हरियाणा के राज्यसभा चुनाव ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति को दिलचस्प मोड़ पर ला खड़ा किया है। कांग्रेस इस बार नए चेहरे के साथ मैदान में उतरी है, लेकिन उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती उस खेला को रोकने की होगी, जो 2016 और 2022 के राज्यसभा चुनाव में हुआ था।
2016 में कांग्रेस के 14 वोट आमन्य घोषित कर दिया गया था और 2022 में क्रास वोटिंग हुई थी। कांग्रेस ने इस बार एससी समाज से कर्मवीर सिंह बौद्ध को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। उनका नाम किसी भी खेमे से नहीं जुड़ा है। सीधे राहुल गांधी ने उनका नाम तय करके भेजा है। ऐसे में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नरेंद्र राव व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने पुराने रिकॉर्ड को सुधारने व विधायकों को एकजुट करने की कड़ी परीक्षा है।
राज्यसभा चुनाव के नामांकन के एक दिन पहले कांग्रेस ने अचानक कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार उतारकर सभी को चौंका दिया है। कांग्रेस से पूर्व अध्यक्ष उदयभान, पूर्व विधायक राव दान सिंह कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद के नाम की चर्चा चल रही थी। पूर्व सीएम उदयभान का नाम आगे बढ़ा रहे थे, मगर हाईकमान ने इस सुझाव को स्वीकार नहीं किया और राहुल गांधी की पसंद के नाम पर मुहर लगी।

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