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by : pramod goyal
फरीदाबाद- लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होते ही फरीदाबाद में विकास को गति देने के लिए उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने फरीदाबाद के सेक्टर-16 स्थित रेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागवार चर्चा की, लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया के चलते सुस्त पड़े विकास कार्यों की गोयल ने समीक्षा की और उन्हे गति देने पर ज़ोर दिया। गर्मी बढ़ने के साथ जहां-जहां पानी की किल्लत है उन इलाकों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चत करने पर उन्होंने खास ध्यान दिया, गोयल ने बैठक में मौजू
द अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे इलाके में पानी की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करें, इसके अलावा जिन इलाकों में लाइटें बिगड़ी पड़ी हैं वहां तत्काल प्रभाव से बंद पड़ी लाइटों को बदला जाए और जहां अंधेरे से परेशानी हो रही है वहा सर्वे करा कर नई लाइटें लगाई जाएं। इससे पहले जनसंपर्क के दौरान कई इलाकों में लोगों ने पार्कों की और दूसरी समस्याओं पर मंत्री जी का ध्यान आकर्षित कराया था, सभी समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए शिकायत के निराकरण की दिशा में प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूरे करने पर कैबिनेट मंत्री ने ज़ोर दिया, कई जगह लोगों ने सड़कों की मांग की थी, सभी की मांगों पर गौर करते हुए उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां जहां सड़कें खराब हैं उन जगहों का सर्वे कर रिपोर्ट उनके समक्ष जल्द से जल्द प्रस्तुत करें, उन्होंने कहा कि एक बार प्रतिवेदन आने के बाद जल्द ही बजट सेंग्शन कराकर कार्यों को अतिशीघ्र पूरा किया जाए। कैबिनेट मंत्री ने साफ शब्दों ने कहा कि लापरवाही किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
by : pramod goyal
फरीदाबाद।  फरीदाबाद के तीन वरिष्ष्ठ पत्रकारों  के खिलाफ  गैरकानूनी
तरीके से मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी करने के मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश
के आला पुलिस अधिकारियों को अदालत में जवाब दाखिल ना करने पर फटकार लगाई
है। इस मामले में पीडि़त पत्रकारों ने माननीय  हाईकोर्ट में याचिका दायर
की थी, जिसकी सुनवाई के दौरान हरियाणा एवं पंजाब हाईकोर्ट ने राज्य के
तत्कालीन डीजीपी बीएस संधू, फरीदाबाद के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अमिताभ
ढिल्लो, तत्कालीन डीसीपी सुखबीर सिंह पहलवान, क्राईम ब्रांच सैक्टर 30
के
प्रभारी रहे इंस्पेक्टर संदीप मोर सहित कुछ और पुलिस कर्मचारियों को
नोटिस जारी करते हुए कहा था कि क्यों ना इस मामले में आपके खिलाफ सुप्रीम
कोर्ट की अवमानना का मुकदमा चलाया जाए। इस मामले में 23 मई तक उपरोक्त
पुलिस अधिकारियों को अदालत में अपना जवाब दाखिल करना था। पंरतु उपरोक्त
तिथि तक उक्त अधिकारी अपना जवाब दाखिल नहीं कर पाए। 23 मई को हाईकोर्ट
में सुनवाई के दौरान हरियाणा के सीनियर डिप्टी अटार्नी जनरल ने अदालत से
प्रार्थना की कि उक्त पुलिस अधिकारियों को जवाब दाखिल करने के लिए कुछ और
समय की मोहलत दी जाए। इस पर माननीय न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर ने अदालत
में मौजूद संबंधित पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि अगली
तिथि तक जवाब दायर ना किया तो उन्हें इसकी भारी कीमत अदा करनी पड़ेगी।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर 2019 निश्चित की है। पीडि़त
पत्रकारों की ओर से अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता एस.एस. बराड़, एडवोकेट पवन
सांखला व ललित सांखला पेश हुए।
by : pramod goyal
नई दिल्ली: 
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का दौर लगातार तीसरे दिन भी जारी है. तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार को फिर तेल के दाम बढ़ा दिए. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल के दाम 14 पैसे जबकि चेन्नई में 15 पैसे प्रति लीटर बढ़ गए हैं. डीजल के दाम में दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 12 पैसे जबकि चेन्नई में 13 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है.
