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फरीदाबाद: साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 81,00,000 रुपये वसुलने के मामले में कार्रवाई करते हुए दूसरी लेयर के एक खाताधारक को 9 जुलाई को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान राजेश निवासी गांव बांस मूण्डधीस्या, दौसा, राजस्थान के रूप में हुई है। जिसको माननीय अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 13 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस प्रवक्ता अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपी राजेश घटनाक्रम में दूसरी लेयर का खाताधारक था। उसने अपना बैंक खाता खुलवाकर साइबर ठगों को उपलब्ध करा रखा था। जिसके बैंक खाते में ठगी की 7,20,000 रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रथम लेयर में दो बैंक खातों में 30 लाख रुपये और 51 लाख रुपये ट्रांसफर किये गये थे। 51 लाख रुपए वाले प्रथम लेयर के खाते में से आरोपित के खाते में ₹7.20 लाख आये थे।
बता दें कि 21 अक्टूबर 2025 को सेक्टर-7D, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 14 से 18 अक्टूबर 2025 के बीच उसके पास कथित डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT), डीसीपी बेंगलुरु एवं सीबीआई मुंबई के अधिकारी बनकर वीडियो एवं ऑडियो कॉल की गईं। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को “डिजिटल अरेस्ट” कर भयभीत किया और बताया कि उसका नाम मनी लॉन्ड्रिंग एवं ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर मामलों में आया है। केस से नाम हटाने का झांसा देकर आरोपियों ने उससे विभिन्न बैंक खातों में 81,00,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिये। शिकायत पर साइबर थाना बल्लभगढ़ में एक्सटॉर्शन व धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

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