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by : pramod goyal

 फरीदाबाद: साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के मोबाइल फोन पर APK फाइल भेजकर फोन हैक कर लिया और बैंक खाते से 87,398 रुपये निकाल लिए। मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हिमांशु-1 और हिमांशु-2, दोनों निवासी पंजाब के रूप में हुई है।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सेक्टर-8 निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दी थी कि उसके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से APK फाइल भेजी गई। शिकायतकर्ता ने जैसे ही फाइल डाउनलोड की, उसका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके कुछ समय बाद उसके बैंक खाते से 87,398 रुपये की राशि निकाल ली गई। शिकायत के आधार पर साइबर थाना बल्लभगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि हिमांशु-1  साइबर ठगी के लिए कॉलिंग हेतु डाटा और लॉजिस्टिक्स उपलब्ध करवाता था तथा ठगी की रकम को एटीएम के माध्यम से निकलवाने का काम भी करता था।

वहीं, हिमांशु-2 सेविंग अकाउंट पर मर्चेंट आईडी तैयार करवाकर ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर करवाता था। पुलिस जांच में आरोपितों की भूमिका साइबर ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में पहुंचाने और उसे निकालकर ठगों तक पहुंचाने में सामने आई है। दोनों को चार दिन पुलिस रिमांड पर लेकर आगे की जांच की जा रही है


by : pramod goyal

 फरीदाबाद: क्रेडिट कार्ड पर हेल्थ प्लान एक्टिव होने की बात कहकर उसे डिएक्टिवेट करने के नाम पर 1,23,700 रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अरविंद कुमार निवासी उत्तम नगर, दिल्ली तथा तालिम असद निवासी गीता कॉलोनी, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में ठगी की रकम को गिफ्ट वाउचर और मोबाइल खरीद-फरोख्त के जरिए ठिकाने लगाने की बात सामने आई है।


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बल्लभगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दी थी कि 12 सितंबर को उसके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उसके क्रेडिट कार्ड पर एक हेल्थ प्लान एक्टिव है, जिसके लिए हर माह 2,100 रुपये चार्ज किए जा रहे हैं। हेल्थ प्लान को बंद करने के नाम पर आरोपी ने उसके व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजा।

शिकायतकर्ता ने आरोपी की बातों पर विश्वास करते हुए लिंक पर जाकर अपने क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी भर दी। इसके बाद कथित बैंक कर्मचारी के कहने पर उसने ओटीपी भी साझा कर दिया। ओटीपी मिलते ही साइबर ठगों ने उसके क्रेडिट कार्ड से कुल 1,23,700 रुपये निकाल लिए।

घटना के संबंध में साइबर थाना बल्लभगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपित अरविंद कुमार के पास उसके एक जानकारी द्वारा करीब 1,23,000 रुपये की कीमत के गिफ्ट वाउचर भेजे गए थे। अरविंद इन गिफ्ट वाउचर को क्रोमा सेंटर पर दिखाकर उनके बदले मोबाइल फोन व अन्य सामान खरीदता था। इसके बाद खरीदे गए मोबाइल फोन को वह कम कीमत पर आरोपित तालिम असद को बेच देता था। तालिम से प्राप्त रकम को अरविंद वापस साइबर ठगों तक पहुंचाता था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपित पहले एक मोबाइल शॉप पर काम करते थे। इसी दौरान दोनों की आपस में जान-पहचान हुई थी। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर साइबर ठगी की पूरी कड़ी तथा इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। अरविंद कुमार 8वीं कक्षा तक पढ़ा है, जबकि तालिम असद बीए पास है। 


by : pramod goyal

 फरीदाबाद। दिल्ली के आस्था कुंज पार्क जैसी वारदात फरीदाबाद में भी सामने आई है। ग्रेटर फरीदाबाद की खंडहर बिल्डिंग में अपने दोस्त साथ गई नाबालिग किशोरी से तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी की उम्र 13 साल जबकि उसके दोस्त की उम्र 16 साल है। आरोपितों ने किशोर के साथ भी अप्राकृतिक यौनाचार किया।


दोनों बच्चों ने एक महीने तक अपने माता-पिता से इस वारदात को छिपाकर रखी। जब दोनों मानसिक रूप से ज्यादा परेशान रहने लगे तो किशोरी की मां ने प्यार से बात की। किशोरी ने मां को आपबीती बताई।

उसने बताया कि 24 अगस्त को ट्यूशन से निकलने के बाद किशोरी अपने दोस्त से मिलने चली गई थी। छह युवक उसका पीछा करते हुए खंडहर की बिल्डिंग में पहुंचे और धमकाकर दोनों का यौन शोषण किया। बीपीटीपी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

by : pramod goyal

 फरीदाबाद- फरीदाबाद पुलिस द्वारा झपटमारो पर लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिस पर व्यक्ति से फोन छीनकर फरार होने के एक मामले में कार्रवाई करते हुये क्राईम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान अजीत वासी गांव सुनपेड फरीदाबाद के रुप में हुई है।


पुलिस प्रवक्ता अनुसार सेक्टर-58 वासी एक व्यक्ति ने थाना सेक्टर-58 में दी अपनी शिकायत में बताया कि 29 सितंबर की रात को वह सेक्टर-58 स्थित ठेके की

