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जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग छात्रों के लिए प्रेरण कार्यक्रम शुरू

Posted by : pramod goyal on : Monday, 25 August 2025 0 comments
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 फरीदाबाद, 25 अगस्त 2025 – जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 में दाखिला लेने वाले इंजीनियरिंग के नए छात्रों के लिए 25 अगस्त से 5 सितंबर 2025 तक दो सप्ताह का प्रेरण कार्यक्रम आयोजित किया है। इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संकाय द्वारा आयोजित और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा समन्वित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण से परिचित करवाना है


कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के पूर्व कुलपति प्रो. बी.एस. राजपूत ने दीप प्रज्वलन द्वारा किया। इस अवसर पर प्रो. मुनीश वशिष्ठ, डीन (संस्थान), प्रो. राज कुमार, डीन (इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संकाय), प्रो. प्रदीप डिमरी, डीन छात्र कल्याण, प्रो. संदीप ग्रोवर, और प्रो. पी.आर. शर्मा, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष, सहित अन्य इंजीनियरिंग विभागों के अध्यक्ष भी उपस्थित थे।
अपने सन्देश में  कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने नए छात्रों का स्वागत किया और उन्हें विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपने करियर में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग का मूल उद्देश्य नवाचार का उपयोग समाज के भले के लिए करना है। उन्होंने छात्रों से पर्यावरणीय चुनौतियों, विशेष रूप से प्रदूषण, को रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाकर कम करने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।
डीन छात्र कल्याण प्रो. प्रदीप डिमरी ने कार्यक्रम का परिचय देते हुए विभिन्न छात्र क्लबों और गतिविधियों के बारे में बताया। प्रो. मुनीश वशिष्ठ, डीन (संस्थान) ने प्रेरण कार्यक्रम के महत्व पर बल  देते हुए कहा कि यह छात्रों को विश्वविद्यालय के माहौल में सहज बनाने में मदद करता है और उन्हें सहपाठियों, शिक्षकों और परिसर में उपलब्ध अवसरों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रो. राज कुमार, डीन (एफईटी), ने इंजीनियरिंग विभागों और उनके कार्यों का अवलोकन प्रस्तुत किया, जबकि प्रो. संदीप ग्रोवर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
मुख्य अतिथि प्रो. बी.एस. राजपूत ने भारतीय ज्ञान प्रणाली के संदर्भ में वेदों के महत्व पर प्रकाश डाला और छात्रों से पारंपरिक ज्ञान में निहित अनुसंधान-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम का समापन कुलसचिव प्रो अजय रँगा के उद्बोधन के साथ हुआ, जिन्होंने विश्वविद्यालय में जीवंत छात्र जीवन पर प्रकाश डाला और छात्रों को विविध गतिविधियों में भाग लेकर अपने अनुभव को समृद्ध करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने समय प्रबंधन के महत्व पर भी बल दिया, छात्रों से शैक्षणिक और अतिरिक्त गतिविधियों में संतुलन बनाकर सफलता प्राप्त करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अभिनव सक्सेना और श्री सतविंदर सिंह ने आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराया।

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