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by : pramod goyal
प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर और पूरी व्यवस्था को पारदर्शी करने के लिए हरियाणा सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला किया है। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए कई नियम कानून बनाए गए हैं। प्राइवेट स्कूलों को उनको मानना जरूरी होगा ऐसा न होने पर उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है।
हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने इसे सिर्फ एक
कागजी कार्रवाई बताया है मंच का कहना है कि ऐसे कानून पहले से ही बने हुए हैं प्राइवेट स्कूलों ने आज तक उनका पालन नहीं किया है।

बनाए गए नियम कानून:
*सरकार ने प्राइवेट स्कूलों द्वारा कैश में फीस लेने पर रोक लगा दी है।
* प्राइवेट स्कूल सालाना 10% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। लेकिन फीस बढ़ाने की कार्रवाई को टीचरों की तनख्वा बढ़ाने से जोड़ा गया है।
* यह भी नियम बनाया गया है कि छात्र व उनके अभिभावकों को स्कूल के अंदर से ही किताब कॉपी स्टेशनरी आदि खरीदने को मजबूर नहीं किया जाएगा। अब अभिभावक कहीं से भी यह खरीदने को स्वतंत्र होंगे।
* एनसीईआरटी की किताब की जगह प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें लगाने पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

* कोई भी स्कूल छमाई या वार्षिक आधार पर फीस नहीं लेगा। सिर्फ मासिक आधार पर ही फीस वसूल की जाएगी।
* स्कूल में प्रवेश के समय पहली, छठी, 9वीं और 11वीं कक्षा में दाखिले के समय पर भुगतान योग्य दाखिला फीस ली जा सकेगी।
* स्कूलों को स्पष्ट किया गया है कि बोर्ड परीक्षाओं की ही केवल एग्जाम फीस ली जाएगी। कई स्कूल अन्य कक्षाओं के लिए भी एग्जाम फीस का प्रावधान रखते हैं, इसलिए किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल को किसी भी छात्र के लिए अन्य वार्षिक परीक्षाओं या अन्य परीक्षाओं के लिए फीस के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
*हरियाणा व सीबीएसई बोर्ड के सभी स्कूलों को इनको मानना अनिवार्य किया गया है। 
यह नियम 2022-23 के शैक्षणिक सत्र से लागू किए जाएंगे। 2022-23 के शैक्षणिक सत्र से निजी स्कूलों के नकद फीस लेने पर भी रोक लगा दी गई है। स्कूलों को चेक या ऑनलाइन माध्यम से ही फीस जमा करवानी होगी। देखा गया है कि कई शैक्षणिक संस्थान कैश से छात्रों की फीस लेते है जबकि कागजों में फीस कुछ और ही दर्शाई जाती है। अब हर स्कूल फीस जमा करने की प्रक्रिया को खुली और पारदर्शी रखेगा।
स्कूलों को निदेशालय के आदेश अनुसार अगले सत्र से फीस लेनदेन के कार्य को पूरा करना होगा। इसमें कोई भी मनमानी स्कूल नहीं दिखा सकेंगे। छात्रों से फीस डीडी, एनईएफटी, चेक, आरटीजीएस या अन्य किसी डिजिटल माध्यम से ली जाएगी।  सभी प्राइवेट स्कूलों के लिए इन नियमों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
3 बार से अधिक दोषी पाए जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने का प्रावधान रखा गया है।
नए बनाए गए कानूनों के बारे में हरियाणा अभिभावक एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा व प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों को फीस बढ़ाने की अनुमति देने से पहले सरकारी ऑडिटर से उनके आय व्यय व खातों की जांच व ऑडिट करानी चाहिए और उनके द्वारा गैर कानूनी मदों में किए गए खर्चों व लाभ के पैसे को अन्य जगह ट्रांसफर करने की भी जांच करनी चाहिए। अगर स्कूल लाभ में दिखाई देते हैं तो उनको फीस  बढ़ाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। ऑल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष एडवोकेट वीएस विरदी व मंच की महिला सेल की संयोजक पूनम भाटिया ने कहा है कि फीस को लेकर जो नए कानून बनाए गए हैं उनमें से अधिकांश पहले से ही  शिक्षा नियमावली 2003 व सीबीएसई के नियम कानूनों में शामिल हैं। स्कूल संचालकों द्वारा इनके  उल्लंघन की जानकारी मंच ने सबूत के साथ चेयरमैन फीस एंड फंड्स रेगुलेटरी कमेटी (एफएफआरसी), अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा व चेयरमैन सीबीएसई  को कई बार दी है लेकिन दोषी स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की गई है। मंच की मांग है कि प्राइवेट स्कूल फायदे में हैं या घाटे में यह जानने के लिए सभी प्राइवेट स्कूलों के पिछले 10 साल के खातों की जांच व ऑडिट सीएजी से होनी चाहिए।

