फरीदाबाद में ठेकेदारी प्रथा को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। एक ओर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेश में ठेकेदारी प्रथा खत्म करने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सफाई कर्मियों ने इन दावों पर सवाल खड़े करते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों न बीके चौक पर विरोध प्रदर्शन कर पूतला फूंका।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सफाई कर्मचारी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार द्वारा कौशल रोजगार योजना के तहत रोजगार देने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब भी ठेकेदारी प्रथा पूरी तरह लागू है।
कर्मचारी यूनियन के प्रधान बालवीर ने आरोप लगाया कि हाल ही में अंबाला में 15 वार्डों की सफाई का ठेका निजी कंपनियों को दिया गया है। इसी फैसले को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। गुस्साए कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध स्वरूप पुतला दहन भी किया।
उन्होंने कहा कि सरकार के दावे और हकीकत में बड़ा फर्क है। उनका कहना है कि जब तक ठेकेदारी प्रथा पूरी तरह खत्म नहीं की जाती और सफाई कर्मियों को स्थायी रोजगार नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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