HEADLINES


More

by : pramod goyal

 फरीदाबाद। साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने एस्कॉर्ट सर्विस उपलब्ध कराने के नाम पर एक व्यक्ति से 2 लाख 30 हजार 800 रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेश (27) और राहुल (24), निवासी रैनवाल, जयपुर, राजस्थान के रूप में हुई है। सुरेश ठगी के लिए पीड़ित से फोन पर बातचीत करता था, जबकि राहुल व्हाट्सऐप के माध्यम से चैट करता था।


पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में पूर्व में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार सेक्टर-3, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दी थी कि 19 नवंबर 2025 को उसने गूगल पर एस्कॉर्ट सर्विस के संबंध में सर्च किया था। सर्च के दौरान उसे एक मोबाइल नंबर मिला। उक्त नंबर पर उसने व्हाट्सऐप के माध्यम से बातचीत शुरू की।

इसके बाद 22 नवंबर 2025 को एक अन्य मोबाइल नंबर से पीड़ित के पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने उसे फरीदाबाद के एक होटल में आने के लिए कहा और एस्कॉर्ट सर्विस उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

आरोपियों ने सर्विस उपलब्ध कराने से पहले अलग-अलग बहाने बनाकर पीड़ित से रकम जमा करवानी शुरू कर दी। उससे होटल एंट्री चार्ज, वीआईपी चार्ज, जीएसटी

चार्ज और एस्कॉर्ट सर्विस चार्ज सहित विभिन्न मदों के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2,30,800 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।

रकम ट्रांसफर करने के बाद भी पीड़ित को न तो कोई सर्विस उपलब्ध कराई गई और न ही उसकी रकम वापस की गई। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला और उसने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दी। शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों से संबंधित जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पूछताछ में सामने आया कि सुरेश इस गिरोह में कॉलर की भूमिका निभाता था, जबकि राहुल व्हाट्सऐप पर पीड़ितों से चैट करता था।

सुरेश ही ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध करवाता था। दोनों आरोपी एक ही कस्बे के रहने वाले हैं और उनकी मुलाकात एक चाय की दुकान पर हुई थी। इसके बाद दोनों ने मिलकर साइबर ठगी का काम करना शुरू किया। दोनों आरोपी 12वीं कक्षा तक पढ़े हुए हैं। 

इस मामले में तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सुरेश और राहुल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क और ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों तथा अन्य माध्यमों की जांच की जा रही है।

by : pramod goyal


 फरीदाबाद। विदेश भेजने और वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक साइबर सिंडिकेट का फरीदाबाद पुलिस की साइबर थाना सेंट्रल टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए सिंडिकेट के चार आरोपियों को ऊना, हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर विदेश भेजने के नाम पर रील डालकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जगमोहन सिंह उर्फ जग्गी निवासी गांव दौलतपुर, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश, हर्ष कुमार उर्फ हर्षू निवासी गांव करमपुर, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश, हिमालय उर्फ हैरी निवासी मोहल्ला वेद्य हेमराज, जिला शहीद भगत सिंह नगर, पंजाब, हाल निवासी गांव करमपुर, हिमाचल प्रदेश तथा गगन सैनी निवासी गांव करमपुर, ऊना, हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है।

पुलिस ने चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया हुआ है। जिनसे पूछताछ कर, उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा उनके द्वारा की गई संभावित वारदातों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जगमोहन सिंह उर्फ जग्गी इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है, जबकि हर्ष कुमार उर्फ हर्षू उसका पार्टनर है। दोनों ने ऊना के पालिका बाजार में विदेश भेजने के नाम पर एक कार्यालय संचालित किया हुआ था।

आरोपी विदेश भेजने के नाम पर लोगों को आकर्षित करने के लिए इंस्टाग्राम पर रील डालते थे। इसी क्रम में आरोपियों ने जॉर्जिया में वर्क वीजा पर भेजने के संबंध में भी इंस्टाग्राम पर रील डाली हुई थी। फरीदाबाद निवासी शिकायतकर्ता ने इंस्टाग्राम पर रील देखी और आरोपियों के संपर्क में आया।

इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता को जॉर्जिया में वर्क वीजा पर भेजने का झांसा दिया और इसके एवज में 50 हजार रुपये गगन सैनी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जांच में सामने आया कि गगन सैनी खाताधारक है, जबकि उसका बैंक खाता आरोपी हिमालय उर्फ हैरी द्वारा उपलब्ध कराया गया था।

