निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिससे लाखों कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के बजाय नई-नई आउटसोर्सिंग और कौशल निगम जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री के नेता सुभाष देशवाल ने मांग की कि सभी कच्चे, अनुबंध एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना किसी शर्त के नियमित किया जाए, सरकारी विभागों में निजीकरण की नीति वापस ली जाए तथा सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियमित भर्ती की जाए। इसके साथ ही समान काम के लिए समान वेतन, पुरानी पेंशन योजना की बहाली तथा श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
रैली के उपरांत कर्मचारियों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, शास्त्री ने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा का अगला आंदोलन कपड़ा मुख्यमंत्री के आवास कुरुक्षेत्र में डेरा डालो घेरा डालो आंदोलन के रूप में किया जायेगया।
आज की प्रदर्शन को अन्य के अलावा कर्मचारी नेता अनूप चंडालिया मुकेश बेनीवाल जगदीश सरोज देवी विजय चावला रामकेश देवी सिंह मनोज बालगुहेर आदि ने भी संबोधित किया
गुरुग्राम में एक प्राइवेट एयरलाइन का पायलट ड्रग्स की बड़ी खेप के साथ पकड़ा गया। वो अपनी लग्जरी कार में ड्रग्स को नोएडा से छिपाकर लाया था। ड्रग्स की मात्रा 814 ग्राम है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत 40 लाख रुपए के करीब आंकी जा रही है।
आरोपी के पास एयर पायलट लाइसेंस है और वह पहले एक प्राइवेट एयरलाइन में पायलट के तौर पर काम करता था, लेकिन अभी वह प्राइवेट फर्म में चार्टर्ड प्लेन उड़ाता है।
क्राइम ब्रांच ने बताया कि उन्हें काफी दिनों से इसको लेकर जानकारी मिल रही थी। जिसके बाद आज सुबह 10 बजे सेक्टर-103 के पास नाकाबंदी कर एक लग्जरी कार से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च में बैलेट गन से घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज कराया जाए।
वहीं कोर्ट ने केंद्र से कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तैनात RAF के हथियारों और गोला-बारूद के इस्तेमाल का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहन की बेंच ने पैलेट गन के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस विशेष स्थितियों में इसका इस्तेमाल कर सकती है।
कोर्ट ने कहा कि जब तक पैलेट गन के इस्तेमाल की परमिशन देने वाले पुलिस नियमों को चुनौती नहीं दी जाती, तब तक इस पर रोक लगाने का आदेश देना मुश्किल है। कोर्ट ने इसके इस्तेमाल से जुड़ी गाइडलाइन पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन आजाद, प्रशांत कुमार सिंह और शेख इरशाद मंसूरी (दोनों पीड़ित) ने याचिका में पैलेट गन पर बैन लगाने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि संसद मार्च में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने छात्रों पर पैलेट गन चलाई थी।
फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस परिवार के लिए 30 जुलाई 2026 का दिन भावनाओं, सम्मान और गौरव से भरपूर रहा। पुलिस विभाग में वर्षों तक ईमानदारी, निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपनी सेवा देने वाले 6 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सम्मान में सेक्टर-21सी स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय के सभागार में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में पुलिस उपायुक्त सेंट्रल उषा, भलाई निरीक्षक सहित विभिन्न शाखाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और सेवानिवृत्त साथियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
फरीदाबाद, 30 जुलाई। फरीदाबाद पुलिस द्वारा बेल जंपर, उद्घोषित अपराधियों (पीओ) एवं लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत फरीदाबाद पुलिस के पीओ स्टाफ सेक्टर-17 की टीम ने वर्ष 2019 में महिला थाना बल्लभगढ़ में दर्ज पॉक्सो अधिनियम के एक गंभीर मामले में पिछले 7 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को काबू करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
फरीदाबाद, 30 जुलाई। सेक्टर-12 निवासी एडवोकेट एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता (एलएडीसी) योजना का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह योजना स्वतंत्र वकालत की परंपरा और हजारों युवा अधिवक्ताओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार से अधिवक्ता समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए एलएडीसी योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की।
को न्यायालयीन कार्य का अनुभव प्राप्त होता है। यदि अधिकांश मामले सीमित संख्या में नियुक्त एलएडीसी अधिवक्ताओं को दिए जाएंगे, तो अनेक युवा अधिवक्ताओं के लिए व्यावसायिक अवसर कम हो सकते हैं और उनके अनुभव प्राप्त करने के अवसर भी प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को प्रभावी कानूनी सहायता मिलनी चाहिए, लेकिन ऐसी व्यवस्था भी होनी चाहिए जिसमें अधिवक्ताओं के व्यापक वर्ग को समान अवसर मिलें और स्वतंत्र वकालत की गरिमा बनी रहे।
फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा अवैध शराब की तस्करी एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस की विभिन्न टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध देशी एवं अंग्रेजी शराब बरामद की है।
सिकरी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए विष्णु, निवासी गांव भिडोसा, जिला मुरैना (मध्य प्रदेश) को गिरफ्तार किया। आरोपित के कब्जे से 20 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई। बरामद शराब को कब्जे में लेकर आरोपित के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
चंडीगढ़: हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण में बड़ी संख्या में वोटरों के रिकॉर्ड की जांच की गई है। राज्य में कुल दो करोड़ छह लाख 55 हजार 929 वोटर हैं। इनमें से 26.29 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गई हैं। 18.57 लाख वोटरों की मैपिंग नहीं हो पाई है। करीब 33 लाख वोटर ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होंगे।
जांच में सामने आई मुख्य विसंगतियां
जांच के दौरान 26.29 लाख मतदाताओं की जानकारी/डेटा में त्रुटियां व विसंगतियां पाई गई हैं। करीब 18.57 लाख ऐसे वोटर हैं जिनकी सही मैपिंग नहीं हो पाई है।वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, लगभग 1,28,69,929 (1.28 करोड़ से अधिक) वोटर पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में हैं और उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में बिना किसी बाधा के शामिल होने की पूरी संभावना है।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई है या जिनकी मैपिंग नहीं हुई है, उनके नाम सूची से सीधे नहीं हटाए जाएंगे।ऐसे सभी संदिग्ध या त्रुटिपूर्ण रिकॉर्ड वाले वोटरों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में प्रकाशि
त किए जाएंगे। विभाग संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज और सही रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश देगा। यदि निर्धारित समय में सही दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तभी संबंधित वोटर का नाम अंतिम मतदाता सूची से निरस्त किया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 जुलाई को जारी होगी। इसके बाद लोग अपने नाम, रिकॉर्ड या अन्य आपत्तियों को लेकर 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।









