फरीदाबाद शहर के सेक्टर-12 टाउन पार्क में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में करीब 5.84 करोड़ रुपए खर्च कर बनाई गई हाईटेक लाइब्रेरी इन दिनों खुद ही इंतजार कर रही है—कब उसके दरवाजे खुलेंगे और कब विद्यार्थी यहां बैठकर पढ़ सकेंगे। दिसंबर 2025 में बड़े राजनीतिक तामझाम के बीच इसका उद्घाटन हुआ था।
खास बात यह रही कि एक ही दिन करीब 2 घंटे के अंतराल में दो अलग-अलग कार्यक्रमों में दो बार इसका रिबन काटा गया, लेकिन उद्घाटन के बाद से लाइब्रेरी के दरवाजे पर ताला ही लटका है। लाइब्रेरी शुरू नहीं होने को लेकर जब डीसी आयुष सिन्हा से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं।
पूरी जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और लाइब्रेरी शुरू नहीं होने के कारणों का भी पता लगाया जाएगा।
लाइब्रेरी को आधुनिक स्टडी सेंटर के तौर पर तैयार किया गया है। यहां करीब 200 विद्यार्थी एक साथ बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं। भवन में कंप्यूटर लगाए गए हैं, लेकिन इन्हें चलाने के लिए अभी स्टाफ नहीं है। किताबें रखने के लिए रैक तैयार हैं, लेकिन रैक में किताबें नजर नहीं आतीं।
लाइब्रेरी में ई-लाइब्रेरी, हाई-स्पीड इंटरनेट, रीडिंग हॉल, ग्रुप डिस्कशन चैंबर, ऑडियो-विजुअल और मल्टीमीडिया रूम जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। डिजिटल कंटेंट और ई-बुक्स के साथ फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया गया है। ऑडिटोरियम, मेजेनाइन फ्लोर और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं भी तैयार की गई हैं। यानी भवन में पढ़ाई के लिए इंतजाम तो पूरे हैं, लेकिन पढ़ाने-पढ़ने वालों का इंतजाम अधूरा है।

No comments :