फरीदाबाद। अभी तक आपने कर्मचारी वर्ग ही अपनी मांगो को लेकर आंदोलन करते देखे होंगे। लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है कि अधिकारी भी कर्मचारी यूनियन की आड़ लेकर न केवल धरना -प्रर्दशन कर रहे है। बल्कि भाजपा की ओछी राजनीती का शिकार हो रहे है।
निगम एक्स ई एन डालचंद शर्मा और पार्षद दीपक यादव विवाद में एक्स ई एन डालचंद शर्मा ने कर्मी यूनियन के साथ मिलकर इतनी हवा दीऔर निगम प्रसाशन को पार्षदों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने का दबाव बनवाया। कर्मचारी यूनियन भी न जाने क्यों अधिकारी का इस कदर समर्थन कर रही है। जबकि विवाद केवल इतना है कि एक्स ई एन डालचंद शर्मा भाजपा के अपने एक आका के कहने पर जनहित कार्यो में अड़ंगा लगा रहे थे। उन्हें आम जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है, केवल अपने राजनैतिक आका को खुश करना है। पार्षद दीपक यादव भी उनके कार्यालय में स्वीकृत कार्यो को चालू न करवाने के लिए ही गए थे। लेकिन एक्सईएन सबके सामने पल्ला झाड़ते नजर आये। अधिकारी द्वारा यूनियन बाजी करके धरना - प्रदर्शन करना कहा तक उचित है और आला अधिकारी इस पर क्या कारवाही करेंगे। यह सोचनीय विषय है।
बल्लभगढ़ में सड़कों पर गंदगी का अंबार, सीवर का भी बह रहा है पानी - क्या यहीं विकास है ! एक तरफ मोहना रोड पर बन रहे उपरगामी पूल के निर्माण में देरी के कारण इस सड़क पर जहां आम लोगों का चलना तक दूभर हो गया है , वही इस रोड पर दुकानदारो का काम काज भी सड़क दुर्दशा के चलते बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जून 2024 में शुरू हुए इस पुल के निर्माण के चलते दो वर्ष से अधिक हो गए है। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने का नाम ही नहीं ले रहा है। दो साल से मोहना रोड पर जगह जगह गड्ढे और कीचड़ के कारण के चलते यहां पर वाहन तो क्या, लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। जबकि इस रोड पर कई बैंक है।
ऐसा ही हालत बल्लभगढ़ की दूसरी सड़कों की भी है , जहां गंदगी के अम्बार लगे हुए है और सीवर का गन्दा पानी सड़कों पर सवछंद विचरण कर रहा है। बरसात के दिनों में तो मिल्क प्लांट रोड पर नाली और सीवर बंद होने से कई कई फुट पानी भर जाता है। जिसमे निकलकर जाना जोखिम से भरा कार्य नहीं है। इसके अलावा सड़को पर आवारा पशुओ का आतंक कम नहीं हुआ है। उधर, सरकार बार बार आवारा पशुओ पर लगाम लगाने के लिए नए नए कानून बनाने का ढिढोरा पीट रही है। शहर की इन समसयाओ प् जनप्रतिनिधियों का मौन रहना भी चिंता का विषय है। अगर पार्षद इन समस्याओ का निराकरण के आवाज भी उठाते है, तो निगम अधिकारी स्वीकृत कार्यों में अड़ंगा लगा देते है।
फरीदाबाद। प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंदर और प्रभारी संजय दत्त के सामने ही कांग्रेस नेता न केवल एक दूसरे पर दोषारोपण करते नजर आये, बल्कि अपनी हार का ठीकरा फोड़ने के लिए कांग्रेस की महिला उम्मीदवार रही नेत्री ने कांग्रेस के अन्य नेताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए कुत्ता जैसे शब्द का प्रयोग किया। इसके बाद तो कांग्रेस की बैठक में हंगमा हो गया और दूसरे कांग्रेस नेताओं ने इस कांग्रेस नेत्री को जमकर खरी खोटी सुनाई। बैठक सार्वजानिक स्थान पर न होने के कारण भी कई पुराने नेताओं इससे दूरी बनाकर रखी। पंजाबियो की उपेक्षा का मुद्दा भी मीटिंग उठाया गया।
हरियाणा में कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर मजबूत करने के लिए आला कमान ने अरसे बाद जिला व ब्लॉक स्तर कांग्रेस संघटन का गठन किया और कांग्रेस के सभी घटकों पुनर्गठन किया। ताकि चुनावों में भाजपा का ब्लॉक स्तर पर मुकाबला किया जा सके। लेकिन इस पुनर्गठन में न केवल समाज के दूसरे वर्गों विशेषकर पंजाबी समाज की अनदेखी की गई, बल्कि वर्षों से पार्टी के साथ जुड़े नेताओं को भी दरकिनार कर दिया गया। जिससे जमीनी स्तर पर कांग्रेस संघठन को मजबूत करने का पार्टी का सपना अभी अधूरा ही माना जायेगा।
कांग्रेस को अगर भाजपा की तरह पार्टी का जिला से लेकर ब्लॉक लेवल पर मजबूत आधार बनाना है तो समाज के सभी अंगों को साथ लेकर चलना पड़ेगा।
क्या फरीदाबाद में यूथ कांग्रेस का कोई संघठन है ?
