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सीटू नेताओं एवं आशा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारीयों को पंचकूला में गिरफ्तार करने की कड़े शब्दों में निंदा की

Posted by : pramod goyal on : Thursday 29 February 2024 0 comments
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फरीदाबाद 29फरवरी  सीटू जिला कमेटी फरीदाबाद ने  आज हरियाणा सरकार के द्वारा सीटू नेताओं एवं आशा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारीयों को पंचकूला में  गिरफ्तार करने  की कड़े शब्दों में निंदा की। सीटू के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने कहा  कि सरकार की इस अलोकतांत्रिक कार्य प्रणाली के विरोध में कल 1 मार्च को भाजपा  के के

बिनेट मंत्री श्री मूल चंद शर्मा के आवास का घेराव  किया जाएगा। उन्होंने  कहा कि आज आशा वर्कर्स अपनी स्वीकृत मांगों को  लागू करवाने  के  लिए पंचकूला स्थित  एन एच एम के डायरेक्टर के कार्यालय के  सामने प्रदर्शन करने जा रहे थे। अभी वहां  पहुंचे भी  नहीं थे। कि हरियाणा सरकार के इशारे पर सीटू नेताओं एवं आशा वर्कर्स यूनियन के  पदाधिकारियों को पंचकूला एवं पंचकूला  की ओर जाने  वाले सड़क मार्गों  में ही गिरफ्तार करना शुरू  किया गया।  उन्होंने बताया कि  धरने, पर्दर्शन, नारेबाजी , हड़ताल करना हमारा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन केंद्र व राज्य सरकारें लोकतांत्रिक अधिकारों  का हनन कर  रही  हैं। यूनियन ने सरकार  से  सीटू नेताओं एवं आशा वर्कर्स यूनियन के  पदाधिकारियों को  तत्काल  रिहा करने की मांग की । यूनियन  ने सरकार की इस तानाशाही पूर्ण रूख के विरोध में कल 1 मार्च को प्रदेश के तमाम भाजपा विधायकों के आवासों के घेराव करने का निर्णय लिया है।
      उन्होंने कहा कि आशा  वर्कर यूनियन ने पिछले दिनों 73  दिन तक हड़ताल की। इस हड़ताल अवधि  में हरियाणा सरकार के साथ मांगों को लागू  करने का लिखित में समझौता हुआ था। जिसकी नोटिफिकेशन भी जारी की गई थी, परंतु अब तक हरियाणा सरकार ने  समझौते को  लागू नहीं  किया है। सरकार की टालमटोल की नीतियों को  देखते हुए आशा वर्कर्स ने पंचकूला स्थित डायरेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन कर समझौते को लागू करने की मांग उठाना चाहा तो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली हरियाणा सरकार ने सभी हदें पार करते हुए आशा वर्करों एवं सीटू नेताओं की गिरफ्तारी  कर दी है। जिसको किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। भाजपा सरकार  के कार्यकाल के दौरान धरने प्रदर्शनों पर लगातार  रोक लगाई जा रही है।, प्रदर्शनकारियों को उनके घरों में कैद कर लिया जाता है । इसी तरह किसानों को भी रोका जा रहा है। लगता है। केंद्र व हरियाणा सरकार का लोकतंत्र से विश्वास उठ गया है और इसीलिए अघोषित इमरजेंसी लगा रखी है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिसका खामियाजा लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में भाजपा को भुगतना पड़ेगा।

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