फरीदाबाद की संजय कॉलोनी में एक 24 वर्षीय युवक पर चाकू से हमला करने का मामला सामने आया है। घायल युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद आरोपी अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
घायल युवक की पहचान सूरज के रूप में हुई है। सूरज के पिता ईश्वर शर्मा ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी अपने पति से अलग रह रही है और पार्वती कॉलोनी में अभिषेक नाम के युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती है। इसी बात को लेकर सूरज और अभिषेक के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। दोनों के बीच पहले भी कई बार झगड़ा और गाली-गलौज हो चुकी थी।
मंगलवार की शाम करीब 7 बजे सूरज और अभिषेक के बीच फोन पर फिर से कहासुनी हो गई। इसके कुछ देर बाद अभिषेक अपने कुछ दोस्तों के साथ संजय कॉलोनी में सूरज के घर पहुंच गया। उसने सूरज को घर से बाहर बुलाया। बाहर आते ही दोनों के बीच फिर से बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
फरीदाबाद में नगर निगम की टीम ने बुधवार को जमाई कॉलोनी और आसपास वन विभाग की जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। निगम ने करीब 12 जेसीबी मशीनों की मदद से झुग्गियों और अवैध पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर जमीन को कब्जामुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
नगर निगम के लीगल एडवाइजर संदीप आचार्य ने बताया कि वन विभाग की जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे किए गए थे। कहीं झुग्गियां बना ली गई थीं तो कहीं पक्के निर्माण खड़े कर दिए गए थे।
संदीप आचार्य ने कहा कि कार्रवाई से पहले सभी कब्जाधारकों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे और स्वयं कब्जा हटाने का पर्याप्त समय भी दिया गया था। इसके बावजूद जब कब्जे नहीं हटाए गए तो निगम को बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।
उन्होंने बताया कि निगम का उद्देश्य केवल जमीन खाली कराना नहीं, बल्कि वन क्षेत्र को उसके मूल स्वरूप में वापस लाना है। कब्जे हटाने के बाद पूरे क्षेत्र से मलबा भी हटाया जाएगा और उसके बाद यहां बड़े स्तर पर पौधारोपण कर दोबारा जंगल विकसित किया जाएगा।
भारत-जापान सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने आज जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फुकुओका प्रीफेक्चरल गवर्नमेंट के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप महानिदेशक श्री नाकानो शिन्या ने किया। प्रतिनिधिमंडल में फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव जनरल श्री मिसावा रेइइचिरो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा कर मानव संसाधन आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग तथा संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। यह यात्रा विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में फुकुओका स्थित उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की संभावनाओं का आकलन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। यह पहल जापान सरकार के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है जिसके अंतर्गत आगामी पाँच वर्षों में 50,000 कुशल भारतीय पेशेवरों को जापान में अवसर उपलब्ध कराए जाने हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने औपचारिक रूप से सेतु (स्ट्रैटेजिक एक्सचेंज फॉर टैलेंट एंड यूनिवर्सिटी को
लैबोरेशन) - प्रतिभा एवं विश्वविद्यालय सहयोग के लिए रणनीतिक आदान-प्रदान का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पहल के अंतर्गत विश्वविद्यालय ने स्वयं को हरियाणा के लिए जापान सहयोग का केंद्र विकसित करने की परिकल्पना प्रस्तुत की, जिसके माध्यम से प्रतिभा संवर्धन, उद्योग सहयोग, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट तथा छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।
साथ ही विश्वविद्यालय ने एक सुव्यवस्थित तीन-चरणीय प्रतिभा विकास मॉडल भी प्रस्तावित किया, जिसमें प्रथम चरण में इंटर्नशिप, द्वितीय चरण में कॉर्पोरेट नेटवर्किंग एवं भर्ती तथा तृतीय चरण में दीर्घकालिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। यह मॉडल भारत सरकार के कुशल भारतीय प्रतिभाओं को जापान से जोड़ने के राष्ट्रीय उद्देश्य को भी सुदृढ़ करेगा।
CBI ने 5 हजार करोड़ रुपए के दवा घोटाले के मामले में हरियाणा कैडर के IPS अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है। गहलावत 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, अभी उनकी तैनाती नागरिक उड्डयन विभाग में महानिदेशक के रूप में है।
CBI का आरोप है कि इस नकली दवा घोटाले के मुख्य आरोपी को जांच में राहत दिलवाने के लिए ये रिश्वत मांगी गई थी। आरोपी ने इसके लिए 3 करोड़ रुपए की डील भी हुई थी।
इस मामले में पहले भी दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर और दो निजी व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। दीपक मूल रूप से सोनीपत के निजामपुर माजरा गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता हरियाणा पुलिस सब इंस्पेक्टर से रिटायर है और माता पीजीआई रोहतक में ANM रही हैं।
अवसर फाउंडेशन और फोर्थ वॉल प्रोडक्शंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नाटक “खुशी कहां रहती है?” ने दर्शकों को भावुक करने के साथ-साथ जीवन का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। ईएसआई मेडिकल कॉलेज के सुश्रुत सभागार में आ
योजित इस प्रस्तुति में विविध क्षमताओं वाले बच्चों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से यह बताया कि सच्ची खुशी भौतिक वस्तुओं में नहीं, बल्कि अपनी पसंद का कार्य करने और जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण से जीने में निहित होती है।
हरियाणा में मानसून अगले 48 घंटों में एंट्री करेगा। मंगलवार दोपहर मानसून देहरादून और हिमाचल के मंडी तक पहुंच गया। आज मानसून से पहले अंबाला और यमुनानगर में बारिश हुई। पंचकूला में भी दोपहर बाद बादल छाए रहे।
बंगाल की खाड़ी से आ रही मानसूनी हवाएं सबसे पहले यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के रास्ते हरियाणा में प्रवेश करेंगी। इसके बाद करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत होते हुए दिल्ली-एनसीआर और दक्षिणी हरियाणा (गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल) को कवर करेगा।
मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों के भीतर हरियाणा के अधिकतर इलाकों में मानसूनी बारिश की संभावना जताई है। वहीं सोमवार को प्रदेश के 11 शहरों में तापमान 40 डिग्री से अधिक रहा।
फरीदाबाद: 30 जून का दिन, फरीदाबाद पुलिस परिवार के लिए भावुक एवं गौरवपूर्ण रहा। पुलिस विभाग में वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले 6 पुलिसकर्मियों की सेवानिवृत्ति के अवसर पर सेक्टर-21C स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय के सभागार में सम्मानजनक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त NIT, उतम एवं भलाई निरीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस द्वारा जुआ अधिनियम के तहत सट्टा खाई करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिसके चलते 29 जून को अपराध शाखा सेक्टर-16 एवं अपराध शाखा एनआईटी की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जुआ की ₹61,720 की राशि बरामद की है।
फरीदाबाद, 30 जून - भारत-जापान सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने आज जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फुकुओका प्रीफेक्चरल गवर्नमेंट के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप महानिदेशक श्री नाकानो शिन्या ने किया। यह बैठक भारत के महावाणिज्य दूतावास, फुकुओका की अनुशंसा पर आयोजित की गई थी।
प्रतिनिधिमंडल में फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव जनरल श्री मिसावा रेइइचिरो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा कर मानव संसाधन आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग तथा संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। यह यात्रा विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में फुकुओका स्थित उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की संभावनाओं का आकलन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। यह पहल जापान सरकार के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है जिसके अंतर्गत आगामी पाँच वर्षों में 50,000 कुशल भारतीय पेशेवरों को जापान में अवसर उपलब्ध कराए जाने हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने औपचारिक रूप से सेतु (स्ट्रैटेजिक एक्सचेंज फॉर टैलेंट एंड यूनिवर्सिटी कोलैबोरेशन) - प्रतिभा एवं विश्वविद्यालय सहयोग के लिए रणनीतिक आदान-प्रदान का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पहल के अंतर्गत विश्वविद्यालय ने स्वयं को हरियाणा के लिए जापान सहयोग का केंद्र विकसित करने की परिकल्पना प्रस्तुत की, जिसके माध्यम से प्रतिभा संवर्धन, उद्योग सहयोग, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट तथा छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय ने एक सुव्यवस्थित तीन-चरणीय प्रतिभा विकास मॉडल भी प्रस्तावित किया, जिसमें प्रथम चरण में इंटर्नशिप, द्वितीय चरण में कॉर्पोरेट नेटवर्किंग एवं भर्ती तथा तृतीय चरण में दीर्घकालिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। यह मॉडल भारत सरकार के कुशल भारतीय प्रतिभाओं को जापान से जोड़ने के राष्ट्रीय उद्देश्य को भी सुदृढ़ करेगा।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डीन (शैक्षणिक मामले) प्रो. अतुल मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय एवं कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने अपने संबोधन में भारत और जापान के साझा सांस्कृतिक मूल्यों एवं कार्य संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1969 में भारत-जर्मनी संयुक्त परियोजना के रूप में स्थापित यह विश्वविद्यालय कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार एवं स्टार्टअप इनक्यूबेशन के क्षेत्र में सशक्त पहचान रखता है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का जापान के एहिमे विश्वविद्यालय के साथ पहले से ही शैक्षणिक समझौता है तथा विश्वविद्यालय जापान के लिए प्रशिक्षित एवं उद्योग-उन्मुख मानव संसाधन तैयार करने हेतु तीन-चरणीय संरचित मॉडल विकसित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
डीन एलुमनाई अफेयर्स प्रो. संजीव गोयल ने विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों एवं फुकुओका प्रीफेक्चर के साथ प्रस्तावित सहयोग पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
अपने संबोधन में श्री नाकानो शिन्या ने फुकुओका प्रीफेक्चर का परिचय देते हुए बताया कि वहाँ लगभग 400 सेमीकंडक्टर आधारित उद्योग कार्यरत हैं तथा यह क्षेत्र जापान के प्रमुख स्टार्टअप एवं औद्योगिक नवाचार केंद्रों में से एक है। उन्होंने वर्ष 2025 में भारत के प्रधानमंत्री की जापान यात्रा का भी उल्लेख किया।
फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव जनरल श्री मिसावा रेइइचिरो ने संस्थान के शैक्षणिक कार्यक्रमों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के साथ हुए समझौते के अंतर्गत संचालित छात्र सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का उल्लेख किया। कार्यक्रम का प्रभावी समन्वय आईजे काकेहाशी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री संजय पांडा ने किया तथा उन्होंने अनुवाद संबंधी सहयोग भी प्रदान किया।
संवाद सत्र के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के औद्योगिक केंद्र में स्थित विश्वविद्यालय की रणनीतिक स्थिति, जापानी कंपनियों से जुड़े प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों के व्यापक नेटवर्क तथा जापानी उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित कौशल विकास प्रणाली की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि विद्यार्थियों को जापान में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय में जापानी भाषा पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएँ। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत सेतु प्रस्ताव पर जापान सरकार के स्तर पर सकारात्मक विचार किए जाने तथा शीघ्र ही औपचारिक प्रतिक्रिया देने का भी आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव प्रो. अजय रँगा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जापानी प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया तथा विश्वविद्यालय की ओर से दीर्घकालिक एवं सार्थक भारत-जापान साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम का समापन प्रतिनिधिमंडल के विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी, विश्वविद्यालय स्टूडियो तथा केंद्रीय अनुसंधान सुविधा के भ्रमण के साथ हुआ।