क्या फरीदाबाद में यूथ कांग्रेस का कोई संघठन है और अगर है तो उसके पदाधिकारी कौन है। क्योंकि आज तक उन्हें किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होते नहीं देखा गया है। जबकि पूरे देश में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे यूथ कांग्रेस के कर्यकर्ता ही सबसे आगे रहते है
। लेकिन ऐसा फरीदाबाद में नहीं है। यहां यूथ कांग्रेस ने न तो अपने दम पर कोई प्रोटेस्ट किया है और न ही कांग्रेस के अन्य प्रोटेस्टो में नजर आये है।
फरीदाबाद में ऐसे भी कई कांग्रेसी नेता है, तो बड़े आन्दोलनो में भाग लेने से पहले ही अपने आप को हाउस अरेस्ट करवा देते है। ताकि प्रचार भी हो जाये और पुलिस के डंडों से भी बचे रहे। सड़को पर उतरने की बजाय ऐसे नेता केवल जुबानी खर्च से ही काम चला देते है। जबकि प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने वाले नेता और कार्यकर्त्ता न तो पुलिस के हाथ लगते है और न ही दिखावा करते है।
पेपर लीक के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। 22.79 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी।
NTA डीजी अभिषेक सिंह ने कहा- इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं।
परीक्षा दोबारा कराई जाएगी, 6-8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा।
उधर, केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंप दी है। एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया।
वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से दिल्ली में इस मामले में मीडिया ने सवाल पूछा तो वह बिना कुछ बोले निकल गए।
फरीदाबाद। जवाहर कॉलोनी, एयरफोर्स रोड के निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। गलियों में गंदा सीवर का पानी स्वछंद विचरण कर रहा है। जिसके चलते यहां रहने वाले बछ महिला और पुरुषों का घरों से निकलना भी दूभर हो गया। ऊपर से बीमारियों का खतरा अलग से बना हुआ है।
जवाहर कॉलोनी की गलियों में सीवरयुक्त इस गंदे पानी का जमाव अपने आप नहीं हुआ है, बल्कि यह प्रसाशन निकम्मेपन का परिणाम है। नाली और नालों खुदाई करके छोड़ दी गई है। जिसे बनाने का काम तीव्र गति से नहीं हो रहा है। जिसके कारण नाली और नाले भी टूट गए है और गन्दा पानी सड़कों पर जमा हो गया है। एक गली के टूटे नाले का निर्माण पूरा होता नहीं कि दूसरी गली की नाली को भी तोड़ दिया जाता है। कुल मिलकर सरकार में विकास केवल तोड़फोड़ को ही मान लिया गया है।
क्या आज हरियाणा की राजनीति में मनोहर लाल खट्टर वास्तव में भाजपा के राजनीतिक चाणक्य साबित हो रहे हैं? घटनाओं की श्रृंखला को देखें तो यह सवाल अब केवल चर्चा नहीं, बल्कि एक कठोर सच्चाई बनता जा रहा है।





