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फरीदाबाद। देश में कोरोना वायरस महामारी के चलते लॉक डाउन को 1 महीने से ज्यादा समय गुजर चुका है ऐसे में इंसान इंसान को खाना खिला रहा है मगर जानवर जानवर का पेट नहीं भर सकता, इसीलिए फरीदाबाद में युवा समाजसेवी जसवंत पवार ने लॉक डाउन के शुरुआत में ही बेजुबान बंदरों कुत्तों और आवारा पशुओं का पेट भरने का जिम्मा उठाया था और आज भी यह नेक कार्य बदस्तूर जारी है युवा समाजसेवी जसवंत पवार की पहल देखकर शहर के अन्य समाजसेवी भी अब बेजुबा
न जानवरों की मदद के लिए आगे आने लगे हैं, एस्कॉर्ट कंपनी के प्रधान वजीर सिंह डागर ने आज फरीदाबाद के सैकड़ों बंदरों को 50 दर्जन से भी ज्यादा केले खिलाएं और बताया कि वह एक युवा की पहल को देखकर आगे आए हैं और आगे भी जब तक लॉक डाउन रहेगा वह जानवरों को भूखा नहीं रहने देंगे।
न जानवरों की मदद के लिए आगे आने लगे हैं, एस्कॉर्ट कंपनी के प्रधान वजीर सिंह डागर ने आज फरीदाबाद के सैकड़ों बंदरों को 50 दर्जन से भी ज्यादा केले खिलाएं और बताया कि वह एक युवा की पहल को देखकर आगे आए हैं और आगे भी जब तक लॉक डाउन रहेगा वह जानवरों को भूखा नहीं रहने देंगे।
वहीं तमाम समाजसेवी संस्थाओं और लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने युवा जसवंत पवार ने कहा कि उसने लॉक डाउन के शुरू में ही प्रण लिया था कि किसी भी बेजुबान को वह भूखा नहीं रहने देंगे इस लॉक डाउन के बीच उनकी हर संभव कोशिश रही है कि वह रोजाना शहर के प्रत्येक बंदर तक खाना पहुंचाएं, जिसमें फरीदाबाद के तमाम समाजसेवी लोगों ने भी उनकी सहायता की है और यह कार्य जारी रहेगा।

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