करनाल में फैमिली आईडी की एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। अधिकारियों ने एक मृत महिला के नाम पर हरियाणा के कई जिलों में 90 वाहन चढ़ा दिए। जबकि परिजनों का कहना है कि महिला के नाम उन्होंने कभी एक भी वाहन नहीं खरीदा।
गड़बड़ी का खुलासा उस दौरान, जब समाज कल्याण विभाग ने उनके पति की बुढ़ापा पेंशन काट दी। इसके बाद बुजुर्ग ने पेंशन कटने की जांच कराने के लिए फैमिली ID निकलवाई। इसमें उनकी पत्नी को करोड़पति भी बताया गया है।
पति रविंद्र का कहना है कि उनकी पत्नी की करीब 6 साल पहले ही मौत हो चुकी है। उस समय फैमिली आईडी की व्यवस्था लागू नहीं थी। इसके बाद भी पता नहीं अधिकारियों ने कैसे पत्नी के नाम इतनी संपत्ति दर्ज कर दी।
रविंद्र का कहना है कि करीब 2 महीने पहले विभाग ने उनकी पेंशन काट दी थी। इसके बाद उन्होंने करनाल के समाज कल्याण ऑफिस से उनकी फैमिली आईडी की डिटेल निकलवाई। इसमें अधिकारियों बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर हरियाणा के 16 जिलों में 90 वाहन दर्ज है।- इसके साथ ही पत्नी को करोड़पति भी दिखाया गया। इसी का हवाला देते हुए विभाग ने उनकी बुढ़ापा पेंशन काट दी। हरियाणा में 60 साल क्रास चुके व्यक्तियों को सरकार द्वारा बुढ़ापा पेंशन दी जाती है। वहीं एक साल में तीन लाख रुपए से अधिक आय करने वाले परिवार को इस लिस्ट से बाहर रखा गया है।
- अधिकारियों ने महिला के करोड़पति होने का हवाला देकर ही रविंद्र की पेंशन काट दी। रविंद्र का कहना है कि पत्नी सविता की 2019 में मौत हो चुकी है। फैमिली आईडी में फरीदाबाद, सोनीपत, करनाल, पानीपत, रेवाड़ी, नारनौल, बहादुरगढ़, हिसार, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, सिरसा और रोहतक सहित 16 आरटीओ में पत्नी के नाम पर बाइक, स्कूटी, कार और ट्रक समेत 90 वाहन दर्ज है।
रविंद्र का कहना है कि उनके पास केवल एक बाइक और एक एक्टिवा स्कूटी है, वह भी टूटी-फूटी हालत में हैं। इसके अलावा उनके नाम या पत्नी के नाम पर कोई वाहन नहीं है। उन्होंने बताया कि 2 महीने से संबंधित विभागों को लिखित शिकायतें दे रहे हैं।
इसके अलावा सीएम विंडो में भी शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया। रविंद्र ने बताया कि 2019 में उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। जबकि 2021 में खरीदी गई गाड़ियां भी पत्नी के नाम पर चढ़ी है।

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