सोमवार को सरकार ने लोकसभा में पेपर लीक रोकने संबंधी प्रावधानों वाले बिल को पेश किया है जिस पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले सरकार ने परीक्षा के सिस्टम को पारदर्शी बनाने व उसमें सुधार करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है। हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने सरकार के इस प्रयास का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री से मांग की है कि तेजी से बढ़ते शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक लगाने के लिए भी एक कठोर कानून बनना चाहिए,जिससे गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चों को भी प्राइवेट स्कूल व कॉलेजों में सस्ती शिक्षा मिल सके मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा व प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है कि आज शिक्षा का व्यवसायीकरण रोकना समय की सबसे बड़ी बड़ी मांग है। इसे रोकने के लिए सरकार को सख्त से सख्त कानून बनाना चाहिए जिससे प्राइवेट स्कूल व कॉलेजों में भारी फीस,डोनेशन और गैर-जरूरी चीजों की बिक्री पर रोक लग सके। मंच के प्रदेश संरक्षक सुभाष लांबा व प्रदेश लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस बिरदी ने कहा है कि सरकारी स्कूल व कॉलेज की स्थिति में सुधार न होने,उनमें सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया न कराने व अध्यापकों की कमी को दूर न करने के कारण ही सरकारी शिक्षा में सुधार नहीं हो रहा है इसी के चलते अभिभावक मजबूरी में अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई कराने के लिए मजबूर हैं। मंच ने अभिभावकों से कहा है कि वे जागरूक व एकजुट होकर प्राइवेट स्कूलों की लूट व मनमानी का खुलकर विरोध करें,अपने मन से उस डर को निकाल दें कि मनमानी का विरोध करने पर स्कूल संचालक उनके बच्चों को परेशान करेंगे,हरासमेंट करेंगे। पेरेंट्स के इसी डर का फायदा स्कूल संचालक उठा रहे हैं। मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है कि मंच ने रविवार 2 अगस्त को अपनी कार्यकारिणी की एक बैठक बुलाई है जिसमें शिक्षा के व्यवसायीकरण पर पूरी तरह से रोक लगवाने के लिए आगे क्या कार्रवाई की जा सकती है उस पर विचार विमर्श किया जाएगा बैठक में मंच के राष्ट्रीय सलाहकार व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ एडवोकेट अशोक अग्रवाल विशेष रूप से भाग लेकर अपने विचार प्रकट करेंगे
शिक्षा का व्यवसायीकरण रोकने के लिये भी बने कठोर कानून,,,,,,,,अभिभावक मंच
Posted by :
pramod goyal
on :
Tuesday, 28 July 2026
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