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हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन सम्बन्ध सर्व कर्मचारी संघ राज्य स्तरीय आपातकाल मीटिंग फरीदाबाद में राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद कि अध्यक्षता संपन्न हुई। संचालन राज्य महासचिव सुमेर सिवाच ने किया। नेताओं ने आन्दोलन कि घोषणा करते हुए कहा कि परिवहन परिवहन मंत्री से 16 जून 2026 को वार्ता में परिवहन मंत्री महोदय में स्वयं घोषणा की थी की रोडवेज के बेड़े में 500 बसे ओर खरीदी जाएंगी और कर्मचारियों के कई मांगों पर सहमति जताते हुए 40 दिन में दोबारा मीटिंग करने का आश्वासन दिया था परंतु अचानक सरकार को क्या हो गया की हरियाणा में रोडवेज बेड़े में सरकारी बसें ना बढ़ाकर प्राइवेट परमिट देने शुरू कर दिए । इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी चलते नेताओं ने सरकार से मांग कि प्राइवेट परमिट व प्राइवेट इलैक्ट्रिक बसें 62 रुपए 37पैसे पर किलोमीटर के हिसाब से चलाने का निर्णय व 362 रूटों पर 3648 पर प्राइवेट परमिटों के फैसले को रद्द कर विभाग में 10000 नई बसें शामिल कर₹60000 बेरोजगारों को रोजगार दिया जाए । उन्होंने कहा एक इलेक्ट्रॉनिक बस के बदले साधारण 6 बसें आती है, जो पूरे हरियाणा प्रदेश में सभी डिपो में 50-50 बसें लेने का जो निर्णय है अगर उसकी जगह पर साधारण 300 /300 साधारण बसें डिपो के बेड़े में शामिल हो तो हरियाणा प्रदेश में लगभग

7200 से अधिक बसें उपलब्ध होगी। एक बस पर 6 बेरोजगारों को रोजगार मिलता है। इस प्रकार सरकारी बसों पर 43200 बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा और जनता को बेहतर सेवा मिलेगी अगर इलेक्ट्रिक बस यही सरकार चलाना चाहती है तो सरकार खुद सरकारी बसें खरीद कर रोडवेज के बेड़े में शामिल करें। कर्मचारी नेताओं बताया कि परिवहन मंत्री से बातचीत में जो मांगे मानी गई थी उनको तुरंत लागू करें।
*राज्य प्रधान नरेन्द्र दिनोद व महासचिव सुमेर सिवाच ने कहा आंदोलन तेज करने की कड़ी में 4 सितंबर 2026 को सभी डिपो पर 10 से 12 बजे तक विरोध प्रदर्शन करते हुए परिवहन मंत्री हरियाणा सरकार एवं परिवहन आयुक्त को आंदोलन का ज्ञापन भेजा जाएगा।* अगर उसके बाद भी सरकार बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान नहीं करती तो हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन जल्द ही मीटिंग बुलाकर निर्णायक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। कर्मचारी नेताओं ने मांग और मुद्दा रखते हुए बात की हरियाणा रोडवेज के सभी कर्मचारियों के वेतनमान स्वतंत्र आयोग का गठन करते हुए चालक परिचालक लिपिक और अन्य कर्मचारियों के वेतन की विसंगति दूर की जाए । बकाया बोनस का भुगतान किया जाए। खाली पदों पर प्रमोशन की जाए। 2016 के चालको सहित सभी कच्चे कर्मचारियों को कोर्ट के निर्णय अनुसार पक्का किया जाए। देय अर्जित अवकाश में की गई कटौती को बहाल किया जाए। बकाया रात्रि ठहराव का भुगतान किया जाए और टाइम पॉलिसी को खोला जाए 10 साल से पेंडिंग बोनस का भुगतान किया जाए कोर्ट के निर्णय अनुसार 2006 से पहले नियुक्त किए गए कर्मचारियों को पुरानी पेंशन में शामिल किया। जाए पुरानी पेंशन बाल की जाए। विभाग में खाली पदों पर तुरंत पक्की भर्ती की जाए। प्राइवेट परमिट रद्द कर रोडवेज के बेड़े में सरकारी बसें शामिल की जाए। जनता को पहले से दी गई सुविधाएं जैसे छात्र-छात्राओं का रोडवेज के स्टाफ को प्राइवेट बसों में बेजती करके उतर जाता है रोडवेज द्वारा दी जा रही 47 श्रेणियों को सब्सिडी नहीं मिली तो यह बसें आम जनता के किस काम की अगर रोडवेज के बेड़े में साधारण बसें लाई जाती है तो हरियाणा के प्रत्येक गांव में साधारण किसान मजदूर के बच्चे छात्र-छात्राओं को आसान परिवहन सेवाएं उपलब्ध होती है आम जनता को प्राइवेट संसाधनों में बैठकर जान नहीं गवानी पड़ेगी। निजीकरण की नीतियों को बंद करें कर्मचारियों के मांगों को जल्द से जल्द बुलाकर बातचीत के माध्यम से निपटारा करें अन्यथा आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होंगे। जिसकी जिम्मेवारी हरियाणा सरकार और प्रशासन की होगी। उन्होंने मांग की समय रहते उपरोक्त में लिए गए निजीकरण के फैसले को वापस करें। मीटिंग में निम्नलिखित साथियों ने भाग लिया सुशील ईकश जयकुमार दहिया महिपाल सोढे राजेश बेरला व विरेन्द्र सतबीर मुंढाल ने भी मीटिंग को संबोधित किया ।
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