बिहार में अपराधों पर चिराग पासवान ने न सिर्फ पुलिस प्रशासन को निकम्मा बताया बल्कि यहां तक कह दिया कि उन्हें दुख है कि वह ऐसी सरकार का समर्थन कर रहे हैं. इस पर जेडीयू के प्रवक्ताओं ने पलटवार करते हुए बिना नाम लिए अति से बचने की सलाह दी और अपने गिरेबां में झांकने की नसीहत दे डाली.
गया में महिला होमगार्ड अभ्यर्थी से दुष्कर्म और बिहार में हालिया आपराधिक वारदातों पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का गुस्सा फूटा तो प्रदेश की सियासत गरमा गई. चिराग ने न सिर्फ पुलिस प्रशासन को निकम्मा बताया बल्कि यहां तक कह दिया कि उन्हें दुख है कि वह ऐसी सरकार का समर्थन कर रहे हैं. इस पर जेडीयू प्रवक्ता ने पलटवार करते हुए अति से बचने की सलाह देते हुए कहा कि उनका शरीर कहीं है, आत्मा कहीं है. जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बिना नाम लिए कह दिया कि नेताओं को बयान देने से पहले अपने गिरेबां में झांक लेना चाहिए. उधर जीतनराम मांझी खुलकर नीतीश सरकार के सपोर्ट में आ गए.
चिराग पासवान से जब गया की घटना पर प्रतिक्रिया पूछी गई तो उन्होंने कहा कि बिहार में हत्या, अपहरण, लूटमार, डकैती, बलात्कार की श्रृंखला-सी बन गई है. प्रशासन एक तरह से नतमस्तक दिख रहा है. वह ऐसी घटनाओं को रोकने में नाकाम है. वह काफी चिंता की बात है. अगर ऐसे ही चलता रहा तो प्रदेश के लिए भयावह परिस्थिति उत्पन्न कर देगा. बल्कि कहें, उत्पन्न हो चुकी है.
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