//# Adsense Code Here #//
फरीदाबाद: यातायात पुलिस फरीदाबाद की सक्रिय सहभागिता के साथ आयोजित तीन दिवसीय “सड़क सुरक्षा मित्र” प्रशिक्षण कार्यक्रम का 18 मार्च को सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के अंतर्गत स्थापित सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र के सहयोग से किया गया, जिसमें हरियाणा पंजाब राजस्थान उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र से से आए विद्यार्थियों (स्वयंसेवकों) ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों को फील्ड में भी प्रशिक्षण दिया गया। जहां पर उन्हें दुर्घटना प्रबंधन, आपातकालीन सेवा 112 के उपयोग, एम्बुलेंस संचालन, हाईवे पेट्रोलिंग तथा सड़क सुरक्षा ऑडिट से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान रॉन्ग साइड ड्राइविंग से होने वाली
दुर्घटनाओं का प्रदर्शन कर जागरूक किया गया तथा दुर्घटना स्थल को सुरक्षित रखने, भीड़ नियंत्रण एवं प्राथमिक सहायता के महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में जानकारी दी गई।
दुर्घटनाओं का प्रदर्शन कर जागरूक किया गया तथा दुर्घटना स्थल को सुरक्षित रखने, भीड़ नियंत्रण एवं प्राथमिक सहायता के महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में जानकारी दी गई।
18 मार्च को समापन दिवस पर स्वयंसेवकों को उन्नत जागरूकता रणनीति, स्कूल, समुदाय एवं विभिन्न वर्गों में सड़क सुरक्षा जागरूकता फैलाने के तरीकों, यातायात नियमन के महत्वपूर्ण पहलुओं तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। तकनीकी स्वयंसेवकों को रिपोर्ट तैयार करने एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े विश्लेषणात्मक कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया गया।
इस अवसर पर सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र, आईआईटी मद्रास की टीम, जिसमें कर्नल संजीव शर्मा (उपाध्यक्ष), श्री पंकज मेहरा (प्रधान परियोजना अधिकारी), श्री रितुराज पाटिल (वरिष्ठ परियोजना अभियंता), श्री साईनाथ एम. पाटिल, श्री प्रीतम शर्मा, श्री सौरभ तथा श्री रंजीत चौधरी शामिल रहे, जिनके द्वारा प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान फरीदाबाद यातायात पुलिस की ओर से निरीक्षक (सड़क सुरक्षा) राजेश कुमार, यातायात निरीक्षक श्री कृष्ण, उप निरीक्षक अनिल एवं उनकी टीम की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने स्वयंसेवकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
यातायात पुलिस फरीदाबाद द्वारा इस कार्यक्रम में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों (स्वयंसेवकों) को सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की व्यवहारिक समझ विकसित करने में सहायता मिली।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने एवं उन्हें समाज में जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

No comments :