फरीदाबाद : फ़रीदाबाद जिले के सेक्टर-3 के सरकारी अस्पताल प्रांगण में मोबाइल की लाइट में हुई महिला की डिलीवरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने भी संज्ञान लेते हुए डायरेक्टर NHM डॉक्टर वीरेंद्र यादव को फरीदाबाद में मामले की जांच करने लिए भेजा, जहां पहुंच कर NHM डायरेक्टर एक्शन मोड में नजर आए।
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर जांच करने पहुंचे डायरेक्टर NHM डॉक्टर वीरेंद्र यादव ने अस्पताल में कई खामियां मिलने
पर स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टर की क्लास लगा दी और कई स्टाफ पर कार्रवाई कर ए के आदेश दिए।गौरतलब है कि फरीदाबाद के बल्लभगढ़ (सेक्टर 3) सरकारी अस्पताल FRU-2 (फर्स्ट रेफरल यूनिट) में शुक्रवार-शनिवार रात करीब 2 बजे बड़ौली गांव की महिला की पार्किंग स्थल में टार्च से डिलवरी कराने के मामले को लेकर NHM डायरेक्टर डॉ वीरेन्द्र यादव पहुंचे थे जहां निरीक्षण के दौरान उनको पता चला है कि कई चीजों में विशेष सुधार की जरूरत है। जांच में सामने आया है कि महिला को स्टाफ नर्स और क्लास फोर्थ कर्मचारी मौके पर नही मिले थे। उन्होंने कहा कि इसको लेकर दोनों पर डीसी और सीएमओ की तरफ से कार्रवाही करने की तैयारी की जा रही है।
एनएचएम डायरेक्टर डॉक्टर वीरेंद्र यादव ने अस्पताल में कई खामियां पाई। इसके सुधार के लिए उन्होंने तुरंत अस्पताल के स्टाफ को निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद सेक्टर-3 के सरकारी अस्पताल में महिला की डिलीवरी के दौरान अस्पताल स्टाफ की लापरवाही सामने आई। इसके अलावा पता चला है कि रात के समय एक गेट को बंद कर दिया जाता है। अगले दो दिनों में ओपीडी मुख्य प्रवेश के गेट को रात के समय खोलने की व्यवस्था करने के आदेश जारी किए है। ताकि सीधे महिलाएं ओपीडी में पहुंच सकें ताकि उनको दूसरे गेट से घूमकर आने का इंतजार ना करना पड़े। इस दौरान उन्होंने पीड़िता जच्चा से बातचीत की और उसका हाल-चाल जाना। इसके बाद वह बच्चे को भी देखकर आए। उन्होंने बताया कि फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। इसके अलावा उन्होंने वहां पर मौजूद अन्य जच्चा से भी बात की और उन्होंने उनका भी हाल-चाल जाना।

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