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खुद को जिन्दा साबित करने के लिए तीन महीने से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं बुजुर्ग

Posted by : pramod goyal on : Monday, 21 September 2026 0 comments
pramod goyal
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 फरीदाबाद के 80 वर्षीय सुरजन सिंह करीब तीन महीने से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। वजह ऐसी है, जिसे जानकर वह खुद भी हैरान हैं। सरकारी पेंशन रिकॉर्ड में उनकी मौत मार्च 2025 में हो चुकी है। जबकि सुरजन सिंह अपने घर में पत्नी के साथ रह रहे हैं। उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि आखिर किस आधार पर उन्हें मृत बता दिया गया।

दरअसल, सुरजन सिंह के बैंक अकाउंट में पहले से करीब 50 हजार रुपए जमा थे और उसी खाते में वृद्धावस्था पेंशन आती थी। करीब तीन महीने पहले बैंक खाते में जमा रकम खत्म हुई तो वो बैंक (SBI) पहुंचे जहां उन्हें पता चला कि डेढ़ साल से पेंशन नहीं आई है।

इसके बाद जब वो सेक्टर-15 स्थित पेंशन कार्यालय पहुंचे तो कर्मचारी ने रिकॉर्ड देखकर बताया कि पेंशन कार्ड के रिकॉर्ड में उनकी मौत 26 मार्च 2025 में दर्ज है। इसी आधार पर पेंशन रोक दी गई है। सुरजन सिंह के मुताबिक उन्हें यह नहीं बताया गया कि रिकॉर्ड में उन्हें मृत किस दस्तावेज के आधार पर दर्ज किया गया।

अब वो तीन महीने से खुद को जिंदा दिखाने के लिए पेंशन ऑफिस और कई अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक समस्या का हल नहीं हुआ। सुरजन सिंह से जब बात की गई तो उन्होंने कहा-मैं चक्कर काट-काटकर थक गया हूं, 'साहब... अब तो जिंदा मान लो'।



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