फरीदाबाद, 03 अक्टूबर। हरियाणा के कैथल में 16 से 18 सितंबर 2026 तक आयोजित राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में फरीदाबाद पुलिस में तैनात महिला एएसआई कमलेश की पुत्री अदिति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-19 वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर अदिति का राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए भी चयन हुआ है।
रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में गांव अटाली में हरियाणा स्टाइल कबड्डी एवं दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिता आगामी 28 अगस्त शुक्रवार को आयोजित की जाएगी,जिसमें कांग्रेस विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया मुख्य अतिथि शिरकत करेगें। जबकि विशिष्ट अतिथि जिला परिषद के वाइस चेयरमैन धर्म चौधरी मौजूद रहेगें। सरपंच नफे सिंह ने बताया कि कबड्डी प्रतियोगिता गवर्नमेंट हाई स्कूल में आयोजित की जाएगी। जिसमें प्रथम पुरस्कार 1 लाख 11 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्का
र 75 हजार रुपए, सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों टीमों को 11 हजार रुपए इनाम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहीद संदीप खेल स्टेडियम में पुरुष वर्ग के लिए दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिसमें सोलह सौ मीटर ,चार सौ मीटर व 100 मीटर दौड़ शामिल है। दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार इक्कीस सौ रूपए ,द्वितीय पुरस्कार पंद्रह सौ रुपए ,तृतीय पुरस्कार ग्यारह सौ रुपए प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा महिला वर्ग के लिए 400 मीटर दौड प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। जिसमें प्रथम पुरस्कार इक्कीस सौ रूपए ,द्वितीय पुरस्कार पंद्रह सौ रुपए ,तृतीय पुरस्कार ग्यारह सौ रुपए प्रदान किए जाएगें। उन्होंने बताया कि यह खेल प्रतियोगिता समस्त ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में आसपास कबड्डी की बेहतरीन टीमें भाग लेगीं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि भारी संख्या में पहुंचकर खेलों को आनंद लें।
फरीदाबाद, 13 जुलाई। फरीदाबाद योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित 6वीं फरीदाबाद जिला योगासन खेल चैंपियनशिप का दो दिवसीय आयोजन 11 एवं 12 जुलाई को हरमन माइनर स्कूल, सेक्टर-28, फरीदाबाद में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं योग संस्थानों के लगभग 250 खिलाड़ियों ने अंडर-10, 10–14, 14–18, 18–28, 28–35, 35–45 एवं 45–55 वर्ष आयु वर्गों में पारंपरिक योगासन, आर्टिस्टिक सिंगल, आर्टिस्टिक पेयर एवं रिदमिक पेयर प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
म सुंधीर तृतीय रहीं।
फरीदाबाद : 29 जून : ऑल इंडिया वाडो काई कराटे डो एसोसिएशन द्वारा नैनीताल उत्तराखंड में आयोजित की गई 25 वीं नॉर्थ इंडिया वाडो काई कराटे चैम्पियनशिप में आरटूएफ मॉर्शल ऑर्ट एकेडमी बल्लभगढ़ के खिलाड़ियों ने परचम लहराया। प्रतियोगिता में हिमांशु नरवत ने 20 आयु वर्ग में 52 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल, अंजू सिंह ने 13 आयु वर्ग में 60 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड, सविता डागर ने 18 आयु वर्ग में 49 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड, दीपा पांचाल ने 21 आयु वर्ग में 63 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड, तन्नू ने 19 आयु वर्ग में 45 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड, प्रियांश धनखड़ ने 14 आयु वर्ग में 44 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड,यश सैनी अटाली ने 13 आयु वर्ग में 48 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल प्राप्त किया। वहीं भा
वना ने सिल्वर मेडल हासिल किया। आरटूएफ मार्शल आर्ट एकेडमी के कोच वंश सैनी ने बताया कि आरटूएफ मॉर्शल ऑर्ट एकेडमी के जनरल सेक्रेटरी दुष्यंत सैनी व दिवाकर सैनी के मार्गदर्शन में खिलाडियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया और बेहतर प्रदर्शन किया। खिलाडियों ने अपनी प्रतिभा के दम पर गोल्ड व सिल्वर मेडल हासिल कर हरियाणा प्रदेश व जिले के नाम रोशन किया गया है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इसी प्रकार मेहनत करें और अपनी मंजिल की ओर लगातार बढ़ते रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है। खेल विभाग द्वारा खिलाडियों को हर संभव मदद प्रदान की जा रही है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि नशे से दूर रहे और खेलों में भाग लेकर देश व हरियाणा प्रदेश का नाम रोशन करें।
