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by : pramod goyal

 हरियाणा में अब टैक्स चोरी और फर्जीवाड़ा करने वालों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी। सीएम नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार करों की दरें बढ़ाए बिना अपना राजस्व (टैक्स कलेक्शन) मजबूत करेगी। इसके लिए तकनीक का इस्तेमाल कर टैक्स चोरी और लीकेज पर नकेल कसी जाएगी।

सीएम सैनी बुधवार को चंडीगढ़ में स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट (SJHIFM) द्वारा आयोजित ‘हरियाणा की अपनी कर-राजस्व व्यवस्था’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि AI का उद्देश्य केवल निगरानी रखना नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था बनाकर ईमानदार करदाताओं को सुगम सेवाएं देना भी है।

  •  जीएसटी (GST), संपत्ति पंजीकरण, परिवहन (व्हीकल डेटा), बिजली बिल, शहरी विकास और अन्य सरकारी प्रणालियों के डेटा को आपस में लिंक किया जाएगा।
  •  अलग-अलग विभागों से मिलने वाले डेटा को AI और मशीन लर्निंग के जरिए एनालाइज किया जाएगा। इससे कारोबारियों की वास्तविक आर्थिक गतिविधियों और उनके द्वारा जमा किए गए टैक्स का मिलान आसानी से हो सकेगा।
  •  एडवांस डेटा एनालिटिक्स के जरिए संदिग्ध लेनदेन और टैक्स लीकेज वाले क्षेत्रों की तुरंत पहचान (रिस्क आइडेंटिफिकेशन) हो जाएगी, जिससे टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी।

  • 'पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0' और 'ऑटो म्यूटेशन सिस्टम' जैसे सुधारों के जरिए इंतकाल और रजिस्ट्रेशन को फेसलेस व पारदर्शी बनाया जा रहा है।
by : pramod goyal

 चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम-फरीदाबाद क्षेत्र की तीन सड़कों के कुछ हिस्सों को टोल वाली सड़क घोषित किया है। लोक निर्माण विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की। इन सड़कों पर वाहनों से 40 से 350 रुपये तक टोल लिया जाएगा। अधिसूचना के अनुसार गुरुग्राम फरीदाबाद और क्रशर जोन सड़क पर एक-एक टोल प्लाजा होगा। वहीं बल्लभगढ़-सोहना सड़क पर दो टोल प्लाजा बनाए गए हैं। कार, जीप, पिकअप वैन, तीन पहिया वाहन और


स्टेशन वैगन से 40 रुपये प्रति यात्रा लिए जाएंगे। बसों के लिए 170 रुपये व हल्के व्यावसायिक वाहनों व हल्के ट्रकों के लिए 140 रुपये शुल्क होगा। 10 टायर तक के ट्रक से 300 रुपये लिए जाएंगे।

10 से अधिक टायर वाले बहु धुरी वाहनों और क्रेन, बुलडोजर, मिट्टी हटाने वाली मशीन व सड़क रोलर जैसे भारी वाहनों से 350 रुपये टोल लेंगे। खनन व निर्माण सामग्री ले जाने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली से 80 रुपये लिए जाएंगे। एक बार टोल देने के बाद 24 घंटे तक दोबारा टोल नहीं देना होगा। एक दिन में एक से अधिक बार गुजरने पर डेढ़ गुना शुल्क देकर पास लिया जा सकेगा। व्यावसायिक वाहनों को उसी दिन वापसी की सुविधा मिलेगी। महीने का पास बनवाने के लिए व्यावसायिक वाहनों को एक यात्रा के शुल्क का 30 गुना भुगतान करना होगा जबकि अन्य वाहनों के लिए यह राशि 20 गुना रहेगी।

by : pramod goyal

 हरियाणा में नई विनिर्माण इकाइयां लगाने और मौजूदा एमएसएमई के विस्तार की प्रक्रिया अब तय समयसीमा के भीतर पूरी करनी होगी। राज्य सरकार ने हरियाणा राइट टू बिजनेस एक्ट-2026 लागू कर दिया है। इसके तहत पात्र एमएसएमई को शुरुआती स्तर पर इन-प्रिंसिपल अप्रूवल देने के लिए जिला और राज्य स्तर पर स्पष्ट समयसीमा तय की गई है। निर्धारित अवधि में निर्णय नहीं होने पर आवेदन स्वत: अगले स्तर पर जाएगा और अंततः डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान लागू होगा।



नई व्यवस्था के तहत जिला स्तर पर आवेदन पर 15 कार्यदिवस में फैसला करना होगा। इस अवधि में मंजूरी या अस्वीकृति नहीं होने पर आवेदन स्वत: राज्य स्तर पर चला जाएगा। राज्य स्तर पर संबंधित अधिकारी को अगले 10 कार्यदिवस में निर्णय करना होगा। यहां भी समयसीमा में फैसला नहीं हुआ तो इन-प्रिंसिपल अप्रूवल स्वत: मंजूर माना जाएगा। इस तरह सामान्य स्थिति में आवेदन पर अधिकतम 25 कार्यदिवस में निर्णय सुनिश्चित किया गया है।

