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मानेसर में आंदोलनरत ठेका मजदूरों पर किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निन्दा की

Posted by : pramod goyal on : Friday, 10 April 2026 0 comments
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 फरीदाबाद 10 अप्रैल 

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव मंडल ने मानेसर, गुड़गांव में आंदोलनरत ठेका मजदूरों पर प्रशासन द्वारा किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निन्दा की है। पार्टी के राज्य सेक्रेटरी प्रेमचंद और जिला फरीदाबाद के डिस्टिक सेक्रेट्री वीरेंद्र सिंह डंगवाल और जिला  कमेटी सदस्य निरंतर पराशर ने बताया  कि चार-पांच दिनों से ऑटोमोबाइल और गार

मेंट्स उद्योग के ठेका मजदूर वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर आंदोलनरत थे।
इस आंदोलन के चलते अंततः सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन 15200 रुपए मासिक का नोटिफिकेशन आज  9 अप्रैल को जारी किया गया है। न्यूनतम वेतन में मामूली बढ़ोतरी को अपर्याप्त मानते हुए आंदोलनरत मजदूरों ने असंतोष प्रकट किया है। इस संबंध में मजदूरों की जायज शिकायत का न्यायोचित ढंग से निपटारा करने की बजाय प्रशासन ने दमन का रास्ता अपनाया है जो कि बेहद निंदनीय और आपत्तिजनक है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा के बीजेपी शासनकाल में पिछले ग्यारह साल से न्यूनतम वेतन रिवाइज नहीं किए गए थे। जो कि कानूनन हर पांच साल में किए जाने होते हैं।
इस संदर्भ में कुछ महीने पहले न्यूनतम वेतन रिवाइज करने की प्रक्रिया के तहत एक एडवाइजरी कमेटी का गठन किया गया था ।जिसमें सरकार, मैनेजमेंट और श्रमिकों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया । इस कमेटी की पानीपत में 29 दिसंबर, 2025 को हुई नौवीं एवं अंतिम मीटिंग हुई ।सर्वसम्मति से राज्य में न्यूनतम वेतन 23196 रुपए करने की सिफारिश राज्य सरकार से की गई थी। जबकि श्रमिक संगठनों की तरफ से न्यूनतम वेतन 30000 रुपए करने की पुरजोर मांग की जाती रही है। अफसोस की बात है। कि सरकार ने सर्वसम्मत सिफारिश को स्वीकार करने की बजाय न्यूनतम वेतन 15200 रुपए करने का निर्णय लिया।
 यह फैसला भाजपा सरकार के श्रमिक विरोधी चरित्र को उजागर करता है।
पार्टी ने रेखांकित किया है। कि राज्य में जमीनों व मकानों की बढ़ी कीमतों के चलते मजदूरों के लिए मकानों के किरायों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। विशेषकर गुड़गांव, फरीदाबाद जैसे एनसीआर के क्षेत्र में और भी ज्यादा किराए बढ़े हैं। इसके अलावा आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी भारी वृद्धि हुई है। खासकर रसोई गैस की किल्लत के चलते मजदूरों को कई गुणा कीमत पर गैस हासिल करने की जद्दोजहद करनी पड़ रही है। इन ठोस परिस्थितियों के मद्देनजर सरकार तुरंत प्रभाव से एडवाइजरी कमेटी की सर्वसम्मत सिफारिश के अनुरूप 23196 रुपए न्यूनतम वेतन लागू करने का एलान करे। अन्यथा और भी औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के असंतोष विस्फोटित हो सकते हैं।

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