फरीदाबाद त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को बल्लभगढ़ अनाज मंडी में छापेमारी की। इस दौरान जेके पनीर से करीब 250 किलो नकली पनीर जब्त किया गया। विभाग की ओर से जब्त पनीर को नष्ट करने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फूड सेफ्टी विभाग के डॉक्टर पुनीत ने बताया कि त्योहारी सीजन में मिठाई, दूध, पनीर समेत अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार जांच अभियान चला रही हैं। इसी कड़ी में बल्लभगढ़ अनाज मंडी स्थित दुकानों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान जेके पनीर से करीब 250 किलो संदिग्ध पनीर बरामद किया गया।
हरियाणा में डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप तेजी से पांव पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी चेतावनी के बावजूद आमजन द्वारा जरूरी गाइडलाइंस का पालन न करने से हालात बिगड़ रहे हैं। प्रदेश में पिछले एक महीने के भीतर डेंगू के मामले दोगुने से भी ज्यादा हो चुके हैं और अब तक कुल 774 से अधिक कन्फर्म मामले दर्ज कि
ए जा चुके हैं।
राज्य में 'नगरपालिका उप-नियम (VBD पर नियंत्रण)-2010' के तहत प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए लापरवाही बरतने वाले 53,051 लोगों को कानूनी नोटिस जारी किए हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 51,729 और शहरी स्थानीय निकाय (ULB) ने 1,322 नोटिस जारी किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेशभर में चलाई गई चेकिंग ड्राइव के दौरान 1 लाख 12 हजार घरों में मच्छर का लारवा पाया गया है, जो स्पष्ट रूप से लोगों की लापरवाही को उजागर करता है।
इस साल अब तक हरियाणा में डेंगू के 774 से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अतिरिक्त सावधानी और ऐहतियात बरतने की सलाह दी है। पिछले करीब एक महीने में डेंगू के मामले दोगुने से भी ज्यादा चुके हैं।
अगर सबसे ज्यादा डेंगू के मामलों की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस साल सबसे ज्यादा 96 मामले पंचकूला जिले में सामने आए हैं। इसके बाद गुरुग्राम में 75, सोनीपत में 68, फरीदाबाद में 65 और झज्जर में 62 मामले रिपोर्ट हुए हैं। गनीमत रहा है कि इस साल इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है।
हरियाणा सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लंबी कतारों से राहत दिलाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश के 610 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में यू. पी. आई. आधारित डिजीटल भुगतान सुविधा शुरू की गई है। इसके साथ ही मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले घर बैठे ऑनलाइन ओ.पी.डी. पंजीकरण करवाने की सुविधा का भी विस्तार किया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण और भुगतान कीप्रक्रिया को सरल बनाना, मरीजों का प्रतीक्षा समय कम करना तथा उन्हें सुविधाजनक और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है।
प्रदेश के सभी 23 जिला नागरिक अस्पतालों, 52 नागरिक एवं उप-नागरिक अस्पतालों, 121 सामुदायिक स्वा
स्थ्य केंद्रों तथा 414 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित कुल 610 स्वास्थ्य संस्थानों में यू.पी. आई. आधारित डिजीटल भुगतान प्रणाली लागू कर दी गई है। इस सुविधा के माध्यम से मरीज अब ओ.पी. डी. पंजीकरण, आई.पी.डी. पंजीकरण, मैडिको लीगल मामलों तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान यू.पी.आई. के माध्यम से कर सकेंगे। प्रदेश के सभी 23 जिलों के सिविल सर्जन कार्यालयों में भी यह सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
इसके तहत मरीज अस्पताल जाने से पहले ही ऑनलाइन ओ.पी.डी. पंजीकरण करवा सकेंगे। इससे उन्हें अस्पताल पहुंचने के बाद पारंपरिक पंजीकरण काऊंटरों पर लंबी कतारों में लगने से राहत मिलेगी। अस्पतालों में पूर्व-पंजीकरण के लिए अलग से काऊंटर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही शुल्क भुगतान की प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए 'स्कैन एंड पे' सुविधा भी शुरू की गई है। ये सुविधाएं शुरू होने के बावजूद अस्पतालों में नकद भुगतान तथा सीधे पहुंच कर पंजीकरण करवाने की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
दीपावली और छठ पूजा पर मिठाई, दूध, पनीर और खोया की बढ़ती खपत के बीच हरियाणा सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के
लिए निगरानी अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।
फरीदाबाद: पुलिस कर्मचारियों की सख्त और व्यस्त ड्यूटी के मद्देनजर विभाग अपने कर्मचारियों के उत्तम स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति सदैव सजग रहता है। इसी दिशा में आज 29 सितंबर को पुलिस आयुक्त कार्यालय सेक्टर 21C फरीदाबाद में एक विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन कराया गया। इस दौरान 150 से अधिक पुलिस कर्मचारियों ने अपनी स्वास्थ्य जांच कराई।
हरियाणा में हृदय रोग से होने वाली मौतों का आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है। पिछले सात साल में प्रदेश में 85,539 लोगों की हृदय संबंधी बीमारियों से मौत हुई। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2025-26 में औसतन हर दिन 33
लोगों की जान गई यानी करीब हर 43 मिनट में एक मौत दर्ज हुई। हालांकि, इन आंकड़ों को सीधे हार्ट अटैक से हुई मौतों का आंकड़ा नहीं माना जा सकता।
मानव सेवा समिति ने यथार्थ हॉस्पिटल के सहयोग से
रविवार को मानव भवन सेक्टर 10 में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया। जिसमें महिला,बाल,हड्डी व पेट रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शिखा, अंशुल,अमित,करन ने 95 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करके उचित परामर्श दिया और रोगों से बचाव,उचित खान-पान,परहेज आदि की महत्वपूर्ण जानकारी दी।