इस व्यवस्था का लाभ हर कारोबार को नहीं मिलेगा। यह सुविधा उन पंजीकृत एमएसएमई को दी जाएगी जो नई विनिर्माण इकाई स्थापित करना चाहते हैं या मौजूदा विनिर्माण इकाई का विस्तार करना चाहते हैं। संबंधित इकाई का केंद्र सरकार के उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत होना जरूरी होगा। उद्यमी को सबसे पहले जिला नोडल एजेंसी के समक्ष डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट देना होगा। इसके बाद आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जिला नोडल एजेंसी को 15 कार्यदिवस में इन-प्रिंसिपल अप्रूवल जारी करना होगा या आवेदन अस्वीकार करना होगा। यदि 15 कार्यदिवस में कोई निर्णय नहीं होता तो आवेदन स्वत: हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन सेंटर के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पास राज्य स्तर पर पहुंच जाएगा। वहां 10 कार्यदिवस में निर्णय जरूरी होगा। इस अवधि में भी फैसला नहीं होने पर आवेदन को डीम्ड अप्रूवल प्राप्त माना जाएगा। डीम्ड अप्रूवल के बाद जिला नोडल एजेंसी को तीन दिन के भीतर प्रमाणपत्र जारी करना होगा।
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 केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल पंपों पर ₹2,000 से ज्यादा के यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन पर ₹5 मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AHPDA) ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लेटर भेजा है, जिसमें चेतावनी दी है कि यदि पेट्रोल पंपों को इस नियम से राहत नहीं मिली, तो पूरे हरियाणा के पेट्रोल पंपों पर कैशलेस (डिजिटल) पेमेंट की सुविधा बंद कर दी जाएगी। केवल नकद (कैश) भुगतान लेकर ही तेल दिया जाएगा।

डीलर्स का कहना है कि वर्ष 2017 के बाद से तेल कंपनियों ने उनके कमीशन में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। पेट्रोल पंप का हर लीटर पर 2-3 रुपए की बचत, MDR लगा और हर बड़े यूपीआई पेमेंट पर ₹5 कटने से उनका बचा-खुचा मुनाफा खत्म हो जाएगा। उन्हें अपनी जेब से पैसे भरने पड़ेंगे।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद, 10 सितंबर नीलम बाटा रोड स्थित होटल डिलाइट सरोवर पोर्टिको में फरीदाबाद इनकम टैक्स बार एसोसिएशन (पंजीकृत) द्वारा 'नॉन-कॉरपोरेट फाइनेंशियल रिपोर्टिंग एंड टैक्स ऑडिट ए प्रैक्टिकल अप्रोच' विषय पर एक भव्य और ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में शहर के जाने-माने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) और टैक्स अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात सीए नितिन कंवर रहे, जिन्होंने टैक्स ऑडिट के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।


कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीए नितिन कंवर ने अपने संबोधन में नॉन-कॉरपोरेट संस्थाओं के वित्तीय विवरणों और टैक्स ऑडिट से जुड़े जटिल नियमों को बेहद सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में टैक्स ऑडिट की बारीकियों को समझना हर पेशेवर के लिए अनिवार्य हो गया है। नई गाइडलाइंस और व्यावहारिक दृष्टिकोण को अपनाकर न केवल गलतियों से बचा जा सकता है, बल्कि क्लाइंट्स को भी बेहतर और पारदर्शी सेवाएं दी जा सकती हैं। उन्होंने ऑडिट रिपोर्ट तैयार करते समय रखी जाने वाली सावधानियों पर कई महत्वपूर्ण टिप्स भी सांझा किए, जिसे उपस्थित सदस्यों ने बेहद ध्यानपूर्वक सुना।

सेमीनार को संबोधित करते हुए फरीदाबाद इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए आरुष गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत के उपरांत  अपने संबोधन में उन्होंने एसोसिएशन के संकल्प को दोहराते हुए कहा, "हमारी एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य अपने सदस्यों को हमेशा कानूनी बदलावों से अवगत रखना है। एसोसिएशन समय-समय पर इसी तरह की वर्कशॉप और सेमिनार का आयोजन करती रहती है, जिससे हमारे सभी सदस्यों और टैक्स प्रोफेशनल्स को वक्त-वक्त पर नए अपडेट्स और तकनीकी जानकारियां मिलती रहें। यह निरंतर सीखने की प्रक्रिया हमारे पेशे को और अधिक मजबूत बनाती है।"

टैक्स और ऑडिट की गंभीर चर्चा के बीच कार्यक्रम में बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल भी देखने को मिला। मंच से एसोसिएशन के उन साथियों का जन्मदिन धूमधाम से सेलिब्रेट किया गया जिनका हाल ही में जन्मदिन था। सभी सदस्यों ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया ।
 
