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फरीदाबाद,14 जून।
सीटू प्रदेश महासचिव जय भगवान और जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष सविता दो दिन से नेहरू कालौनी के पीड़ित परिवारों के साथ मिल रहे थे। प्रभावित परिवारों की कई मीटिंग की गई। इन मीटिंग को सीटू राज्य सचिव सुधा पाल, जिला प्रधान निरंतर पराशर, सचिव वीरेंद्र डंगवाल, कमलेश आदि ने भी संबोधित किया। बैठकों को संबोधित करते हुए संगठन नेताओं ने कहा कि नेहरू कालोनी 60-70 साल से आबाद है। लोगों की तीसरी पीढ़ी यहां रह रही है। करीबन एक लाख लोग रहते हैं और 12-15हजार मकान हैं। लेकिन सत्ता के नशे में चूर सरकार लोगों को उजाड़ने पर लगे हैं। लोगों ने अपनी खून पसीने की कमाई से एक एक पैसा बचाकर मकान बनाएं हैं। सरकार गरीबों को आवास तो दे नहीं सकती बल्कि उनको उजाड़ने का काम कर रही है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने भी नेहरू कालौनी में की गई तोड़-फोड़ और अन्य कालोनियों को तोड़-फोड़ के नोटिस देने की घोर निन्दा की है। उन्होंने सभी विपक्षी दलों और कर्मचारी एवं मजदूर संगठनों से इस तोड़-फोड़ के खिलाफ एकजुटता के साथ आंदोलन करने का आह्वान किया।
सीटू नेताओं ने कहा कि किसी प्रोजेक्ट के लिए जमीन का अधिग्रहण करने के लिए नियम कायदे होते हैं। नोटिस जारी होते हैं, मुआवजे तय होते हैं। यदि घरों को भी हटाना हो तो उसके लिए मुआवजे ओर पुनर्वास के व्यवस्था करने के बाद ही घरों को हटाया जाता है। लेकिन फरीदाबाद की नेहरू कालोनी के मकान मालिकों को कोई नोटिस नहीं दिया गया। 29 ओर 30 मई की रात में बुलडोजर चलाकर घरों को ध्वस्त कर दिया गया। सरकार ओर प्रशासन ने अपनी खाल बचाने के लिए 2 जून को नोटिस जारी किए हैं। यह नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाने का मामला है। इसका जवाब सरकार ओर प्रशासन को देना पड़ेगा।
इसीलिए कल 15 जून को प्रात :10 बजे* नेहरू कालोनी के सभी परिवार टूटे हुए घरों की पुनर्स्थापना ओर अपने घरों को बुलडोजर से बचाने के लिए बीके चौंक पर नगर निगम कमिश्नर के यहां धरना प्रदर्शन करेंगे। कमिश्नर से इसके लिए जवाब मांगेंगें।

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