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1 से 15 फरवरी तक लगने वाले अन्र्तराष्ट्रीय सूरजकुण्ड मेले की
तैयारियां अंतिम चरण में है। मेले को इस बार अलग रूप दिया जा रहा है।
सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है। 1010 क्राफ्ट मेन और कलाकार इस बार
मेले में शिरकत करेगें और झारखंड को थीम स्टेट बनाया गया है। मेले में थीम
स्टेट झारखंड के अलावा हरियाणा की संस्कृति और रहन सहन को भी दर्शाने का
पूरा ध्यान रखा गया है। 20 देशों के हस्तशिल्पी व बुनकर मेले में जहां अपने
देश की संस्कृति और सामान का प्रदर्शन करेगें, वहीं इन देशों की कला और
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी चौपाल पर धूूम रहेगी। पार्टनर कंट्री के तौर
इजिप्त को शामिल किया है।
एक बार फिर सूरजकुण्ड मेला दर्शकों के लिए सज रहा है। जहां एक स्थान पर विभिन्न प्रदेशों और देशों की सांस्कृति झलक दिखाई देगी, वहीं इनके खान पान और रहन सहन व वहां के उत्पादों के बारे में दर्शक रूबरू होगें। मेले को इस बार नया रूप दिया जा रहा है। पूरे मेले को 6 जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन का अलग पहचान दी गई है। इसके अलावा दो फूड जोन के रूप में विकसित होगें, जहां दर्शकों दूसरे प्रदेशों व देशों के व्यंजनों का भी लुफ्त उठा सकेगें। पहले सालो के मुकाबले इस बार तीन एकड क्षेत्र मेले के लिए और बढ़ाया गया है। हरियाणा का अपना घर मेले में हरियाणा की संस्कृति और रहन सहन को दर्शायेगा। बुक माई शो के माध्यम से मेले की टिकटे अभी से बुक होनी शुरू हो गई है। इसके अलावा मेला स्थल पर भी टिकटे उपलब्ध रहेगी। टिकटों की कीमत एक सौ रूपए और छुट्टी वाले दिन 150 रूपए रखी गई है। डिजिज्ल लेन देन को बढ़ावा भी दिया जा रहा है।
एक बार फिर सूरजकुण्ड मेला दर्शकों के लिए सज रहा है। जहां एक स्थान पर विभिन्न प्रदेशों और देशों की सांस्कृति झलक दिखाई देगी, वहीं इनके खान पान और रहन सहन व वहां के उत्पादों के बारे में दर्शक रूबरू होगें। मेले को इस बार नया रूप दिया जा रहा है। पूरे मेले को 6 जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन का अलग पहचान दी गई है। इसके अलावा दो फूड जोन के रूप में विकसित होगें, जहां दर्शकों दूसरे प्रदेशों व देशों के व्यंजनों का भी लुफ्त उठा सकेगें। पहले सालो के मुकाबले इस बार तीन एकड क्षेत्र मेले के लिए और बढ़ाया गया है। हरियाणा का अपना घर मेले में हरियाणा की संस्कृति और रहन सहन को दर्शायेगा। बुक माई शो के माध्यम से मेले की टिकटे अभी से बुक होनी शुरू हो गई है। इसके अलावा मेला स्थल पर भी टिकटे उपलब्ध रहेगी। टिकटों की कीमत एक सौ रूपए और छुट्टी वाले दिन 150 रूपए रखी गई है। डिजिज्ल लेन देन को बढ़ावा भी दिया जा रहा है।

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