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फरीदाबाद, 14 जनवरी, 2026: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आज फरीदाबाद महानगर (पूर्व) द्वारा 'प्रमुख नागरिक गोष्ठी' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य संघ की 100 वर्षों की राष्ट्र साधना की यात्रा और भविष्य के 'पंच परिवर्तन' के विषयों पर संवाद करना था। इस अवसर पर पत्रिका का भी विमोचन हुआ।
सेक्टर-11 स्थित 'मिलन वाटिका' में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जीवा आयुर्वेद के संस्थापक निदेशक डॉ. प्रताप चौहान, मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. कृष्ण गोपाल और अखिल भारतीय संपर्क टोली के सदस्य श्रीकृष्ण सिंघल, विभाग संघचालक डॉ अरविंद सूद की गरिमामयी उपस्थिति रही। संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उसके उपरांत अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि संघ विगत 100 वर्षों से निरंतर राष्ट्र की सेवा और समाज के उत्थान में जुटा है। उन्होंने कहा कि 1925 में विजयी दशमी के दिन नागपुर से शुरू हुई यह यात्रा आज एक वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। यह यात्रा केवल संगठन की नहीं, बल्कि समाज के सहयोग और समर्थन से बनी एक गौरवमयी गाथा है। आज विश्व भर में हिंदू दर्शन की स्वीकार्यता बढ़ रही है और सामान्य नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना का निरंतर विकास हो रहा है।
डॉ. कृष्ण गोपाल ने अपने संबोधन में 'पंच परिवर्तन' के विषयों पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि समाज में समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी जीवन शैली और नागरिक कर्तव्य ही वे पांच स्तंभ हैं, जिनसे समाज को जाग्रत कर राष्ट्र को परम वैभव पर ले जाया जा सकता है।
जीवा आयुर्वेद के संस्थापक निदेशक डॉ. प्रताप चौहान ने आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज के सर्वांगीण विकास में संघ की भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम की प्रस्तावना अखिल भारतीय संपर्क टोली के सदस्य श्रीकृष्ण सिंघल द्वारा रखी गई, जिन्होंने संघ की शताब्दी वर्ष की आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की।
महानगर संघचालक (फरीदाबाद पूर्व) उमेश कुमार ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया। संगोष्ठी में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि काफी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित नागरिकों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई थी। संगोष्ठी में दीपक अग्रवाल, दीपक ठुकराल और राकेश गुप्ता ने कार्यक्रम के सफल प्रबंधन में विशेष सहयोग रहा।

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