by : pramod goyal
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019  (Lok Sabha Election 2019)  में कांग्रेस अपनी करारी हाल को अभी भूली भी नहीं थी कि उसके सामने 6 और बड़े संकट खड़े हो गए हैं. कांग्रेस पार्टी पर अब आने वाले तीन राज्यों में- हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन को लेकर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इतना ही नहीं कांग्रेस के सामने मध्य प्रदेश, कर्नाटक और राजस्थान में सरकार बचाने का भी संकट है. लोकसभा चुनाव परिणाम (Lok Sabha Election Result 2019) के दो दिन बाद यानी शनिवार  कांग्रेस  के खराब प्रदर्शन के कारणों पर मंत्रणा करने के लिए कांग्रेस कार्यकारिणी समिति (CWC)) की बैठक हुई. बताया जा रहा है कि इस बैठक में राहुल गांधी  (Rahul Gandhi)  ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन कांग्रेस कार्यकारिणी समिति के सदस्यों ने उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया. सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई. कांग्रेस पार्टी को इस लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार कर वोटरों को लुभाने की कोशिश भी की थी, लेकिन नतीजों ने कांग्रेस को बहुत आश्चर्य की स्थिति में डाल दिया. लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) में कांग्रेस को 543 में से सिर्फ 52 सीटें ही मिलीं.  इसी प्रदर्शन के बाद कांग्रेस पार्टी इन 6 बड़ी संकटों से घिर गई है
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by : pramod goyal
आरटीए डिपार्टमेंट फरीदाबाद के मुखिया एवयं एडीसी फरीदाबाद और सचिव आरटीए श्री धर्मेंद्र सिंह के आदेश के अनुसार एवंश्री राजकुमार राणा(अस्सिटेंट आर.टी..) एवम सतीश आचार्य के मार्गदर्शन में राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नंबर 3 एनआईटी फरीदाबाद के प्रांगणमें एन एस एस यूनिट के सहयोग से श्री देवेंद्र सिंह  रोड सेफ्टी ओमनी फाउंडेशन  सुशील कुमार  कणवा की अगुवाई में आज रोड सेफ्टी अवेयरनेस ड्राइवचलाई गई जिसके तहत रोड सेफ्टी ओमिनी फाउंडेशन के चेयरमैन श्री देवेंद्र सिंह ने नौंवी से बारहवीं तक के छात्रों को रोड पर सतर्क रहने  यातायात के नियमोंके पालन के बारे विस्तार से बताया। 

इस अवसर पर हिमांशु भट्ट 
,आशीष मंगला , जसविंदर कौर ने भी राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्रों को संबोधित करते हुए यातायात के नियमों का पालन करने केलिए अपील की  सड़क पर वाहन चलते समय सड़क सुरक्षा के निर्देशों के बारे में बतायाइसके साथ साथ हिमांशु द्वारा विधायथियो को हेलमेट से जुड़ीजानकारी देते हुए उनके हेलमेट के उपयोग से जुड़े महवपूर्ण बाते बताई। इसके साथ स्कूल में विद्यार्थियों की साईकलों पर रिफ्लेक्टर लगये गए।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी सुशील कुमार कणवा ने यातायात के नियमों को सही तरीके से पालन करने के लिए राष्ट्रीयसेवा योजना के स्वयंसेवकों को एक शपथ भी दिलाई  इस अवसर पर विद्यालय इंचार्ज राजेश शर्मा प्राध्यापक शिवदत्त भाटीप्राध्यापक डॉक्टरजितेंद्र शर्मा,प्राध्यापक वीरेंद्र पाल , प्राध्यापक ताराचंद  विद्यालय पीटीआई रविंद्र मलिक का विशेष योगदान रहा  

by : pramod goyal
फरीदाबाद: अवकाश के दिनों में अरावली के पत्थरचोर और ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं और अवैध खनन कर कई -कई डम्फर पत्थर चुराकर ले जाता हैं। ये कहना है बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एलएन पाराशर का जिन्होंने बताया कि शनिवार सुबह मुझे सूचना मिली कि सूरजकुंड-पाली रोड के किनारे कुछ लोगों ने जंगल के अंदर जाने वाले रास्ते पर बड़े-बड़े पत्थर लगा दिए हैं और अंदर खुद अवैध खनन कर रहे हैं और शाम को ये रास्ता खोल देंगे और खनन से नि
कले पत्थरों को डम्फर में भरकर ले जाएंगे। 