फरीदाबाद, 29 जून। फरीदाबाद के योगासन खिलाड़ियों ने 3वीं WFFYS राष्ट्रीय योगासन खेल चैंपियनशिप-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। यह प्रतियोगिता 26 से 28 जून 2026 तक सीओईआर यूनिवर्सिटी, रुड़की (उत्तराखंड) में आयोजित हुई।
फरीदाबाद शहर की भारत कॉलोनी के निवासी मनीष राजपूत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। मनीष ने थाईलैंड में आयोजित इंटरनेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में पाकिस्तान के खिलाड़ी को हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि पर घर लौटने के बाद परिवार और क्षेत्र के लोगों ने भव्य स्वागत किया तथा रोड शो निकालकर खुशी जताई।
मनीष राजपूत ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से बॉडी बिल्डिंग की तैयारी कर रहे हैं और इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। उन्होंने बताया कि 12 से 14 जून तक थाईलैंड में आयोजित इंटरनेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में उन्होंने हिस्सा लिया और दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
62 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में उनका सामना पाकिस्तान के खिलाड़ी से हुआ। कड़े मुकाबले में मनीष ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ गोल्ड मेडल जीत लिया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और कोच को दिया। मनीष ने कहा कि परिवार के सहयोग और कोच के मार्गदर्शन की बदौलत ही वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करना है, जिसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है।
फरीदाबाद स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 30 जून तक स्पोर्ट्स फंड जमा ना जमा कराने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग के द्वारा फंड के जमा ना कराने पर स्कूलों के एमआईएस पोर्टल को बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में 700 स्कूलों को कई प्रकार की
परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
प्रदेशभर में 15 जुलाई से ब्लॉक और जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, इन्ही के आधार पर राज्य स्तरीय टीमों का चयन किया जाएगा, जो आगे राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेगी।
खेलों की तैयारियों को देखते हुए विभाग ने जून की शुरुआत में सभी स्कूलों को स्पोर्ट्स फंड जमा कराने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि फरीदाबाद जिले के करीब 700 स्कूलों में से अभी तक किसी भी स्कूल ने फंड जमा नहीं कराया है। अन्य जिलों से भी इसी तरह की रिपोर्ट सामने आ रही हैं।
फरीदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में फरीदाबाद की होनहार खिलाड़ी मनीषा गिरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। मनीषा ने सीनियर वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए आर्टिस्टिक ग्रुप योगासन एवं आर्टिस्टिक पेयर योगासन स्पर्धाओं में भाग लिया और दोनों ही इवेंट में स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
स, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ता गया। इसके बाद उन्होंने योगिराज कृष्ण अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा अग्रवाल कॉलेज, बल्लभगढ़ में अध्ययन के दौरान योगासन खेल में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। इसी दौरान मनीषा ने दो बार नेशनल गेम्स में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इन सफलताओं ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त किया।
