फरीदाबाद: साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के मोबाइल फोन पर APK फाइल भेजकर फोन हैक कर लिया और बैंक खाते से 87,398 रुपये निकाल लिए। मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हिमांशु-1 और हिमांशु-2, दोनों निवासी पंजाब के रूप में हुई है।
फरीदाबाद: क्रेडिट कार्ड पर हेल्थ प्लान एक्टिव होने की बात कहकर उसे डिएक्टिवेट करने के नाम पर 1,23,700 रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अरविंद कुमार निवासी उत्तम नगर, दिल्ली तथा तालिम असद निवासी गीता कॉलोनी, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में ठगी की रकम को गिफ्ट वाउचर और मोबाइल खरीद-फरोख्त के जरिए ठिकाने लगाने की बात सामने आई है।
फरीदाबाद। दिल्ली के आस्था कुंज पार्क जैसी वारदात फरीदाबाद में भी सामने आई है। ग्रेटर फरीदाबाद की खंडहर बिल्डिंग में अपने दोस्त साथ गई नाबालिग किशोरी से तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी की उम्र 13 साल जबकि उसके दोस्त की उम्र 16 साल है। आरोपितों ने किशोर के साथ भी अप्राकृतिक यौनाचार किया।
दोनों बच्चों ने एक महीने तक अपने माता-पिता से इस वारदात को छिपाकर रखी। जब दोनों मानसिक रूप से ज्यादा परेशान रहने लगे तो किशोरी की मां ने प्यार से बात की। किशोरी ने मां को आपबीती बताई।
उसने बताया कि 24 अगस्त को ट्यूशन से निकलने के बाद किशोरी अपने दोस्त से मिलने चली गई थी। छह युवक उसका पीछा करते हुए खंडहर की बिल्डिंग में पहुंचे और धमकाकर दोनों का यौन शोषण किया। बीपीटीपी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
फरीदाबाद- फरीदाबाद पुलिस द्वारा झपटमारो पर लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिस पर व्यक्ति से फोन छीनकर फरार होने के एक मामले में कार्रवाई करते हुये क्राईम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान अजीत वासी गांव सुनपेड फरीदाबाद के रुप में हुई है।
दुकान के बगले में पकोडो की दुकान लगाता है, जब वह अपनी दुकान बंद कर घर के लिए जाने लगा तो तीन लडके अपाचे मोटरसाइकिल पर आये और उसका फोन छीनकर वहां से फरार हो गये। जिस संबंध में थाना सेक्टर-58 में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
फरीदाबाद: घरों में चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए फरीदाबाद पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 की टीम ने सेक्टर-29 क्षेत्र में घर का ताला तोड़कर नकदी व आभूषण चोरी करने के मामले में 3 आरोपियों को प्रोडक्शन पर लेकर गिरफ्तार किया है। जिनके नाम शिवम, राहुल और सोनू, निवासी उत्तम नगर, दिल्ली है। आरोपित पुलिस टीम पर फायरिंग करने के मामले में नीमका जेल में बंद थे। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
फरीदाबाद शहर में ऑनलाइन भुगतान के नाम पर ठगी का नया तरीका सामने आया है। एक महिला और पुरुष का कपल दुकानदारों को मोबाइल पर फर्जी पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर सामान लेकर फरार हो रहा है। मंगलवार को दोनों ने अलग-अलग इलाकों में तीन दुकानों को निशाना बनाया। आरोपियों ने करीब 25,400 रुपए का सामान खरीदा, लेकिन किसी भी दुकान के खाते में भुगतान नहीं पहुंचा।
सबसे पहले कपल ओल्ड फरीदाबाद के ठाकुरवाड़ा स्थित गर्ग बैग एंड गारमेंट्स पर पहुंचा। यहां दोनों ने बच्चों के कपड़े पसंद किए। करीब 4400 रुपए का सामान लेने के बाद उन्होंने भुगतान के लिए दुकान का स्कैनर मांगा। इसके बाद सेल्समैन को स्कैनर लेकर दुकान के बाहर आने के लिए कहा।
बाहर पहुंचने पर आरोपियों ने अपने मोबाइल पर 4400 रुपए के भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखा दिया। स्क्रीन पर दुकान का नाम और रकम दिखाई दे रही थी, इसलिए कर्मचारी को भुगतान होने का भरोसा हो गया। दोनों सामान लेकर वहां से निकल गए। कुछ देर बाद दुकानदार गोविंद गर्ग ने खाते में ट्रांजेक्शन चेक किया तो कोई रकम जमा नहीं हुई थी। दुकानदार बाहर पहुंचा, लेकिन तब तक दोनों फरार हो चुके थे।
फरीदाबाद में एक जन सुविधा केंद्र (CSC) संचालक ने एनआईटी से BJP विधायक सतीश फागना के नाम की फर्जी स्टैंप बना ली। लेटरहेड और डिजिटल हस्ताक्षर भी तैयार कर लिए।इसके बाद लोगों से 800 से 1000 रुपए लेकर विधायक के नाम से वेरिफाई करता रहा।
मामला तब पकड़ में आया, जब दस्तावेज तैयार करवाने वाले कुछ लोग इन वेरिफाई कागजात को लेकर विधायक के कार्यालय पहुंचे। दस्तावेज देख कार्यालय प्रभारी को मुहर पर शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ की। इस पर लोगों ने सीएससी संचालक का नाम बता दिया।
इसका पता चलते ही विधायक की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने भी तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से फर्जी मुहर और लेटरहेड भी बरामद हुए। आज पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी।
- आरोपी की पहचान पर्वतीय कॉलोनी में जन सुविधा केंद्र चलाने वाले सौरभ के रूप में हुई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि सौरभ अपनी पत्नी के आधार कार्ड में बदलाव कराने के लिए विधायक सतीश फागना के कार्यालय पहुंचा था। वहां उसने विधायक के लेटरहेड, मुहर और हस्ताक्षर देखे। इसके बाद उसने इन्हीं की नकल तैयार करवा ली और अपने काम में इस्तेमाल करने लगा।
सौरभ लोगों से दस्तावेज सत्यापित कराने के नाम पर 800 से 1000 रुपए लेता था। पुलिस के अनुसार अब तक वह 100 से अधिक लोगों के दस्तावेजों पर फर्जी सत्यापन कर चुका था। जिन लोगों ने पैसे देने में आनाकानी की, उन्हें खुद दस्तावेज सत्यापित कराने के लिए कह देता था। लोगों को कार्यालयों की भागदौड़ से बचाने के नाम पर वह रकम वसूलता था।






