फरीदाबाद ,18 सितंबर।
चारियों को नियमित करने, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को शीघ्र कर्मचारी हितैषी सिफारिशें देने, सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाने और खाली पदों को नियमित भर्ती से भरने की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पूरे देश में कई सेवा कार्य शुरु किये जा रहे हैं। शहर की प्रमुख सामाजिक संस्था मानव सेवा समिति इन सेवा कार्यों में भागीदारी करते हुए जनहित में कई सेवा कार्यक्रम आयोजित करेगी। समिति के अध्यक्ष कैलाश शर्मा व महासचिव सुरेंद्र जग्गा ने कहा है कि समिति 27 सितंबर को बच्चों व महिलाओं के लिए "निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर" आयोजित करेगी और 2 अक्टूबर को थैलेसीमिक बच्चों की मदद के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन करेगी। यह दोनों सेवा कार्य समिति के कार्यालय मानव भवन सेक्टर 10 में आयोजित किए जाएंगे।
*चंडीगढ़,24 अगस्त।*
इसकी निंदा करते हुए कहा कि सरकार को दमनात्मक कार्यवाही से हड़ताल समाप्त करवाने में सफलता नहीं मिलेगी और इन हथकंडों से स्थिति ओर बिगड़ेगी। जिसके लिए सरकार पूरी तरह जिम्मेदार होगी। महासचिव ए.श्री कुमार ने मुख्यमंत्री से 6 अगस्त से चल रही हड़ताल पर चुप्पी तोड़ अविलंब हस्तक्षेप करने और 13 मई के समझौते को लागू कर हड़ताल को समाप्त करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा हरियाणा कौशल रोजगार निगम की अधिसूचना में बिल्कुल साफ है कि इसके मातहत काम करने वाले ठेका कर्मचारी कभी भी रेगुलर होने और समान काम समान वेतन का दावा नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जॉब सिक्योरिटी ठेका कर्मचारियों को 58 साल तक कच्चा रखने की पक्की गारंटी है।
2027 तक भारत में खाने-पीने की चीजों के दाम काफी बढ़ सकते हैं। यह
अलर्ट मल्टीनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म जेपी मॉर्गन ने जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार पर 3 लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी का बोझ बढ़ेगा।
फर्म ने दावा किया है कि महंगाई का असर पूरी दुनिया पर होगा। फर्टिलाइजर की कमी, जियोपॉलिटिकल तनाव के साथ एक अल नीनो तूफान के आने से यह संकट गहराएगा।
साल 2027 की पहली छिमाही में ग्लोबल स्तर पर खाने-पीने की चीजों के दाम 5% तक बढ़ सकते हैं। 2026 की पहली छिमाही में यह आंकड़ा 2.8% पर था। भारत के लिए यह चेतावनी इसलिए अधिक मायने रखती है, क्योंकि देश में पहले से ही फर्टिलाइजर काफी महंगी है।
झारखंड के रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा के करीब पहुंच गए हैं। वहीं पर धरना शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। छात्रों ने पानी की बोतल और चप्पलें फेंकीं।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कंटीले तार की बैरिकेडिंग और वाटर कैनन से रोकने की कोशिश की तो छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर डांस करते नजर आए। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे।
इधर, CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को गिरफ्तार कर लिया है। 21 जुलाई को JPSC ऑफिस में रेड के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। CID उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी।
विधानसभा को चारों तरफ से 6 लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। वहीं, 9 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस से विधानसभा मार्च में शामिल हुए।
भाजपा विधायक भी छात्रों के समर्थन में CM हाउस के सामने धरने पर बैठे, जिन्हें बाद में पुलिस ने वहां से हटा दिया। छात्र झारखंड PSC-SSC की परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर 17 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। 6 छात्र भूख हड़ताल पर हैं।
*पटना,31 जुलाई।*
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च में बैलेट गन से घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज कराया जाए।
वहीं कोर्ट ने केंद्र से कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तैनात RAF के हथियारों और गोला-बारूद के इस्तेमाल का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहन की बेंच ने पैलेट गन के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस विशेष स्थितियों में इसका इस्तेमाल कर सकती है।
कोर्ट ने कहा कि जब तक पैलेट गन के इस्तेमाल की परमिशन देने वाले पुलिस नियमों को चुनौती नहीं दी जाती, तब तक इस पर रोक लगाने का आदेश देना मुश्किल है। कोर्ट ने इसके इस्तेमाल से जुड़ी गाइडलाइन पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन आजाद, प्रशांत कुमार सिंह और शेख इरशाद मंसूरी (दोनों पीड़ित) ने याचिका में पैलेट गन पर बैन लगाने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि संसद मार्च में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने छात्रों पर पैलेट गन चलाई थी।






