फरीदाबाद में आईएमटी क्षेत्र के गांव सोतई में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों को बुधवार शाम पुलिस ने मौके से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और किसानों के बीच खींचतान हुई।
किसानों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है। वहीं प्रशासन ने लाठीचार्ज से इनकार किया है। अधिकारियों के अनुसार किसानों को बस में बैठाकर मौके से हटाया जा रहा था, इसी दौरान हुई खींचतान में कुछ लोगों को चोट लगी।
किसानों का कहना है कि वे पिछले 33 दिनों से मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। उनका आरोप है कि जमीन पर उनका कब्जा है और वे लंबे समय से यहां खेती करते आ रहे हैं। किसानों की मांग है कि पहले उन्हें जमीन का मुआवजा दिया जाए, इसके बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए।
किसानों के अनुसार मंगलवार को पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और धरना समाप्त करने को कहा। किसानों के विरोध करने पर उन्हें वहां से हटाया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया, जिसमें कई किसान घायल हुए। उपलब्ध रिपोर्टों में घायलों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। एक रिपोर्ट में 7 किसानों के चोटिल होने की बात कही गई है।
बल्लभगढ़ के एसडीएम मयंक भारद्वाज ने लाठीचार्ज से इनकार किया है। उनका कहना है कि किसानों को बस में बैठाकर वहां से हटाया जा रहा था और इसी दौरान खींचतान हुई। कार्रवाई के दौरान करीब 20 किसानों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
बुधवार को सोतई में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। एनएचएआई की ओर से करीब 680 मीटर जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। जमीन के मुआवजे और मालिकाना हक से जुड़ा विवाद किसानों तथा प्रशासन के बीच पहले से चल रहा है।

No comments :