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खराब लिंगानुपात के आधार पर डॉक्टरों 50 को सस्पेंड करने के हरियाणा सरकार के फैसले पर पंजाब एवं हरियाणा हाई पंग कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट नार ने स्वास्थ्य विभाग के निलंबन आदेश के तहत आगे की कार्रवाई पर स्टे देते ही हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक 18 मई 2026 के आदेश के आधार पर डॉक्टरों के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा। साथ ही, याचिकाकर्ता डॉ. सतपाल सिंह को उनकी मूल पोस्टिंग पर तुरंत ज्वॉइन करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 18 मई को प्रभावी
निगरानी न रखने के आरोप में कई मेडिकल अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। आदेश को डॉ. विजय परमार, डॉ. विजय कुमार और डॉ. सतपाल सिंह ने हाई कोर्ट में चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं की अधिवक्ता हिमानी आनंद ने दलील दी कि केवल खराब लिंगानुपात को आधार बनाकर डॉक्टरों को सस्पेंड करना मनमाना है। कोर्ट ने सरकार को अगली सुनवाई से सात दिन पहले लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी।

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