*आर्मेनिया के नंबर से करते थे बातचीत*

जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि शिकायतकर्ता से आर्मेनिया देश के विदेशी नंबर से फोन पर बातचीत की गई थी। पुलिस के अनुसार यह विदेशी नंबर हर्ष कुमार और हिमालय उर्फ हैरी ने जगमोहन को उपलब्ध कराया था।

पूछताछ में सामने आया कि हर्ष कुमार और हिमालय उर्फ हैरी पहले आर्मेनिया में काम कर चुके हैं और वहां से भारत लौटने के बाद दोबारा विदेश जाने के प्रयास के दौरान उनकी मुलाकात जगमोहन से हुई थी। इसके बाद तीनों ने मिलकर विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी करने का नेटवर्क तैयार किया।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अब तक 20 से 25 वारदातों को अंजाम देने की बात बताई है। हालांकि इन वारदातों से संबंधित पूरी जानकारी अभी रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से अन्य पीड़ितों, बैंक खातों, सोशल मीडिया अकाउंट और सिंडिकेट से जुड़े अन्य सदस्यों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।

पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें 2 मोबाइल नंबर आर्मेनिया देश के बताए जा रहे हैं। पुलिस इन मोबाइल फोन और विदेशी नंबरों की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार न्यू बसेल्वा कॉलोनी, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति के साथ फरवरी 2026 में जॉर्जिया देश में वर्क वीजा पर भेजने के नाम पर 50 हजार रुपये की ठगी की गई थी। शिकायतकर्ता ने इंस्टाग्राम पर विदेश भेजने के संबंध में एक रील देखी थी। रील के माध्यम से आरोपियों से संपर्क करने के बाद उसे वर्क वीजा पर जॉर्जिया भेजने का झांसा दिया गया और उससे 50 हजार रुपये ले लिए गए।

शिकायत के आधार पर 7 मई 2026 को साइबर थाना सेंट्रल, फरीदाबाद में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं अन्य माध्यमों से जांच आगे बढ़ाते हुए आरोपियों की पहचान की और ऊना, हिमाचल प्रदेश पहुंचकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।

फरीदाबाद पुलिस की आमजन से अपील है कि सोशल मीडिया पर विदेश भेजने, वर्क वीजा अथवा विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों और रील्स पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को पैसा देने से पहले उसकी पूरी जानकारी और वैधता की जांच करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर सूचना दें।


by : pramod goyal


 फरीदाबाद। साइबर अपराधियों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 2 खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। एक मामले में आरोपी के बैंक खाते में फोन हैक कर ठगी किए गए 45 हजार रुपये आए थे, जबकि दूसरे मामले में आरोपी के खाते में ठगी के 22 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।


*पहला मामला-फोन हैक कर खाते से उड़ाए 45 हजार रुपये*

पहले मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने सतीश (28) निवासी रायसेन, मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खाते में फोन हैक कर की गई साइबर ठगी की 45 हजार रुपये की रकम आई थी।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार गांव गोठरा निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दी थी कि 23 मई 2026 को उसके मोबाइल फोन को किसी अज्ञात व्यक्ति ने हैक कर लिया। इसके बाद उसके बैंक खाते से 45 हजार रुपये निकल गए। शिकायत के आधार पर साइबर थाना एनआईटी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने उस बैंक खाते की जानकारी जुटाई, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। जांच के आधार पर खाताधारक सतीश को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में सामने आया कि सतीश ही उक्त बैंक खाते का खाताधारक है और उसके खाते में ठगी की पूरी 45 हजार रुपये की रकम आई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी 12वीं कक्षा तक पढ़ा है और फैक्टरी में मजदूरी का काम करता है।


*दूसरा मामला-पिता का जानकार बनकर महिला से ठगी*

दूसरे मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने वारिश (19) निवासी मथुरा, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है। जिस पर आरोप है कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल पिता का जानकार बनकर की गई साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार सेक्टर-21, फरीदाबाद निवासी एक महिला ने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दी थी कि उसके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को उसके पिता का जानकार बताया और कहा कि उसके पिता ने उसके पास 15 हजार रुपये भेजने के लिए कहा है।

इसके बाद शिकायतकर्ता के मोबाइल पर 10 हजार और 50 हजार रुपये जमा होने के मैसेज भेजे गए। इन मैसेज पर विश्वास करते हुए शिकायतकर्ता ने बिना अपने बैंक खाते का वास्तविक बैलेंस चेक किए कथित पिता के जानकार द्वारा बताए गए बैंक खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