दुकान के बगले में पकोडो की दुकान लगाता है, जब वह अपनी दुकान बंद कर घर के लिए जाने लगा तो तीन लडके अपाचे मोटरसाइकिल पर आये और उसका फोन छीनकर वहां से फरार हो गये। जिस संबंध में थाना सेक्टर-58 में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपित अपने दो अन्य 2 दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर आये थे तथा शिकायतकर्ता से फोन छीनकर फरार हो गये। आरोपी को माननीय न्यायलय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

by : pramod goyal

 फरीदाबाद: घरों में चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए फरीदाबाद पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 की टीम ने सेक्टर-29 क्षेत्र में घर का ताला तोड़कर नकदी व आभूषण चोरी करने के मामले में 3 आरोपियों को प्रोडक्शन पर लेकर गिरफ्तार किया है। जिनके नाम शिवम, राहुल और सोनू, निवासी उत्तम नगर, दिल्ली है। आरोपित पुलिस टीम पर फायरिंग करने के मामले में नीमका जेल में बंद थे। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।


पुलिस प्रवक्ता अनुसार सेक्टर-29 निवासी महिला ने पुलिस चौकी सेक्टर-28 में शिकायत दी थी कि 12 सितंबर की शाम वह अपने पति के साथ किसी काम से दिल्ली गई थी। जब दंपती वापस घर लौटे तो मकान का ताला टूटा हुआ था। घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि अलमारी में रखी नकदी और आभूषण गायब थे। शिकायत पर थाना सेक्टर-31 में चोरी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
 
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी आपस में दोस्त हैं। जिन्होंने मिलकर 12/13 सितंबर की रात सेक्टर-29 स्थित मकान को निशाना बनाया। आरोपियों ने रॉड की मदद से घर का ताला तोड़ा और अंदर दाखिल होकर अलमारी से नकदी व आभूषण चोरी कर लिए। वारदात के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

आरोपियों के खिलाफ पहले से भी चोरी के कई मामले दर्ज हैं। सोनू के खिलाफ दिल्ली और फरीदाबाद में चोरी के 27 मामले, जबकि आरोपी शिवम और राहुल के खिलाफ दिल्ली में चोरी के 12-12 मामले दर्ज हैं। 

तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से चोरी किए गए नकदी व आभूषण की बरामदगी, वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान तथा उनके द्वारा अंजाम दी गई अन्य चोरी की वारदातों के संबंध में पूछताछ करेगी। 


by : pramod goyal

 फरीदाबाद शहर में ऑनलाइन भुगतान के नाम पर ठगी का नया तरीका सामने आया है। एक महिला और पुरुष का कपल दुकानदारों को मोबाइल पर फर्जी पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर सामान लेकर फरार हो रहा है। मंगलवार को दोनों ने अलग-अलग इलाकों में तीन दुकानों को निशाना बनाया। आरोपियों ने करीब 25,400 रुपए का सामान खरीदा, लेकिन किसी भी दुकान के खाते में भुगतान नहीं पहुंचा।


सबसे पहले कपल ओल्ड फरीदाबाद के ठाकुरवाड़ा स्थित गर्ग बैग एंड गारमेंट्स पर पहुंचा। यहां दोनों ने बच्चों के कपड़े पसंद किए। करीब 4400 रुपए का सामान लेने के बाद उन्होंने भुगतान के लिए दुकान का स्कैनर मांगा। इसके बाद सेल्समैन को स्कैनर लेकर दुकान के बाहर आने के लिए कहा।

बाहर पहुंचने पर आरोपियों ने अपने मोबाइल पर 4400 रुपए के भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखा दिया। स्क्रीन पर दुकान का नाम और रकम दिखाई दे रही थी, इसलिए कर्मचारी को भुगतान होने का भरोसा हो गया। दोनों सामान लेकर वहां से निकल गए। कुछ देर बाद दुकानदार गोविंद गर्ग ने खाते में ट्रांजेक्शन चेक किया तो कोई रकम जमा नहीं हुई थी। दुकानदार बाहर पहुंचा, लेकिन तब तक दोनों फरार हो चुके थे।

by : pramod goyal

 फरीदाबाद में एक जन सुविधा केंद्र (CSC) संचालक ने एनआईटी से BJP विधायक सतीश फागना के नाम की फर्जी स्टैंप बना ली। लेटरहेड और डिजिटल हस्ताक्षर भी तैयार कर लिए।इसके बाद लोगों से 800 से 1000 रुपए लेकर विधायक के नाम से वेरिफाई करता रहा।

मामला तब पकड़ में आया, जब दस्तावेज तैयार करवाने वाले कुछ लोग इन वेरिफाई कागजात को लेकर विधायक के कार्यालय पहुंचे। दस्तावेज देख कार्यालय प्रभारी को मुहर पर शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ की। इस पर लोगों ने सीएससी संचालक का नाम बता दिया।

इसका पता चलते ही विधायक की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने भी तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से फर्जी मुहर और लेटरहेड भी बरामद हुए। आज पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी।

  • आरोपी की पहचान पर्वतीय कॉलोनी में जन सुविधा केंद्र चलाने वाले सौरभ के रूप में हुई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि सौरभ अपनी पत्नी के आधार कार्ड में बदलाव कराने के लिए विधायक सतीश फागना के कार्यालय पहुंचा था। वहां उसने विधायक के लेटरहेड, मुहर और हस्ताक्षर देखे। इसके बाद उसने इन्हीं की नकल तैयार करवा ली और अपने काम में इस्तेमाल करने लगा।

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    सौरभ लोगों से दस्तावेज सत्यापित कराने के नाम पर 800 से 1000 रुपए लेता था। पुलिस के अनुसार अब तक वह 100 से अधिक लोगों के दस्तावेजों पर फर्जी सत्यापन कर चुका था। जिन लोगों ने पैसे देने में आनाकानी की, उन्हें खुद दस्तावेज सत्यापित कराने के लिए कह देता था। लोगों को कार्यालयों की भागदौड़ से बचाने के नाम पर वह रकम वसूलता था।