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फरीदाबाद 10 जुलाई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के द्वारा आज अपनी मांगों के समर्थन में सरकार की टालमटोल की नीति के विरोध में काला दिवस मनाया ।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले की विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों की सैकड़ो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सेक्टर 12 के पार्क में एकत्रित हुई। यहां पर विरोध सभा का आयोजन किया गया। इस सभा की अध्यक्षता जिला प्रधान मालवती
ने की। जबकि संचालन जिला सचिव देवेंद्री शर्मा कर रही थी। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष नवल सिंह, पूर्व कर्मचारी नेता धर्मवीर वैष्णव और सीटू के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल तथा सीटू जिला कमेटी सदस्य कमलेश भी उपस्थित रही। सभी वक्ताओं ने सरकार पर आंगनवाड़ी वर्करो और हेल्परों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आईसीडीएस जिसे अब सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण दो का नाम दिया गया है। इसको दो अक्टूबर 2025 को 50 साल पूरे हों गए हैं।फिर भी यह अभी भी सिर्फ एक स्कीम ही बनी हुई है। और इसे स्कूली शिक्षा की तरह एक स्थाई कार्यक्रम का दर्जा नहीं मिला है। इस सरकार ने 2022 से आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों को ग्रेच्यूटी देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने से इनकार कर दिया है। अब डिजिटलाइजेशन के नाम पर और फेस रिक्रिएशन सिस्टम लागू करके सरकार ने बड़ी संख्या में गरीब हकदारों को आंगनबाड़ी सेवाओं से बाहर कर दिया है। इसके अलावा लेबर कोड्स के नाम पर इस सरकार ने 8 घंटे काम, न्यूनतम वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ यूनियन बनाने संघर्ष, और हड़ताल, करने के अधिकार को भी छीन लिया है। लेबर कोड्स में आंगनबाड़ी वर्करों समेत स्कीम वर्करों को वर्कर का दर्जा तक नहीं दिया गयाहै। यह काफी चिंता की बात है। कि न्यायालय के निर्देश और आपके वायदे के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को आईसीडीएस से जुड़े कार्यों के अलावा दूसरे कार्यों जैसी बी एल ओ की ड्यूटी
ने की। जबकि संचालन जिला सचिव देवेंद्री शर्मा कर रही थी। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष नवल सिंह, पूर्व कर्मचारी नेता धर्मवीर वैष्णव और सीटू के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल तथा सीटू जिला कमेटी सदस्य कमलेश भी उपस्थित रही। सभी वक्ताओं ने सरकार पर आंगनवाड़ी वर्करो और हेल्परों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आईसीडीएस जिसे अब सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण दो का नाम दिया गया है। इसको दो अक्टूबर 2025 को 50 साल पूरे हों गए हैं।फिर भी यह अभी भी सिर्फ एक स्कीम ही बनी हुई है। और इसे स्कूली शिक्षा की तरह एक स्थाई कार्यक्रम का दर्जा नहीं मिला है। इस सरकार ने 2022 से आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों को ग्रेच्यूटी देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने से इनकार कर दिया है। अब डिजिटलाइजेशन के नाम पर और फेस रिक्रिएशन सिस्टम लागू करके सरकार ने बड़ी संख्या में गरीब हकदारों को आंगनबाड़ी सेवाओं से बाहर कर दिया है। इसके अलावा लेबर कोड्स के नाम पर इस सरकार ने 8 घंटे काम, न्यूनतम वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ यूनियन बनाने संघर्ष, और हड़ताल, करने के अधिकार को भी छीन लिया है। लेबर कोड्स में आंगनबाड़ी वर्करों समेत स्कीम वर्करों को वर्कर का दर्जा तक नहीं दिया गयाहै। यह काफी चिंता की बात है। कि न्यायालय के निर्देश और आपके वायदे के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को आईसीडीएस से जुड़े कार्यों के अलावा दूसरे कार्यों जैसी बी एल ओ की ड्यूटी
एस आई आर और जनगणना के काम में लगाया जा रहा है। इससे आंगनबाड़ी के कामकाज पर बहुत विपरीत असर पड़ रहा है।देश भर की लगभग सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने 12 अप्रैल 12 फरवरी 2026 को हुई अखिल भारतीय आम हड़ताल में हिस्सा लिया था। लेकिन सरकार ने अभी तक हमारी किसी भी
मांग पर कोई जवाब नहीं दिया है। ऐसे हालात में देश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकायें आज काला दिवस मना रही है। और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है। इसके बाद आंगनबाड़ी कर्मी प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय के सामने पहुंची।
और देश की माननीय मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ,भारत सरकार, के नाम 19 सूत्री मांगों का ज्ञापन उपायुक्त कार्यालय के अधीक्षक को सौंपा।
उनकी मुख्य मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रेड तृतीय और ग्रेड चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी के तौर पर नियमित किया जाना। नियमित होने तक 45 वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश को लागू किया जाए। इसके साथ-साथ सेवा निवृत होने पर पेंशन दी जाए। रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाई जाए। चार श्रम संहिताओं को वापस लिया जाए। आंगनबाड़ी कर्मचारी को श्रम कानून के दायरे में लाया जाए ।फेस रिक्रिएशन सिस्टम की अनिवार्य शर्तों को हटाया जाए। डिजिटल काम के लिए डाटा पैक के साथ अच्छी क्वालिटी के स्मार्टफोन दिए जाएं। कार्यकर्ताओं को परेशान करना बंद किया जाए ।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को आईसीडीएस से अलग कोई काम नहीं दिया जाए । आंगनबाड़ी केंद्रों में पीने के पानी की व्यवस्था पर्याप्त बुनियादी ढांचा गैस कनेक्शन, गैस स्टोव, बर्तन और आधुनिक किचन उपकरण जैसे प्रेशर कुकर इलेक्ट्रिक रोटी मेकर, इडली मेकर इत्यादि समान दिया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बाजार दर के हिसाब से बढ़ाया जाए। लंबित किराए का भुगतान किया जाए। सभी आंगनबाड़ी केदो पर अच्छी क्वालिटी का और पौष्टिक भोजन दिया जाए।
आज की प्रदर्शन में अनीता सविता, बबीता, चारु मेहंदी रता, बाला आदि भी उपस्थित रही।

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