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फरीदाबाद।
हरियाणा पर्यटन के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फरीदाबाद जिला के सूरजकुंड पर्यटक स्थल सहित जिले के अन्य पर्यटन स्थलों में करीब 200 डॉक्टर्स, नर्सेज और पैरामेडिकल स्टाफ को निशुल्क सेवा प्रदान की जा रही हैं । फरीदाबाद जिला प्रशासन के सहयोग से इन सेवाओं को बहुत ही कारगर तरीके से प्रदान किया जा रहा है। वही फ्रंट लाइन पर करोना संक्रमितो का इलाज कर रहे डॉक्टर भी हरियाणा सरकार का उन्हें तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए धन्यवाद कर रहे हैं ।
हालांकि अपने परिवार से दूर होने की तकलीफ कभी-कभी इन्हें विचलित भी करती है लेकिन अपने फर्ज के आगे वह अपनी तकलीफ भूल जाते हैं ।
करोना योद्धा के रूप में सबसे अग्रिम पंक्ति में करोना संक्रमितो का इलाज कर रहे डॉक्टरों से बातचीत करने के लिए जब हम हरियाणा पर्यटन निगम के सूरजकुंड में पहुंचे तो इन डॉक्टरों का जज्बा देखकर हम दंग रह गए । करोना पीड़ितों के आइसोलेशन वार्ड में तैनात ईएसआई मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर सुशील चंद्र वर्मा ने बताया की पिछले कई दिनों से वह अपने घर नहीं गए हैं और वह अपनी 2 साल की बेटी को बहुत मिस कर रहे हैं जब भी थोड़ा समय मिलता है तो वह वीडियो पर बात कर लेते हैं । उन्होंने कहा कि महामारी का यह टास्क बहुत बड़ा है और इसे कंप्लीट करना हमारा फर्ज है हमने सच में कभी सोचा नहीं था कि कभी ऐसी महामारी आएगी ! आज हम सब डॉक्टर और स्टाफ लगातार अपना फर्ज निभाते हुए काम कर रहे हैं । उन्होंने लोगों से अपील की - कि घबराने की कोई बात नहीं है आप लोग सिर्फ अपने घर पर रहे और लॉक । डाउन का पालन करें । डॉक्टर ने कहा हम भगवान से प्रार्थना करते हैं आप अपने घर में स्वस्थ रहें और शांति बनाए रखें क्योंकि फ्रंट लाइन पर हम आपके लिए खड़े हैं । वहीं उन्होंने सरकार और हरियाणा टूरिज्म का धन्यवाद किया जिन्होंने उनके रहने खाने पीने का पूरी तरह से ख्याल रखा हुआ है ।
वही ईएसआई मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में करोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर अर्चित ने बताया कि जब हम पीपीई किट पहनते हैं तो बड़ी मुश्किल होती है लेकिन अपनी ड्यूटी को लेकर फिर सब डर और तकलीफ खत्म हो जाती है । जब हम आइसोलेशन वार्ड में उन मरीजोंं की परेशानी को देखते हैं तो हम अपनी परेशानी भूल जाते हैं । डॉक्टरी करतेे वक्त तो शपथ हमने ली थी जब वह याद आती है तो हम सब कुछ भूल जाते हैं । उन्होंने कहा कि सरकार ने हमारे लिए अच्छे प्रबंध किए हैं पर्यटन विभाग ने हमें हर सुविधा उपलब्ध करवाई है ।उन्होंने कहा कि हमारा जज्बा बरकरार है और आगे भी रहेगा । उन्होंने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि जब हम ड्यूटी पर होते हैं तो हमारा परिवार चिंतित रहता है और जब हम ड्यूटी खत्म करके आते हैं तो उन्हें चैन आता है ।
करोना पॉजिटिव आइसोलेशन वार्ड में काम करने वाली बिहार की रहने वाली डॉक्टर अपर्णा ने बताया कि हमारी ड्यूटी दिन में 6 - 6 घंटे और रात में 12 घंटे की लगती है और हम अस्पताल में करोना पॉजिटिव और संभावित मरीजों को देखते हैं और इलाज करते हैं हम देश के काम आ रहे हैं यह सोचकर हम अपनी ड्यूटी करते हैंवही हम अपने परिवार वालों को भी मिस करते हैं । डॉ अपर्णा ने बताया कि शुरुआत में घरवाले हमें मना कर रहे थे की मत जाओ। लेकिन अब वह निश्चिंत हैं कि हम पीपीई किट और अन्य साधनों के साथ मरीजों का इलाज कर रहे हैं हैं । अपना के अनुसार पीपीई किट पहनना बहुत ही तकलीफ देह होता है क्योंकि वायरस के कारण ए सी भी नहीं चला सकते ऊपर से गर्मी के चलते हमारे शरीर पर 3 - 4 लेयर होती हैं और कई बार सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है ।ड्यूटी का जज्बा दिखाते हुए उन्होंने कहा कि हम लोगों से यही कहेंगे कि 'हम घर से बाहर निकलते हैं आपके लिए और आप घर में हैं हमारे लिए ' इसलिए मैं कहना चाहूंगी कि धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है ।
वही पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मंडलीय प्रबंधक राजेश जून ने बताया कि उनके यहां करीब 200 डॉक्टर्स, नर्सेज और पैरामेडिकल स्टाफ को निशुल्क सेवा प्रदान की जा रही हैं और हमारा सौभाग्य है कि हमें इनकी सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है जिसे हम और हमारा स्टाफ खुशी से निभा रहा है उन्होंने बताया कि रोजाना डॉक्टरों के रूम, बाथरूम लॉबी और डाइनिंग एरिया के अलावा पूरे क्षेत्र को दिन में कई बार सेनीटाइज किया जाता है वहीं इनकी सेवा में लगे पर्यटन विभाग के स्टाफ को मास्क से लेकर अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं ।

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