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हरियाणा में अब टैक्स चोरी और फर्जीवाड़ा करने वालों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी। सीएम नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार करों की दरें बढ़ाए बिना अपना राजस्व (टैक्स कलेक्शन) मजबूत करेगी। इसके लिए तकनीक का इस्तेमाल कर टैक्स चोरी और लीकेज पर नकेल कसी जाएगी।
सीएम सैनी बुधवार को चंडीगढ़ में स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट (SJHIFM) द्वारा आयोजित ‘हरियाणा की अपनी कर-राजस्व व्यवस्था’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि AI का उद्देश्य केवल निगरानी रखना नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था बनाकर ईमानदार करदाताओं को सुगम सेवाएं देना भी है।
- जीएसटी (GST), संपत्ति पंजीकरण, परिवहन (व्हीकल डेटा), बिजली बिल, शहरी विकास और अन्य सरकारी प्रणालियों के डेटा को आपस में लिंक किया जाएगा।
- अलग-अलग विभागों से मिलने वाले डेटा को AI और मशीन लर्निंग के जरिए एनालाइज किया जाएगा। इससे कारोबारियों की वास्तविक आर्थिक गतिविधियों और उनके द्वारा जमा किए गए टैक्स का मिलान आसानी से हो सकेगा।
- एडवांस डेटा एनालिटिक्स के जरिए संदिग्ध लेनदेन और टैक्स लीकेज वाले क्षेत्रों की तुरंत पहचान (रिस्क आइडेंटिफिकेशन) हो जाएगी, जिससे टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी।
'पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0' और 'ऑटो म्यूटेशन सिस्टम' जैसे सुधारों के जरिए इंतकाल और रजिस्ट्रेशन को फेसलेस व पारदर्शी बनाया जा रहा है।

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