बाद में जब शिकायतकर्ता ने अपने बैंक खाते का बैलेंस चेक किया तो उसे पता चला कि उसके खाते में कोई रकम जमा नहीं हुई थी। इसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने मामले की शिकायत साइबर थाना एनआईटी में दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने उस बैंक खाते की जानकारी जुटाई, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा रकम ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने खाते के धारक वारिश को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि वारिश के बैंक खाते में साइबर ठगी की 22 हजार रुपये की रकम आई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी 5वीं कक्षा तक पढ़ा है और वर्तमान में बेरोजगार है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद। हरियाणा को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे नशामुक्त हरियाणा अभियान के तहत फरीदाबाद पुलिस एवं हरियाणा राज्य नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नीमका रोड स्थित सदर बल्लभगढ़ क्षेत्र के कांवड़ शिविर में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।


कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा राज्य नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशों तथा फरीदाबाद के संयुक्त पुलिस आयुक्त एवं पुलिस उप महानिरीक्षक श्री राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के नेतृत्व में किया गया।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कांवड़ यात्रियों, स्थानीय नागरिकों एवं युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान निरीक्षक प्रकाश चंद, प्रभारी थाना सदर बल्लभगढ़ ने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि इससे परिवार और समाज पर भी गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नशे की लत व्यक्ति को अपराध की ओर भी धकेल सकती है और इससे युवा पीढ़ी का भविष्य प्रभावित होता है।


कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया गया कि वे नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, रोजगार एवं समाजहित के कार्यों में लगाएं।

कांवड़ शिविर में मौजूद बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों, स्थानीय नागरिकों एवं युवाओं ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की। सभी ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने का संकल्प लिया।

डॉ० अशोक, उप निरीक्षक हरियाणा राज्य नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। सामूहिक प्रयासों से ही नशे की समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। पुलिस द्वारा नशे की तस्करी एवं बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ आमजन को जागरूक करने के लिए भी लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम भी हरियाणा राज्य नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो द्वारा 24 जुलाई से 27 अगस्त तक चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का हिस्सा है।

फरीदाबाद पुलिस की आमजन से अपील है कि यदि किसी व्यक्ति को नशे की बिक्री या तस्करी से संबंधित कोई जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना फरीदाबाद पुलिस की कंट्रोल रूम नंबर 9999150000, 0129-2227200 या डायल 112 या स्थानीय पुलिस या फिर टोल फ्री नंबर 9050891508 को दें, ताकि नशे के कारोबार में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।

by : pramod goyal

 फरीदाबाद। अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 की टीम ने NIT फरीदाबाद स्थित बिजली के सामान की दुकान से कॉपर की तार चोरी करने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अयुब (34) निवासी जिला गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी चोरी के करीब 8-9 मामले दर्ज है।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सेक्टर-8 निवासी विनय ने थाना कोतवाली में शिकायत दी थी कि उसकी NIT फरीदाबाद में बिजली के सामान की दुकान है। शिकायत के अनुसार 9 फरवरी 2026 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने दुकान से कॉपर की तार चोरी कर ली थी। शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 की टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी अयुब को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर 9 फरवरी की रात दुकान के शटर का ताला लोहे की रॉड से तोड़ा और दुकान के अंदर रखी कॉपर की तार चोरी कर ली।

पुलिस के अनुसार आरोपी और उसके साथी वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथ एक गाड़ी लेकर आए थे। चोरी की गई कॉपर की तार को गाड़ी में डालकर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामले में पुलिस द्वारा अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों से वारदात से संबंधित 70 हजार रुपये, चोरी में इस्तेमाल की गई गाड़ी तथा लोहे की रॉड बरामद की जा चुकी है। 

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अयुब के खिलाफ पूर्व में भी चोरी के करीब 8-9 मामले दर्ज हैं। 

गिरफ्तार आरोपी को पूछताछ एवं बरामदगी के लिए माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात में शामिल उसके अन्य साथियों तथा चोरी किए गए सामान के संबंध में पूछताछ की जाएगी।


by : pramod goyal

 फरीदाबाद- फरीदाबाद पुलिस द्वारा चोरो पर लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिस पर सेक्टर-50 स्थित कंपनी से एसी गैस के बॉक्स चुराने के मामले में क्राईम ब्रांच सेर्टर-16 की टीम ने 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान राहुल व आमिर वासी खैरथल राजस्थान के रुप में हुई है।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अरुण वासी दिल्ली ने थाना डबुआ में दी अपनी शिकायत में बताया कि वह डबुआ पाली रोड सेक्टर-50 स्थित एक कंपनी में सुपरवाइजर है, 2 अगस्त 2026 को दोपहर 2.30 बजे उसके पास एक व्यक्ति का फोन आया की आपकी कंपनी की दिवार टूटी हुई है तथा कंपनी से कुल 59 एसी गैस के बॉक्स चोरी हुए है, जिस शिकायत पर थाना डुबआ में चोरी से संबधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। 

पुछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी दोस्त है तथा एक ही गांव के रहने वाले है, आरोपितों के एक अन्य साथी ने चोरी की प्लानिंग की थी, दोनों आरोपी 2 अगस्त के दिन अपने अन्य साथियों के साथ ऑटो में सवार होकर आये थे, और लोहे की रोड से कंपनी की पीछे की दिवार तोड दी, तथा 59 एसी बाक्स को ऑटो में रखकर वहां से फरार हो गये, ऑटो आरोपी आमीर का था। दोनों को माननीय न्यायलय में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। 


by : pramod goyal

 फरीदाबाद। सेक्टर-12 फरीदाबाद निवासी अधिवक्ता एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने अधिवक्ता कुणालकांत शर्मा को कथित रूप से डीसीपी सेंट्रल, फरीदाबाद कार्यालय से थाना सेंट्रल ले जाकर लगभग डेढ़ घंटे तक रोके जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस आयुक्त फरीदाबाद, थाना सेंट्रल के एसएचओ, हरियाणा राज्य मानवाधिकार आयोग तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को लिखित शिकायत एवं स्वतंत्र प्रतिवेदन भेजा है।


अधिवक्ता एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने अपने प्रतिवेदन में कहा कि अधिवक्ता कुणालकांत शर्मा, जिला न्यायालय फरीदाबाद, अपनी शिकायत के संबंध में 5 अगस्त 2026 को लगभग 12:30 बजे डीसीपी सेंट्रल कार्यालय पहुंचे थे। पीड़ित अधिवक्ता द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, उन्हें लगभग 1 बजे के बाद डीसीपी सेंट्रल कार्यालय में रोका गया तथा बाद में थाना सेंट्रल ले जाया गया, जहां उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक बैठाकर रखा गया।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि उन्हें कथित रूप से यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि उन्हें किस एफआईआर, डीडी/जीडी एंट्री अथवा अन्य वैधानिक आधार पर रोका गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कुछ साथी अधिवक्ताओं के थाना सेंट्रल पहुंचने तथा पुलिस अधिकारियों से इस संबंध में पूछताछ किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।

अधिवक्ता मोहन तिवारी ने कहा कि घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए डीसीपी सेंट्रल कार्यालय एवं थाना सेंट्रल की सीसीटीवी फुटेज, संबंधित डीडी/जीडी/रोजनामचा, विजिटर रजिस्टर तथा अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साक्ष्य हो

सकते हैं। इसके अलावा घटना से संबंधित उपलब्ध फोटो एवं वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका प्रतिवेदन किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत शिकायत की पैरवी के रूप में नहीं, बल्कि एक अधिवक्ता एवं नागरिक के रूप में व्यक्तिगत स्वतंत्रता, नागरिक गरिमा, अधिवक्ताओं के अधिकारों तथा विधि के शासन से जुड़े व्यापक जनहित में है।

डॉ. तिवारी ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि 5 अगस्त की घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज एवं सरकारी रिकॉर्ड तत्काल सुरक्षित कराए जाएं। साथ ही यह निष्पक्ष रूप से निर्धारित किया जाए कि अधिवक्ता को किस अधिकारी के निर्देश पर, किस समय और किस वैधानिक आधार पर थाना सेंट्रल ले जाया गया तथा उन्हें वहां रोके जाने का वास्तविक कारण क्या था।

उन्होंने घटना के समय मौजूद पुलिस अधिकारियों एवं प्रत्यक्षदर्शी अधिवक्ताओं के बयान दर्ज करने तथा उपलब्ध फोटो-वीडियो को जांच में शामिल करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी द्वारा कानून, निर्धारित प्रक्रिया अथवा मानवाधिकारों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।