वकील पाराशर ने कहा कि सूचना सही मान मैं मौके पर गया तो देखा रास्ते को बड़े-बड़े पत्थरों से रोका गया है ताकि अगर किसी विभाग के अधिकारी को भी इसकी सूचना मिले तो उनकी गाड़ी आगे न बढ़ सके। वकील पाराशर ने कहा कि जहाँ रास्ता रोका गया था वहाँ से आधा किलोमीटर की दूरी पर अवैध खनन हो रहा था। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार अवकाश रहता है इसलिए पत्थर माफिया इस दिन बड़ा खेल खेलते हैं। उन्होंने कहा कि एक डम्फर पत्थर लगभग 25 हजार रूपये का बिकता है और अगर माफिया दिन में पांच डम्फर पत्थर भी ले जाते होंगे तो दिन भर में ही वो सवा लाख रूपये कमा लेते हैं। पाराशर ने कहा कि एक गरीब आदमी दिन पर मेहनत करता है तो पूरे महीने में 20 हजार रूपये भी नहीं कमा पाता और ये माफिया एक-एक दिन में लाखों कमा रहे हैं। पाराशर ने कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति ने बताया कि ये सब खनन विभाग के अधिकारीयों की मिलीभगत से होता है। अधिकारी माफिया को बोल देते हैं कि छुट्टी के दिनों में पत्थर चुराना ताकि मेरे ऊपर कोई आरोप न लगा सके और मैं कह सकूं कि उस दिन छुट्टी का दिन था, मैं मौजूद नहीं था। 

by : pramod goyal
फरीदाबाद, 25 मई - जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनबीए) द्वारा तीन और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की मान्यता प्राप्त की है। एनबीए द्वारा विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों को मान्यता प्रदान करना विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जाने वाली तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता का दर्शाता है और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय संस्थान के रूप में पहचान बनाने के ध्येय को मजबूत बनाता है।
इस उपलब्धि के लिए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने सभी शिक्षकों तथा कर्मचारियों को बधाई दी है तथा कुलाधिपति एवं हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारा
यण आर्य, मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा का आभार जताया है, जिनके सहयोग से तकनीकी शिक्षा में उच्च मानदंड स्थापित कर विश्वविद्यालय को यह उपलब्धि हासिल हुई और विश्वविद्यालय राज्य सरकार द्वारा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता लाने के अपने मिशन में भागीदार बनने में सक्षम बना। विश्वविद्यालय के विभिन्न इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को मान्यता मिलने से विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण स्नातकों को अमेरिका तथा इंग्लैंड सहित विभिन्न देशों के पाठ्यक्रमों के समकक्ष समानता मिलेगी।
विश्वविद्यालय के दो बीटेक पाठयक्रमों को तीन वर्ष तथा एक एमटेक पाठ्यक्रम दो वर्ष के लिए एनबीए द्वारा श्रेणी-1 प्रारूप में मान्यता प्राप्त हुई है। जिन पाठ्यक्रमों को मान्यता प्राप्त हुई है, उनमें इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और इंफोरमेशन टेक्नोलाॅजी में बी.टेक तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एमटेक शामिल हैं।
इससे पूर्व, विश्वविद्यालय के चार बीटेक पाठयक्रमों कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंस्ट्रूमेंटल एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग में बी.टेक तथा मास्टर्स आफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन को जनवरी 2018 में एनबीए मान्यता प्राप्त हुई थी। इस प्रकार, विश्वविद्यालय के लगभग सभी प्रमुख इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों कोे एनबीए मान्यता प्राप्त हो गई है। 
यह मान्यता वाशिंगटन समझौते के अनुरूप है, जिसमें एनबीए भी एक हस्ताक्षरकर्ता है। वाशिंगटन समझौते की अनुपालना के अनुरूप, वाईएमसीए विश्वविद्यालय के एनबीए श्रेणी-1 मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों को अन्य हस्ताक्षरकर्ता देशों में वैश्विक मान्यता हासिल होगी, जिनमें आस्ट्रेलिया, कनाडा, ताइवान, हांगकांग, आयरलैंड, जापान, इंग्लैंड तथा अमेरिका शामिल हैं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी इन देशों में अकादमिक जरूरतों को पूरा करने के दृष्टिगत इंजीनियरिंग कार्यों को करने में सक्षम होंगे।