हरियाणा के प्रतिभावान खिलाड़ी दीपेश मोर ने पोलैंड में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में दिनांक 30.05.2026 को देश के लिए ब्रॉन्ज (कांस्य) मेडल जीतकर वैश्विक पटल पर प्रदेश और भारत का नाम चमकाया है। मूल रूप से गांव बड़ौदा (सोनीपत) के निवासी और वर्तमान में सेक्टर-55, फरीदाबाद में रह रहे दीपेश मोर (पुत्र श्री प्रदीप कुमार) ने यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। हाल ही में पोलैंड के वारसॉ में 23 से 31 मई 2026 तक आयोजित 'वर्ल्ड बेंच प्रेस चैंपियनशिप' में भारत की 16 सदस्यीय टीम ने हिस्सा लिया था। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हरियाणा से केवल दीपेश का चयन हुआ था। उ
न्होंने 120 किलोग्राम भार वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और कांस्य पदक अपने नाम किया। पिछले 5 वर्षों (2022) से पावरलिफ्टिंग में कड़ी मेहनत कर रहे दीपेश वर्ष 2026 की हरियाणा स्टेट चैंपियनशिप में गोल्ड व सिल्वर और नेशनल बेंच प्रेस चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। दीपेश ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद, समाज के सहयोग और अपने गुरुजनों को दिया है। उनकी इस वैश्विक सफलता पर फरीदाबाद और सोनीपत में खुशी का माहौल है।
फरीदाबाद, 25 मई : आरटूएफ मॉर्शल ऑर्ट एकेडमी बल्लभगढ़ में सोमवार को बेल्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। एकेडमी के जनरल सेक्रेटरी शियान दुष्यंत सैनी एवं दिवाकर सैनी ने खिलाडियों का बेल्ट टेस्ट लिया। जिसमें खिलाडियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। कोच वंश सैनी ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान यश सैनी अटाली, राहित, दीपा पांचाल, तन्नु ध
नखड़, हिमांशी नरवत ने ब्लैक बेल्ट हासिल किया। वहीं देवांश पांडे, मृगया मोदी, काव्यांश सोलंकी, युवराज ने ऑरेंज बेल्ट हासिल किया। इसी प्रकार शिवांश,दक्ष,दक्ष सैनी,ताबिश खान ने येलो बेल्ट हासिल किया। शियान दुष्यंत सैनी एवं दिवाकर सैनी ने खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को हमेशा खेल की भावना के साथ खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी खेलों में भाग लेकर अपने माता पिता व जिले का नाम रोशन करें। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि नशे से दूर रहे और अपनी मेहनत के दम पर मेडल हासिल करें।
फरीदाबाद : 18 मई : आरटूएफ मॉर्शल ऑर्ट एकेडमी गुरुग्राम द्वारा 6वीं एनसीआर कराटे चैम्पियनशिप 2026 प्रतियोगिता का आयोजन सेक्टर 27 स्थित कम्युनिटी सेंटर में किया गया। जिसमें पूर्व पुलिस महानिरीक्षक हरियाणा सुमन मंजरी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि सीतो राय कराटे स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया के जनरल सेक्ट्री दुष्यंत सैनी, प्रेजिडेंट अतर सिंह सिंधु, आरटूएफ मॉर्शल ऑर्ट एकेडमी के संचालक थर्ड डेन ब्लैक बेल्ट दिवाकर सैनी सहि
त सैकड़ों की संख्या में खिलाडी मौजूद रहे।
फरीदाबाद। दिनांक 19 अप्रैल 2026 को एल.के. इंटरनेशनल स्कूल, बवाना, दिल्ली में आयोजित अंतर-विद्यालयी ताइक्वांडो एवं योगासन प्रतियोगिता में होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल, सेक्टर 29 फरीदाबाद के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 15 स्वर्ण पदक, 1 रजत पदक एवं 2 श्रेष्ठ खिलाड़ी ट्रॉफी अपने नाम की। साथ ही विद्यालय ने प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ टीम ट्रॉफी भी प्राप्त की।
28 मार्च से 11 अप्रैल तक मंगोलिया में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में फरीदाबाद ,बल्लभगढ़ के डीग के रहने वाले 28 साल के लोकेश चौधरी देश का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक पर क़ब्ज़ा किया। द्रोणाचार्य बॉक्सिंग क्लब के कोच डॉ. राजीव गोदारा ने बताया की एशियन बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में भारत की झोली में पाँच स्वर्ण पदक , तीन रजत पदक, आठ कांस्य पदक में आए है । लोकेश चौधरी ने नोएडा में आयोजित 9वीं एलीट मेन नेशनल बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में 80-85 किलोग्राम वर्ग भार में गोल्ड मेडल जीता था, जिसके आधार पर उनका सिलेक्शन एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए किया गया।लोकेश ने भारतीय सेना की तरफ से इसमें भाग लिया था। वह अभी सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे है।
पापा की इच्छा पूरी करने के लिए बना बॉक्सर
लोकेश ने बताया कि 2012 में उन्होंने बॉक्सिंग की प्रैक्टिस करने की शुरूवात की। उन्होंने बॉक्सिंग को आपने पापा नाहर सिंह का सपना पूरा करने के लिए चुना, उनके पिता किसान हैं!