इसके साथ ही, समाज और स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कार्यक्रम में डॉ. अग्रवाल आई हॉस्पिटल की टीम को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। अस्पताल के विशेषज्ञों ने उपस्थित सदस्यों को आधुनिक जीवनशैली में आँखों की सुरक्षा और देखभाल हेतु विशेष व अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके अलावा, उन्होंने एसोसिएशन के सदस्यों के लिए विशेष डिस्काउंटेड आई टेस्ट (आँखों की रियायती जांच) की घोषणा भी की, जिसका सभी ने स्वागत किया।
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 फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी के लोगों की जेब पर एक सितंबर से प्रॉपर्टी टैक्स और सीवर पानी बिल का बोझ बढ़ जाएगा, क्योंकि सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार अब दोनेां की कीमत पहले से अधिक चुकानी होगी।


कलेक्टर रेट के हिसाब से अब प्रॉपर्टी टैक्स जोड़ा जाएग। यानि कि अगर दो कॉलोनियों में कलेक्टर रेट अलग-अलग है, तो वहां पर स्थित एक आकार के मकानों पर भी अलग-अलग टैक्स लगाया जाएगा। जहां पर कलेक्टर रेट अधिक होगा, वहां पर प्रॉपर्टी टैक्स अधिक वसूला जाएगा। इसके साथ ही 14 साल बाद पानी के रेट भी रिवाइज किए गए है, जो एक सिंतबर से लागू हो जाएंगे। पानी के रेट में 200 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है।

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 हरियाणा में आम जनता की जेब पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ पड़ने वाला है। राज्य में पशुपालकों और डेरी संचालकों ने सर्वसम्मति से फैसला लेते हुए दूध की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नए फैसलों के तहत अब प्रदेश में दूध ₹100 प्रति लीटर के हिसाब से बेचा जाएगा। इतना ही नहीं, इस तय दर का उल्लंघन करने वालों पर ₹5100 का जुर्माना लगाने का सख्त नियम भी बनाया गया है।


 जानकारी के अनुसार, पशुपालकों और दूध उत्पादक संघों की आयोजित एक बैठक में दूध के नए दामों को लेकर सर्वसम्मति बनी। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले कुछ समय में खल, बिनौला, तूड़ी और हरे चारे की कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। पशुपालन की बढ़ती लागत और रखरखाव के खर्चों के चलते पुराने दामों पर दूध बेचना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा था।

 यूनियन ने फैसला लिया है कि कोई भी पशुपालक या डेरी संचालक तय की गई ₹100 प्रति लीटर की दर से कम में दूध की आपूर्ति नहीं करेगा। यदि कोई भी व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया या छिपाकर कम दाम में दूध बेचता हुआ पकड़ा गया, तो उस पर ₹5100 का आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाया जाएगा।

by : pramod goyal


 फरीदाबाद: 26 अगस्त 

औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के कर सलाहकारों और करदाताओं के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। नीलम बाटा रोड स्थित होटल डिलाइट सरोवर पोर्टिको के सभागार में  फरीदाबाद इनकम टैक्स बार एसोसिएशन (पंजीकृत) की ओर से एक भव्य और विशेष जनरल हाउस मीटिंग का आयोजन किया गया। इस बैठक में देशभर में चर्चा का विषय बने विदेशी निवेश, ब्लैक मनी एक्ट और आगामी टैक्स ऑडिट सीजन को देखते हुए फॉर्म 3CB व 3CD के जटिल तकनीकी पहलुओं पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष  आरुष गुप्ता ने की। कार्यक्रम में शहर के सैकड़ों नामी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित व राष्ट्रगान द्वारा की गई। 

कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र में देश के उभरते हुए टैक्स और कानून विशेषज्ञ मुख्य अतिथि वक्ता सीए (अधिवक्ता) शिखर गर्ग ने अपनी बात रखी। उन्होंने करदाताओं को चेतावनी भरे लहजे में आगाह करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर अब टैक्स विभागों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहद आसान और रीयल-टाइम हो चुका है।
सीए शिखर गर्ग ने अपने व्याख्यान में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर खुलकर प्रकाश डालते हुए बताया कि बहुत से लोग विदेशों में छोटे-मोटे शेयर, म्यूचुअल फंड, विदेशी कंपनियों के कर्मचारी स्टॉक विकल्प या विदेशी बैंक खातों को मामूली समझकर अपने आईटीआर (ITR) में घोषित नहीं करते हैं। सरकार की नज़र अब ऐसे हर एक ट्रांजैक्शन पर है। भले ही उस संपत्ति से कोई कमाई न हुई हो, फिर भी उसका ब्योरा देना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि  यदि कोई नागरिक जानबूझकर या अनजाने में अपनी विदेशी संपत्ति की जानकारी छुपाता है, तो उस पर ब्लैक मनी एक्ट के तहत ₹10 लाख तक का सीधा जुर्माना और अघोषित विदेशी संपत्ति के मूल्य पर 30% टैक्स के साथ-साथ भारी पेनल्टी लगाई जा सकती है। इसके अलावा, गंभीर मामलों में 3 से 7 साल तक की सश्रम जेल का भी प्रावधान है।
 उन्होंने हाल ही में पेश की गई इस नई योजना की बारीकियों को समझाते हुए कहा कि यह उन लोगों के लिए एक आख़िरी और सुनहरा मौका हो सकता है, जिन्होंने पहले अनजाने में गलतियाँ की हैं। इसके तहत तय समय सीमा के भीतर स्वेच्छा से अपनी संपत्तियों का खुलासा करके करदाता दंडात्मक कार्रवाइयों से बच सकते हैं।

