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फरीदाबाद, 7 मई। दीवार काण्ड को लेकर हरियाणा के पूर्व मंत्री पंडित शिव चरण लाल शर्मा के पुत्र मुनेश शर्मा ने न्यायपालिका का सम्मान करते हुए सुबह सारन थाने में पहंुचे और अपनी गिरफ्तारी दी। शर्मा के साथ सैकड़ों लोगों ने भी उनके समर्थन में पहंुचकर थाने में अपनी गिरफ्तारी की आवाज उठाई परन्तु मुनेष शर्मा और निगम के वरिष्ठ उपमहापौर मुकेष शर्मा ने आए हुए
समर्थकों को समझाया की वह शांति व्यवस्था बनाए रखने को कहा। मुनेष शर्मा ने कहा कि हम कानून व्यवस्था का सम्मान करते है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विष्वास है हमें न्याय जरूर मिलेगा परन्तु राजनीतिक प्रतिरोध के फलस्वरूप मुझे पर और मेरे साथियों पर मुकदमा दर्ज किया है वह गलत है हमने जनता के हित के लिए आवाज उठाई है और यह आवाज हमेषा जनता के हित में उठेगी। सोमवार की सुबह जैसे ही एनआईटी-86 की जनता को पता लगा की पूर्व मंत्री के सुपुत्र मुनेष शर्मा थाने में आत्मसमर्पण करने जा रहे है तभी सैकड़ों लोगों का हुजूम उनके निवासी जवाहर कालोनी पर एकत्रित हुआ और उनके समर्थन में अपनी गिरफ्तारी देने पहंुचे। समाजसेवी मुनेश शर्मा सुबह लगभग 10 बजे जवाहर कालोनी स्थित अपने आवास से निकले थे। शर्मा के साथ उनके काफी समर्थक थे जिस कारण सड़कों पर जाम लग गया। लोग शिव चरण लाल शर्मा जिंदाबाद, मुनेश शर्मा जिंदाबाद और भाजपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। मुनेश शर्मा को बादशाह खान अस्पताल मेडिकल के लिए ले जाया गया है जहाँ से कोर्ट में पेश किया जाएगा। थाने में मुनेश की गिरफ्तारी के वक्त मौजूद उनके समर्थकों ने भाजपा सरकार को जमकर कोसा और कहा ये सरकार पूरी तरह से तानाशाह हो गई है। आम जनता का काम काज नहीं हो रहा है और कोई आवाज उठाता है या धरना प्रदर्शन करता है तो उस पर झूंठे मुकदमे लाद उसे जेल भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि खट्टर सरकार चंद महीने की मेहमान है और अगले चुनावों में जनता इस सरकार को सबक सिखा देगी।
मालुम हो कि डबुआ कालोनी अनाज मंडी परिसर के पास दिसंबर 2015 में मार्केट कमेटी ने एक दीवार खड़ी की थी जिस कारण सैकड़ों लोगों के घर के पिछले दरवाजे बंद हो गए थे। लोगों ने इसका विरोध किया था। पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और जब ये दीवार खड़ी की जा रही थी उसी समय दीवार देख राम प्रसाद के दिल ने धड़कना बंद कर दिया था। राम प्रसाद सर्दियों में जहां सर्दियों में धूप में बैठते थे उस जगह वो दीवार नहीं देख पाए और उनके दिल ने काम करना बंद कर दिया। राम प्रसाद की मौत के बाद लोगों ने सड़क जाम किया था। जाम की सूचना पाकर मुनेष शर्मा और उनके साथी भी मौके पर पहंुचे थे और उन्होंने भी दीवार का विरोध करते हुए कहा था कि जो लोग 40 वर्षों से यहां घर बनाकर रह रहे है उनके घर से सटाकर दीवार खड़ी कर दी गई है जो कि अनुचित है। परन्तु राजनीतिक प्रतिरोध के फलस्वरूप मुनेष शर्मा और उनके साथियों पर मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। पहले इस मामले में लाल सिंह और अब मुनेश शर्मा ने अपने आपको पुलिस के पास सरेंडर कर दिया। अब जो जानकारी मिल रही है उनके मुताबिक मुनेश शर्मा को गरिमा जी के अदालत से जमानत मिल गई है।
