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फरीदाबाद –साइबर थाना एनआईटी की टीम ने एक साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए 24 जून को खाताधारक सहित दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान प्रिंस गुप्ता तथा तेजस कुमार, निवासी बरखेड़ा, भोपाल (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने तेजस कुमार को भोपाल तथा प्रिंस गुप्ता को लालगंज, उ.प्र. से काबू किया है। तेजस को जेल भेज दिया गया है वहीं प्रिंस को 6 दिन पुलिस रिमांड पर लिया है।
पुलिस प्रवक्ता अनुसार जीवन नगर-2, गौच्छी, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 5 जनवरी 2026 को उसने गूगल पर Ather इलेक्ट्रिक स्कूटर की डीलरशिप संबंधी जानकारी खोजी थी और एक वेबसाइट पर उसने डीलरशिप के लिए आवेदन किया। फिर 21 जनवरी को एक मोबाइल नंबर से कॉल आया और उसे गुरुग्राम में Ather डीलरशिप उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। ठगों ने ई-मेल के माध्यम से डीलरशिप आवेदन फॉर्म भेजा। ठगों ने प्रोसेस फीस, एनओसी तथा अन्य औपचारिकताओं के नाम पर विभिन्न किश्तों में धनराशि जमा कराने को कहा गया और उसने 28 जनवरी को प्रोसेस फीस के नाम पर ₹1.77 लाख तथा 30 जनवरी को एनओसी के नाम पर ₹4.75 लाख ठगों द्वारा बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिये। इसके बाद ठगों ने लाइसेंस अप्रूवल के नाम पर ₹10.50 लाख की अतिरिक्त राशि की मांग की। जिस पर उसको धोखाधड़ी का संदेह हुआ। शिकायत के आधार पर साइबर थाना NIT में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया कि तेजस कुमार बैंक खाता खाताधारक है, जिसके खाते में ठगी की राशि के ₹4,75,000 जमा हुए थे। वहीं आरोपित प्रिंस गुप्ता ने तेजस का बैंक खाता और उससे संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर कोरियर के माध्यम से आगे साइबर ठगों तक पहुंचाए थे। दोनों एक ही क्षेत्र के निवासी हैं और उनकी पहचान क्रिकेट खेलने के दौरान हुई थी। प्रिंस ने तेजस को कमीशन का लालच देकर उसके नाम पर बैंक खाते खुलवाने के लिए तैयार किया। प्रिंस ने तेजस के नाम पर कुल पांच बैंक खाते खुलवाए थे, जिनकी बैंकिंग किट और दस्तावेज साइबर ठगों को उपलब्ध कराए थे।

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