by : pramod goyal

 भारतीय जनता पार्टी व्यापारी हितों के लिए सदा ही कार्य करती आ रही है पार्टी के इस हितों के कार्यों को देखते हुए ब्यापार मंडल के प्रधान राजेश भाटिया ने जिला उपायुक्त संग एक बैठक की, जिसमें, प्रधान ने व्यापारियों के व्यापार को बढ़ाने हेतु दुकानों की समय सीमा को बढ़ाने का भी आग्रह किया जोकि 6:00 बजे से बढ़कर रात्रि 8:00 बजे तक हो। ब्यापार मंडल के प्रधान ने 1-2 चौक खुलवाने व उस पर रेड-लाइट लगाने का आग्रह किया।  ब्यापार मंडल के प्रधान ने ब्यापार मंडल के प्रांगण में चल रहे कोविड-19 के टीकाकरण शिविर को सुचारू रूप से चलाए रखने पर, जिला उपायुक्त महोदय का आभार व्यक्त किया। अंत में लीज-शुदा दुकानों की फ्री होल्ड योजना को पुनः लागू कर समय सीमा को आगामी कुछ माह आगे बढ़ाने का भी आग्रह किया। इस बैठक में प्रधान राजेश भाटिया संग नीरज मिगलानी (प्रधान ओल्ड फरीदाबाद व्यापार मंडल), बिट्टू पंजाबी (प्रधान व्यापार मंडल बल्लभगढ़), जितेंद्र भारद्वाज (चावला कॉलोनी बल्लभगढ़),सुधीर भाटिया (उपप्रधान), अमर बजाज (उप प्रधान), बंसीलाल कुकरेजा (महासचिव), हरीश कुमार सेठी (उप प्रधान), अजय अरोड़ा (सह कोषाध्यक्ष), गगन अरोड़ा (संयुक्त सचिव), रिंकल भाटिया, प्रेम बब्बर, बलजीत भाटिया, जतिन मलिक शामिल थे।


by : pramod goyal

 नई दिल्ली: 

उत्तर पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास इलाके में बीती रात एक घर में छिपे बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई. बदमाश पूरी बिल्डिंग को उड़ाने की धमकी दे रहे थे. पुलिस ने मुश्किल से बिल्डिंग में रह रहे 15 परिवारों को बाहर निकाला और फिर 3 घंटे के ऑपरेशन के दोनों बदमाशों को ढेर कर दिया गया. इस दौरान इमारत में रह रहे बच्चे सहम गए. उत्तरी पूर्वी दिल्ली के डीसीपी संजय सेन के मुताबिक- 11-12 अगस्त की दरमियानी रात एसएचओ खजूरी खास को एसएचओ बेगमपुर के माध्यम से श्री राम कॉलोनी, खजूरी खास के इलाके में भारी हथियारों और गोला-बारूद के साथ वांछित अपराधियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. तुरंत उन्होंने एक टीम गठित की और श्री राम कॉलोनी पहुंचे. 

डीसीपी रोहिणी प्रणव तायल के मुताबिक- इसी बीच  रोहिणी जिले के बेगमपुर थाने की टीम भी पहुंच गई और उनके साथ हो गई. इसके बाद पुलिस टीम उस घर में पहुंची जहां जहां दो संदिग्ध व्यक्ति छिपे हुए थे. मकान के मालिक ने इमारत की दूसरी मंजिल के एक कमरे में दो व्यक्तियों के होने की पुष्टि की. चूंकि आरोपी व्यक्तियों के पास भारी हथियार और विस्फोटक होने का संदेह था और श्री राम कॉलोनी का क्षेत्र घनी आबादी वाला है और अन्य किरायेदार भी इमारत में रह रहे थे, इसलिए हर संभव सावधानी बरती गई. इमारत में रह रहे सभी 15 परिवारों और बच्चो को सुरक्षित निकाला गया.