द्वितीय सत्र में टैक्स ऑडिट के महारथी और देश के वरिष्ठ कर विशेषज्ञ सीए दीपक भोलूसरिया ने मंच संभाला। चूंकि सितंबर का महीना टैक्स ऑडिट की अंतिम तिथियों के करीब होता है, इसलिए उनका यह सत्र सभी प्रोफेशनल सदस्यों के लिए बेहद व्यावहारिक और उपयोगी रहा।
सीए दीपक भोलूसरिया ने 

उन्होंने फॉर्म 3CD के सबसे संवेदनशील क्लॉज जैसे कि क्लॉज 44 (GST खर्चों का विवरण), क्लॉज 21(a) (पूंजीगत बनाम व्यक्तिगत खर्चे) और क्लॉज 26 (धारा 43B के तहत भुगतान) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन क्लॉज में किसी भी तरह का मिसमैच सीधे तौर पर टैक्स विभाग के ऑटोमेटेड सिस्टम द्वारा नोटिस (ASMT) जारी होने का कारण बनता है।
 उन्होंने बताया कि अब टैक्स ऑडिट केवल एक

फॉर्म भरना नहीं रह गया है, बल्कि यह सीए द्वारा क्लाइंट के खातों की शुद्धता की कानूनी गारंटी है। यदि कोई सीए बिना पुख्ता दस्तावेजों और वाउचर की जांच किए रिपोर्ट साइन करता है, तो अनुशासनहीनता के तहत उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने सभी प्रोफेशनल्स को सलाह दी कि वे क्लाइंट्स से डेटा लेते समय पूरी तरह से डिजिटल ट्रेल रखें और बैंक स्टेटमेंट्स के साथ-साथ इनवॉइस का गहन मिलान करें ताकि भविष्य में किसी भी स्क्रूटनी का सामना आसानी से किया जा सके।

दोनों सत्रों के समापन के बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष आरुष गुप्ता ने मंच से सभी सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि   दोनों मुख्य वक्ताओं ने जो जानकारी दी है वह  हम सभी के लिए बहुत ही लाभकारी हैं । इस का लाभ आम जनता को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि समय समय पर इस तरह अपडेट जानकारी के लिए हमारी एसोसिएशन ऐसे सेमिनार करती रहती है।
आरुष गुप्ता ने अपने भाषण में एसोसिएशन के विज़न को सामने रखते हुए कहा कि "आज भारतीय अर्थव्यवस्था एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। सरकार का पूरा ध्यान पारदर्शिता लाने और टैक्स चोरी को जड़ से खत्म करने पर है। चाहे वह ब्लैक मनी एक्ट हो या टैक्स ऑडिट के सख्त होते नियम, एक टैक्स प्रोफेशनल के रूप में हमारी भूमिका अब देश के वित्तीय चौकीदार  जैसी हो गई है। हमारी एसोसिएशन का यह संकल्प है कि फरीदाबाद का एक-एक कर सलाहकार हर नए कानून से पूरी तरह अपडेट रहे ताकि हम न केवल अपने क्लाइंट्स को सही रास्ता दिखा सकें, बल्कि देश के राजस्व निर्माण में भी अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकें। ईमानदारी, निरंतर सीखना और पेशेवर निष्ठा ही हमारे इस पेशे की असली ताकत है।" कार्यक्रम के अंत में  सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया । इस अवसर पर सीए उज्ज्वल चौधरी – संयुक्त सचिव, सीए हेमंत खत्री – उपाध्यक्ष , अधिवक्ता उमेश कुमार – कार्यकारिणी सदस्य, सीए तरुण गुप्ता – कार्यकारिणी सदस्य , सीए उमेश कुमार जिंदल – कार्यकारिणी सदस्य , अधिवक्ता संजय मट्टा – कार्यकारिणी सदस्य वरिष्ठ सदस्य में अधिवक्ता बलबीर सिंह, सीए राकेश गोयल,इसके साथ ही सदस्यता विकास समिति अध्यक्ष: अधिवक्ता शशिकांत सिंह, उपाध्यक्ष: अधिवक्ता विनोद राघव कार्यक्रम के अंत में नवीन सदस्यों को सदस्यता प्रमाण-पत्रों का वितरण अध्यक्ष अधिवक्ता शशिकांत सिंह एवं उपाध्यक्ष अधिवक्ता विनोद राघव और  द्वारा किया गया।
by : pramod goyal


 फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को फरीदाबाद समेत तीन शहरों में तलाशी अभियान चलाया। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीमों ने फरीदाबाद, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में कुल नौ ठिकानों पर कार्रवाई की। यह कार्रवाही मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

फरीदाबाद में सेक्टर-15 और सेक्टर-8 स्थित एक्सपोर्ट कारोबारियों के घरों पर भी ईडी की टीम पहुंची। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सेक्टर-15 के एक मकान नंबर 972 में रहने वाले नमन अग्रवाल, सेक्टर 8 के मकान नंबर 389 में रहने वाले विनोद अग्रवाल के घर पर छामेमारी की गई है। हालांकि, ईडी की ओर से इन घरों से बरामदगी या कार्रवाई की अलग-अलग जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

ईडी की जांच मेसर्स जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क को लेकर है। एजेंसी के मुताबिक, फर्जी इनवॉयस और ई-वे बिल तैयार कर बिना वास्तविक माल की आवाजाही के आईटीसी हासिल करने और उसे आगे दूसरी इकाइयों को पास करने का आरोप है।

जांच में जीएसटी अधिकारियों के स्तर पर 9.63 करोड़ रुपये के आईटीसी का कथित तौर पर गलत तरीके से लाभ लेने की बात सामने आई है। वहीं, 10.28 करोड़ रुपये के आईटीसी को आगे पास किए जाने की भी जानकारी जांच एजेंसी ने दी है। ईडी के अनुसार इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा।

जांच एजेंसी के अनुसार कथित नेटवर्क में कई फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। इनके जरिए सर्कुलर लेन-देन, रकम की लेयरिंग और नकद निकासी किए जाने की बात सामने आई है। अब ईडी इन लेन-देन की कड़ियां जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर पैसा किन लोगों और कंपनियों तक पहुंचा।

ईडी की तलाशी का उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित रकम की मनी ट्रेल का पता लगाना, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना और दस्तावेजी एवं डिजिटल साक्ष्य जुटाना है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और संस्थाओं की भूमिका भी सामने आ सकती है।


फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है। सोमवार की तलाशी के संबंध में गिरफ्तारी या किसी विशेष बरामदगी की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने लाने में जुटी है।

by : pramod goyal

 हरियाणा में चीनी के दाम 45 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। करीब डेढ़ महीने पहले एक किलोग्राम चीनी 42 से 45 रुपए में मिल रही थी, वहीं अब बाजार में इसकी कीमत 62 रुपए से 65 रूपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। यानी करीब 18 से 20 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।

चीनी कारोबारी दाम बढ़ने की मुख्य वजह मौसम की मार बता रहे है। कहना है कि बारिश और सूखे के कारण गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। उत्पादन घटने और मांग बढ़ने से चीनी के दाम बढ़ गए हैं। यह भी आशंका है कि अगले तीन महीनों तक कीमत 75 रुपए तक पहुंच सकती है। साथ ही दावा कर रहे है कि कीमतों में यह बढ़ोत्तरी 50 साल में सबसे बड़ा उछाल है।

उधर, अचानक बढ़े दामों का असर यह हुआ कि 10 रुपए में मिलने वाली चाय अब 15 रुपए की हो गई है, जबकि हलवाई एसोसिएशन भी मिठाई के दाम 20 से 30 रुपए किलो तक बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कुछ ने बढ़ा भी दिए है। किराना कारोबारियों के मुताबिक, ग्राहक चीनी खरीद तो रहे हैं, लेकिन पहले के मुकाबले कम मात्रा में कम कर दी है।


by : pramod goyal

 हरियाणा सरकार ने राज्य की अनधिकृत औद्योगिक कॉलोनियों को नियमित करने के लिए नई नीति लागू कर दी है। इसके तहत अब


ऐसी औद्योगिक कॉलोनियों को  सिविक अमेनिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डिफिशिएंट एरिया घोषित किया जा सकेगा।

इससे इन क्षेत्रों में सड़क, पेगजल, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नई नीति के अनुसार किसी औद्योगिक कॉलोनी को नियमित कराने के लिए उसका कम से कम 10 एकड़ के लगातार क्षेत्र में फैला होना और उसमें न्यूनतम 50 औद्योगिक इकाइयों का होना जरूरी होगा। इसके अलावा केवल वे इकाइयों इस योजना का लाभउठा सकेंगी जो 3 अक्तूबर 2025 से पहले स्थापित की गई हों।

सरकार ने वर्ष 2022 की नीति और 2023 में जारी राहत संबंधी निर्देशों में संशोधन करते हुए यह नई व्यवस्था लागू की है। पहले यह नीति औद्योगिक कॉलोनियों पर लागू नहीं होती थी लेकिन 2025 में कानून में संशोधन के बाद अब इन्हें भी इसके दायरे में शामिल कर लिया गया है।

सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों श्रमिकों और उद्यमियों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। स्वामित्व के प्रमाण के लिए 3 अक्तूबर 2025 से पहले पंजीकृत बिक्री विलेख या एग्रीमेंट टू सेल मान्य होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने पिछले बजट में इसकी घोषणा की थी। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के एसीएस (अतिरिक्त मुख्य सचिव) अनुराग अग्रवाल की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।