अधिवक्ता मोहन तिवारी ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक या अधिवक्ता की स्वतंत्रता और गरिमा से जुड़े मामलों में पारदर्शी जांच आवश्यक है, ताकि कानून के शासन एवं संस्थाओं के प्रति आम नागरिकों का विश्वास कायम रहे।

by : pramod goyal

 फरीदाबाद 8 अगस्त ‌  केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 10 अगस्त को ‌ होने वाले आक्रोश प्रदर्शन और जेल भरो आंदोलन में  ‌ सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन ( सीटू) के ‌ सैकड़ो कार्यकर्ता भाग लेंगे। इस ‌ आक्रोश प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए ‌ जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल फरीदाबाद के ‌ द्वारा हजारों हैंड बिल छपवाये  गए हैं। सीटू  के जिला प्रधान निरंतर पाराशर,‌ जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल , ‌ स्टार वायर यूनियन के प्रधान सुदर्शन और भारत गियर लिमिटेड के प्रधान रवि , सचिव मनोज और कोषाध्यक्ष प्रेम  और ‌ ऑटो रिक्शा ड्राइवर यूनियन के सदस्य जसवंत ने आज इन पर्चों  को ‌ विभिन्न कारखानों के श्रमिकों के बीच में वितरित किया। श्रमिकों के नेताओं  ने कहा कि मजदूरों, किसानों और आम जनता के अधिकारों तथा रोजी-रोटी से जुड़े सवालों को लेकर चलाए जा रहे इस संघर्ष


में सभी को सहयोग ‌ देना  चाहिए।

‌ क्योंकि कि केंद्र की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण किसान, मजदूर और आम जनता को  ‌ भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा, खेती की बढ़ती लागत और कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। अभी  तक ‌ किसानों  की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)  की मांग को ‌लागू नहीं किया। 
 श्रम कानूनों को कमजोर करके चार श्रम संहिताएं ‌ बनाकर इनको लागू किया जा रहा है। ठेका प्रथा और अस्थायी रोजगार बढ़ रहा है। तथा न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार की गारंटी जैसे सवालों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सभी मजदूरों को सम्मानजनक वेतन, स्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और श्रम अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मनरेगा को मजबूत करने, काम के दिनों और मजदूरी में बढ़ोतरी, ग्रामीण मजदूरों को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा देने, सार्वजनिक क्षेत्र को बचाने तथा शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की भी जरूरत है। खाद्य पदार्थों, सब्जियों, दूध, रसोई गैस, खाद्य तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। बेरोजगारी लगातार गंभीर समस्या बनी हुई है। सरकार को महंगाई पर रोक लगाने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के ठोस कदम उठाने चाहिए। बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटर योजना को तुरंत रोका जाना चाहिए।  यह आंदोलन केवल मजदूरों और किसानों का नहीं, बल्कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रही पूरी आम जनता का संघर्ष है।
उन्होंने प्रदेश के मजदूरों, किसानों, खेत मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों से अपील की कि वे 10 अगस्त के ‘जेल भरो’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होकर इसे सफल बनाएं और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।

by : pramod goyal

 फरीदाबाद/नूंह। हरियाणा प्रदेश को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से हरियाणा राज्य नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान के तहत लगातार विभिन्न वर्गों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। हरियाणा राज्य नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशों तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त फरीदाबाद एवं उप महानिरीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के नेतृत्व में नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान निरंतर जारी है।


इसी अभियान के अंतर्गत बस अड्डा नूंह स्थित चालक प्रशिक्षण केंद्र में चालक प्रशिक्षणार्थियों के लिए एक दिवसीय नशा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुल 159 चालक प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षणार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के साथ-साथ सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और नशामुक्त जीवन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को बताया गया कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। नशे के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे सामाजिक एवं आर्थिक समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं।

विशेष रूप से वाहन चालकों को समझाया गया कि वाहन चलाते समय किसी भी प्रकार के नशे का सेवन बेहद खतरनाक है। नशे की स्थिति में चालक का वाहन पर नियंत्रण और सड़क पर परिस्थितियों को समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे गंभीर सड़क दुर्घटनाएं घटित होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने और वाहन चलाते समय पूरी तरह नशामुक्त रहने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में तोफिक अहमद, इंदरीश, भगत सिंह, इस्माइल, रती मोहम्मद, वली मोहम्मद तथा मोहम्मद फारुख सहित कुल 159 चालक प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। सभी प्रशिक्षणार्थियों को नशे से होने वाले व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जागरूक किया गया।

*24 जुलाई से 27 अगस्त तक विशेष जागरूकता अभियान*

चालक प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित यह कार्यक्रम 24 जुलाई से 27 अगस्त तक चलाए जा रहे विशेष नशा जागरूकता अभियान का हिस्सा है। अभियान के तहत समाज के विभिन्न वर्गों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करते हुए युवाओं एवं आमजन को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

पुलिस का उद्देश्य केवल नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि जागरूकता के माध्यम से लोगों को नशे की गिरफ्त में आने से रोकना और समाज में नशामुक्त वातावरण तैयार करना भी है। इसी दिशा में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, युवाओं, वाहन चालकों और आम नागरिकों के बीच लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।