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श्रीमद्भगवद्गीता जयंती - श्रीमद्भगवद्गता आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता। खुशबू प्रतियोगिता में प्रथम

Posted by : pramod goyal on : Friday, 14 November 2025 0 comments
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 शिक्षा विभाग के आदेशानुसार श्रीमद्भगवद्गीता जयंती के अंतर्गत राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा फरीदाबाद की जूनियर रेडक्रॉस, गाइड्स और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड द्वारा प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में श्रीमद्भगवद्गीता आधारित पोस्टर, श्लोक उच्चारण, निबंध, संवाद, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यालय की जूनियर रेडक्रॉस और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड प्रभारी प्रिंसिपल रविंद्र कुमार मनचंदा ने कहा कि विद्यालय की फाइन आर्ट्स प्राध्यापिका गीता और धर्मपाल शास्त्री द्वारा छात्राओं और छात्रों की विद्यालय स्तर की श्रीमद्भगवद्गीता की प्रतियोगिता का संचालन किया जा रहा है। प्राचार्य मनचंदा ने कहा कि विद्यालय में शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार श्लोकोच्चारण, संवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर, निबंध आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।  विद्यार्थियों की सभी वर्गों की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। विद्यालय के विद्यार्थी सभी गतिविधियों में प्रतिभागिता कर रहे हैं। श्रीमद्भगवतगीता जीवन का सार एवं जीवन दर्शन है तथा हमें निष्काम कर्म करने के लिए प्रेरित करती हैं। आज छात्र और छात्राओं ने पोस्टर द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं को जीवन शैली में आत्मसात करने के लिए प्रेरित


किया। प्राचार्य मनचंदा ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में हमारे दैनिक जीवन की सभी समस्याओं का निदान निहित है। श्रीमद्भगवद्गीता जीवन दर्शन है तथा हमें आदर्श जीवन जीने के लिए मार्ग प्रशस्त करती है। श्रीमद्भगवद्गीता सदैव ही धर्म से अधिक जीवन के प्रति अपने दार्शनिक दृष्टिकोण को लेकर भारत में ही नहीं विदेशों में भी जनमानस का ध्यान अपनी और आकर्षित कर रही है। निष्काम कर्म का गीता का संदेश प्रबंधन गुरुओं को ऐसा करने की प्रेरणा देता है। गीता विश्व के सबसे अधिक प्रेरणादाई ग्रंथो में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की विशेषता मानव को प्राप्त बौद्धिक शक्ति है और उपनिषदों में निहित ज्ञान मानव की बौद्धिकता की उच्चतम अवस्था तो है ही अपितु बुद्धि की सीमाओं के परे मनुष्य क्या अनुभव कर सकता है उसकी एक झलक भी दिखा देता है। अतः हम सभी को दैनिक जीवन में निस्वार्थ भाव में कर्म करते रहना चाहिए। प्राचार्य मनचंदा, प्राध्यापिका गीता और धर्मपाल शास्त्री ने इस अवसर पर पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर खुशबू, द्वितीय स्थान पर अंजली तथा तृतीय स्थान पर मुस्कान, श्लोक उच्चारण में 

नेहा और अभिनाश को क्रमशः प्रथम और द्वितीय, संवाद में
अनन्या और खुशबू प्रथम, क्विज में सुहानी और वैष्णवी प्रथम, निबंध में पलक को प्रथम एवं 
रिशा को द्वितीय, भाषण में 
मंदिश मिश्रा को प्रथम, जैस्मीन खान को प्रथम तथा मन्तशा को तृतीय घोषित किया। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचंदा, प्राध्यापिका ममता, दीपांजलि, निखिल एवं अन्य अध्यापकों ने सभी विजेताओं को प्रोत्साहित किया तथा ब्लॉक स्तर की होने वाली प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

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