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डीसीपी ऊषा के तबादले से मामला समाप्त नहीं, निष्पक्ष जांच जरूरी : अधिवक्ता डॉ मोहन तिवारी

Posted by : pramod goyal on : Monday, 21 September 2026 0 comments
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 फरीदाबाद। अधिवक्ता कुणाल कांत शर्मा को 5 अगस्त को डीसीपी सेंट्रल कार्यालय से थाना सेंट्रल ले जाकर करीब डेढ़ घंटे तक बैठाए जाने के मामले को लेकर सोमवार को जिला अदालत परिसर में विशेष पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इसमें अधिवक्ता कुणाल कांत शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी शर्मा और अधिवक्ता मोहन तिवारी ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी।


   कुणाल कांत शर्मा ने कहा कि उन्हें किस अधिकारी

के निर्देश पर और किस आधार पर थाने ले जाया गया, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने डीसीपी कार्यालय व थाना सेंट्रल की सीसीटीवी फुटेज, डीडी/जीडी रोजनामचा, विजिटर रजिस्टर व अन्य संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखकर निष्पक्ष जांच की मांग की।

  वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी शर्मा ने कहा कि मामले से जुड़े सभी सरकारी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए तथ्यों के आधार पर जांच होनी चाहिए।

  अधिवक्ता एवं समाजसेवी डॉ मोहन तिवारी ने कहा कि डीसीपी सेंट्रल ऊषा कुंडू के तबादले को मामले का अंतिम समाधान नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि मुख्य मांग 5 अगस्त के पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच, संबंधित रिकॉर्ड की सुरक्षा और जांच में जिम्मेदारी सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की है।

पत्रकार वार्ता में पंकज शर्मा, पवन गुप्ता, मुकेश यादव, राजेश शर्मा, सुनील दीक्षित, बंटी सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

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