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फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा राजकीय बहुतकनीकी संस्थान, सेक्टर-८, फरीदाबाद में एक दिवसीय नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं संस्थान के कर्मचारियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदे
श दिया गया। कार्यक्रम हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार,आईपीएस के दिशा-निर्देशों तथा उप पुलिस महानिरीक्षक सह संयुक्त पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद राजेंद्र कुमार मीणा, IPS के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी डॉ. अशोक कुमार वर्मा, पुलिस उपनिरीक्षक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शांति केवल युद्ध न होने का नाम नहीं, बल्कि ऐसा समाज बनाने का संकल्प है जहां प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार की खुशहाली, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की प्रगति को प्रभावित करता है। इसलिए नशामुक्त समाज का निर्माण ही स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. वर्मा ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे के विरुद्ध जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा— “नशा छोड़ो, आगे बढ़ो और शांति, स्वास्थ्य तथा सद्भाव से परिपूर्ण समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाओ।” इस अवसर पर नशा मुक्ति जागरूकता संबंधी पोस्टर का अनावरण किया गया। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने संस्थान की प्राचार्या मीनू वर्मा को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आज नारी शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, खेल, चिकित्सा और प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही है। ऐसे समय में महिलाओं और युवतियों की भूमिका केवल अपने विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वे नशामुक्त समाज के निर्माण की सशक्त प्रहरी भी बन सकती हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे नशे के विरुद्ध जागरूकता का संदेश अपने घर और समाज तक पहुंचाएं। डॉ. वर्मा ने कहा कि नशे की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्या है। इसलिए इसके विरुद्ध जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को नशे से दूर रहने, नशे के अवैध व्यापार की सूचना देने तथा आवश्यकता पड़ने पर नशा ग्रस्त व्यक्ति को उपचार एवं पुनर्वास की दिशा में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ने के इच्छुक व्यक्ति को तिरस्कार नहीं, बल्कि सहयोग, उपचार और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। परिवार को भी ऐसे व्यक्ति का मनोबल बढ़ाना चाहिए और उसे चिकित्सकीय एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने छात्राओं एवं प्रशिक्षिकाओं को नशे से सदैव दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे के विरुद्ध जागरूक करने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता का संदेश देते हुए डॉ. अशोक कुमार वर्मा द्वारा साइकिल जागरूकता यात्रा भी निकाली गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने, दूसरों को नशे से बचाने तथा स्वस्थ एवं शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। डॉ. वर्मा ने बताया कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना या सहायता के लिए राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 तथा हरियाणा नारकोटिक्स हेल्पलाइन 9050891508 पर संपर्क किया जा सकता है। “नशामुक्त हरियाणा—जहाँ दूध-दही का खाना, स्वस्थ समाज और शांतिपूर्ण जीवन हमारा लक्ष्य।” अंत में एक पौधा भी रोपित किया गया।

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