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फरीदाबाद, 14 मई। औद्योगिक नगरी के नाम से मशहूर फरीदाबाद की कम्पनियों में लाखों मजदूरों का जमकर शोषण किया जा रहा है। वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर औद्योगिक नगरी में रोजाना किसी न किसी कम्पनी के बाहर श्रमिक आन्दोलन हो रहा है। इसी मामले को लेकर आज युवा अनशनकारी अभिषेक गोस्वामी ने अपनी टीम के साथ सैक्टर-12 स्थित डीएलसी ऑफिस के समक्ष प्रदर्शन कर डीएलसी के नाम ज्ञापन उनके सहायक सचिव को सौंपा।
ज्ञापन में अभिषेक गोस्वामी ने कहा कि फरीदाबाद क्षेत्र की कई निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों में श्रमिकों एवं कर्मचारियों के साथ श्रम कानूनों के विरुद्ध विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं बरती जा रही हैं। इन अनियमितताओं के कारण कर्मचारियों को मानसिक, आर्थिक एवं शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।श्री गोस्वामी ने बताया कि कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत श्रेणी अनुसार उचित वेतन और वेतनपर्ची नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों से निर्धारित समय से अधिक जबरन ओवरटाइम कराया जाता है, लेकिन उसका दोगना भुगतान नहीं कि
या जाता। कई कंपनियों में सुरक्षा उपकरण एवं सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाऐ होती रहती है। महिला कर्मचारियों के लिए क्रेच रूम, ड्रेस बदलने और पैड मशीन जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कर्मचारियों को बोनस, छुट्टियां, ईएसआई, पीएफ तथा अन्य कानूनी सुविधाएं समय पर नहीं दी जा रही हैं। श्रमिकों पर अनावश्यक दबाव बनाकर उनका शोषण किया जा रहा है। कई स्थानों पर अग्निशामक यन्त्र, फस्र्ट एड बॉक्स एव दवाईयां, साफ-सफाई, पीने के पानी एवं शौचालय और सालाना स्वस्थ चेकअप जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है।
श्री गोस्वामी ने कहा कि यहां तक की श्रम विभाग कार्यालय में पहली, दूसरी व तीसरी मंजिल पर आने-जाने के लिए चार-चार लिफ्टें लगा हुई है। लेकिन यह लिफ्टे पिछले कई वर्षों से खराब पड़ी है। जिससे श्रम विभाग कार्यालय में आने-जाने वाले बड़े-बुजुर्गों को पहली, दूसरी व तीसरी मंजिल पर चढऩे-उतरने में परेशानी हो रही है।
वहीं लिफ्ट खराब होने के चलते कपड़ा कालोनी निवासी शिकायतकर्ता एक गर्भवती महिला को सीढ़ी चढऩे उतरने के चलते मिसकैरेज होते-होते बचा।
उन्होंने मांग की है कि कार्यालय की लिफ्टों को ठीक करवाया जाए।
श्री गोस्वामी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, श्रम मंत्री अनिल विज से अनुरोध किया है कि कम्पनी संबंधी इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर संबंधित कंपनियों के विरुद्ध श्रम कानूनों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई जाए। साथ ही सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन की पालना कराए करने के लिए सभी उद्योग प्रबंधकों की बैठक को बुलाया जाए ताकि वेतन को लेकर श्रमिक आन्दोलन न हो।
ज्ञापन देने वालों में अवधेश कुमार ओझा, प्रमोद भड़ाना, दीपक त्यागी, कुलदीप सिंह, संजीव कुशवाहा सहित अन्य श्रमिक मौजूद रहे।

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