खेल कोटे से आर्मी में हैं कार्यरतःलोकेश ने बताया कि मैं खेल कोटे से आर्मी में भर्ती हुआ हूं. वहां भी हमारे जो सीनियर अफसर है, उनका बहुत ज्यादा सपोर्ट मिल पा रहा है. यही वजह है कि मैं गेम्स के लिए समय निकलता हूं और अपने प्रैक्टिस को लगातार जारी रखता हूं. खेल की वजह से ही मैं आर्मी में हूं. मुझे खेल कोटे से आर्मी में नौकरी मिली है.
2011 से खेल रहे हैं लोकेशःलोकेश ने बताया कि मैंने खेल की शुरुआत 2011 से की थी लेकिन बीच में गेम्स को छोड़ दिया था. बाद में फिर से मैंने गेम्स में वापसी की और आज इस मुकाम पर पहुंचा हूं. इससे पहले 2024 में भी नेशनल चैंपियनशिप में मेरा गोल्ड मेडल था. उससे पहले 2024 में गोवा में नेशनल गेम्स का आयोजन किया गया था जिसमें मेरा सिल्वर मेडल था. इसके अलावा भी कई मेडल मैंने जीता है. मंगोलिया में एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के बाद कॉमनवेल्थ गेम , एशियाई गेम , विश्व चैंपियनशिप , ओलंपिक गेम अब मेरा पूरा फोकस इन्हीं गेम में गोल्ड मेडल लाने पर है.
गांव से निकलकर संघर्ष से पाया मुकामःआपको बता दें लोकेश ऐसा खिलाड़ी है जो एक गांव से आते हैं और उनके पिता किसान हैं. ऐसे में गांव से निकलकर उन्होंने संघर्ष किया और आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं कि देश की सेवा के साथ-साथ बॉक्सिंग क्षेत्र में अपना और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं ,इस संघर्ष के पीछे उनके कोच ओलंपियन व अर्जुन अवॉर्डी हरियाणा पुलिस में कार्यगर्त डीएसपी जय भगवान व अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर डॉ राजीव गोदारा ,मुकेश , प्रदीप का बहुत योगदान है , द्रोणाचार्य बॉक्सिंग क्लब की स्थापना ओलंपियन व अर्जुन अवॉर्डी हरियाणा पुलिस में कार्यगर्त डीएसपी जय भगवान वह अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर डॉ राजीव गोदारा के द्वारा 2013 में की गई थी व इस क्लब ने हर्ष गिल, अनुपमा, हिम्मत सिंह, हर्ष गहलोत, हर्ष शर्मा, तनीषा लांबा, माही सिवाच, अमनदीप, अर्पित , रितेश ,सुखरित , विनीत और ट्विंकल जैसे कई अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर निकाले हैं, तथा इसी क्लब के बच्चे हरियाणा पुलिस ,रेलवे तथा आर्मी मे गवर्नमेंट जॉब में कार्यगर्त हैं। इन्हीं अचीवमेंट्स को देखते हुए हरियाणा सरकार के द्वारा द्रोणाचार्य बॉक्सिंग क्लब को सरकारी खेल नर्सरी दी गई और इसी नर्सरी के कई बच्चे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरीदाबाद जिले का नाम रोशन किया है !