छह महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य
सरकार ने संशोधित नीति जारी होने की तारीख से छह महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य किया है। आवेदन के साथ शजरा प्लान, ले-आउट प्लान, ड्रोन एवं सेटेलाइट इमेज, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, बिजली बिल, फैक्ट्री लाइसेंस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति, फायर एनओसी सहित 15 प्रकार के दस्तावेज जमा करने होंगे। नई व्यवस्था में जिलास्तरीय जांच समिति को भी मजबूत किया गया है। इसमें अब जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को भी सदस्य बनाया गया है।

औद्योगिक कॉलोनियों से जुड़े मामलों में समिति की सिफारिशें उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक के माध्यम से आगे भेजी जाएं‌गी। सरकार का मानना है कि इस नीति से राज्य के अनधिकृत औद्योगिक क्लस्टरों में संचालित हजारों औद्योगिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलेगी। साथ ही इन क्षेत्रों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा जिससे उद्योगों के विकास के साथ ही श्रमिकों और स्थानीय लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर हो सकेगा।

by : pramod goyal

 भारत-जापान सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने आज जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फुकुओका प्रीफेक्चरल गवर्नमेंट के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप महानिदेशक श्री नाकानो शिन्या ने किया। प्रतिनिधिमंडल में फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव जनरल श्री मिसावा रेइइचिरो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। 

 
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा कर मानव संसाधन आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग तथा संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। यह यात्रा विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में फुकुओका स्थित उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की संभावनाओं का आकलन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। यह पहल जापान सरकार के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है जिसके अंतर्गत आगामी पाँच वर्षों में 50,000 कुशल भारतीय पेशेवरों को जापान में अवसर उपलब्ध कराए जाने हैं। 

इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने औपचारिक रूप से सेतु (स्ट्रैटेजिक एक्सचेंज फॉर टैलेंट एंड यूनिवर्सिटी को


लैबोरेशन) - प्रतिभा एवं विश्वविद्यालय सहयोग के लिए रणनीतिक आदान-प्रदान का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पहल के अंतर्गत विश्वविद्यालय ने स्वयं को हरियाणा के लिए जापान सहयोग का केंद्र विकसित करने की परिकल्पना प्रस्तुत की, जिसके माध्यम से प्रतिभा संवर्धन, उद्योग सहयोग, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट तथा छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। 

 
साथ ही विश्वविद्यालय ने एक सुव्यवस्थित तीन-चरणीय प्रतिभा विकास मॉडल भी प्रस्तावित किया, जिसमें प्रथम चरण में इंटर्नशिप, द्वितीय चरण में कॉर्पोरेट नेटवर्किंग एवं भर्ती तथा तृतीय चरण में दीर्घकालिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। यह मॉडल भारत सरकार के कुशल भारतीय प्रतिभाओं को जापान से जोड़ने के राष्ट्रीय उद्देश्य को भी सुदृढ़ करेगा।

by : pramod goyal

 हरियाणा के गुरुग्राम में DLF के अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट ‘द हडलियाज’ में एक इनवेस्टर ने 121 करोड़ रुपए का फ्लैट खरीदा है। मधुसूदन ने ये फ्लैट टावर- वन की 20वीं मंजिल पर खरीदा।

इस फ्लैट का सौदा 1.93 लाख प्रति वर्ग फुट के हिसाब से हुआ है। वहीं 1810 स्क्वायर फीट की बालकनी समेत इस फ्लैट का कुल स्पेस 8044 स्क्वायर फीट है। इसे गुरुग्राम की दूसरा सबसे महंगा फ्लैट माना जा रहा है।

इससे पहले दिल्ली के एक नामी बिजनेसमैन ने इसी प्रोजेक्ट में 380 करोड़ रुपए में 4 अपार्टमेंट खरीदे थे। इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने भी करीब एक साल पहले यहां 69 करोड़ रुपए का एक फ्लैट खरीदा था। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट मधुसूदन के इस फ्लैट को मुंबई के मालाबार हिल और दिल्ली के लुंटियन जोन की कीमतों के बराबर आंक रहे हैं।

गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर बने डीएलएफ के इस प्रोजेक्ट में ये फ्लैट मधुसूदन केला नाम के इनवेस्टर ने खरीदा है। मधुसूदन को इस फ्लैट के साथ बेसमेंट में 5 कार पार्किंग स्लॉट भी अलॉट किए गए हैं। इस संपत्ति की कुल वैल्यू 120.71 करोड़ रुपए तय की गई है। कारपेट एरिया के हिसाब से इस फ्लैट की मूल दर 1.93 लाख रुपए प्रति स्क्वायर फीट बैठती है।

यह सौदा 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड हुआ था। हालांकि मधुसूदन केला और डीएलएफ की तरफ से फ्लैट के बारे में आधिकारिक स्टेटमैंट जारी नहीं किया गया है।


