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फरीदाबाद,21 अक्टूबर।
गुरुग्राम व नूंह की बिजली वितरण में निजी कंपनी को पैरलल लाइसेंस देने के खिलाफ बिजली कर्मचारी 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल पर रहेंगे। इस हड़ताल का आह्वान हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संधर्ष मोर्चा ने किया है। हड़ताल में बिजली कर्मियों और इंजीनियर (अधिकारियों) की सभी यूनियन और एसोसिएशन शामिल रहेगी। जिसके कारण तीन दिन बिजली शिकायत केन्द्र,सब डिवीजन, डिवीजन व सर्कल आफिस बंद रहेंगे। जिसके कारण बिजली और बिलों की शिकायतों का निवारण नहीं होगा, बिजली फीडर ब्रेड डाउन होगे तो बिजली चालू नहीं हो पाएगी। अस्पताल सहित आवश्यक सेवाओं को चालू रखा जाएगा।
निजीकरण के डीएचबीवीएन के पैरलल एक अनुभवहीन निजी कंपनी को लाईसेंस देने के खिलाफ बुधवार को बिजली कर्मचारियों ने सभी सब डिवीजन में प्रदर्शन किए और हरियाणा पावर रेगुलेटरी कमीशन द्वारा जारी पैरलल लाईसेंस के आदेश की प्रतियां जलाई। इस प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में बिजली कर्मियों और अधिकारियों ने भाग लिया और तीन दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया। बुधवार को हुए प्रदर्शनों को अलग अलग सब डिवीजन में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के उपाध्यक्ष सुभाष लांबा, हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन के संजय मंगला, उर्मिला ग्रेवाल,भाटी,एचएसईबी वर्कर यूनियन मु. भिवानी के मुख्य संगठनकर्ता विनोद शर्मा, उपाध्यक्ष सुनील चौहान ,एएचपीसी वर्कर यूनियन मु.हिसार के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी, केन्द्रीय कमेटी के सदस्य करतार सिंह जागलान, मनोज जाखड़, सर्कल सचिव लेखराज चौधरी व कृष्ण कुमार कालीरमन आदि ने संबोधित किया।
उक्त नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बि
जली कर्मचारियों और इंजीनियर के सभी संगठनों, संयुक्त किसान मोर्चा के सभी घटकों, जनवादी महिला समिति और सीटू, इंटक,एटक सहित अन्य सभी संगठनों ने पैरलल लाइसेंस का विरोध किया है और तीन दिवसीय हड़ताल का पुरजोर समर्थन करने का ऐलान किया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने ऐलान किया है कि सभी विभागों के कर्मचारी भी बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का पुरजोर समर्थन करते हुए सड़कों पर आकर एकजुटता प्रकट करेंगे। ईईएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि बिजली कर्मचारी अपने वेतन भत्ते बढ़वाने की बजाय बिजली को निजी हाथों में सौंपने के खिलाफ हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर गुरुग्राम व नूंह में बिजली वितरण में निजी कंपनी को कारोबार करने का पैरलल लाइसेंस मिला तो वह सब्सिडी वाले कंज्यूमर यानी किसानों और शहरी व ग्रामीण इलाकों के गरीब कंज्यूमर को बिजली आपूर्ति नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि बिजली निगम ने पांच हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश गुरूग्राम व नूंह में किया है। इसी लिए वहां लाईन लासिस पांच प्रतिशत से कम है और रेवेन्यू रियलाइजेशन शत प्रतिशत है। उपभोक्ताओं की कोई शिकायत भी नहीं है। इसके बावजूद निजीकरण किया जा रहा है। जिससे कर्मचारियों पर छंटनी की तलवार भी लटक जाएगी। इसलिए हड़ताल की जा रही है।
प्रदर्शन में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संधर्ष मोर्चा के सदस्य आदित्य नंद तिवारी, सुनील चावला, उपेंद्र कुमार,वेद प्रकाश कर्दम, दिनेश शर्मा सोनू गोला, सुरेन्द्र कौशिक, भूप सिंह कौशिक, दिगंबर सिंह,मुकेश शर्मा, प्रवेश बैंसला, असरफ खान, सुबोध सिंह,सत्यवान लोहचब , मुकेश धतीर, पूर्व सर्कल सचिव संतराम लांबा और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला कमेटी के ब्लाक प्रधान संजय अत्री व रिंकू बधेल आदि मौजूद थे।


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