मंगोलिया के उलानबातर में आयोजित हुई एशियन बॉक्सिंग एलीट बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में फरीदाबाद के गांव डीग के युवक लोकेश ने कोरिया के बॉक्सर को हराते हुए तीसरा स्थान हासिल किया है। लोकेश ने 80-85 किलोग्राम वर्ग भार में जीत हासिल की है। लोकेश ने भारतीय सेना की तरफ से इसमें भाग लिया था। वह अभी सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे है।
लोकेश ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगोलिया के उलानबातर शहर में एशियन बॉक्सिंग एलीट बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 का आयोजन किया गया। यह चैंपियनशिप 28 मार्च को शुरू हई जो 11 अप्रैल तक चली। इसमें अलग-अलग देशों के बॉक्सरों ने भाग लिया।
चैंपियनशिप में मेन एंड वूमेन दोनो शामिल रहे। लोकेश ने बताया कि 85 वर्ग किलोभार में उन्होंने कोरिया के बॉक्सर को हराकर तीसरी पोजिशन हासिल की और सिल्वर मेडल हासिल किया।
इससे पहले लोकेश ने तीन महीने पहले 9वीं एलीट मेन एंड वूमेन नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। 6 दिवसीय चैंपियनशिप का आयोजन नोएडा में किया गया था। इसमें पूरे देश से अलग-अलग राज्यों से आकर करीब 32 टीमों ने भाग लिया। इसका आयोजन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ( BFI) के द्वारा कराया गया था।
बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ के डीग गांव के रहने वाले 28 वर्षीय बॉक्सर लोकेश चौधरी मंगोलिया के लिए रवाना हो गए हैं। भारतीय टीम रविवार को मंगोलिया के लिए रवाना हुई। यह प्रतियोगिता 28 मार्च से 11 अप्रैल तक मंगोलिया में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता से पहले 28 मार्च तक खिलाड़ियों का ट्रेनिंग सेशन रखा गया है, जिसके बाद मुकाबले शुरू होंगे।
लोकेश चौधरी का चयन नोएडा में आयोजित 9वीं एलीट मेन नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के आधार पर हुआ है। उन्होंने 80–85 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए अपनी जगह पक्की की थी। इस प्रतियोगिता में उन्होंने भारतीय सेना की ओर से भाग लिया था। वर्तमान में लोकेश भारतीय सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं।
पापा का सपना पूरा करने के लिए चुनी बॉक्सिंग
लोकेश चौधरी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2012 में बॉक्सिंग की प्रैक्टिस शुरू की थी। उन्होंने बॉक्सिंग को अपने पिता नाहर सिंह का सपना पूरा करने के लिए चुना। उनके पिता एक किसान हैं और उन्होंने हमेशा लोकेश को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
खेल कोटे से आर्मी में मिली नौकरी
लोकेश ने बताया कि उन्हें भारतीय सेना में खेल कोटे से भर्ती होने का अवसर मिला। सेना में भी उनके वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलता है, जिससे वह अपनी प्रैक्टिस और खेल को जारी रख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल की बदौलत ही उन्हें सेना में नौकरी मिली है और वह देश की सेवा के साथ-साथ अपने खेल को भी आगे बढ़ा रहे हैं।
कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत चुके हैं मेडल
लोकेश ने बताया कि उन्होंने 2011 से खेल की शुरुआत की थी। हालांकि बीच में कुछ समय के लिए खेल से दूर हो गए थे, लेकिन बाद में फिर से वापसी की और आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। वर्ष 2024 में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था, जबकि गोवा में आयोजित नेशनल गेम्स 2024 में सिल्वर मेडल हासिल किया था। अब उनका लक्ष्य एशियन चैंपियनशिप के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।
गांव से निकलकर बनाया बड़ा मुकाम