by : pramod goyal
फरीदाबाद, 24 मई। गेहूं ऋण में देरी से नाराज नगर निगम सफाई कर्मचारियों ने आज चौथे दिन भी निगम मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद इन कर्मचारियों ने गगनभेदी आवाज में  नारेबाजी करते हुए वित्त नियंत्रक का घेराव किया। नाराज कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक निगम प्रशासन ने ब्याज मुक्त गेहूं ऋण देने का प्रबंध नहीं किया तो सोमवार को टूल डाऊन हड़ताल का ऐलान कर दिया जाएगा। आज के प्रदर्शन की अध्यक्षता नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर ने की तथा मंच का संचालन सचिव सोमपाल झिझोटिया ने कि
या।
कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व जिला सचिव नानकचंद खैरालिया ने कहा कि प्रदेश की कई दर्जनों पालिका, परिषद व निगमों में वित्त स्थिति कमजोर होने के कारण कर्मचारियों को समय पर वेतन एवं वेतन से संबंधित लाभ नहीं मिल पा रहे है। श्री शास्त्री ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों व वर्तमान सरकार की नीतियों में फर्क नहीं है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने हाऊस टैक्स, डवलेपमेंट चार्ज सहित कई टैक्सों की दरें कम कर शहरी स्थानीय निकाय स्वशासन संस्थाओं की कमर तोड़ का काम किया था। भाजपा सरकार ने दो कदम आगे बढ़ाते हुए शराब व व्हीकल टैक्स पर रोक लगाकर इन संस्थाओं को और ज्यादा कमजोर करने का काम किया। उन्होंने कहा कि वित्त संकट से जूझ रही इन संस्थाओं में जहां पहले से ही कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं है उनको जनस्वास्थ्य विभाग के जल व मल का कार्य सौंपा जा रहा है। इसके बाद इन संस्थाओं में आर्थिक संकट और गहरा सकता है। संघ अपनी चिरपरिचित मांगों को लागू करवाने के लिए आगामी 15-16 जून को कुरूक्षेत्र में राज्य सम्मेलन आयोजित कर आन्दोलन का ऐलान करेगा।
आज की सभा को अन्य के अलावा कर्मी नेता श्री नंद ढकोलिया, बिशनस्वरूप तेवतिया, जितेन्द्र, रगबीर चौटाला, विजय चावला, बल्लू चिण्डालिया, दर्शन सिंह सोया, प्रेमपाल, महेन्द्र कुण्डिया, वेद प्रकाश, दान सिंह, नरेश कुमार भगवाना, देशराज डाबर, सूरजकीर, महिला विंग की नेता माया, कमला, शकुन्तला, सत्तो देवीर सहित अनेकों कर्मचारी मौजूद थे।

by : pramod goyal
फरीदाबाद ।  हरियाणा में सीएम पद के तीनों कांग्रेसी धुरंधर भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, अशोक तंवर और कुमारी शैलजा लोकसभा चुनाव हार गए है। ऐसी स्थिती में जब चार माह बाद ही हरियाणा में विधानसभा चुनाव होना है और कांग्रेस के शीर्ष नेता ही हासिये पर आ गए है। इससे न के
वल विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की स्थिति पर फर्क पडेगा, बल्कि नेताओं की कमी से चुनाव लडऩे के इच्छुक दावेदार भी कांग्रेस बामुश्किल मिल पायेगें। कल तक हर कोई कांग्रेस की टिक्ट पाने के लिए ललायित था, अब अपने बड़े नेताओं की दुर्गति देखकर वे भी चुनाव से कन्नी काट सकते है। 2014 में जब देश में मोदी की लहर थी, जब भी कांग्रेस ने रोहतक की सीट जीतकर अपनी लाज बचा ली थी। लेकिन इस बार तो कांग्रेस  का सूपडा ही साफ हो गया। कांग्रेस हाईकमान ने हालांकि प्रदेश के सभी बड़े नेताओं को चुनाव लड़ाकर ये देखने का प्रयास किया था कि कोन कितने पानी में है। लेकिन कोई भी आलाकमान की आकांक्षाओं पर खरा नहीं उतरा। कांग्रेस की हार का सबसे बड़ा कारण बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं का न होना और संगठन के चुनाव न होना तथा बड़े नेताओं में आपसी खीचतान अधिक  है। जबकि भाजपा व आरएसएस के कार्यकर्ता न केवल जिला स्तर पर बल्कि बूथ स्तर पर पूरी तरह सक्रिय नजर आए। जिस तरह जींद का उपचुनाव रणदीप सुरजेवाला हारे थे, अब उसी तरह कांग्रेस के तीनों दिज्गज नेताओं का चुनाव हार जाना, उनके लिए जरूर शकुन की बात हो सकता है।