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 देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चौथी बार फिर बढ़ोतरी की गई है। हरियाणा में अब पेट्रोल 2.60 रुपए महंगा होकर ₹103 प्रति लीटर पहुंच गया है, जो ऑल टाइम हाई है। वहीं, डीजल 2.70 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके दाम ₹95.66 पर पहुंच गए हैं। तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरें सोमवार सुबह छह बजे से लागू हो गई हैं।

बढ़ोतरी के साथ अधिकांश जिलों में पेट्रोल की कीमत ₹100.40 प्रति लीटर को पार कर गइ है। सिरसा में सबसे ज्यादा ₹104.43 प्रति लीटर रेट हो गए है। उधर, हरियाणा पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान का कहना है कि अभी दामों में और बढ़ोतरी होगी, क्योंकि सरकार कुल 10 रुपए तक इसे बढ़ाना चाहती है।

बता दें कि 10 दिन में ईंधन की कीमतों में यह चौथी बढ़ोतरी है। पेट्रोल रेट कुल 7 रुपए 37 पैसे बढ़


गए हैं। दो दिन पहले पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ था। 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं, 15 मई को पेट्रोल कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया था।

हरियाणा पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान संजीव चौधरी ने बताया कि अभी पेट्रोल-डीजल के रेट में और बढ़ोतरी होगी। हमे जानकारी मिली है कि मिडिल ईस्ट तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर ₹10 और डीजल पर ₹10 रुपए की बढ़ोत्तरी करनी है।

अभी सरकार की ओर से चार बार ही बढ़ोतरी हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में फिर से एक या दो बार में ये तीन से चार रुपए की बढ़ोतरी कर कर सकती है। उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में होने वाली बढ़ोतरी को लेकर तैयार रहना चाहिए।

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 देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इससे हरियाणा में पेट्रोल की कीमत ऑल टाइम हाई पहुंच गई है। सिरसा में पेट्रोल रेट ₹100.81 लीटर हो गया है। इससे पहले 28 मार्च 2022 को बहादुरगढ़ में पेट्रोल रेट ₹100.08 पहुंचा था। बाद में सरकार ने वैट घटाकर राहत दी थी।

वहीं डीजल का भाव भी ₹90 पार हो गया है। अभी डीजल 90.94 से 91.50 प्रति लीटर के आसपास बिक रहा था। एक हफ्ते से भी कम समय में ईंधन के दामों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई 2026 को ही कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।

तेज कीमतों में वृद्धि का असर भी दिखने लगा है। हिसार में ईंधन दाम बढ़ने से दूध और फलों के दाम बढ़ गए हैं। सबसे ज्यादा असर बाहर से आने वाले फल पर देखा जा रहा है। सब्जियां लोकल आने से रेट इतने नहीं बढ़े हैं, मगर अगले महीने जब लोकल सब्जियों का सीजन खत्म हो जाएगा, तब रेट और तेजी से बढ़ सकते हैं। सेब, अनार करीब 250 से 300 रुपए किलो तक बिक रहा है।

उधर, सीएम नायब सैनी सुबह साइकिल से सुखना लेक पहुंचे। उन्होंने कहा कि पीएम की अपील के तहत सभी को कम ईंधन यूज करना चाहिए और जितना हो ईवी और साइकिल, बस आदि का उपयोग करना चाहिए।


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 हरियाणा में शहरी विस्तार को रफ्तार देने के लिए सरकार नए सेक्टर विकसित करेगी। इसके लिए योजना का फर्स्ट फेज स्टार्ट कर दिया गया है। प्रदेश के 69 शहरों में रिहायशी, व्यावसायिक और इंडस्ट्रियल सेक्टर विकसित होंगे, जिसके लिए जमीन


जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने इसके लिए एक लाख 67 हजार एकड़ जमीन खरीदने की योजना बनाई है। जमीन खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल भी खोल दिया गया है, जहां किसान और भूमि मालिकों से आवेदन मांगे गए हैं।

पहले चरण में 13 शहरों में करीब 40 हजार एकड़ जमीन खरीदी जाएगी, जिसके लिए 104 गांवों के किसानों को शामिल किया जाएगा। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, हिसार, पानीपत, सिरसा और यमुनानगर जैसे शहर शामिल है, जहां सेक्टर विकसित किए जाएंगे।

इन जिलों में जमीन की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नीलामी की इस प्रक्रिया में बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होगी, जिससे किसानों को सीधा पैसा मिलेगा।

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 फरीदाबाद | 30 मार्च 2026

वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन में अब केवल एक दिन शेष रह गया है, जिसके चलते फरीदाबाद सहित आसपास के क्षेत्रों में टैक्स बचाने को लेकर लोगों के बीच हलचल तेज हो गई है। वेतनभोगी कर्मचारियों से लेकर व्यापारी वर्ग तक, सभी अपने निवेश और जरूरी दस्तावेज़ों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
    बैंकों, डाकघरों और अन्य वित्तीय संस्थानों में ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी निवेश से जुड़े लेन-देन में तेजी देखी जा रही है।

