उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, यह कहावत नगर निगम फरीदाबाद के अधिकारियों पर पूरी तरह चरितार्थो रही है। एक तो बिना रिश्वत यहां आम लोगो का कोई काम नहीं होता है और वे छोटे छोटे कार्यो बार बार धक्के खाने के लिए मजबूर रहते है। ऊपर जनहित के कार्यों से भी निगम अधिकारियों का कोई सरोकार नहीं है। बल्लभगढ़ में बिना बरसात ही नालों और सीवर का पानी सड़कों पर बहता
रहता है। अगर जनप्रतिनिधि इस बारे में तत्परता दिखता है तो सम्बंधित अधिकरी पास कार्यो को भी राजनैतिक दबाब में रुकवाने में कोई कसर नहीं छोड़ते है।
ताजा बल्लभगढ़ का ही है। जहां पानी निकासी के लिए पाइप लाइन डालने के मुद्दे को लेकर पार्षद दीपक यादव ने कार्यकारी अभियंता डालचंद शर्मा से मिलने का प्रयास किया तो पहले वे मीटिंग का बहाना बनाकर पार्षद को आता देखकर अपनी गाड़ी से निकलने का प्रयास करने लगे। जब पार्षद दीपक यादव और उनके साथ आये पीड़ित लोगों ने दबाब दिया तो कार्यकारी अभियंता अपने ऑफिस तक तो आये, लेकिन स्वीकृत वर्क आर्डर पर काम शुरू करने की अनुमति नहीं दी और बहाने बनाते नजर आये। जब पार्षद और लोगो ने उन्हें मौके पर चलने को कहा तो वे मीटिंग का नाम लेकर टाल - मटोल करते रहे।उनके जाने के बाद गुस्साए लोगो और पार्षद ने उनके कार्यालय पर यह कहते हुए ताला जड़ दिया कि जब काम ही नहीं होता है तो फिर इस कार्यालय का क्या मतलब है।
अब कार्यकारी अभियंता डाल चंद ने अपने पक्ष में निगम यूनियन नेताओ को लामबंद करके उल्टा पार्षद के खिलाफ ही कारवाही की मांग कर रहे है। जबकि पार्षद केवल आम लोगों की परेशानी का हल निकालने की ही मांग कर रहे थे। कुल मिलाकर राजनैतिक गुटबाजी में बल्लभगढ़ की जनता पिस रही है।

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