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माकपा ने किया ‌‌नगर निगम कर्मचारीयों की हड़ताल का समर्थन

Posted by : pramod goyal on : Sunday, 30 August 2026 0 comments
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 फरीदाबाद 30 अगस्त ‌ ‌- माकपा ने किया  ‌‌नगर निगम कर्मचारीयों  की हड़ताल का समर्थन ।‌‌ भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी  फरीदाबाद का ‌‌ ‌ प्रतिनिधि मंडल आज ‌हड़ताली ‌ ‌‌ कर्मचारियों के सभा स्थल पर पहुंचा। वहां पर अपनी एकजुटता प्रकट की।‌ प्रतिनिधि मंडल में जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल, ‌ पूर्व जिला सेक्रेटरी के डी मिश्रा, ‌ विजय झा, ‌ शिवप्रसाद और जिला कमेटी सदस्य निरंतर पाराशर शामिल रहे।‌ सीपीएम  के नेताओं ने  हड़ताली कर्मचारियों को‌ भी संबोधित किया।


अपने संबोधन में उन्होंने नगर पालिका कर्मचारी संघ की ‌ सभी मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से ‌ इनका समाधान करने की मांग। उन्होंने कहा कि प्रदेश को ‌ स्वच्छ रखने और सफाई का कार्य करने में इन कर्मचारियों का बहुत बड़ा योगदान है। ‌ सफाई का कार्य नियमित है। तो उस कार्य को करने के लिए भी रेगुलर कर्मचारी लगाना चाहिए। लेकिन सरकार सभी प्रकार के कार्यों को ठेके पर देकर विभाग का निजीकरण कर रही है। ‌ इस नीति को अपनाकर संविदा आधार पर और हरियाणा कौशल रोजगार निगम बनाकर कर्मचारियों को उनकी पूरी उम्र तक अस्थाई ही नौकरी पर रखने का इरादा रखती है।‌ माकपा ‌ सरकार की जन विरोधी नीतियों का कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद की आबादी लगातार बढ़ रही है। रिहायशी कॉलोनीयों का ‌ विस्तार हो रहा है। ऐसे हालत में नये पद सृजित करने चाहिए। लेकिन सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने के बजाय इस कार्य को भी प्राइवेट कंपनियों को देना चाहती है।‌ नगर निगम  में बरसों से ‌ सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। सीवरों की ‌ सफाई करते हुए  कर्मचारियों की अकाल मौत हो जाती है। उनके ‌ परिजनों को मुआवजा तक नहीं दिया जाता है। ‌ प्रदेश की नगर पालिकाओं, नगर निगमों और नगर परिषदों में काम करने वाले हजारों कर्मचारी  ‌ अपनी ‌मागों की ‌ प्राप्ति के लिए  6अगस्त से हड़ताल पर हैं। आज़  हड़ताल ‌को 25 दिन हो गए हैं।   कई दौर की ‌ वार्ता होने के बाद भी कच्चे ‌ कर्मचारियों को पक्का करने के सवाल पर सरकार ‌ टालमटोल की नीति  अपना रही  है। ‌‌  जबकि ‌ इस सरकार ने  ‌ 13 मई ‌को‌ नगर पालिका कर्मचारी संघ के साथ समझौता करके 30 जून तक सभी मांगों को  ‌ लागू करने का आश्वासन दिया था। अब सरकार वायदा खिलाफी कर रही है। इस सरकार ने सत्ता में आने से पहले प्रदेश के कर्मचारियों को आश्वासन दिया था। कि यदि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी तो कर्मचारियों को पक्का किया जाएगा। अब इस सरकार का तीसरा  ‌ कार्यकाल है।  लेकिन किसी भी विभाग में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए नीति नहीं बनाई गई।‌ जिसकी वजह से कर्मचारियों में ‌ निराशा फैली हुई है।

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