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शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर महाराष्ट्र मित्र मंडल ने दिया एकता, संस्कृति और परंपरा का संदेश

Posted by : pramod goyal on : Monday, 26 October 2026 0 comments
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 महाराष्ट्र मित्र मंडल फरीदाबाद द्वारा गांधी कॉलोनी स्थित समुदाय भवन में श्रद्धा, उल्लास एवं सांस्कृतिक सौहार्द के साथ कोजागिरी पूर्णिमा उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंडल के सदस्यों एवं परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं का सामूहिक उत्सव मनाया।

इस अवसर पर मंडल के वरिष्ठ सदस्य यशवंत पांचाल ने कोजागिरी पूर्णिमा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागिरी पूर्णिमा अथवा रास पूर्णिमा भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार वर्ष भर में केवल इसी दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है। पौराणिक मान्यता है कि इसी रात्रि भगवान श्रीकृष्ण ने महारास का आयोजन किया था तथा चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है। यही कारण है कि इस अवसर पर खीर अथवा दूध से बने प्रसाद को चांदनी में रखने की परंपरा प्रचलित है।

इसी परंपरा का पालन करते हुए महाराष्ट्र मित्र मंडल द्वारा उपस्थित सदस्यों के बीच दूध एवं मुरमुरे की विशेष भेल का प्रसाद वितरित किया गया। सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से चंद्र दर्शन कर सुख, समृद्धि एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण गरबा एवं डांडिया नाइट रही, जिसका आयोजन कोजागिरी पूर्णिमा के उपलक्ष्य में किया गया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे मंडल के सदस्यों ने गरबा और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को उत्साह एवं उमंग से भर दिया। बच्चों, युवाओं एवं वरिष्ठ सदस्यों ने समान उत्साह के साथ भाग लेते हुए सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। देर शाम तक चले इस आयोजन में संगीत, नृत्य और पारिवारिक सौहार्द का अद्भुत संगम देखने को मिला।

मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कार्यक्रम न केवल समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों और परंपराओं से परिचित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महाराष्ट्र मित्र मंडल भविष्य में भी इसी प्रकार के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देता रहेगा।

इस अवसर पर मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र पांचाल, यशवंत पांचाल, लक्ष्मण पांचाल, भावना, वंदना, विनय, ललित, तेजस, शेखर, किरण, रविंद्र, अक्षय, आयुष सहित मंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।



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