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फरीदाबाद ( ) 15 अगस्त। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी कलां के प्रांगण में 80 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े हर्षौल्लास के साथ मनाया गया। ध्वजारोहण में मुख्य अतिथि भूतपूर्व सैनिक सूबेदार मेजर देशराज नरवत के कर कमलों द्वारा किया गया। स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती सुलक्षणा शर्मा की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ। स्टेज संचालन मास्टर सतीश बासठ द्वारा किया गया। गांव के मौजिज लोग मास्टर बलवीर सिंह, सुभाषवीर पूर्व चेयरमैन, सत्यपाल नरवत अध्यक्ष चौध
री छोटूराम सेवा समिति खेड़ी कलां, धर्म सिंह नरवत रिटायर्ड एस. ई. नगर निगम फरीदाबाद, रामवीर सिंह, कमल सिंह, महेंद्र सिंह, कृष्ण पहलवान, जतिन भारद्वाज, रामरतन एडवोकेट आदि स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मिलित हुए। इस मौके पर स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति के गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। जो कि किसी कान्वेंट स्कूल से भी अच्छे थे और सभी ने उनकी सराहना की। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर धर्म सिंह नरवत ने अपनी कक्षा में फर्स्ट, सेकंड और थर्ड आने वाले बच्चों को इनाम दिए और बच्चों के प्रसाद की व्यवस्था रामवीर नरवत द्वारा की गई। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल प्रबंधक कमेटी के सदस्य सत्यपाल नरवत ने संबोधित करते हुए कहा कि अगर बच्चों " *मोबाइल छोड़ो किताबें उठाओ, अपने सपनों को सरकार बनाओ"* शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है हमारे देश के भविष्य निर्माता बच्चे शिक्षित होंगे तभी अपने लिए एवं देश के लिए कार्य करके स्वतंत्रता दिवस को सार्थक बनाएंगे कहते हैं कि " *शिक्षा वो शेरनी का दूध है, जो इसे पिएगा वह दहाड़ता है"* शिक्षा कभी झुकने नहीं देती और संस्कार कभी गिरने नहीं देते। नरवत ने प्रधानाचार्य से अनुरोध किया कि बच्चों को नई बनी बिल्डिंग में शिफ्ट करें क्योंकि पुरानी बिल्डिंग का लेटर जगह-जगह से टूट कर गिर रहा है। जिससे बच्चों को खतरा है लड़के व लड़कियों के प्राइमरी स्कूलों का लेटर बजट की स्वीकृति के लिए डायरेक्टर एलिमेंट्री एजुकेशन पंचकूला को गया हुआ है। उन्होंने स्कूल का दसवीं व 12वीं का रिजल्ट 95% व 100% आने पर प्रधानाचार्य एवं स्कूल के स्टाफ का धन्यवाद किया। अंत में प्रधानाचार्य महोदय ने ग्राम से आए हुए सभी मौजिजो का, स्कूल के स्टाफ का एवं बच्चों के प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद किया और उन्होंने कहा कि अगली बार रिजल्ट हो सकता है ऐसा नहीं आए। क्योंकि पूरे स्टाफ की ड्यूटी गैर शिक्षण कार्य वोटो की SIR एवं जनगणना में लगा दी गई है। अब बच्चों को किस समय पढ़ाए। अध्यापकों को अपने-अपने रिजल्ट की टेंशन रहती है।

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