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मीडिया विभाग की 'मॉक प्रेस कॉन्फ्रेंस' में विद्यार्थियों ने 'स्टार्टअप' आइडिया और 'पीआर' रणनीति को किया प्रदर्शित

Posted by : pramod goyal on : Monday, 18 May 2026 0 comments
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 फरीदाबाद, 18 मई -  जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा पत्रकारिता के विद्यार्थियों ने लिए स्टूडियो में एक अनूठी और संवादात्मक 'मॉक प्रेस कॉन्फ्रेंस' का आयोजन किया गया। जनसंपर्क एवं कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन विषय के व्यावहारिक प्रशिक्षण के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में एमएजेएमसी के छात्रों ने अपने स्टार्टअप आइडिया, ब्रांडिंग और रचनात्मक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।


विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह के मार्गदर्शन और सहायक प्रोफेसर डॉ.सोनिया हुड्डा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में एमएजेएमसी द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थी शामिल हुए। छात्रों ने केवल अपने ब्रांड ही प्रस्तुत नहीं किए, बल्कि प्रोफेशनल पीआर किट्स, सोशल मीडिया कैंपेन और मार्केटिंग रणनीति के माध्यम से यह भी दिखाया कि एक स्टार्टअप को बाजार में कैसे स्थापित किया जाता है। प्रबंधन विभाग एवं स्टार्टअप सेल की कोऑर्डिनेटर डॉ.सपना तनेजा इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों ने कई अनूठे सामाजिक और व्यावसायिक मॉडल प्रस्तुत किए जिसमें चैप्टर ब्लिस-बुकमार्क ब्लिस: इस ब्रांड ने वंचित वर्ग की महिलाओं और बच्चों द्वारा बना

ए गए हस्तनिर्मित बुकमार्क पेश किए, जो सामाजिक सशक्तिकरण और कला का अनूठा उदाहरण है।

टेक-7 स्टूडियो ने डेढ़ साल के भीतर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली इस टीम ने अपनी फिल्म निर्माण यात्रा और सोशल मीडिया पर अपनी मजबूत पकड़ के बारे में बताया। द इंडी बीड्स ने 'हैंडमेड विद लव' के मंत्र के साथ इस ब्रांड ने स्थानीय शिल्प को डिजिटल पहचान दिलाकर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। एटरना ग्लो ने रेज़िन आर्ट के माध्यम से भावनाओं को संजोने के उनके आइडिया ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया।

विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने कहा कि वर्तमान समय केवल सूचना का नहीं, बल्कि उसे प्रस्तुत करने के कौशल का है। इस तरह के व्यावहारिक अनुभव विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से ऊपर उठाकर प्रोफेशनल दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। छात्रों को अपनी संवाद शैली में रचनात्मकता और जिम्मेदारी का संतुलन बनाए रखना चाहिए, क्योंकि शब्द ही आपकी सबसे बड़ी शक्ति हैं।

विशेष अतिथि एवं स्टार्टअप सेल कोऑर्डिनेटर डॉ.सपना तनेजा ने कहा कि विश्वविद्यालयों में इस तरह के व्यावहारिक मंच बहुत कम देखने को मिलते हैं। आज छात्रों ने केवल प्रोजेक्ट्स नहीं दिखाए, बल्कि एक व्यवसायी की तरह सोचा है। स्टार्टअप सेल इन होनहार छात्रों के इनोवेटिव आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण सुझाव देकर उन्हें प्रोत्साहित भी किया। कोऑर्डिनेटर एवं सहायक प्रोफेसर डॉ.सोनिया हुड्डा ने विभागाध्यक्ष एवं अतिथि का स्वागत करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया।

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