गांव से निकलकर संघर्ष के दम पर आज लोकेश देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस सफलता के पीछे उनके कोच ओलंपियन व अर्जुन अवॉर्डी, हरियाणा पुलिस में कार्यरत डीएसपी जय भगवान, अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर डॉ. राजीव गोदारा, तथा कोच मुकेश और प्रदीप का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
द्रोणाचार्य बॉक्सिंग क्लब की स्थापना वर्ष 2013 में डीएसपी जय भगवान और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर डॉ. राजीव गोदारा द्वारा की गई थी। इस क्लब से हर्ष गिल, अनुपमा, हिम्मत सिंह, हर्ष गहलोत, हर्ष शर्मा, तनीषा लांबा, माही सिवाच, अमनदीप, अर्पित, रितेश, सुखरित, विनीत और ट्विंकल जैसे कई अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर निकल चुके हैं।
क्लब के कई खिलाड़ी हरियाणा पुलिस, रेलवे और भारतीय सेना में सरकारी नौकरी कर रहे हैं। क्लब की उपलब्धियों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इसे सरकारी खेल नर्सरी भी प्रदान की है, जहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरीदाबाद जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
फरीदाबाद : शोटोकन कराटे-डो एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा मापुसा गोवा में आयोजित की गई 10वीं इंटरनेशनल कराटे चैम्पियनशिप 2026 में आरटूएफ मॉर्शल ऑर्ट एकेडमी बल्लभगढ के खिलाडिय़ों ने परचम लहराया। प्रतियोगिता में वंश सैनी ने गोल्ड मेडल,मुदित टिकोरिया ने गोल्ड, स्वाति डागर ने गोल्ड, प्रदीप खरेल ने गोल्ड,कृपा श्रेष्ठï ने गोल्ड,अखिल ने गोल्ड,व्योम ने गोल्ड,सुमित स्वामी
गोल्ड,गार्गी खत्री ने गोल्ड,परिशा ने सिल्वर मेडल हासिल किया। आरटूएफ मॉर्शल एकेडमी के जनरल सैक्ट्री दुष्यंत सैनी व कोच दिवाकर सैनी ने बताया कि प्रतियोगिता में खिलाडिय़ों ने बेहतर प्रदर्शन कर 10 गोल्ड व एक सिल्वर मेडल हासिल किया। उन्होंने कहा कि वंश सैनी ने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को रोमांचकारी मुकाबले में हराकर जीत हासिल की। उन्होंने बताया कि वंश सैनी पिछले कई वर्षों से आरटूएफ मॉर्शल ऑर्ट एकेडमी में कराटे का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है और ब्लैक बेल्ट खिलाडी है। उन्होंने बताया कि वंश सैनी के.आर.मंगलम विश्वविद्यालय में बी.एस.सी.एग्रीकल्चर प्रथम वर्ष का छात्र है। आरटूएफ मॉर्शल आर्ट एकेडमी के कोच दिवाकर सैनी ने खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्जवल भवष्यि की कामना की। उन्होंने कहा कि आरटूएफ मार्शल आर्ट एकेडमी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के अंदर छुपी हुई प्रतिभा को निखारने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विजेता खिलाडियों ने अपनी प्रतिभा दिखाकर नेशनल स्तर पर अपने माता पिता का नाम रोशन किया है।
स्टार पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने बड़ा फैसला लिया। विनेश ने संन्यास से वापसी का ऐलान कर कहा कि वह अब अपना अधूरा ओलंपिक सपना पूरा करने के लिए 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारी करेंगी। बता दें कि 2024 में विनेश फाइनल में पहुंचने के बाद पदक नहीं जीत पाई थीं और अब वह उसी अधूरे सपने को पूरा करना चाहती हैं।
विनेश ने सोशल मीडिया पर इसका जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि 'लोग पूछते रहे कि क्या पेरिस अंत था। विनेश ने कहा कि बहुत समय तक, मेरे पास इसका जवाब नहीं था। मुझे मैट से, प्रेशर से, उम्मीदों से, यहां तक कि अपने सपनों से भी दूर जाने की ज
रूरत थी। सालों में पहली बार, मैंने खुद को सांस लेने दिया। मैंने अपने सफर के बोझ को समझने के लिए समय लिया- उतार-चढ़ाव, दिल टूटना, त्याग, मेरे वो रूप जिन्हें दुनिया ने कभी नहीं देखा। और कहीं उस सोच में, मुझे सच मिला, मुझे अब भी यह खेल पसंद है। मैं अब भी मुकाबला करना चाहती हूं।'
