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पंचायते भंग हो चुकी है, समस्त शक्तियां प्रशासन के पास है।
लेकिन गांवों में पिछले पांच साल में हुई अनदेखी को लेकर ग्रामीण सरपंच और
विधायक को कोस रहे है। फरीदाबाद के गांव सीकरी में भी कुछ ऐसा ही आलम है,
जहां गांव गंदगी से अटा पड़ा है और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और
नालियां अधूरी पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि पांच साल में यहां कोई
विकास कार्य नहीं हुआ, वे नरकीय जिंदगी जीने को मजबूर है।
यह राष्ट्रीय राज मार्ग पर स्थित गांव सीकरी, जो आज अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। सरपंच ने अपने कार्यकाल में कोई काम किया ही नहीं, विधायक टेकचंद शर्मा भी गांव की ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जबकि उन्होने अपना समर्थन बसपा विधायक होते हुए राज्य सरकार को दे रखा है। गांव के मुहाने पर ही गंदगी के ढेर मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है। अन्दर की बात करें तो सड़के टूटी पड़ी है और उन पर नालियों का गंदा पानी बह रहा है। जिसके कारण कई बार बच्चों से लेकर बड़े भी हादसों का शिकार हो चुके है। नालियां कहीं बनी है तो कही नहीं बनी, जिसके चलते गंदा पानी गलियों में ही जमा हो जाता है। गंदे पानी के भराव के कारण गांव में बिमारियां अपने पैर पसार रही है।
यह राष्ट्रीय राज मार्ग पर स्थित गांव सीकरी, जो आज अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। सरपंच ने अपने कार्यकाल में कोई काम किया ही नहीं, विधायक टेकचंद शर्मा भी गांव की ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जबकि उन्होने अपना समर्थन बसपा विधायक होते हुए राज्य सरकार को दे रखा है। गांव के मुहाने पर ही गंदगी के ढेर मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है। अन्दर की बात करें तो सड़के टूटी पड़ी है और उन पर नालियों का गंदा पानी बह रहा है। जिसके कारण कई बार बच्चों से लेकर बड़े भी हादसों का शिकार हो चुके है। नालियां कहीं बनी है तो कही नहीं बनी, जिसके चलते गंदा पानी गलियों में ही जमा हो जाता है। गंदे पानी के भराव के कारण गांव में बिमारियां अपने पैर पसार रही है।

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