फरीदाबाद में ठेकेदार की शिकायत पर 30 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए बिजली विभाग के एक्सईएन दीपक गर्ग को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। एक्सईएन के द्वारा यह रिश्वत बिलों को पास करने की एवज में मांगी जा रही है। ठेकेदार की कॉल रिकार्डिंग को सबूत माने हुए ACB ने इस कार्रवाही को अंजाम दिया।
DSP एंटी करप्शन एंड विजिलेंस सुरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पलवल के गांव बडौली के रहने वाले सतबीर नामक ठेकेदार ने उनको शिकायत दी थी, जिसमें उसने बताया कि वह बिजली विभाग में सिविल का काम करता है। पिछले काफी समय से उसके बिल पास नही हो रहे है। कई लाख रूपए के बिल अटके हुए थे। इसी को लेकर उससे 30 हजार की रिश्वत मांगी जा रही थी।
पीडित का आरोप है कि सेक्टर-23 में तैनात एक्सईएन दीपक गर्ग के द्वारा उससे 30 हजार रूपये देने की मांग की जा रही थी। पैसे ना देने के कारण उसको कई महीनों से ऑफिस के चक्कर लगवाए जा रहे थे। जिसके बाद उसने फोन में एक्सईएन के पैसे मांगने की रिकार्डिंग कर ली और एंटी करप्शन में शिकायत की।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस एंड एंटी करप्शन की टीम ने जाल बिछाया। टीम ने पहचान के 90 नोट पाउडर लगाकर सतबीर ठेकेदार को दिए। जैसे ही वह नोट दीपक गर्ग को दिए गए टीम ने उसको रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जांच में टीम को दिए गए नोट ही पाए गए।
इसके बाद विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से दीपक गर्ग के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 में मामला दर्ज किया गया है। है।

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