समर्थकों को समझाया की वह शांति व्यवस्था बनाए रखने को कहा। मुनेष शर्मा ने कहा कि हम कानून व्यवस्था का सम्मान करते है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विष्वास है हमें न्याय जरूर मिलेगा परन्तु राजनीतिक प्रतिरोध के फलस्वरूप मुझे पर और मेरे साथियों पर मुकदमा दर्ज किया है वह गलत है हमने जनता के हित के लिए आवाज उठाई है और यह आवाज हमेषा जनता के हित में उठेगी। सोमवार की सुबह जैसे ही एनआईटी-86 की जनता को पता लगा की पूर्व मंत्री के सुपुत्र मुनेष शर्मा थाने में आत्मसमर्पण करने जा रहे है तभी सैकड़ों लोगों का हुजूम उनके निवासी जवाहर कालोनी पर एकत्रित हुआ और उनके समर्थन में अपनी गिरफ्तारी देने पहंुचे। समाजसेवी मुनेश शर्मा सुबह लगभग 10 बजे जवाहर कालोनी स्थित अपने आवास से निकले थे। शर्मा के साथ उनके काफी समर्थक थे जिस कारण सड़कों पर जाम लग गया। लोग शिव चरण लाल शर्मा जिंदाबाद, मुनेश शर्मा जिंदाबाद और भाजपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। मुनेश शर्मा को बादशाह खान अस्पताल मेडिकल के लिए ले जाया गया है जहाँ से कोर्ट में पेश किया जाएगा। थाने में मुनेश की गिरफ्तारी के वक्त मौजूद उनके समर्थकों ने भाजपा सरकार को जमकर कोसा और कहा ये सरकार पूरी तरह से तानाशाह हो गई है। आम जनता का काम काज नहीं हो रहा है और कोई आवाज उठाता है या धरना प्रदर्शन करता है तो उस पर झूंठे मुकदमे लाद उसे जेल भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि खट्टर सरकार चंद महीने की मेहमान है और अगले चुनावों में जनता इस सरकार को सबक सिखा देगी।
मालुम हो कि डबुआ कालोनी अनाज मंडी परिसर के पास दिसंबर 2015 में मार्केट कमेटी ने एक दीवार खड़ी की थी जिस कारण सैकड़ों लोगों के घर के पिछले दरवाजे बंद हो गए थे। लोगों ने इसका विरोध किया था। पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और जब ये दीवार खड़ी की जा रही थी उसी समय दीवार देख राम प्रसाद के दिल ने धड़कना बंद कर दिया था। राम प्रसाद सर्दियों में जहां सर्दियों में धूप में बैठते थे उस जगह वो दीवार नहीं देख पाए और उनके दिल ने काम करना बंद कर दिया। राम प्रसाद की मौत के बाद लोगों ने सड़क जाम किया था। जाम की सूचना पाकर मुनेष शर्मा और उनके साथी भी मौके पर पहंुचे थे और उन्होंने भी दीवार का विरोध करते हुए कहा था कि जो लोग 40 वर्षों से यहां घर बनाकर रह रहे है उनके घर से सटाकर दीवार खड़ी कर दी गई है जो कि अनुचित है। परन्तु राजनीतिक प्रतिरोध के फलस्वरूप मुनेष शर्मा और उनके साथियों पर मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। पहले इस मामले में लाल सिंह और अब मुनेश शर्मा ने अपने आपको पुलिस के पास सरेंडर कर दिया। अब जो जानकारी मिल रही है उनके मुताबिक मुनेश शर्मा को गरिमा जी के अदालत से जमानत मिल गई है।

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