उन्होंने आगे लिखा- उस खामोशी में मुझे कुछ ऐसा मिला जिसे मैं भूल गई थी 'आग कभी खत्म नहीं होती'। यह सिर्फ थकान और शोर के नीचे दब गया था। डिसिप्लिन, रूटीन, लड़ाई... यह सब मेरे सिस्टम में है। मैं कितना भी दूर चली जाऊं, मेरा एक हिस्सा मैट पर बना रहा। तो मैं यहां हूं, LA28 की ओर एक ऐसे दिल के साथ वापस कदम बढ़ा रही हूं जो निडर है और एक ऐसी भावना जो झुकने से मना करती है। और इस बार मैं अकेली नहीं चल रही हूं, मेरा बेटा मेरी टीम, मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा, LA ओलिंपिक के इस रास्ते पर मेरे छोटे चीयरलीडर के साथ शामिल हो रहा है।
बता दें कि 2024 पेरिस ओलिंपिक में कुश्ती में विनेश फोगाट इतिहास रचने के बहुत करीब थीं। वह ओलिंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं, लेकिन फाइनल से कुछ घंटे पहले उनका वजन 100 ग्राम ज्यादा पाया गया, जिसके चलते उन्हें मुकाबले से बाहर कर दिया गया। इसके बाद वह बहुत टूट गई और संन्यास की घोषणा की थी।
खिलाड़ियों व पहलवानों से हरियाणा की पहचान होती है। पिछले 7 साल से नए खेल के कोई भी उपकरण नहीं खरीदे गए। उपकरण तब खरीदे गए थे, जब मनोहर लाल खट्टर सीएम थे। जब अनिल विज खेल मंत्री थे। उस समय 30 करोड़ रुपए के खेल उपकरणों की खरीद की गई थी।
ऐसा नहीं है कि खेल विभाग के पास बजट की कमी है। सरकार ने बीते 3 साल में हरियाणा खेल बजट चार गुना बढ़कर 1962 करोड़ रुपए तक कर दिया है। असल में सारा मामला ई-टेंडर और फाइलों में उलझा हुआ है। CM नायब सैनी 4 महीने पहले मंजूरी दे चुके हैं, लेकिन अब फाइल खेल मंत्री के पास अटकी है।
पिछले दिनों जर्जर बॉस्केट पोल गिरने से रोहतक ने नेशनल प्लेयर हार्दिक राठी और बहादुरगढ़ में अमन की मौत हो गई। इसके बाद से खेल विभाग हरकत में है। सभी जर्जर व पुराने खेल ढांचे बदलने के आदेश दिए गए हैं।
सरकारी भर्तियों में खेल कोटे के नाम पर फर्जीवाड़ा अब बड़े स्तर पर सामने आया है। राज्य सरकार को भेजी गई जांच रिपोर्ट में खेल विभाग ने कई खिलाड़ियों के प्रमाणपत्रों को संदिग्ध, अमान्य और यहां तक कि फर्जी घोषित किया है।
रिपोर्ट में कई ऐसे सर्टिफिकेट भी पाए गए हैं, जो न तो किसी मान्यता प्राप्त राज्य संघ की ओर से जारी किए गए हैं और न ही राष्ट्रीय महासंघ या इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध हैं। एसोसिएशन ने बिना मान्यता के ही खेल के प्रमाणपत्र खिलाड़ियों को जारी कर दिए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों के सर्टिफिकेट की सूची बनाकर संबंधित फेडरेशनों से सत्यापन कराया गया। जांच में बड़ी संख्या ऐसे प्रमाणपत्र निकले, जो संबंधित एसोसिएशन से संबद्ध नहीं है। उन पर सर्टिफिकेट फर्जी और मान्य नहीं है जैसी टिप्पणियां दर्ज की गईं हैं।
जांच रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि ताइक्वांडो, एथलेटिक्स, वॉलीबाल, थ्रोबाल और सर्कल कबड्डी के प्रमाणपत्रों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं मिलीं। ताइक्वांडो में कई खिलाड़ियों के सर्टिफिकेट मान्य नहीं पाए गए। कोई भी दस्तावेज मान्यता प्राप्त राज्य संघ से जारी नहीं हुआ था, जबकि कुछ में राष्ट्रीय फेडरेशन की मान्यता ही नहीं थी। एथलेटिक्स में कई प्रमाणपत्र सीधे फर्जी घोषित हुए।
संबंधित संघ ने स्पष्ट लिखा कि ऐसे किसी खिलाड़ी का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। वॉलीबाल व थ्रोबाल में भी कई सर्टिफिकेट ऐसे निकले जिन पर दर्ज उपलब्धियां असत्य साबित हुईं। कबड्डी में कई खिलाड़ियों के प्रमाणपत्र न मान्यता प्राप्त संघ से जारी पाए गए और न ही इवेंट के वर्ष में फेडरेशन की कोई अधिकृत प्रतियोगिता हुई थी।





