लोग टैक्स बचाने के लिए पीपीएफ , ईएलएसएस, जीवन बीमा और फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी योजनाओं की ओर रुख कर रहे हैं।
    इसी क्रम में शहर सेक्टर-12 फरीदाबाद निवासी समाजसेवी एवं राजनीतिक विश्लेषक डॉ. मोहन तिवारी ने कहा कि “हर साल की तरह इस बार भी लोग टैक्स प्लानिंग को अंतिम समय तक टालते नजर आ रहे हैं। इससे न केवल भीड़ और दबाव बढ़ता है, बल्कि कई बार लोग जल्दबाजी में गलत निवेश कर बैठते हैं। बेहतर होगा कि लोग पूरे वर्ष के दौरान ही अपनी आय और निवेश की योजना बनाएं।”
     उन्होंने यह भी कहा कि जागरूकता की कमी के कारण आम लोग अंतिम समय में असुविधा का सामना करते हैं, इसलिए सरकार और संबंधित विभागों को समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
आयकर विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे 31 मार्च से पहले अपने सभी आवश्यक निवेश और दस्तावेज़ी प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या देरी से बचा जा सके। 31 मार्च के बाद किए गए निवेश इस वित्तीय वर्ष के टैक्स लाभ में शामिल नहीं होंगे, इसलिए यह समय करदाताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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 हरियाणा में NHAI द्वारा एक दर्जन से ज्यादा टोल पर शुल्क में 4 से 5 फीसदी की वृद्धि की संभावना है। एक अप्रैल से बढ़ी हुई टोल दरें लागू होंगी। 


जानकारी के अनुसार हरियाणा के व्यस्तम दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे (NH-48) पर स्थित खेड़की दौला टोल प्लाजा पर भी टोल दरों में बढ़ोतरी होगी। जिससे प्रतिदिन गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 

NHAI की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार खेड़की दौला टोल प्लाजा पर विभिन्न वर्गों के वाहनों के टोल शुल्क में औसतन पांच रुपए की बढ़ोतरी की जा रही है।  निजी कारों के लिए यह बढ़ोतरी विशेष रूप से प्रभावित करेगी। छह महीने पहले, नवंबर 2025 में ही यहां टोल दरों में 15 रुपये तक का इजाफा किया गया था। अब एक अप्रैल से फिर बढ़ोतरी होने जा रही है। 

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 हरियाणा राज्य के सभी जिलों में कलेक्टर रेट (सर्किल रेट) की प्रस्तावित दरें सार्वजनिक कर दी गईं हैं। सभी जिलों की सरकारी वेबसाइट पर इसे अपलोड किया गया है। नई दरों में रेजिडेंशियल, कृषि और कॉमर्शियल भूमि के रेट में 75 प्रतिशत तक की बढ़ोत


री प्रस्तावित की गई है।

प्रदेश की साइबर सिटी गुरुग्राम में सबसे अधिक रेट द्वारका एक्सप्रेस-वे से सटे बजघेड़ा गांव में बढ़ा गए हैं। यहां कृषि भूमि और कॉमर्शियल के रेट में 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। नया रेट लागू होने पर यहां की कृषि भूमि का रेट 7 करोड़ 53 लाख 25 हजार रुपए प्रति एकड़ होगा।

इसके अलावा हिसार के अग्रोहा में कलेक्टर के रेट में भी 75% की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया गया है। अग्रोहा को हिसार महानगर विकास प्राधिकरण में शामिल करने के बाद यहां रेटों में भारी बढ़ोतरी हुई है। अलीपुर में आवासीय भूमि और आर्यनगर में कृषि भूमि के रेट में भी इतनी ही वृद्धि का प्रस्ताव है।

यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। हालांकि, इससे पहले नागरिक 30 मार्च 2026 तक शाम 4:30 बजे तक अपने सुझाव संबंधित तहसील कार्यालय और जिला मुख्यालयों में दर्ज करा सकते है। आपत्तियों पर चर्चा के बाद ही नई दरें लागू की जाएंगी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बढ़ती मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और बाजार मूल्यों को ध्यान में रखकर ये दरें प्रस्तावित की गई हैं।

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 हरियाणा में करीब 9 महीने बाद एक बार फिर कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार 1 अप्रैल से नए कलेक्टर रेट लागू करने की योजना बना रही है। इसके लिए प्रदेश की 143 तहसीलों और उप-तहसीलों में प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।

इस बार जिन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त ज्यादा हो रही है, वहां कलेक्टर रेट में अधिक बढ़ोतरी की संभावना है। खासतौर पर सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे जिलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान है कि कुछ व्यावसायिक इलाकों में 5 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा सकती है।


कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी उसी के आधार पर बढ़ते हैं। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स का कहना है कि इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। सरकार को बढ़ोतरी से पहले इसके प्रभावों पर विचार करना चाहिए।