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जल संरक्षण के लिए प्रत्येक 15 दिन में अटल भूजल योजना की समीक्षा करें अधिकारी : उपायुक्त

Posted by : pramod goyal on : Friday, 17 September 2021 0 comments
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 फरीदाबाद, 17 सितंबर। उपायुक्त जितेंद्र यादव ने कहा कि जल संरक्षण के लिए केंद्र सरकार, विश्व बैंक व राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में अटल भूजल योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना का उद्देश्य भूजल का संरक्षण करना है। इसके लिए सिंचाई विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। ऐसे में सिंचाई विभाग के अधिकारी सभी संबंधित विभागों के साथ प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा मीटिंग आयोजित करें।

   उपायुक्त जितेंद्र यादव ने कहा कि योजना का लाभ जल्द से जल्द जिला के गांवों में दिख सके इसके लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों की जनभागीदारी सुनिश्चित करनी होगी व साथ ही फरीदाबाद  जिला के चिन्हित 71 ग्राम पंचायतों में जाकर लोगो को योजना के उद्देश्यों एवं उससे होने वाले लाभों के बारे में जागरूक करना होगा।

   उन्होंने बताया कि मानव रचना यूनिवर्सिटी को योजना में जिला क्रियान्वयन भागीदार (डीआईपी) बनाया गया है जो भूजल विशेषज्ञ एवं आईईसी विशेषज्ञ के साथ मिलकर गांव-गांव जाकर जनभागीदारी द्वारा भूजल प्रबंधन के संस्थागत ढांचे को मजबूत करने, क्षमता निर्माण एवं जागरुकता संवाद अभियान की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्य लोगों के साथ मिलकर ग्राम स्तर पर जल स्रोतों जैसे कुओं, तालाबों, झीलों, नदी, नालों के आँकड़े एकत्रित करना, जल बजट एवं जल सुरक्षा प्लान तैयार करना है।

   बैठक में उन्होंने आदेश देते हुए कहा कि सप्ताह में किए जाने वाली गतिविधिओं के बारे में पहले से बताना होगा एवं कार्यक्रमों का रिकॉर्ड बना कर भेजना होगा ताकि योजना की अच्छे से समीक्षा की जा सके। उन्होंने समीक्षा बैठक में योजना के बारे में संक्षिप्त परिचय देते हुए बताया कि अटल भूजल योजना केंद्र सरकार और विश्व बैंक द्वारा समर्थित एवं हरियाणा सरकार द्वारा कार्यान्वित एक ऐसी सहभागी भूजल प्रबंधन योजना है जो भूजल एवं कृषि सम्बंधित अन्य सरकारी योजनाओ जैसे जलशक्ति अभियान, मेरा पानी - मेरी विरासत, जल जीवन मिशन, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, मनेरेगा एवं प्रधान - मंत्री कृषि सिंचाई योजना के बीच समन्वय भी स्थापित करेगी। योजना का मुख्य उद्देश्य हर व्यक्ति तक पीने योग्य स्वच्छ जल, ग्रामीण क्षेत्रों में किसानो को खेती के लिए प्रयाप्त मात्रा में जल भण्डारण, वर्षा के जल संचयन, संरक्षण एवं घटते जल स्तर को रोकना है।

   उन्होंने कहा इन उद्देश्यों के पूर्ति के लिए जनभागीदारी, जल संरक्षण हेतु जागरूकता संवाद व विभिन्न योजनाओं के बीच समन्वय महत्वपूर्ण टूल्स साबित होंगे। हरियाणा को नौ क्लस्टर में बांटा गया है। फरीदाबाद को छठे क्लस्टर में रखा गया है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए फरीदाबाद के दो खण्डों (फरीदाबाद व बल्लभगढ़) के ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम जल संरक्षण समिति बनाई जाएगी। जिसमे 30 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी।

   उन्होंने अधिकारियो को निर्देश देते हुए कहा कि जागरूकता हेतु नेहरू युवा केंद्र, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, स्कूल, कॉलेज के बच्चों को कार्यक्रम में जोड़ा जाए ताकि जागरुकता अभियान में तेजी लाई जा सके। बैठक में गिरते हुए भूजल स्तर एवं इसकी गुणवत्ता से सम्बंधित विषयों और चुनौतियों के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक में एक्सईएन सिंचाई विभाग वीएस रावत, एसडीओ अंकित भारद्वाज, अमित शांडिल्य एक्सईएन पीएचईडी, गजेंद्र सिंह ईएक्सईएन पंचायती राज, प्रदीप कुमार बीडीपीओ बल्लभगढ़, जेएस मलिक जिला सा‌ख्यिकी अधिकारी, एसडीओ हाट्रिकल्चर सुरेश चंद्र, संगीता मल्होत्रा टीए कृषि विभाग, ए मुखर्जी डीआईटी मानव रचना यूनिवर्सिटी, प्रमोद कुशवाल ग्राउंड वाटर एक्सपर्ट अटल भूजल योजना, आतिश एक्का आईईसी एक्सपर्ट मौजूद थे।


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