पुलिस टीम दूसरी मंजिल पर पहुंची और अंदर से बंद कमरे का दरवाजा खटखटाया और दरवाजा खोलने को कहा. लेकिन दरवाजा खोलने के बजाय, कमरे के अंदर के लोगों ने टीम को धमकी दी तुम यहां से चले जाओ, हमारे पास काफी मात्रा में हथियार और गोला बारूद है. हम खुद को भी खत्म कर लेंगे और इस पूरी बिल्डिंग को उड़ा देंगे. वो बार-बार यही धमकी दे रहे थे कि "अगर तुम यहां से नहीं गए तो हम खुद को गोली मार लेंगे और साथ ही सबको मार देंगे. पुलिस टीम ने उन्हें शांत करने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे आक्रामक थे और पुलिस के बार-बार अनुरोध पर कोई ध्यान नहीं दिया. पुलिस टीम ने चुपके से खिड़की से कमरे के अंदर देखा तो दो व्यक्तियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिन्होंने पिस्टल अपनी कनपटी में तान रखी थी. पुलिस ने उनका फोटो भी लिया. खिड़की के पास पुलिस की मौजूदगी को देखते हुए उन्होंने फायर कर दिया. बगल के कमरे में एक परिवार रहता था. पुलिस टीम ने उन्हें बाहर निकाला और गंभीरता को भांपते हुए अन्य लोगों को भी इमारत से बाहर निकाला.

by : pramod goyal
फरीदाबाद। उपायुक्त यशपाल ने कहा कि कोरोना पाॅजीटिव मामलों में संपर्क लोगों की पहचान तथा क्वारेंटाइन करने के बाद उनकी निगरानी सही प्रकार से होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में क्वारेंटाइन किए व्यक्ति को बाहर न आने दें। इ
नकी लगातार माॅनीटिरिंग की जाए।
उपायुक्त सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए सभी को जीरो टोलरेंस नीति पर काम करना होगा। जिन क्षेत्रों से अधिक मामले आएं हैं, वहां पर सर्वे का काम पूरी गंभीरता के साथ पूरा किया जाए। कंटेनमेंट जोन व साथ लगते बफर जोन में सभी घरों में आईएलआई के पैसंेट की पहचान की जाए। अभी तक जिला में मरीजों व उनके संपर्क में रहे लोगों को जल्दी ट्रैस किया गया, जिस कारण कोरोना के फैलाव पर काफी नियंत्रण रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इसी प्रकार कार्य करती रहें, ताकि जिला में कोरोना के मामलों में कमी आए। आईएलआई के मरीजों की पहचान के लिए जो भी सोर्स तैयार किए गए हैं, उनसे निरंतर संपर्क किया जाए तथा उनके क्षेत्रों में ऐसे पैसेंट का पता चलता है तो उसे तुरंत निगरानी में लिया जाए। इसी प्रकार सभी अस्पतालों को भी निर्देश दिए जाएं कि वे अपने अस्पताल को प्रतिदिन अच्छी तरह से सेनेटाइज अवश्य करवाएं। कोरोना को एक चैलेंज के रूप में लें तथा इसे हर हालत में जिला में खत्म करने का प्रयास करें। सभी प्रकार की एसओपी तैयार हो चुकी है। इस एसओपी के अनुसार कार्य करते रहेंगे तो निश्चित ही हम बेहतरी की और आएंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र के एसडीएम कंटेनमेंट जोन में वेंडर्स की लिमिट तय कर दें। उन्होंने कहा कि जिन प्रवासी लोगों को बाहर भेजा जाना है, उनका मेडिकल चेकअप कर उन्हें सर्टिफिकेट अवश्य दिया जाए। सभी बसों को भी सेनेटाइन करवाया जाए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त आरके सिंह, एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, एसडीएम बल्लबगढ़ त्रिलोकचंद, एसडीएम बड़खल पंकज सेतिया, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सतबीर मान, सीटीएम बलिना, सीएमओ डा. कृष्ण कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राकेश मोर, उप सिविल सर्जन डा. रामभगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।